शहर में 10 अक्टूबर से 10 प्रतिशत पानी की कटौती, फिर भी निजी व्यावसायिक परियोजना के लिए 40 मिमी का नया कनेक्शन, 48 हजार के खर्च में 29 हजार वसूले, उठे कई गंभीर सवाल
नागपुर :
नागपुर शहर में जहां 10 अक्टूबर से 10 प्रतिशत पानी की कटौती के निर्देशों के बाद से ही जल संकट की आहट सुनाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर सेमिनरी हिल्स स्थित शतपुड़ा बॉटनिकल गार्डन में निजी व्यावसायिक परियोजना के लिए महानगरपालिका और ऑरेंज सिटी वाटर द्वारा 40 मिमी व्यास का नया जल कनेक्शन देने की कार्यवाही की जा रही है। इसकी भनक लगते ही स्थानीय समिति के सदस्य एवं पार्षद अभिजीत झा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों को पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, तब निजी ठेकेदार की व्यावसायिक परियोजना के लिए महानगरपालिका की जलापूर्ति व्यवस्था से कनेक्शन देने की इतनी जल्दीबाजी क्यों की जा रही है। संबंधित कनेक्शन पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की विस्तृत जांच करने की मांग भी उन्होंने की है।
होटल, रिसॉर्ट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के अधीन सतपुड़ा बॉटनिकल गार्डन की जमीन करीब 6 वर्ष पहले मनीष तेहारिया की कंपनी सतपुड़ा हॉलिडेज़ प्राइवेट लिमिटेड को 10 वर्षों के लिए संचालन हेतु दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस परिसर में होटल, रिसॉर्ट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन हेतु दिए जाने की जानकारी है। स्थानीय नागरिकों ने इस पर सवाल उठाए हैं कि जब यह पूरी परियोजना व्यावसायिक है, तो इसके लिए मनपा के पानी का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।
40 मिमी का नया कनेक्शन, 48,000 का बिल
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, महानगरपालिका वाटर वर्क्स विभाग के नाम पर 40 मिमी व्यास के नए जल कनेक्शन के लिए 30 अगस्त 2024 को 48,000 रुपये का अनुमानित खर्च तैयार किया गया था। इसमें वाटर मीटर, पाइपलाइन, ब्रास फिटिंग, चैंबर तथा अन्य सामग्री का समावेश था।
बाद में 23 सितंबर 2024 को महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग ने 13,476 रुपये का चार्ज वसूल किया और 15,000 रुपये का अग्रिम सुरक्षा राशि भी जमा कराई। वहीं ऑरेंज सिटी वाटर ने 29,479 रुपये का बिल जारी किया। कुल 29,479 रुपये वसूले गए। इस तरह लगभग 48,000 रुपये की व्यवस्था के लिए 29,479 रुपये ही वसूल किए गए, जबकि अभी काम पूरा नहीं हुआ है।
उठाए गए कई गंभीर सवाल
इस मामले में कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं –
शहर के कई इलाकों में पीने के जल संकट के कारण नागरिकों को कम दबाव तथा अनियमित जलापूर्ति का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे समय में निजी व्यावसायिक परियोजना के लिए 40 मिमी व्यास का नया जल कनेक्शन देने की आवश्यकता क्यों है? यह गंभीर सवाल है।
संबंधित नवीन कृषि विश्वविद्यालय के स्थानीय कार्यालय के संचालन के लिए वैसे ही पांडे साहब के द्वारा पानी का उपयोग किया जा रहा है। क्या यह नया कनेक्शन उन उद्देश्यों के लिए था? क्या विश्वविद्यालय ने इस संबंध में अनुमति पत्र दिया है? क्या यह नया अनुबंध है या केवल एक नई व्यावसायिक परियोजना है? यह जानना आवश्यक है।
परियोजना के लिए कितनी मात्रा में पानी की आवश्यकता है? क्या इसका अनुमान लगाया गया है? क्या मनपा के पास जलापूर्ति का हिसाब-किताब है? क्या मनपा के पानी की आपूर्ति के लिए पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है? इन सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है।
जांच की मांग
स्थानीय समिति सदस्य ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए। मनपा द्वारा दिए गए कनेक्शन की अनुमति, लागत, अनुमान, वसूली और वास्तविक खर्च की तुलना की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि व्यावसायिक परियोजना के लिए सामान्य पानी की आपूर्ति का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं।
इस मामले ने मनपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एक ओर शहर में पानी की कटौती की बात हो रही है और दूसरी ओर निजी ठेकेदार को नया कनेक्शन दिया जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।
4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।
क्या है नागास्त्र-2 की ताकत – यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।
रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट
सबसे बड़ी खूबी – ECCM – नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।
कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।
2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –
2024 में877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
2025 में849 मंजूर, 87 खारिज।
1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।
केसों का बोझ – कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।
15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।
भरण-पोषण और कस्टडी – भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।
स्टाफ की भारी कमी से दबाव –
RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।
स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली
कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।