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नागपुर में कथित अवैध बीपीसीएल पेट्रोल पंप मामले में जिलाधिकारी कार्यालय सख्त, जांच के आदेश

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नागपुर, 29 जून 2026 :

उत्तर नागपुर के वांजरी ले-आउट क्षेत्र में स्थित कथित अवैध भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) पेट्रोल पंप के प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जिलाधिकारी कार्यालय ने गंभीर हस्तक्षेप करते हुए जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। संबंधित शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

सूचना के अधिकार के अंतर्गत लगातार की गई पैरवी के पश्चात, शहर अन्न व नागरी आपूर्ति विभाग ने इस शिकायत को विभिन्न सक्षम प्राधिकरणों को अग्रेषित कर दिया है।

प्राप्त शासकीय पत्राचार के अनुसार, नागरी हक संरक्षण मंच के केंद्रीय अध्यक्ष जनार्दन मून द्वारा की गई शिकायत तथा प्रकाशित समाचारों का संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी कार्यालय के अन्न व नागरी आपूर्ति विभाग ने बीपीसीएल के नागपुर प्रादेशिक कार्यालय को पत्र भेजा है।

इस पत्र में संबंधित पेट्रोल पंप के लिए आवश्यक सभी कानूनी अनुज्ञापत्रों, नगर रचना विभाग की स्वीकृति, महावितरण, निर्माण विभाग तथा अग्निशमन विभाग के नियमों का पालन किया गया है या नहीं, इसकी प्रत्यक्ष पड़ताल कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य आरोप एवं विवाद के बिंदु:

  1. भूमि आवंटन पर प्रश्नचिह्न: सूत्रों के अनुसार, यह प्रकरण केवल अनुज्ञापत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि आवंटन और पेट्रोल पंप स्वीकृति प्रक्रिया पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए गए हैं। शिकायत में आरोप है कि जिस व्यक्ति के नाम पर बीपीसीएल ने पेट्रोल पंप स्वीकृत बताया है, उस व्यक्ति के नाम पर संबंधित भूमि ही नहीं है।
  2. नाम और कब्जे में विसंगति: नागपुर सुधार प्रन्यास (नासुप्र) ने जिस व्यक्ति को पेट्रोल पंप हेतु भूमि आवंटित दर्शाई है, उस व्यक्ति के नाम पर वास्तविक रूप से संचालित बीपीसीएल पेट्रोल पंप नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। इससे भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
  3. आवेदन प्रक्रिया पर संदेह: शिकायत के अनुसार, जिस व्यक्ति के नाम पर नासुप्र ने भूमि आवंटन दर्शाया है, उसने मौजा वांजरा की भूमि की मांग ही नहीं की थी। उसने वंजारी चौक से तुकडोजी चौक के मध्य नासुप्र की भूमि पर पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया था। परंतु, उस मार्ग पर नासुप्र की उपलब्ध रिक्त भूमि ही नहीं है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति ने आवेदन किसके निर्देश पर और किस आधार पर किया, तथा बाद में उसे मौजा वांजरा की भूमि कैसे आवंटित हुई, इस पर शिकायतकर्ताओं ने गंभीर शंका व्यक्त की है।
  4. अधिकारियों की भूमिका पर आरोप: शिकायत में यह भी आरोप है कि भूमि आवंटन प्रक्रिया के दौरान नासुप्र के कुछ अधिकारियों ने विशेष रुचि दिखाकर संबंधित व्यक्ति को भूमि दिलाने का प्रयास किया। इस कारण प्रक्रिया में किसी के हस्तक्षेप या प्रभाव की गहन जांच की मांग की गई है।

प्रशासन की कार्रवाई:
सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त आवेदन के कुछ बिंदुओं को शिकायत निवारण शाखा को भेजा गया है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अर्जदार को भी स्वतंत्र पत्र द्वारा सूचना दी गई है।

जिलाधिकारी कार्यालय के इस पत्राचार से स्पष्ट है कि प्रशासन ने मामले में प्राथमिक हस्तक्षेप किया है। अब सबका ध्यान इस बात पर है कि जांच में पेट्रोल पंप सभी कानूनी मानकों को पूरा करता है या नहीं, तथा भूमि आवंटन व स्वीकृति में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

आगे की मांग:
शिकायतकर्ताओं ने इस संपूर्ण प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। नियमभंग सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों, उत्तरदायी संस्थाओं और व्यक्तियों पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।

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Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

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  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

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सोलर डिफेंस ने भारतीय सेना को सौंपे ‘नागास्त्र-2’ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन के 21 यूनिट, 650 MM आर्मर भेदने में सक्षम

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  • 4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।

क्या है नागास्त्र-2 की ताकत –
यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।

  • रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
  • एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
  • तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
  • 80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट

सबसे बड़ी खूबी – ECCM –
नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।

कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।

2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

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3 साल में 2,242 आपसी सहमति तलाक मंजूर किए, 7,321 केस अभी भी पेंडिंग

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  • RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।

फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –

  • 2024 में 877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
  • 2025 में 849 मंजूर, 87 खारिज।
  • 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।

केसों का बोझ –
कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।

15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।

भरण-पोषण और कस्टडी –
भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।

स्टाफ की भारी कमी से दबाव –

RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।

  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
  • जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
  • डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
  • शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
  • डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
  • प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली

कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।

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