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धमाका! 1000 करोड़ का विधान भवन फाइलों में दफन

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  • नक्शे ने लगाया सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट पर ब्रेक

नागपुर : सपना दिखाया 1000 करोड़ का, लेकिन हकीकत में फाइल नगर रचना विभाग की टेबल पर धूल खा रही है! नागपुर का नया विधान भवन बनने से पहले ही विवादों में फंस गया। 2028 का वादा था, मगर नक्शे ने सरकार की रफ्तार पर ऐसा ब्रेक लगाया कि अब 2029 भी दूर की कौड़ी लग रहा है।

नक्शे का नाटक: कैसे फंसा पूरा खेल

1. थप्पड़ मारा वापस: नगर रचना विभाग ने PWD का नक्शा यह कहकर लौटा दिया कि “तकनीकी खामी है भाई”। FSI, पार्किंग, फायर सेफ्टी – हर जगह लूपहोल।

2. टेंडर की सांस अटकी: नियम साफ है – पहले नक्शा पास, फिर टेंडर। अब अधिकारी खुद मान रहे कि मंजूरी के बाद भी टेंडर निकलने में डेढ़ महीना पक्का।

3. 2028 गया तेल लेने: 4 मंजिला इमारत, 62 हजार वर्गफुट का एरिया। बनने में 3.5 साल तो लगेंगे ही। मतलब आज नक्शा पास हो तो भी 2029 से पहले गृहप्रवेश मुश्किल।

1000 करोड़ का पोस्टमार्टम: पैसा कहां बहेगा

  • प्लॉट 1 मुख्य भवन बम ₹662.89 करोड़ 400 MLA + 120 MLC + 700 का सेंट्रल हॉल
  • प्लॉट 2 -पावर कॉरिडोर ₹339.78 करोड़ हर पार्टी का ऑफिस, बाबुओं का अड्डा

सबसे बड़ा पंच

अभी विधानसभा में 288 कुर्सी हैं, नई बिल्डिंग में 400 ठोक देंगे। यानी 112 विधायक बढ़ाने का प्लान पहले से तैयार!

जमीन का झोल भी कम नहीं

पहले 22,000 वर्गफुट जमीन पार्किंग के नाम पर फंसा दी थी। अब डील हुई है – मनपा को मुद्रणालय की जमीन दो, बदले में ये जमीन लो। अंडरग्राउंड सब-वे का झंझट भी खत्म। पर सवाल वही – जब जमीन का लफड़ा सुलझ गया तो नक्शा क्यों लटका?

1920 की इमारत Vs 2028 का सपना

अंग्रेजों के जमाने की बिल्डिंग में आज भी विधानसभा चल रही है। दीवारें बोलती हैं कि “हमें रिटायर करो”। नई बिल्डिंग में डिजिटल वोटिंग, पेपरलेस काम, भूकंपरोधी स्ट्रक्चर – सब वादा था। पर फिलहाल तो फाइल ही भूकंप में फंसी है।

अंदर की बात: कौन है विलेन?

*1. *भाजपा राज में शुरू*: प्लान तो फडणवीस सरकार में बना था।

2. *फिर भी लटका*: 5 साल बाद भी नक्शा पास नहीं।

3. *EPC का खेल*: एक ही ठेकेदार डिजाइन बनाएगा, वही बनाएगा। मतलब टेंडर में देरी = पूरे प्रोजेक्ट में देरी।

सीधा हिसाब

  • लागत: ₹1002.67 करोड़ पक्के
  • एजेंसी: महाराष्ट्र राज्य अवसंरचना विकास निगम
  • स्टेटस: नक्शा रिजेक्ट, टेंडर जीरो, काम शुरू होने की तारीख नदारद
  • नया टारगेट: अब 2028 भूल जाओ, 2029-30 की बात करो

आखिरी गोली

जब 1000 करोड़ मंजूर हैं, जमीन का पेंच सुलझ गया, तो नक्शा कौन रोक रहा है? कहीं फाइलों के नीचे कमीशन का खेल तो नहीं? जनता पूछ रही है – विधायकों के लिए 400 सीटों वाला महल जरूरी है या नागपुर की टूटी सड़कें?

उल्लेखनीय यह है कि नक्शा पास होते ही अगला धमाका करेंगे। तब तक ये फाइलें नगर रचना विभाग में हिचकोले खाती रहेंगी।

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नागपुर स्नातक चुनाव में 64.82% फाइनल मतदान, चंद्रपुर में सबसे ज्यादा 73% वोटिंग, नागपुर सबसे पीछे

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  • कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।

कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।

जिलावार फाइनल आंकड़ा –
जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत
नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम
भंडारा 21,349 14,319 67.07%
गोंदिया 22,176 15,810 71.29%
वर्धा 21,742 14,861 68.35%
चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा
गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95%
कुल 2,55,603 1,65,672 64.82%
जेंडर वाइज विश्लेषण –

  • पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
  • महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
  • अन्य : 22 में से 1 – 4.55%

पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।

सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।

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Health

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का वर्धमान नगर में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल शुरू

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  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।

2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।

अत्याधुनिक सुविधाएं
अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रबंधन का बयान
प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है।
निदेशक डॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे।
निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।

अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

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  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

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