वर्धा : – तेलीपुरा स्थित नवग्रह मंदिर में शनिवार 16 मई 2026 को दर्श भावक अमावस्या के पावन अवसर पर शनिदेव जन्म उत्सव व शनैश्चर जयंती का भव्य आयोजन होगा। श्री शके 1948 पराभव नाम संवत्सर, वैशाख कृष्ण पक्ष, विक्रम संवत 2082 के अनुसार इस दिन शनि भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पंडित बालाजी ओमप्रकाश परियाल ने सभी श्रद्धालुओं से पूजा-अर्चना में शामिल होकर शनिदेव का आशीर्वाद लेने की अपील की है।
कार्यक्रम समय-सारणी:
16 मई 2026, शनिवार
सुबह 7:00 बजे: पंचामृत स्नान से शुरुआत
सुबह 7:00 से 8:00 बजे: शुद्धोदक स्नान, तेलाभिषेक, श्री गणेशजी पूजन, गौरी नवग्रह अभिषेक, पीपल-रुद्राक्ष-शमी वृक्ष पूजन, हनुमानजी-भैरवजी पूजन, शनिदेव परिवार पूजन, नवग्रह हवन
सुबह 8:00 बजे: पहली महाआरती
शाम 7:00 बजे: संध्या आरती
रात 12:00 बजे: निशीथ काल आरती
शनिदेव को निले फूल की माला अर्पित की जाएगी। भक्तों से अन्नदान व दान-धर्म करने का विशेष आग्रह किया गया है।
वर्तमान में शनि की स्थिति और प्रभाव*
पंडितजी के अनुसार शनिदेव वर्तमान में मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इसका प्रभाव:
साढ़े साती: कुंभ राशि पर अंतिम चरण, मेष राशि पर पहला चरण, मीन राशि पर मध्य चरण। यह 7.5 वर्ष की अवधि है
अढैया: 16/5/2026 से सिंह और धनु राशि पर शनि की अढैया शुरू हो रही है
12 राशियों का विस्तृत फलादेश
मेष: साढ़े साती चल रही है। करियर बदलाव, स्थान परिवर्तन के योग। बेवजह अपयश की स्थिति बन सकती है। सेहत में उतार-चढ़ाव। संयम से काम लें।
वृषभ: शनि बहुत अनुकूल हैं। रुके हुए काम बनने शुरू होंगे। वाद-विवाद में सफलता मिलेगी। करियर में उचाई, धन लाभ। स्थान परिवर्तन लाभदायक। अन्नदान करें।
मिथुन: शनि 10वें भाव में गोचर कर रहे हैं। स्थान व समय परिवर्तन से लाभ। आर्थिक स्थिति में सुधार। प्रॉपर्टी खरीदने का योग। काम का प्रेशर रहेगा पर मेहनत से यश मिलेगा। नियमित दीप दान करें।
कर्क: शनि 9वें भाव में। भाग्य की वृद्धि, पुरातन चीजों से लाभ। धर्म क्षेत्र में अरुचि रहेगी। 3री दृष्टि से 11वें भाव को देखने से लाभ अच्छा रहेगा। भाई-बहन से सुख-दुख मिलेगा। रोजगार में भाग्य से सहयोग।
सिंह: शनि 8वें मृत्यु स्थान में। रोजगार में कठिनाइयाँ, शत्रु से परेशानी। आयु की शक्ति पर प्रभाव। पिता व रोजगार में कुछ सहारा मिलेगा। धन वृद्धि के लिए निवेश करें। संतान व विद्या स्थान में कष्ट।
कन्या: शनि 7वें केंद्र में। परेशानियाँ ज्यादा, दिमाग से मेहनत करनी पड़ेगी। विद्या की शक्ति से गृहस्थी चलाएं। संतान पक्ष में परेशानी। भाग्य की वृद्धि होगी। धर्म का पालन करें। जमीन-मकान-वाहन में कष्ट।
तुला: शनि 6ठे शत्रु स्थान में। शत्रुओं पर प्रभाव, बड़ी-बड़ी झंझटों पर विजय मिलेगी। सज्जनता से विरोधियों पर सफलता। ननिहाल पक्ष में कमी और वैचारिक भिन्नता रहेगी।*
वृश्चिक: शनि 5वें त्रिकोण में। शिक्षा में परिश्रम से सफलता। जमीन-मकान का सुख। दिमाग व पुरुषार्थ की वृद्धि। रोजगार में मित्रों का सहयोग। पत्नी भाव में सुख। आमदनी ठीक रहेगी। धन के लिए प्रयत्नशील रहें।
धनु: शनि 4थे भाव में। माता के सुख में कमी, काम में निरसता। भाई-बहन का सहयोग कम। धन की शक्ति से धनवान समझे जाएंगे। शत्रु पर प्रभाव रहेगा। ननसाल से सहयोग। थोड़ी सेहत की तकलीफ रहेगी।
मकर: शनि 3रे भाई-बहन के भाव में। कुछ परेशानी और शत्रुता रहेगी। मनोबल मजबूत रखें। हिम्मत से सारे कार्य होंगे। मान-सम्मान प्राप्त होगा। कुटुंब व मित्रों से विद्या-संतान पक्ष में उन्नति। धर्म का ध्यान रखें। बाहरी स्थानों से लाभ।
कुंभ: शनि 2रे धन भाव में। धन के लिए बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। धन व जन की शक्ति मिलेगी। त्वदेश दोष के कारण कुटुंब स्थान कमजोर। खर्च रोक नहीं पाएंगे। माता-भूमि का सहयोग घरेलू सुख में कमी लाएगा।
मीन: शनि लग्न में। भाई-बहन का सहयोग कम, बार-बार कष्ट। खर्च बहुत ज्यादा। बाहरी स्थान से उत्तम शक्ति मिलेगी। भाई-बहनों को हानि। पत्नी व कष्ट रोजगार में। वैभव में कुछ परेशानी रहेगी।
स्पष्ट और बेबाक – संविधान में PM पद कभी खाली नहीं रह सकता, मोदी-विरोध में बेबुनियाद बयानबाजी और विदेशी शक्तियों की साजिश का विश्लेषण
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उबाठा) के स्वघोषित विश्व प्रवक्ता संजय राउत के दो बयान इन दिनों चर्चा में हैं। अलग-अलग लगने वाले इन बयानों का ध्वनित अर्थ एक ही है – मोदी-द्वेष से उपजी गैर-जिम्मेदार भविष्यवाणी।
राज ठाकरे का दावा – एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे ने कहा कि अगले दो-तीन महीनों में देश में ऐसी स्थिति आएगी कि प्रधानमंत्री ही नहीं होगा। राज ठाकरे की राजनीति हमेशा ‘तळ्यात-मळ्यात’ वाली रही है। कभी वे खुद को शरद पवार के कुनबे में छोड़ देते हैं, कभी मोदी से नजदीकी दिखती है। वर्षों झगड़ने के बाद अब सगे चचेरे भाई से हाथ मिला रहे हैं, कभी कांग्रेस के साथ समझौता तो कभी अभिजीत दीपके को सिर पर बिठाकर नाचना। कुल मिलाकर स्थिर भूमिका के अभाव वाले नेता।
उन्होंने यह भविष्यवाणी किस आधार पर की? क्या संविधान पढ़ा? प्रथा-परंपरा देखी?
हमारे देश में संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री का पद कभी रिक्त नहीं रखा जा सकता। यदि मुख्यमंत्री इस्तीफा दे दे या निधन हो जाए और नया मुख्यमंत्री न बन सके तो राष्ट्रपति शासन लग सकता है। महापौर, नगराध्यक्ष, जिला परिषद अध्यक्ष या सरपंच न हो तो प्रशासक नियुक्त हो सकता है। लेकिन प्रधानमंत्री न हो तो राष्ट्रपति शासन लगाकर राष्ट्रपति शासन चलाएंगे, ऐसी व्यवस्था ही नहीं है।
इसीलिए किसी कारण प्रधानमंत्री इस्तीफा भी दे दे तो नया प्रधानमंत्री आने तक उसे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काम करना ही पड़ता है। राष्ट्रपति वैसी सूचना देते हैं। यदि पद पर रहते प्रधानमंत्री का निधन हो जाए तो नए कार्यवाहक प्रधानमंत्री की शपथ होने तक आधिकारिक तौर पर निधन की घोषणा भी नहीं की जाती।
मेरी याद के अनुसार 1964 में पंडित नेहरू के निधन पर गुलजारीलाल नंदा को कार्यवाहक PM की शपथ दिलाने के बाद ही निधन की घोषणा हुई थी। यही लालबहादुर शास्त्री के निधन पर भी हुआ। इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या सुबह करीब 10 बजे हुई थी, एम्स ले जाते-ले जाते उनका निधन हो गया था, लेकिन पश्चिम बंगाल से राजीव गांधी के दिल्ली लौटकर कार्यवाहक PM की शपथ लेने तक सिर्फ “गोली लगी, एम्स में भर्ती” यही खबर रेडियो-टीवी पर चलती रही।
1979 में चौधरी चरण सिंह ने संसद भंग की थी, फिर भी राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने उन्हें नई सरकार तक कार्यवाहक रहने को कहा। यही चंद्रशेखर (1991), इंद्रकुमार गुजराल (1997) और अटल बिहारी वाजपेयी (1999) के मामले में हुआ। इसलिए “देश में प्रधानमंत्री ही नहीं होगा” यह दावा हास्यास्पद है। मान लो अगले चार महीने में गड़बड़ी हुई और मोदी को इस्तीफा देना भी पड़ा, तब भी नए PM तक उन्हें ही कार्यवाहक रहना पड़ेगा। यह संवैधानिक प्रावधान है। राज ठाकरे मन में आए वैसा बोल देते हैं, अक्सर बिना आधार के।
संजय राउत का भाकित – शिवसेना के दशहरा मेले में संजय राउत ने कहा कि अगले 3-4 महीने में देश में भारी गड़बड़ी होगी, नरेंद्र मोदी PM नहीं रहेंगे, सत्ता परिवर्तन होगा। अभिजीत दीपके के पहले आंदोलन के बाद से ही विपक्ष को सत्ता परिवर्तन के दिवास्वप्न दिखने लगे हैं।
वास्तव में मोदी और सहयोगी पिछले 12 साल से शासन चला रहे हैं, कई अच्छे काम किए हैं, इसलिए आम आदमी कहीं न कहीं उनके साथ दिखता है। 2024 में भाजपा को झटका लगा, 303 से 240 पर आ गई। तब विपक्ष सरकार बनाएगा क्या, भाजपा ने कुछ समय इंतजार किया, लेकिन विपक्ष की आपसी खींचतान देखकर कई छोटे दलों ने मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के साथ ही रहने का फैसला किया। आज धीरे-धीरे भाजपा का समर्थन फिर बढ़ रहा है। कुछ दलों में टूट से सांसद भाजपा में आए हैं। अप्रैल 2026 में दो-तिहाई बहुमत के अभाव में खारिज हुआ महिला आरक्षण विधेयक अब फिर पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाने की हलचल है।
विपक्ष किसी तरह मौजूदा सरकार को गिराना चाहता है। यह सिर्फ इच्छा नहीं, इसके पीछे विदेशी शक्तियों का साथ होने के पुख्ता सबूत मिलने की जानकारी है। पिछले 12 साल में मोदी नेतृत्व में देश की जो प्रगति हुई, वह बाहर के विकसित देशों को पच नहीं रही। इसलिए देश में अशांति फैलाकर सरकार गिराने के प्रयास हैं। अशांति फैलाने के लिए ही ऐसे आंदोलनों को स्पॉन्सर किया जाता है। नहीं तो विदेश में पढ़ाई छोड़कर अभिजीत दीपके को विशेष विमान से भारत लाना और आंदोलन का ढांचा खड़ा करने में मदद करना, इसका क्या अर्थ निकाला जाए? अभी मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर भी आंदोलन भड़काया जा रहा है, पर उसमें आम आदमी कितना है, यह जांचना जरूरी है। आम आदमी को पहले रोजी-रोटी की चिंता है, वह ऐसे आंदोलन में कभी नहीं आएगा।
आज संजय राउत की बात को कोई गंभीरता से लेता है, ऐसा किसी को नहीं लगता। वे रोज सुबह मीडिया को बुलाकर अलग-अलग फोकनाड (शेखी) हांकते हैं। कुछ मराठी चैनलों को छोड़कर कोई गंभीरता से नहीं लेता। मराठी न्यूज चैनल पर उनका बोलना दिखता है तो आम आदमी टाइमपास के तौर पर देखता है। उनकी ज्यादातर कहानियां कपोल-कल्पित और सिर्फ मनोरंजक होती हैं, तथ्य कम।
आज विपक्ष ने कुछ आंदोलन खड़े करने की कोशिश जरूर की, हिंसा भड़काने के इरादे के संकेत भी मिले, लेकिन हिंसा अभी तक नहीं हुई और मोदी सरकार होने भी नहीं देगी, ऐसा आज का चित्र है। ऐसी स्थिति में अगले चार महीने में सरकार गिरने के क्या कारण होंगे, यह राउत को तथ्यों के साथ स्पष्ट करना चाहिए, हवाई बातों से नहीं। नहीं तो आम आदमी इसे “सुबह का भोंगा” समझकर अनदेखा कर देगा, जैसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन्हें “सुबह 9 बजे का भोंगा” कहते हैं।
कुल मिलाकर अगले कुछ महीनों में देश में अराजकता और सत्ता परिवर्तन होगा और कुछ महीने PM ही नहीं रहेगा, ऐसा चित्र आज तो नहीं दिखता। राज ठाकरे और संजय राउत को दिवास्वप्न आते हैं, यह मानसिक बीमारी भी हो सकती है। हो तो इलाज कराएं।
तहसील के तीन बूथों पर 2079 में से 1496 स्नातकों ने किया मतदान, कन्हान पुलिस व पारशिवनी पुलिस का चोख बंदोबस्त, एक भी अप्रिय घटना नहीं
पारशिवनी, 23 अक्टूबर :
विधान परिषद नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ के लिए पारशिवनी तहसील अंतर्गत तीन मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कन्हान पुलिस थाना क्षेत्र और पारशिवनी पुलिस थाना के अधिकारियों द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। लोकतंत्र के इस पर्व में स्नातक मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
तहसील के तीनों केंद्रों पर कुल 2,079 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,496 मतदाताओं ने वोट डाला, औसत मतदान 71.95% रहा।
कन्हान के बूथों पर बंपर वोटिंग – 74.71% –
कन्हान पुलिस थाना क्षेत्र के दो बूथों पर सबसे अधिक उत्साह देखा गया :
बूथ क्र. 41 : कुल 518 मतदाताओं ने मतदान किया (79.32%)। इनमें 274 पुरुष और 244 महिला मतदाता शामिल।
बूथ क्र. 42 :कुल 463 मतदाताओं ने वोट डाला (70.15%)। इनमें 233 पुरुष और 230 महिला।
दोनों बूथों पर महिला-पुरुष भागीदारी लगभग बराबर रही, जिससे जागरूकता का पता चलता है।
पारशिवनी मुख्य केंद्र –
पारशिवनी तहसील कार्यालय के बूथ क्रमांक 14 में कुल 766 मतदाताओं में से 515 मतदाताओं ने मतदान किया, मतदान प्रतिशत 67.13% (67.15%) रहा।
प्रशासनिक सतर्कता –
मतदान के दौरान सभी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। पुलिस व प्रशासन की सतर्कता से दिनभर चली प्रक्रिया में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
फ्रीमेसन हॉल, सिविल लाइंस में भव्य समारोह, डॉ. यज्ञेश ठाकर मुख्य अतिथि, ‘बंधुत्व, राहत और सत्य’ के सिद्धांतों पर सेवा कार्य बढ़ाने का आह्वान
नागपुर, 23 अक्टूबर :
रीजनल ग्रैंड लॉज ऑफ वेस्टर्न इंडिया (RGLWI) के रीजनल ग्रैंड मास्टर सुभाष लक्ष्मण सराफ और RGM-नामित तरुण श्रीवास्तव का नागपुर फ्रीमेसन बिरादरी ने गुरुवार शाम फ्रीमेसन हॉल, सिविल लाइंस में आयोजित एक गरिमामय समारोह में अभिनंदन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व RGM डॉ. यज्ञेश ठाकर, OSM थे।
अपने सम्मान के उत्तर में सुभाष सराफ ने पश्चिमी क्षेत्र की पूरी बिरादरी से फ्रीमेसनरी की इमारत को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी लॉज से मानवता की सेवा में अधिक चैरिटेबल प्रोजेक्ट लेने की अपील करते हुए कहा कि निस्वार्थ सेवा ही ‘ब्रदरली लव, रिलीफ और ट्रुथ’ के शाश्वत सिद्धांतों का सच्चा प्रतीक है और समाज में इनकी रोशनी फैलाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
RGM-नामित तरुण श्रीवास्तव ने भरोसा दिलाया कि वे क्षेत्र के हजारों मेसन भाइयों के सहयोग से पश्चिमी क्षेत्र के लॉज को अधिक सक्रिय और जीवंत बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
मुख्य अतिथि डॉ. यज्ञेश ठाकर ने कहा कि तरुण श्रीवास्तव फ्रीमेसनरी के प्रति गहराई से समर्पित हैं, सभी लॉज के भाइयों से उनका घनिष्ठ संबंध है और वे मददगार स्वभाव के हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वे नई जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाएंगे।
समारोह में डॉ. ठाकर ने सुभाष सराफ को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया, वहीं सराफ ने तरुण श्रीवास्तव का सम्मान किया। तरुण मेहरा, लॉज कोरिंथ नं. 1122 के सचिव प्रवीण साहनी और मेसोनिक विमेंस एसोसिएशन की अंशिता कनेतकर ने भी विचार व्यक्त किए।
प्रारंभ में अमलेश पुरोहित ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. हेमंत जहागिरदार, रवींद्र तिवारी और अनुज हैमिल्टन ने अतिथियों का परिचय दिया, जबकि संचालन डॉ. संजय चरालवार ने किया। आभार प्रदर्शन आदित्य वरंगावकर ने किया।
इस अवसर पर स्वदेश भार्गव, सरोश दोरडी, रवींद्र तिवारी, मंगेश शास्त्री, विनायक केवडकर, अंजन बिस्वास, प्रवीण कोटेश्वर, संजय चतुर्वेदी, नीलिमा श्रीवास्तव सहित विभिन्न लॉज के मास्टर, सेक्रेटरी और ग्रैंड लॉज ऑफ इंडिया व RGLWI के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।