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Four Acquitted in Kunal Kanhere Murder Case; Court Finds Gaps in Circumstantial Evidence

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Nagpur: The Sessions Court at Nagpur acquitted four accused in the Kunal Kanhere murder case, holding that the prosecution failed to prove their guilt beyond reasonable doubt. Sessions Judge M. Salman Azmi delivered the judgment on September 30, 2026, in Sessions Case No. 417/2024.

Those acquitted are Sandip alias Chintu Bopche, Ayush alias Kannu Meshram, Kartik alias Babu Sursaut and Aditya alias Taklya Masram. They faced charges under Sections 143, 147 and 302 read with Section 149 of the Indian Penal Code.

The case arose from the death of Kunal Kanhere on May 2, 2024, at Vrundawan Layout near Satya Sai Mandir Road, Nagpur. MIDC Police registered the offence on May 3, 2024. The prosecution examined 11 witnesses and relied upon last-seen evidence, CCTV footage, recovery of clothes and forensic reports.

While accepting that Kanhere’s death was homicidal, the court found that the evidence did not establish the accused’s involvement. It noted a gap of more than four hours between the deceased being last seen with the accused and information about his death. There was no evidence establishing their movement together from the last-seen location to the scene of the incident.

The court also observed that the CCTV footage had not been displayed during evidence for identification of the accused and deceased by witnesses. Deficiencies were further noted in proof of the recovery and sealing of clothes. Recovery witnesses failed to identify the accused concerned, and the recovered clothes were not shown to them during their testimony.

Although the prosecution relied on DNA findings linking blood on the seized articles to the deceased, the court held that doubts surrounding the recoveries prevented reliance on those findings to establish guilt. It concluded that the prosecution had failed to establish a complete chain of circumstances conclusively proving the charges.

The court acquitted all four accused and directed the immediate release of Sandip Bopche, Ayush Meshram and Aditya Masram, who were in custody, unless required in another crime or case. Kartik Sursaut was already on bail.

Advocate Mir Nagman Ali appeared for Aditya Masram. Advocate Rizvi appeared for Sandip Bopche, Advocate C. R. Thakur represented Ayush Meshram and Kartik Sursaut. APP Smt. Palsodkar represented the State.

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3 साल में 2,242 आपसी सहमति तलाक मंजूर किए, 7,321 केस अभी भी पेंडिंग

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  • RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।

फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –

  • 2024 में 877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
  • 2025 में 849 मंजूर, 87 खारिज।
  • 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।

केसों का बोझ –
कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।

15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।

भरण-पोषण और कस्टडी –
भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।

स्टाफ की भारी कमी से दबाव –

RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।

  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
  • जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
  • डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
  • शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
  • डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
  • प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली

कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।

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काछीपुरा में सन्मान लॉन की दीवार तोड़कर ढाबों के लिए रास्ता बनाया, हाईकोर्ट ने NMC से मांगा ताजा स्टेटस रिपोर्ट

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  • नाले पर अनधिकृत स्लैब तोड़ा, तो कंपाउंड वॉल का हिस्सा ढहा कर अस्थायी रास्ता खोला, जस्टिस उर्मिला जोशी-फलके और जस्टिस राज वाकोडे की खंडपीठ का आदेश, PKV को भी बनाया पक्षकार

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने नागपुर महानगरपालिका (NMC) को काछीपुरा, रामदासपेठ, वेस्ट हाईकोर्ट रोड स्थित सन्मान लॉन की कंपाउंड वॉल को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने इस मामले में पंजाबराव कृषि विद्यापीठ (PKV) को भी प्रतिवादी बनाया है और कई होटल मालिकों के हस्तक्षेप आवेदनों को मंजूर किया है।

क्या है मामला –
पहले NMC ने कोर्ट को बताया था कि उसने काचीपुरा में नाले पर बना अनधिकृत स्लैब तोड़ दिया है। इसके बाद नागरिक निकाय ने उस इलाके को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया था, जिससे पुराने रास्ते पर यातायात बंद हो गया।

धरमपेठ जोन के सहायक आयुक्त द्वारा 12 अक्टूबर को किया गया निरीक्षण, जो 5 अक्टूबर 2023 के कोर्ट के आदेश के बाद हुआ था, में पाया गया कि सन्मान लॉन की कंपाउंड वॉल का एक हिस्सा तोड़ दिया गया है। उस खुले हिस्से से शंकर नगर इलाके में सड़क किनारे के होटलों, ढाबों तक जाने के लिए एक अस्थायी रास्ता बना दिया गया है।

अब हाईकोर्ट ने मनपा से वर्तमान स्थिति पर अपडेटेड रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मनपा की ओर से अधिवक्ता जेमिनी कसात, प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता श्रीरंग भंडारकर और सरकार की ओर से अधिवक्ता संगीता जाचक पेश हुईं।

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हाईकोर्ट के आदेश पर नागपुर में सिर्फ मतदान वाले दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें

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  • 16 अक्टूबर का जिलाधिकारी का आदेश संशोधित, 23 अक्टूबर को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक या मतदान समाप्ति तक पूरे जिले में शुष्क दिवस, अन्य सभी दिन छूट

नागपुर,19 अक्टूबर :

महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर विभाग के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए जिलाधिकारी नागपुर ने शुष्क दिवस का संशोधित आदेश जारी किया है। यह आदेश मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ के 19 अक्टूबर 2026 के अंतरिम आदेश के अनुपालन में जारी हुआ है।

क्या था मामला

प्रेटी होम वाइन्स प्रा. लि., गिट्टीखदान, नागपुर व अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य, रिट याचिका क्रमांक 8933/2026 पर न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और न्यायमूर्ति राज डी. वाकोडे की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुमीत पी. बोडालकर और पार्थ मालवीय तथा राज्य की ओर से सहायक सरकारी वकील एस. वी. नराले उपस्थित थे।

खंडपीठ ने अंतरिम आदेश में कहा कि शराब की दुकानों के बंद और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध केवल मतदान के दिन, यानी 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) तक ही सीमित रहेगा। प्रतिवादी क्रमांक 2 जिलाधिकारी नागपुर द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आपत्तिजनक आदेश में उल्लेखित अन्य सभी दिन इस आदेश से छूट प्राप्त होंगे।

जिलाधिकारी का संशोधित आदेश

जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद (भाप्रसे) द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए 03 स्नातक और 02 शिक्षक मतदारसंघों का कार्यक्रम घोषित हुआ है। मतदान दिनांक 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक और मतगणना दिनांक 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को होगी।

पूर्व में नागपुर विभाग में मतदान और मतगणना के दिन चुनाव कालावधी में शराब बंद करने के लिए कोरडा दिवस घोषित किया गया था। परंतु उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब कोरडा दिवस केवल 23 अक्टूबर 2026 तक सीमित कर दिया गया है।

कहां और कब बंद रहेंगी दुकानें

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135 (सी) के अनुसार नागपुर जिले में विधान परिषद शिक्षक मतदारसंघ निर्वाचन क्षेत्र में स्थित सभी मंजूर और कार्यरत नमूना सीएल-2, सीएल-3, सीएल/एफएल/टीओ-3, एफएल-1, एफएल-2, एफएल-3, एफएल-4, एफएल/बीआर-2, नमूना-ई व टी-ड-1 अनुज्ञप्ति धारक दुकानें दिनांक 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 04.00 बजे तक या मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक पूरे नागपुर जिले में बंद रहेंगी।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस आदेश और नियमों की शर्तों का उल्लंघन करने वाले अनुज्ञप्तिधारकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी सूचना सभी संबंधित अनुज्ञप्तिधारकों को राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के माध्यम से दी गई है।

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