गडकरी-फडणवीस के नेतृत्व में विदर्भ का राजनीतिक अभाव समाप्त, विधान परिषद से लेकर मंत्रिमंडल तक नागपुरकरों का दबदबा
नागपुर, 5 जून 2026 :महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर का राजनीतिक वजन अब प्रदेश की राजनीति में सबसे भारी होता जा रहा है। मूल रूप से 12 विधानसभा क्षेत्र वाले इस जिले में अब विधायकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। विधान परिषद के आगामी चुनाव के बाद इसमें एक और विधायक जुड़ना तय है। इसके साथ ही विदर्भ में वर्षों से चला आ रहा राजनीतिक अभाव अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।
केंद्र और राज्य में नागपुर का नेतृत्व
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सशक्त नेतृत्व के कारण नागपुर पहले ही राज्य की राजनीति का केंद्रबिंदु बन चुका है। फडणवीस के मंत्रिमंडल में चंद्रशेखर बावनकुले को दूसरे क्रमांक का महत्त्वपूर्ण राजस्व विभाग सौंपकर नागपुर का कद और बढ़ाया गया है। बावनकुले मध्यांतर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दूसरे कार्यकाल में बावनकुले को राजस्व खाते की पदोन्नति मिली, जबकि ऊर्जा सहित गृह विभाग स्वयं फडणवीस ने अपने पास रखा है। नागपुर जिले के आशिष जयसवाल को अर्थ राज्यमंत्री का पदभार दिया गया है। इससे पूर्व महाविकास आघाड़ी सरकार में भी अनिल देशमुख के रूप में गृह मंत्रालय नागपुर के पास ही था।
विधान परिषद में नागपुर का दबदबा
भाजपा ने नागपुरकर संजय भेंडे को विधान परिषद में भेजा है। राज्यपाल नियुक्त आमदार परिणय फुके भी मूलतः नागपुर के हैं। महायुति सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने कोटे से कृपाल तुमाने को विधान परिषद में भेजा, जबकि भाजपा ने पूर्व महापौर मायाताई इवनाते को राज्यसभा भेजा। नागपुर विभागीय पदवीधर मतदारसंघ से विधायक अभिजित वंजारी भी नागपुर के ही हैं।
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं से विधान परिषद में जाने वाले प्रतिनिधियों में भी नागपुर का वर्चस्व है। वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली मतदारसंघ से नागपुरकर अरुण लखानी निर्विरोध चुने गए हैं। यवतमाल मतदारसंघ से निर्विरोध चुने गए दुष्यंत चतुर्वेदी भी नागपुर के सपूत हैं। दुष्यंत चतुर्वेदी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सतीश चतुर्वेदी के पुत्र हैं और वर्तमान में शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं।
विपक्ष का केंद्र भी नागपुर
केवल सत्ताधारी ही नहीं, विपक्ष के भी प्रमुख चेहरे नागपुर से हैं। कांग्रेस विधिमंडल पक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले का निवासस्थान नागपुर में ही है और उनका मुख्य वास्तव्य यहीं होता है।
आगामी चुनाव में भी नागपुरकर आमने-सामने
आगामी नागपुर विधान परिषद चुनाव में भाजपा के राजू पोतदार और कांग्रेस के अतुल लोंढे के बीच सीधा मुकाबला होगा। विजय किसी की भी हो, एक और नागपुरकर विधायक का विधानमंडल में प्रवेश निश्चित है।
विदर्भ को मिला राजनीतिक न्याय
महाराष्ट्र निर्माण के बाद लंबे समय तक मंत्रिमंडल पर पश्चिम महाराष्ट्र का वर्चस्व रहा। वसंतराव नाईक और सुधाकरराव नाईक के रूप में विदर्भ को मुख्यमंत्री पद मिला, परंतु अर्थ या ऊर्जा जैसे महत्त्वपूर्ण विभाग विदर्भ के पास नहीं थे। इसी असंतोष के कारण अलग विदर्भ की माँग जोर पकड़ती रही।
परंतु राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रूप में यह राजनीतिक अभाव एक झटके में दूर हो गया। उनके पहले मंत्रिमंडल में चंद्रपुर के सुधीर मुनगंटीवार को अर्थ और वन विभाग तथा चंद्रशेखर बावनकुले को ऊर्जा विभाग दिया गया। यह पहला अवसर था जब अर्थ और ऊर्जा जैसे वजनदार विभाग विदर्भ को मिले।
शीतकालीन अधिवेशन के दौरान पूरा मंत्रिमंडल दो सप्ताह तक नागपुर में रहता ही था, लेकिन अब बदले राजनीतिक समीकरणों के कारण नागपुर जिला वर्षभर वीआईपी गतिविधियों और सत्ता का प्रमुख केंद्र बन गया है।
पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून की दो शिकायतों पर पुलिस जांच शुरू, टाउन प्लानिंग ने कहा- नक्शा मंजूर ही नहीं, अग्निशमन विभाग ने कहा- NOC का रिकॉर्ड नहीं, 22 अक्टूबर को टीन पत्रे लगाकर शुरू हुआ निर्माण ?
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस स्थित शासकीय स्वाति बंगला क्र. 64/1 और उससे संलग्न सरकारी जमीन को फर्जीवाड़ा कर हड़पने और वहां प्रेस क्लब ऑफ नागपुर के नाम पर करोड़ों के अवैध बांधकाम का सनसनीखेज मामला सामने आया है। माजी नगरसेवक और नागरी हक्क संरक्षण मंच के केंद्रीय अध्यक्ष जनार्दन मून ने इस घोटाले की पोल खोलते हुए पत्रपरिषद 24.10.2026 को 5 बड़े अफसरों को लिखित शिकायत देकर तात्कालिक स्थल पंचनामा और कार्रवाई की मांग की है।
किस-किस को गई शिकायत – 1) विभागीय आयुक्त, नागपुर विभाग 2) जिल्हाधिकारी, नागपुर 3) पुलिस आयुक्त, नागपुर शहर 4) वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सीताबर्डी पुलिस ठाणे (By Speed Post) 5) उपसंचालक, नगर रचना विभाग, नागपुर महानगरपालिका
पुलिस आयुक्त कार्यालय में 23/10/2026 को और NMC टाउन प्लानिंग में भी 23/10/2026 को शिकायत रिसीव हुई है।
क्या है पूरा घोटाला – मून का आरोप : मून के अनुसार शासकीय स्वाति बंगला क्र. 64/1 व संलग्न शासकीय जमीन के बारे में गंभीर बाबें निदर्शन में आई हैं। आरोप है कि शासन को गुमराह कर फसवणूक कर जमीन हथियाई गई है। संबंधित जमीन पर मालिकी हक्क न होते हुए भी खुद को ‘Owner’ बताकर विकासक के साथ Development Agreement किया गया है, जिसकी सखोल जांच की मांग मून ने 29/08/2025 और 25/09/2026 को सीताबर्डी पुलिस थाने में की थी।
दूसरी शिकायत 25/09/2026 को इसलिए की गई कि पहली शिकायत वापस लेने के लिए वकील के जरिए दबाव डाला जा रहा है, मानसिक त्रास दिया जा रहा है और सुरक्षा को खतरा पैदा किया जा रहा है।
1. पुलिस चौकसी अधूरी – सहायक पुलिस आयुक्त, सीताबर्डी विभाग ने पत्र (दि. 15/10/2026) में कहा है कि चौकसी शुरू है, पर मुख्य आरोपी की सत्यता, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और जायदाद के कागजात की जांच का निष्कर्ष अभी तक नहीं आया।
2. फायर विभाग की ना हरकत प्रमाणपत्र ही नहीं – NMC अग्निशमन व आपात्कालीन सेवा विभाग, सिविल अग्निशमन केंद्र के प्र. अधिकारी सुनील एम. डोकरे ने पत्र क्र. NMC/IWL/FIRE/2026-27/10166, दि. 21/09/2026 और 20/09/2026 में लिखित में दिया है कि “उक्त इमारती बाबत सिविल अग्निशमन केंद्राच्या अभिलेखात शोध घेतला असता माहिती उपलब्ध नाही।” मतलब इस हाईराइज/क्लब इमारत के लिए फायर का प्राथमिक NOC तक नहीं लिया गया।
3. टाउन प्लानिंग ने कहा – नक्शा ही मंजूर नहीं! – नगर रचना विभाग के सहायक नगर रचनाकार श्री कापसे ने ऑनलाईन प्रमाणपत्र तपासणी में बताया कि संबंधित प्रकल्प का बांधकाम नक्शा मंजूर झालेले नसल्याचे। याबतची अधिकृत लेखी स्थिति नगर रचना से प्राप्त करना बाकी है।
4. 22 अक्टूबर को टीन पत्रे लगाकर शुरू हुआ काम? – मून ने 22/10/2026 को स्वाति बंगला के कंपाउंड की भीत पर ऊंचे टीन पत्रे लगाए जाने के फोटो सबूत जोड़े हैं। आरोप है कि परिसर में बांधकामपूर्व तैयारी या प्रत्यक्ष बांधकाम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। सिर्फ टीन पत्रे से बांधकाम वैध नहीं होता।
मून की 7 सूत्री मांग – तात्कालिक कार्रवाई करो – 1) मौके पर जाकर स्थल पंचनामा कर बांधकाम/खोदकाम शुरू है या नहीं, इसकी वस्तुस्थिति देखें। 2) मंजूर नक्शा, बांधकाम परवानगी, विकास परवानगी, फायर NOC और अन्य वैध मंजूरियों की अधिकृत पड़ताल करें। 3) जमीन की मालिकी, शासकीय मालमत्तेचे स्वरूप, वापर का अधिकार और विकास करार की वैधता की सक्क्षम महसूल व प्रशासनिक यंत्रणा से जांच करें। 4) बिना परवानगी या मंजूर नक्शे के विरुद्ध काम शुरू मिला तो काम थांबवण्याची नोटीस, स्थगिती और कायदेशीर कार्रवाई करें। 5) शासकीय जमीन वापराबाबत अनियमितता मिली तो संबंधित व्यक्ति और अधिकारियों की भूमिका तय कर दोषी पर कार्रवाई करें। 6) सीताबर्डी थाने में 29/08/2026 और 25/09/2026 की शिकायतों की सहस्थिती तपास कर तक्रारदार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। 7) की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी दें।
मून ने कहा है कि यह प्रकरण शासकीय जागेच्या हक्कांशी, सार्वजनिक प्रशासनातील पारदर्शकतेशी आणि बांधकामविषयक वैधानिक नियमांच्या पालनाशी संबंधित है। पुलिस चौकसी शुरू होते हुए और मंजूरियों पर सवाल होते हुए भी प्रत्यक्ष बांधकाम शुरू होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि वक्त रहते स्थलपहाणी व कागदपत्र पड़ताल कर संभाव्य अनियमितता रोकी जाए। उन्होंने इसे “पूर्वसूचना व तातडीच्या प्रशासकीय हस्तक्षेपाची विनंती“ मानकर निष्पक्ष जांच और उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उच्च व तंत्र शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील बोले – एक भी रुपया नहीं देना होगा, पहले शुल्क भर चुके छात्रों को होगी वापसी, सभी विश्वविद्यालयों ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
मुंबई, 23 अक्टूबर :
राज्य के दुष्काळग्रस्त तालुकों के विद्यार्थियों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। उच्च व तंत्र शिक्षा विभाग ने परीक्षा शुल्क माफी का निर्णय लिया है और इसके लिए परीक्षा फॉर्म में ‘जीरो चलन’ की सुविधा शुरू की गई है।
मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने बताया कि अब तक 2 लाख 40 हजार 365 विद्यार्थियों ने बिना एक रुपया भरे जीरो चलन के जरिए परीक्षा अर्ज दाखल किए हैं। उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी से पढ़ाई में रुकावट न आए।
उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों, संचालनालय और परीक्षा विभाग स्तर पर यंत्रणा कार्यरत है और परिपत्रक जारी किए गए हैं। जो विद्यार्थी पहले ही शुल्क भर चुके हैं, उन्हें राशि वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रहे और सवलत लेते समय कोई दिक्कत न आए।
शिकायत या जानकारी के लिए संपर्क –
विभाग ने प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए संपर्क अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं –
मुंबई विद्यापीठ : डॉ. पूजा रौंदले – 9322020589, लीलाधर बनसोड – 9833969977
सावित्रीबाई फुले पुणे :डॉ. राजेंद्र तलवारे – 9890642431, डॉ. सविता कुलकर्णी – 7720036774
शिवाजी कोल्हापुर : डॉ. अजितसिंग जाधव – 9545595999
नागपुर (राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज) : डॉ. अनुप पळसोकर – 8378974240, डॉ. विजय तांगडे – 9545112555
गोंडवाना गडचिरोली : डॉ. नवीन मंगुळे – 9511910575, डॉ. प्रिया गेडाम – 9049474119
अमरावती, जळगाव, नांदेड, संभाजीनगर, सोलापुर, SNDT, YCMOU नाशिकके लिए भी अलग अधिकारियों के नंबर जारी किए गए हैं।
छात्र अपने विश्वविद्यालय के परीक्षा व मूल्यमापन मंडल या विद्यार्थी विकास विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
महाराष्ट्र राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सार्वत्रिक चुनाव 2026-2029 के लिए शिर्डी में 24 अक्टूबर को होगा मतदान, एकता, प्रामाणिकता और विकास का दिया नारा
Nagpur :
महाराष्ट्र राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सार्वत्रिक चुनाव 2026-2029 के लिए केमिस्ट बंधुओं के हक का स्वाभिमानी पैनल पूरी ताकत से मैदान में उतर गया है। पैनल ने एकता, प्रामाणिकता और विकास को अपना मुख्य ध्येय घोषित किया है।
स्वाभिमानी पैनल की ओर से अध्यक्ष पद के लिए श्री मदन पाटील उम्मीदवार हैं। उनके नेतृत्व में पैनल ने राज्य भर के केमिस्ट बंधुओं के अधिकारों की रक्षा और एसोसिएशन के सुदृढ़ विकास का संकल्प लिया है।
पैनल के प्रमुख उम्मीदवार
अध्यक्ष : श्री मदन पाटील
उपाध्यक्ष : श्री अरुण बरकसे
सचिव : श्री प्रसाद दानवे
खजिनदार : श्री मुकुंद दुबे
संगठन सचिव : श्री विजय पाटील
पैनल ने केमिस्ट समुदाय से आह्वान किया है कि साईबाबा की पुण्यभूमि शिर्डी में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव में अपना स्वाभिमान दिखाएं और स्वाभिमानी पैनल को विजयी बनाएं।
स्वाभिमानी पैनल का कहना है कि यह चुनाव केवल पद का नहीं, बल्कि केमिस्ट बंधुओं के सम्मान, उनके हक और उनके भविष्य का चुनाव है।