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नो-पार्किंग में ही पार्किंग, फुटपाथ पर कब्जा

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  • नागपुर में पार्किंग पॉलिसी फेल, जनता परेशान

नागपुर,14 जून 2026 :राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पार्किंग पॉलिसी नागपुर में पूरी तरह फेल साबित हो रही है. कागजों पर 60 से ज्यादा डिजाइनेटेड जोन और टेक्नोलॉजी से लैस ‘पे एंड पार्क’ सिस्टम होने के बावजूद शहर की सड़कें जाम और फुटपाथ अतिक्रमण से जूझ रहे हैं. ‘द हितवाद’ की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि लोकमत चौक जैसे प्रमुख इलाकों में ‘नो पार्किंग’ बोर्ड के नीचे ही ऑटो और दोपहिया वाहनों की कतारें लगी हैं.

कहां फंसा पेंच?

  • NMC की सुस्ती: नागपुर महानगरपालिका ने भले ही 13,500 टू-व्हीलर और 4,000 फोर-व्हीलर के लिए सफेद लाइन से जोन मार्क किए हों, पर व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बरत रही है. नियम के मुताबिक अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट या स्टिल्ट पार्किंग जरूरी है, पर कई अस्पताल और दुकानें इन जगहों को स्टोर रूम या गोदाम बना चुके हैं. मजबूरन ग्राहक गाड़ियां सड़क पर लगाते हैं.
  • अधिकारियों में तालमेल नहीं:ट्रैफिक पुलिस गाड़ी वालों का चालान तो काट देती है, पर नियम तोड़ने वाली कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर NMC कोई एक्शन नहीं लेता. NMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “पार्किंग लागू करना ट्रैफिक पुलिस का काम है, हम सिर्फ लाइन खींचने के जिम्मेदार हैं.”
  • अतिक्रमण बेलगाम: फुटपाथ पर दुकानदारों और दोपहिया वाहनों ने कब्जा कर रखा है. लोकमत चौक की तस्वीर बताती है कि पैदल चलने वालों को मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ रहा है. धंतोली, रामदासपेठ, सीताबर्डी और पंचशील स्क्वायर जैसे भीड़भाड़ वाले बाजारों में हालात सबसे खराब हैं.

16 लाख वाहन, पर मल्टी-लेवल पार्किंग नदारद

*ट्रैफिक एक्सपर्ट राजू वाघ के मुताबिक नागपुर में 16 लाख से ज्यादा वाहन हैं, पर शहर में एक भी ढंग का मल्टी-लेवल पार्किंग जोन नहीं बना. फ्लाईओवर के नीचे टू-व्हीलर पार्किंग के लिए जगह तय की गई थी, पर वहां भी कब्जे हो गए. वैरायटी स्क्वायर जैसे इलाकों में खाली प्लॉट पार्किंग के लिए हैं, पर इस्तेमाल न होने से सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है.

एक्सपर्ट की सलाह: सख्ती जरूरी

राजू वाघ ने सुझाव दिया कि नियम तोड़ने वाले कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देकर सड़क पर निजी वाहनों की संख्या घटाई जाए. नई बिल्डिंग में पार्किंग स्पेस का इस्तेमाल न बदलने दिया जाए. NMC ने इंटीग्रेटेड पार्किंग मैनेजमेंट की बात कही है, जिसमें नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन से पहले पार्किंग की उपलब्धता चेक होगी, पर जमीन पर कुछ दिख नहीं रहा.

फिलहाल हाल ये है कि नीति तो बनी, पर लागू कराने वाला कोई नहीं. नतीजा, नागपुर की सड़कों पर रोज जाम, विवाद और पैदल चलने वालों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.

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Health

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का वर्धमान नगर में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल शुरू

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  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।

2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।

अत्याधुनिक सुविधाएं
अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रबंधन का बयान
प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है।
निदेशक डॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे।
निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।

अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

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  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

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Business

सोलर डिफेंस ने भारतीय सेना को सौंपे ‘नागास्त्र-2’ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन के 21 यूनिट, 650 MM आर्मर भेदने में सक्षम

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  • 4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।

क्या है नागास्त्र-2 की ताकत –
यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।

  • रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
  • एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
  • तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
  • 80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट

सबसे बड़ी खूबी – ECCM –
नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।

कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।

2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

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