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दिशा सालियान केस में 6 साल बाद CBI ने दर्ज की FIR: हत्या, गैंगरेप और सबूत मिटाने की धाराओं में जांच शुरू – सुशांत केस की भी खुलेगी परत

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  • मुंबई हाईकोर्ट की जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की खंडपीठ के ऐतिहासिक आदेश पर दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने RC052026S0006 दर्ज किया, फ्लैट 1202 फिर क्राइम सीन घोषित, पिता सतीश सालियान बोले – सरकारी तंत्र ने सबूत मिटाए

मुंबई/नई दिल्ली,14 सितंबर 2026 :

बॉलीवुड की सबसे चर्चित और रहस्यमय मौतों में से एक दिशा सालियान मृत्यु प्रकरण में छह वर्ष के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह सिर्फ FIR नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर लगा प्रश्नचिह्न है।

क्या है पूरा मामला?

8 जून 2020 की रात मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित रीजेंट गैलेक्सी इमारत की 12वीं मंजिल के फ्लैट क्रमांक 1202 से 26 वर्षीय होनहार सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है। ठीक 6 दिन बाद 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने फ्लैट में मृत पाए जाते हैं। मुंबई पुलिस ने दोनों मामलों को आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) बताकर फाइल बंद कर दी थी।

छह साल के संघर्ष के बाद 13 सितंबर 2026 को CBI की विशेष अपराध शाखा-2, नई दिल्ली ने FIR क्रमांक RC052026S0006 दर्ज की है। यह कार्रवाई राजकीय विश्लेषक किशोर तिवारी के अनुसार रिपब्लिक भारत पर हुई डिबेट में न्याय की दिशा में पहला बड़ा कदम है।

किशोर तिवारी के विश्लेषण के 7 प्रमुख बिंदु :

1. हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश –
मुंबई उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजुषा देशपांडे की खंडपीठ ने कड़ा सवाल उठाया था – जब पिता सतीश सालियान लगातार हत्या की आशंका जता रहे हैं, तो 6 साल तक सिर्फ ADR क्यों? 5 साल तक परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई। 2 सितंबर 2026 को कोर्ट ने आदेश दिया कि CBI वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में गहन जांच करे।

2. किन गंभीर धाराओं में केस दर्ज –
CBI ने बेहद संगीन धाराओं में FIR दर्ज की है, जिससे साफ है कि जांच सिर्फ मौत तक सीमित नहीं रहेगी :

  • धारा 120-B – आपराधिक षड्यंत्र
  • धारा 376(D) – सामूहिक दुष्कर्म
  • धारा 302 – हत्या
  • धारा 201 – साक्ष्य नष्ट करना
  • धारा 217 और 218 – सरकारी सेवक द्वारा अपराधी को बचाने के लिए कानून की अवहेलना और झूठा रिकॉर्ड बनाना
    इससे स्पष्ट है कि जांच सबूत मिटाने और षड्यंत्र रचने तक जाएगी।

3. पिता सतीश सालियान की वेदना –
एक पिता जिसने बेटी खोई, उसे न्याय के लिए 6 साल भटकना पड़ा। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर साक्ष्य मिटाए गए और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

4. तत्कालीन सत्ता की भूमिका पर सवाल –
उस समय राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाडी सरकार थी। सवाल उठ रहा है कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के लिए जानबूझकर त्रुटिपूर्ण जांच और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया?

5. दिशा और सुशांत – दो मौतों का कनेक्शन –
दिशा, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दोनों मौतों में सिर्फ 6 दिन का अंतर है। क्या दिशा की मौत का सच सुशांत जानते थे? इसलिए यह केस सुशांत केस की कुंजी भी माना जा रहा है।

6. आगे क्या होगा? –
CBI ने मालवणी पुलिस से सारे दस्तावेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज, फोटोग्राफी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तलब की है। फ्लैट क्रमांक 1202 को फिर से अपराध स्थल (Crime Scene) घोषित किया गया है और फॉरेंसिक टीम फिर से जांच करेगी।

7. निष्कर्ष –
किशोर तिवारी ने कहा, “यह किसी दल की लड़ाई नहीं, एक पिता के न्याय की लड़ाई है। सत्य को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता। अगर दोष सिद्ध होता है तो अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे कठोरतम दंड मिलना चाहिए।”

6 साल बाद दर्ज हुई यह FIR महाराष्ट्र की राजनीति और बॉलीवुड दोनों में भूचाल लाने वाली है। अब सबकी नजर CBI की जांच पर है कि क्या देर से ही सही, दिशा को न्याय मिलेगा?

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गैंग को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे, चिंता मत करो – मुख्यमंत्री का टाइगर को सीधा फोन

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  • अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में आक्रामक रुख, बिश्नोई गैंग की जिम्मेदारी के बावजूद हमलावरों को नहीं छोड़ने का ऐलान

नागपुर :

मुंबई में प्रसिद्ध अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना ने बॉलीवुड सहित पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है। सौभाग्य से इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके चालक घायल हो गए। इस चौंकाने वाली घटना से राज्य की कानून-व्यवस्था पर फिर एक बार सवाल खड़े हो गए हैं, और नागपुर दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सीधे अभिनेता से फोन पर बात कर उन्हें धीरज दिया है।

मुख्यमंत्री ने तुरंत की हालचाल पूछ

विधान परिषद चुनाव के प्रचार के लिए मुख्यमंत्री इस समय दो दिवसीय नागपुर प्रवास पर हैं। मुंबई की इस गंभीर घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत टाइगर श्रॉफ को फोन कर उनका हालचाल पूछा। मुंबई पुलिस अपराधियों को पकड़ने में पूरी तरह सक्षम है, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।

साथ ही, इस हमले की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली है, फिर भी हमलावर कहीं भी छिपे हों, उन्हें खोज निकाला जाएगा, ऐसा इशारा उन्होंने दिया।

“हमलावर किराए के गुंडे, देश-विदेश से चला रहे हैं सूत्र”

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ये हमलावर किराए के गुंडे हैं और वे महाराष्ट्र से नहीं, बल्कि देश के भीतर या विदेश से सूत्र हिला रहे हैं। वे देश के बाहर भी हों, तो केंद्र सरकार की मदद से उनका बंदोबस्त किया जाएगा।

इस पूरी गैंग को जड़ सहित उखाड़कर एक भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद से उनकी तलाश की जाएगी।

जैकी श्रॉफ के साथ मारबत महोत्सव का संयोग

दरम्यान, नागपुर में हाल ही में संपन्न हुए पोले त्योहार के अवसर पर महानगरपालिका की ओर से आयोजित भव्य ‘मारबत महोत्सव’ में स्वयं टाइगर के पिता और ज्येष्ठ अभिनेता जैकी श्रॉफ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपस्थिति दर्ज कराई थी। एक तरफ जैकी श्रॉफ मुख्यमंत्री के साथ नागपुर में महोत्सव का आनंद ले रहे थे, दूसरी तरफ मुंबई में उनके बेटे पर हुए हमले ने राज्यभर में खलबली मचा दी है।

इस हाई-प्रोफाइल गोलीबारी मामले के हमलावरों का पुलिस कैसे पता लगाती है, इस ओर अब सबकी नजरें लगी हुई हैं।

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गैंग को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे, चिंता मत करो – मुख्यमंत्री का टाइगर को सीधा फोन

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  • अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में आक्रामक रुख, बिश्नोई गैंग की जिम्मेदारी के बावजूद हमलावरों को नहीं छोड़ने का ऐलान

नागपुर :

मुंबई में प्रसिद्ध अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना ने बॉलीवुड सहित पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है। सौभाग्य से इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके चालक घायल हो गए। इस चौंकाने वाली घटना से राज्य की कानून-व्यवस्था पर फिर एक बार सवाल खड़े हो गए हैं, और नागपुर दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सीधे अभिनेता से फोन पर बात कर उन्हें धीरज दिया है।

मुख्यमंत्री ने तुरंत की हालचाल पूछ

विधान परिषद चुनाव के प्रचार के लिए मुख्यमंत्री इस समय दो दिवसीय नागपुर प्रवास पर हैं। मुंबई की इस गंभीर घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत टाइगर श्रॉफ को फोन कर उनका हालचाल पूछा। मुंबई पुलिस अपराधियों को पकड़ने में पूरी तरह सक्षम है, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।

साथ ही, इस हमले की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली है, फिर भी हमलावर कहीं भी छिपे हों, उन्हें खोज निकाला जाएगा, ऐसा इशारा उन्होंने दिया।

“हमलावर किराए के गुंडे, देश-विदेश से चला रहे हैं सूत्र”

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ये हमलावर किराए के गुंडे हैं और वे महाराष्ट्र से नहीं, बल्कि देश के भीतर या विदेश से सूत्र हिला रहे हैं। वे देश के बाहर भी हों, तो केंद्र सरकार की मदद से उनका बंदोबस्त किया जाएगा।

इस पूरी गैंग को जड़ सहित उखाड़कर एक भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद से उनकी तलाश की जाएगी।

जैकी श्रॉफ के साथ मारबत महोत्सव का संयोग

दरम्यान, नागपुर में हाल ही में संपन्न हुए पोले त्योहार के अवसर पर महानगरपालिका की ओर से आयोजित भव्य ‘मारबत महोत्सव’ में स्वयं टाइगर के पिता और ज्येष्ठ अभिनेता जैकी श्रॉफ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपस्थिति दर्ज कराई थी। एक तरफ जैकी श्रॉफ मुख्यमंत्री के साथ नागपुर में महोत्सव का आनंद ले रहे थे, दूसरी तरफ मुंबई में उनके बेटे पर हुए हमले ने राज्यभर में खलबली मचा दी है।

इस हाई-प्रोफाइल गोलीबारी मामले के हमलावरों का पुलिस कैसे पता लगाती है, इस ओर अब सबकी नजरें लगी हुई हैं।

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सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में धर्मपरिवर्तन के मुद्दे पर अभाविप का प्रदर्शन

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  • प्राध्यापक पर छात्रा को आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप, निष्पक्ष जांच और निलंबन की मांग, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

नागपुर,18 अक्टूबर 2026 :

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), नागपुर महानगर द्वारा सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नागपुर में छात्राओं से जुड़े एक गंभीर मामले को लेकर छात्रों के हित में 17 अक्टूबर को प्रदर्शन किया गया। छात्रा के हितों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक संख्या में अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय प्रशासन को निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की।

महाविद्यालय के एक प्राध्यापक द्वारा एक छात्रा को कथित रूप से अत्यंत आपत्तिजनक एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले संदेश भेजे जाने का मामला सामने आया है। छात्रा के परिवार द्वारा उसके मोबाइल में यह संदेश देखे जाने के बाद यह प्रकरण उजागर हुआ। अभाविप ने इसे गंभीर विषय मानते हुए छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और महाविद्यालय में सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निवेदन महाविद्यालय को सौंपा।

प्रमुख मांगें

निवेदन के माध्यम से अभाविप ने मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने, जांच पूरी होने तक आवश्यक अंतरिम कार्रवाई करने तथा शिकायतकर्ता छात्रा की पहचान गोपनीय रखने की मांग की। साथ ही, छात्रा एवं गवाहों पर किसी प्रकार का दबाव या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न होने देने और जांच की प्रगति की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

जब तक जांच नहीं होती तब तक के लिए प्राध्यापक को निष्कासित किया जाना चाहिए और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, यह विद्यार्थी परिषद की एक प्रमुख मांग है।

अभाविप का स्पष्ट मत

अभाविप का यह स्पष्ट मत है कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि हैं तथा प्रशासन को बिना किसी विलंब के नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो अभाविप द्वारा छात्रहित एवं न्याय के लिए लोकतांत्रिक माध्यमों से आगे की भूमिका अपनाई जाएगी।

आंदोलन में महानगर सहमंत्री संकेत खड़कर, पश्चिम जिला संयोजक तनु समुद्रे, दक्षिण जिला संयोजक अथर्व देशमुख सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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