- सीबीआईसी सदस्य संजय मंगल ने आगामी जीएसटी परिषद बैठक में विचार का दिया आश्वासन, व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों पर हुआ संवाद
नागपुर :
नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स (एनवीसीसी) नागपुर ने हाल ही में संपन्न 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक के पश्चात व्यापार एवं उद्योग जगत के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में जीएसटी दरों के युक्तिकरण तथा व्यापारियों और निर्माताओं को हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
इस अवसर पर सीबीआईसी के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में संदीप पुरी, मुख्य आयुक्त सीजीएसटी नागपुर जोन तथा संजय मंगल, सदस्य सीबीआईसी की भी प्रमुख उपस्थिति रही।
एनवीसीसी के अध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अतिथि विवेक चतुर्वेदी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर एनवीसीसी के सचिव सीए हेमंत सारडा, उपाध्यक्ष उमेश पटेल, संयुक्त सचिव मनीष जेजानी तथा अप्रत्यक्ष कर समिति के संयोजक सीए रितेश मेहता उपस्थित थे।
नोटबुक निर्माण को 5 प्रतिशत की रियायती दर में लाने की मांग
व्यापार एवं उद्योग की समस्याओं को प्रस्तुत करते हुए एनवीसीसी ने सुझाव दिया कि वर्तमान में जीएसटी से छूट प्राप्त नोटबुक (कॉपी) निर्माण क्षेत्र को 5 प्रतिशत की रियायती जीएसटी दर के अंतर्गत लाया जाना चाहिए, ताकि निर्माता कच्चे माल एवं अन्य व्यावसायिक इनपुट पर चुकाए गए जीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त कर सकें और करों के दोहरे प्रभाव से बच सकें।
चेंबर ने यह भी प्रस्ताव रखा कि जीएसटी राजस्व में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए 18 प्रतिशत की मानक जीएसटी दर को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए, जिससे कर का बोझ कम हो, खपत एवं स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहन मिले तथा समानांतर अर्थव्यवस्था पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायता मिले।
नॉन-वोवन चावल के बोरों में उल्टी कर संरचना की समस्या
एनवीसीसी ने एचएसएन 63053300 के अंतर्गत आने वाले नॉन-वोवन चावल के बोरों में उत्पन्न उल्टी कर संरचना (इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर) की समस्या भी उठाई। चेंबर ने बताया कि कुछ कच्चे माल पर 18 प्रतिशत, नॉन-वोवन फैब्रिक पर 5 प्रतिशत तथा तैयार बोरों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से इस क्षेत्र में कर संबंधी विसंगति उत्पन्न हो रही है। चावल मिलों को आपूर्ति करने वाले व्यवसायियों को होने वाली कठिनाइयों तथा कंपोजिशन डीलरों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए तैयार बोरों पर जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की गई।
खाद्यान्न को पूर्णतः जीएसटी मुक्त करने का सुझाव
चेंबर ने खाद्यान्न एवं दालों जैसी आवश्यक खाद्य वस्तुओं को पैकिंग के वजन अथवा ब्रांड की स्थिति से स्वतंत्र रखते हुए पूर्णतः जीएसटी मुक्त करने का भी सुझाव दिया, ताकि कर व्यवस्था में एकरूपता आए और वर्गीकरण संबंधी विवादों में कमी हो। इसके अतिरिक्त, धार्मिक पूजा में उपयोग होने वाली कपूर की गोलियों पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की गई, ताकि इन पर भी अन्य सामान्य पूजा सामग्रियों के अनुरूप रियायती कर दर लागू की जा सके।
सीबीआईसी सदस्य का आश्वासन
एनवीसीसी द्वारा उठाए गए मुद्दों एवं सुझावों की सराहना करते हुए सीबीआईसी के सदस्य संजय मंगल ने आश्वासन दिया कि इन विषयों को आगामी जीएसटी परिषद की बैठक में विचारार्थ उठाया जाएगा। यह सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यापार संगठनों और कर प्रशासन के बीच रचनात्मक संवाद के महत्व को दर्शाती है, जिसके माध्यम से जमीनी स्तर की समस्याओं की पहचान कर व्यावहारिक समाधान तलाशे जा सकते हैं।
एनवीसीसी ने आशा व्यक्त की कि प्रस्तुत सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा तथा व्यापारियों, निर्माताओं और उपभोक्ताओं के हित में आवश्यक नीतिगत कदम उठाए जाएंगे। चेंबर ने दोहराया कि वह व्यापार एवं उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं को सरकार और कर प्रशासन के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने तथा सरल, न्यायसंगत और व्यापार-अनुकूल जीएसटी व्यवस्था के निर्माण में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।