नगरसेवकों की वार्ड निधि 25 लाख से बढ़कर 35 लाख हुई, महापौर निधि 20 करोड़, उपमहापौर निधि 10 करोड़
नागपुर, 29 जून 2026:नागपुर महानगरपालिका की विशेष सभा में सोमवार को सन 2026-27 के बजट को बहुमत से मंजूरी दे दी गई। सत्तापक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर के प्रस्ताव पर प्रभागों में विकास कार्यों के लिए नगरसेवकों की वार्ड निधि 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 35 लाख रुपये कर दी गई। इसी के साथ महापौर निधि 20 करोड़ रुपये और उपमहापौर विकास निधि 10 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी बहुमत से पारित किया गया।
मनपा की यह विशेष सभा आज कविवर्य सुरेश भट सभागृह में महापौर श्रीमती नीता ठाकरे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। स्थायी समिति की सभापति श्रीमती शिवानी दाणी-वखरे ने पिछले शनिवार को सदन में 2025-26 का संशोधित बजट और 2026-27 का प्रस्तावित बजट पेश किया था। आज इस पर हुई चर्चा में सभी दलों के सदस्यों ने भाग लिया।
11 घंटे चली चर्चा, 76 नगरसेवकों ने लिया हिस्सा लगभग 11 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद बजट को मंजूरी दी गई। इस विशेष सभा में सत्तापक्ष, विपक्ष सहित सभी गुटों के कुल 76 नगरसेवकों ने चर्चा में भाग लिया। चर्चा का समापन करते हुए महापौर नीता ठाकरे ने सत्तापक्ष नेता नरेंद्र बाल्या बोरकर के सुझाव के अनुसार प्रत्येक नगरसेवक के लिए वार्ड निधि 35 लाख रुपये करने की घोषणा की। साथ ही महापौर निधि 20 करोड़ रुपये और उपमहापौर निधि 10 करोड़ रुपये करने की भी घोषणा की गई।
सत्तापक्ष नेता की प्रमुख मांगें चर्चा के अंत में बजट का समर्थन करते हुए सत्तापक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर ने कहा कि यह बजट शहर के विकास के लिए है और इसमें की गई सभी व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मनपा की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास शुरू हैं।
उन्होंने मांग की कि प्रत्येक नगरसेवक के लिए वार्ड विकास निधि 25 लाख रुपये की जाए तथा महापौर निधि 20 करोड़ रुपये और उपमहापौर निधि 10 करोड़ रुपये की जाए। इसके अलावा उन्होंने स्लम क्षेत्रों में चोकेज की समस्या के समाधान के लिए हर जोन में सक्शन प्लस जेटिंग मशीन, गरोबा मैदान में ई-लाइब्रेरी, 75 मैदानों और 75 उद्यानों के विकास की मांग की। परिवहन विभाग के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान करने और एयरपोर्ट के पास डॉ. हेडगेवार चौक का सौंदर्यीकरण करने का सुझाव भी दिया। महापौर ने इन्हीं सुझावों के साथ संशोधित बजट को मंजूरी दी।
राजस्व बढ़ाने पर रहेगा फोकस: स्थायी समिति सभापति बजट चर्चा का जवाब देते हुए स्थायी समिति की सभापति शिवानी दाणी-वखरे ने कहा कि नागपुर शहर के विकास के लिए मनपा की आय में वृद्धि हेतु विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। मनपा की आय बढ़ाने के लिए हम कटिबद्ध हैं।
उन्होंने बताया कि संपत्ति कर से मिलने वाली आय बढ़ाने के लिए कर संकलकों को पीओएस मशीन दी जाएंगी। इससे घर-घर जाकर कर की वसूली की जाएगी। कर वसूली के लिए नगरसेवकों का भी सहयोग लिया जाएगा।
मनपा की सभी इमारतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जाएगी। शहर के दहनघाटों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर का विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए हम कटिबद्ध हैं।
विपक्ष ने जताई चिंता, वार्ड निधि 50 लाख करने की मांग बजट पर चर्चा करते हुए विरोधी पक्षनेता संजय महाकाळकर ने कहा कि शहर के विकास के लिए देखे गए सपने को पूरा करने के लिए सबसे पहले निधि की आवश्यकता है। लेकिन इस बजट में निधि की कमी महसूस होगी। मनपा की आमदनी की तुलना में बजट अधिक है।
उन्होंने कहा कि मनपा की डक्टिंग पॉलिसी आय का अच्छा स्रोत हो सकती है। साथ ही उन्होंने वार्ड निधि में वृद्धि की मांग करते हुए कहा कि इसे 25 लाख से सीधे 50 लाख रुपये किया जाना चाहिए।
मृतक के परिवार को आर्थिक मदद का निर्देश महापौर नीता ठाकरे ने गीतांजली चौक पर दीवार गिरने की दुर्घटना में मृत्युमुखी पड़े संतोष गौर को आर्थिक मदद देने के लिए कार्रवाई करने का निर्देश प्रशासन को दिया। इस मामले को नगरसेवक अभिजीत झा ने सदन के ध्यान में लाया था।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।
4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।
क्या है नागास्त्र-2 की ताकत – यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।
रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट
सबसे बड़ी खूबी – ECCM – नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।
कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।
2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –
2024 में877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
2025 में849 मंजूर, 87 खारिज।
1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।
केसों का बोझ – कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।
15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।
भरण-पोषण और कस्टडी – भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।
स्टाफ की भारी कमी से दबाव –
RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।
स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली
कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।