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त्योहारों पर पटाखे फोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई, MPCB ने दी चेतावनी

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  • बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शनिवार को जारी किया पब्लिक नोटिस – पब्लिक सड़क, गली, फुटपाथ पर पटाखे प्रतिबंधित, साइलेंट जोन – अस्पताल, सरकारी दफ्तर, कोर्ट, स्कूल के आसपास पूरी तरह बैन – रात 10 से सुबह 6 बजे तक शोर वाले पटाखों पर रोक – उल्लंघन पर Noise Pollution Act 2000, Environment Protection Act 1986, BNS 2023, Explosives Act 1884 के तहत कार्रवाई, NMC और पुलिस को जनजागरूकता और सख्ती के निर्देश

नागपुर, 30 अक्टूबर – दिवाली नजदीक आते ही त्योहार और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच हर साल होने वाले टकराव ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि सर्दियों में वायु प्रदूषण बिगड़ता है।

इसी को देखते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने शनिवार को पब्लिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी कि बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सालभर पटाखे फोड़ने पर लगाए गए बैन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

नोटिस में क्या –
नोटिस के अनुसार त्योहारों के दौरान पब्लिक स्ट्रीट, सड़कों, गलियों और फुटपाथ पर पटाखे फोड़ना प्रतिबंधित है।

साइलेंट जोन में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह बैन है, इसमें अस्पताल, सरकारी दफ्तर, कोर्ट और स्कूलों के आसपास के इलाके शामिल हैं। बोर्ड का कहना है यह रणनीति सांस्कृतिक संवेदनाओं और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन के लिए है।

कोर्ट के आदेश में पटाखे बनाने या बेचने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन पब्लिक में फोड़ने पर भारी पाबंदी है।

नोटिस में Noise Pollution (Regulation and Control) Act 2000 के तहत पाबंदियां दोहराई गई हैं। शोर पैदा करने वाले पटाखे रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंधित हैं।

कौन करेगा कार्रवाई –
आदेश के मुताबिक MPCB, नागपुर महानगरपालिका (NMC) और पुलिस विभाग को वायु और ध्वनि प्रदूषण पर जनजागरूकता अभियान चलाने और त्योहारों के दौरान उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बोर्ड ने चेतावनी दी है कि निर्देशों के उल्लंघन पर Noise Pollution (Regulation and Control) Act, 2000; Environment (Protection) Act, 1986; भारतीय न्याय संहिता, 2023; और Explosives Act, 1884 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

सेहत पर खतरा –
MPCB ने नोटिस में पटाखों के धुएं और कणों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम का भी जिक्र किया। धुआं, आग के कण और संभावित हानिकारक पदार्थ वायु प्रदूषण बढ़ाते हैं और बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दिल की बीमारी वाले लोगों को विशेष तकलीफ पहुंचाते हैं।

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Business

नागपुर में रोज 607 नई गाड़ियां, सड़कों पर दबाव बढ़ा, 2021-22 से दोगुना हुआ औसत

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  • तीन RTO में गाड़ियों की संख्या 32.1 लाख पहुंची, 6 महीने में 1.11 लाख रजिस्ट्रेशन – 2021-22 में रोज 288 गाड़ियां थीं, अब 111% बढ़त, दोपहिया 80% हिस्सा – सिटी RTO MH-31 में 15.08 लाख, ग्रामीण MH-40 में 9.19 लाख, ईस्ट MH-49 में 7.83 लाख – फ्लाईओवर और चौड़ी सड़कें क्या संभाल पाएंगी बोझ, पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर सवाल

नागपुर, 30 अक्टूबर – नागपुर शहर की सड़कों पर गाड़ियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। जिले के तीनों RTO ने अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच रोज औसत 607 गाड़ियां रजिस्टर की हैं, जो 2021-22 के रोज 288 के औसत से दोगुने से भी ज्यादा है।

रिपोर्टर रोहित पवार के मुताबिक सिटी RTO (MH-31), ईस्ट RTO (MH-49) और ग्रामीण RTO (MH-40) के आंकड़े बताते हैं कि 2026-27 के पहले 6 महीनों में 1,11,122 गाड़ियां रजिस्टर हुईं। पूरे 2021-22 वित्तीय वर्ष में 1,05,125 गाड़ियां रजिस्टर हुई थीं। यानी 6 महीने का आंकड़ा ही पूरे साल के बराबर, 2024-25 के कुल आंकड़े का करीब 65%।

रोज के औसत में करीब 111% की बढ़ोतरी हुई है, 2021-22 के मुकाबले रोज करीब 319 गाड़ियां ज्यादा।

साल दर साल बढ़त –
तीनों RTO में कुल रजिस्ट्रेशन –

  • 2021-22 : 1,05,125
  • 2022-23 : 1,25,806
  • 2023-24 : 1,42,114
  • 2024-25 : 1,70,063
  • 2026-27 (अप्रैल-सितंबर 2026) : 1,11,122

RTO वाइज 2026-27 के 6 महीने – MH-31 : 17,072, MH-49 : 37,967, MH-40 : 56,083

कुल गाड़ियां कितनी –
तीनों RTO में मौजूद कुल गाड़ियों की संख्या 32.10 लाख हो गई है। MH-31 में 15.08 लाख, MH-40 में 9.19 लाख और MH-49 में 7.83 लाख।

केवल नागपुर सिटी (MH-31 और MH-49) में 31 मार्च 2026 तक 22,35,869 वाहन दर्ज हैं, जिनमें 17,79,300 दोपहिया हैं, यानी करीब 80%।

चुनौती क्या –
सवाल उठ रहा है कि क्या शहर के नए फ्लाईओवर और चौड़ी की गई सड़कें भविष्य के ट्रैफिक को संभाल पाएंगी। भले ही अभी पुणे जैसे जाम की स्थिति न हो, लेकिन बढ़ते रजिस्ट्रेशन से प्लानिंग जरूरी हो गई है।

तुलना में पुणे और पिंपरी-चिंचवड RTO में 2024-25 में 5,00,650 नई गाड़ियां रजिस्टर हुईं, जबकि नागपुर के तीनों RTO में 1,70,063। पुणे अर्बन रीजन में बड़े पैमाने पर बढ़त दिखती है, लेकिन नागपुर की बढ़त भी तेज है।

एक्सपर्ट्स का कहना है दोपहिया की बढ़ती चाहत उस शहर के लिए ठीक नहीं जहां सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भारी निवेश कर रही है, क्योंकि यह पब्लिक ट्रांसपोर्ट को कमजोर करती रहेगी।

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पुलिस लाइन टाकली तालाब पर फिर लापरवाही, 150 बकुल के पौधे सूखे, NMC विभाग एक-दूसरे पर टाल रहे

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  • 25 सितंबर को तालाब किनारे लगे थे स्पेनिश चेरी (मौलसिरी/बकुल) के पौधे, एक महीने में ही आधे से ज्यादा सूखे, जड़ें बाहर, QR-टैग लगे, बांस की सपोर्ट लगी पर पानी नहीं – जियोटैग्ड प्लांटेशन डैशबोर्ड में फील्ड ऑफिसर रोहित मेश्राम ने दर्ज किया था अभियान, अब गार्डन विभाग बोला हमारा काम नहीं, PHE का हो सकता है, PHE ने फोन नहीं उठाया

नागपुर, 30 अक्टूबर – पुलिस लाइन टाकली तालाब पर नागपुर महानगरपालिका (NMC) की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। तालाब के चारों ओर 25 सितंबर 2026 को लगाए गए 150 बकुल के पौधों में से आधे से ज्यादा एक महीने के अंदर ही सूख गए हैं।

बाय कबीर महाजन की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब सामने आई जब पहले ही तालाब में खरपतवार भरने और बदबूदार कृत्रिम विसर्जन टैंक के बेकार पड़े होने की खबरें आई थीं।

क्या हुआ –
NMC के जियोटैग्ड प्लांटेशन डैशबोर्ड के आधिकारिक डेटा के अनुसार 150 पौधे स्पेनिश चेरी (Mimusops elengi) के थे, जिसे मराठी में बकुल और हिंदी में मौलसिरी कहा जाता है। यह पौधरोपण तालाब की सीमा पर किया गया था।

डैशबोर्ड के अनुसार ड्राइव को फील्ड ऑफिसर रोहित मेश्राम ने रिकॉर्ड किया था और उसी दोपहर म्युनिसिपल सिस्टम पर आधिकारिक मंजूरी दी गई थी, ताकि तालाब के चारों ओर हरित बफर बनाया जा सके।

जमीन पर हकीकत अलग है। अक्टूबर की तेज धूप में पानी और देखभाल न मिलने से पौधे सूख गए। कई पौधे उखड़ गए, कुछ की जड़ें जमीन के ऊपर आ गईं। बांस की सपोर्ट और QR-कोड वाले आइडेंटिफिकेशन टैग तो लगे हैं, पर सूखी पत्तियां और पथरीली जमीन लापरवाही दिखा रही है। आधे से ज्यादा पौधे सूख चुके हैं, बाकी सूखने की कगार पर हैं।

विभाग टाल रहे जिम्मेदारी –
जब ‘द हितवाद’ ने NMC के गार्डन विभाग से संपर्क किया, तो गार्डन सुपरवाइजर संघदीप फुलेकर समेत अधिकारियों ने कहा कि पौधरोपण और उसका रखरखाव उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा यह काम NMC के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (PHE) विभाग ने किया होगा।

PHE अधिकारियों को किए गए कॉल का जवाब नहीं मिला।

इस तरह इंटर-डिपार्टमेंटल टालमटोल में पुलिस लाइन टाकली तालाब पर हरियाली खत्म हो रही है और NMC के पर्यावरणीय दावों की पोल खुल रही है।

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Education

पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी का विदर्भ के 13 जिलों में विस्तार का प्लान, अठावले बोले मोदी पर निजी हमला गलत, 2029 में फिर लौटेंगे

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  • भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 1945 में की थी स्थापना, अब स्कूल, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव – केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और सोसाइटी अध्यक्ष रामदास अठावले ने नागपुर एयरपोर्ट के पास होटल अर्बन हर्मिटेज में 26 अक्टूबर को एग्जीक्यूटिव कमेटी बैठक में लिया फैसला, डॉ. सुनील खापर्डे को दी विदर्भ में विस्तार की जिम्मेदारी – सरकार से 500 करोड़ सालाना की मांग, पद्मश्री डॉ. सुखदेव थोराट, डॉ. वासुदेव गाडे मौजूद – कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना रैली में PM मोदी पर की थी टिप्पणी

नागपुर,30 अक्टूबर : भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा 1945 में स्थापित पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी अब विदर्भ के सभी 13 जिलों में अपना शैक्षिक नेटवर्क फैलाएगी। सोसाइटी ने क्षेत्र में स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और सोसाइटी के अध्यक्ष रामदास अठावले ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

विस्तार का जिम्मा किसे –
अठावले ने विदर्भ में संचालन विस्तार की जिम्मेदारी सोसाइटी के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील खापर्डे को सौंपी है। खापर्डे ने भरोसा दिया कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शैक्षिक संस्थान स्थापित करने के प्रयास होंगे।

यह फैसला 26 अक्टूबर को नागपुर एयरपोर्ट के पास होटल अर्बन हर्मिटेज में हुई सोसाइटी की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया गया।

अठावले ने महाराष्ट्र सरकार से प्रस्तावित विस्तार को समर्थन देने और सामाजिक न्याय विभाग के जरिए 500 करोड़ रुपये सालाना आवंटन की मांग की।

बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पद्मश्री डॉ. सुखदेव थोराट (उपाध्यक्ष, पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी), डॉ. वासुदेव गाडे (सचिव), अन्नासाहेब बनसोडे (कमेटी सदस्य और महाराष्ट्र विधानसभा उपाध्यक्ष), एडवोकेट बाबूराव बारवे, डॉ. विश्वास पाटील, डॉ. एम वेंकटस्वामी और डॉ. सुनील खापर्डे मौजूद थे।

खरगे के बयान पर अठावले ने क्या कहा –
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदास अठावले ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पटना रैली में दिए बयान की निंदा की।

अठावले ने कहा – “खरगे दलित समुदाय से आते हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी टिप्पणी का समर्थन नहीं किया जा सकता। किसी पर भी व्यक्तिगत हमला करना गलत है, राजनीतिक नेताओं पर निजी हमले अस्वीकार्य हैं।”

अठावले ने भरोसा जताया कि मोदी 2029 में फिर सत्ता में लौटेंगे।

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