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नागपुर मनपा में भाजपा के नगरसेवक का आतंक – कर निरीक्षक को पार्टी कार्यालय में बुलाकर दी धमकी, वसूली बंद करने का तुगलकी फरमान

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  • जर्जर तिजोरी वाली मनपा में PM मोदी की शिष्टाचारी पारदर्शिता के दावे के बीच दूसरी बार अनाप-शनाप खर्च कर जीता अदना नगरसेवक विक्की कुकरेजा मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की आड़ में सरकारी कर्मी को धमकाए, क्या आयुक्त और संपत्ति कर प्रमुख में FIR कराने और सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव भेजने की हिम्मत है या दोनों बौने साबित होंगे?

नागपुर, 09 सितंबर 2026 : जब तिजोरी खाली हो और 1279 करोड़ की बकाया वसूली के लिए मनपा के 200 कर्मचारी धूप में पसीना बहा रहे हों, तब सत्ता में बैठी पार्टी के एक अदना से नगरसेवक का एक फोन पूरे अभियान की हवा निकाल देता है। और मनपा प्रशासन मूकदर्शक बनकर देखता रहता है।

नागपुर मनपा की यही हालत आज वार्ड 58 के मामले में उजागर हुई है। मंगलवारी जोन 10 के कर निरीक्षक की 03/09/2026 की लिखित कार्यालयीन टिप्पणी आग की तरह पूरे मनपा मुख्यालय और 10 जोन में फैल गई है। टिप्पणी में साफ लिखा है – प्रभाग 1 के भाजपा नगरसेवक विक्की कुकरेजा ने उन्हें सुबह 11.30 बजे फोन कर दयानंद पार्क स्थित अपने निजी/पार्टी कार्यालय में बुलाया और सीधा आदेश दिया कि वार्ड 58 के बकाया थकबाकीदारों पर कोई कार्रवाई नहीं करनी है।

यानी सरकारी काम, भाजपा कार्यालय से।

सरकारी काम में दखल, धमकी और काम बंद कराने की चेतावनी

सूत्रों के अनुसार कुकरेजा ने वहीं पर कर निरीक्षक को न सिर्फ कार्रवाई रोकने को कहा, बल्कि काम बंद करने की चेतावनी भी दी। निरीक्षक ने नोट में लिखा है कि नगरसेवक ने कहा है कि वह दोपहर 4 बजे आयुक्त से मिलेंगे और उसके बाद बताएंगे कि कार्रवाई करनी है या नहीं। उस दिन सिर्फ खानापूर्ति के लिए वारंट तामील दिखाया गया।

अब सवाल यह है कि एक नगरसेवक, जो दूसरी बार भाजपा की टिकट पर अनाप-शनाप पैसा खर्च कर जीत कर आया है, उसे यह हक किसने दिया कि वह सरकारी कर्मी को अपने कार्यालय में बुलाकर धमकाए? क्या यह IPC की धारा 186 और 189 के तहत सरकारी काम में बाधा और सरकारी सेवक को धमकाना नहीं है?

क्या आयुक्त FIR कराएंगे? क्या संपत्ति कर प्रमुख में हिम्मत है?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल मनपा आयुक्त और मलाईदार विभागों के बेताज बादशाह कहे जाने वाले संपत्ति कर विभाग प्रमुख मिलिंद मेश्राम की भूमिका पर है। क्या वे इस सरकारी काम में दखल के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज करवाएंगे? क्या कुकरेजा के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाएंगे?

नियम कहता है – कोई भी पार्षद प्रशासनिक अधिकारी को निर्देश नहीं दे सकता, वह सिर्फ सदन में सवाल उठा सकता है। सीधे कर्मचारी को बुलाकर वसूली रोकना महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम का खुला उल्लंघन है। ऐसे में क्या आयुक्त महाराष्ट्र सरकार को कुकरेजा की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव भेजने में सक्षम हैं या मुख्यमंत्री के करीबी होने की आड़ में वे भी बौने साबित होंगे?

कर्मचारियों में चर्चा है कि आयुक्त और संपत्ति कर प्रमुख को अपने प्रशासनिक भविष्य की चिंता है। अगर मुख्यमंत्री के करीबी कहे जाने वाले कुकरेजा पर आंच आई तो दोनों अधिकारियों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरफ से बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए चुप्पी है।

एफिडेविट की जांच होगी क्या?

न्यायालय में सभी नगरसेवकों के संपत्ति एफिडेविट की जांच का मामला पहले से ही लंबित है। क्या मनपा प्रशासन कुकरेजा द्वारा चुनाव में दर्शाए गए घर का मंजूर नक्शा, वास्तविक निर्माण और उस पर भरा गया संपत्ति कर का डाटा सार्वजनिक करेगी? वार्ड 58 में तो आरोप है कि घापा ही घापा है – कई बड़े बंगले और कॉम्प्लेक्स का कर कम आंका गया है।

भाजपा के कामगार संगठन और बड़े नेता चुप क्यों?

भाजपा के शहर में कामगार संगठन सक्रिय हैं। मनपा में सबसे बड़ा संगठन भाजपा समर्थित ही है। क्या वह संगठन अपने ही कर्मी के लिए खड़ा होगा? क्या शहर भाजपा के नेतृत्वकर्ता, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले दयाशंकर तिवारी इस मामले को गंभीरता से लेंगे या फिर कामगारों को धमकियां सहने के लिए उनके हाल पर छोड़ देंगे?

फिलहाल जिस कर्मी को कार्यालय में बुलाकर धमकाया गया, वह चिंतित है, डरा-सहमा सा है। मनपा में एक ही चर्चा है – “जब उक्त कर्मी को कोई धमका सकता है, तो बाकी का क्या होगा?”

सचमुच भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क दिख रहा है। एक तरफ PM मोदी पारदर्शिता और शिष्टाचार की बात करते हैं, दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी का नगरसेवक वसूली रोककर मनपा को खोखला कर रहा है और प्रशासन कुकरेजा के सामने बौना बना खड़ा है।

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Crime

नायलॉन मांझे के स्रोत का पता लगाकर 6 करोड़ का जाल तोड़ने पर हाईकोर्ट ने की नागपुर ग्रामीण पुलिस की प्रशंसा

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  • सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस

नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :

माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

क्या है मामला –
दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।

इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।

अन्य बड़ी कार्रवाईयां –

1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय –
साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।

2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त –
स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।

3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई –
वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।

4. अवैध शराब पर 15 गुनाह –
एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।

5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह –
अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।

6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड –
जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।

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नागपुर स्नातक चुनाव में 64.82% फाइनल मतदान, चंद्रपुर में सबसे ज्यादा 73% वोटिंग, नागपुर सबसे पीछे

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  • कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।

कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।

जिलावार फाइनल आंकड़ा –
जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत
नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम
भंडारा 21,349 14,319 67.07%
गोंदिया 22,176 15,810 71.29%
वर्धा 21,742 14,861 68.35%
चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा
गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95%
कुल 2,55,603 1,65,672 64.82%
जेंडर वाइज विश्लेषण –

  • पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
  • महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
  • अन्य : 22 में से 1 – 4.55%

पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।

सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।

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Health

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का वर्धमान नगर में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल शुरू

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  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।

2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।

अत्याधुनिक सुविधाएं
अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रबंधन का बयान
प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है।
निदेशक डॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे।
निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।

अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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