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शहर की सड़कों पर निजी बसों का ‘अवैध राज’: जाम में दम तोड़ती व्यवस्था, प्रशासन ने साधी चुप्पी

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  • ग्लोबल प्लाई से लोहापुल तक सड़कें बनीं बस अड्डा; ऑफिस-स्कूल-एंबुलेंस सब जाम में फंसे, ट्रैफिक पुलिस बोली- ‘चालान काटना ही काम है’

नागपुर, 25 मई 2026 : राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कें अब निजी बस ऑपरेटरों के हवाले हैं। शहर के 8 मुख्य मार्गों पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक निजी बसों ने अवैध कब्जा जमा रखा है। हालात ये हैं कि एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल रहा और स्कूली बच्चे रोज 2 घंटे जाम में बर्बाद कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात – ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मौन हैं।

शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या अब ‘नासूर’ बन चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह हैं निजी बसें जो सरकारी बस स्टैंड के बाहर, चौराहों पर और व्यस्ततम बाजारों में घंटों खड़ी रहती हैं।

कहां-कहां है सबसे बुरा हाल ?

  • ग्लोबल प्लाई स्टैंड: यहां सरकारी बस स्टैंड के गेट पर ही 15-20 निजी बसें दिनभर खड़ी रहती हैं। आसाराम बापू आश्रम रोड पर निजी बसों ने पूरा कब्जा कर लिया है। सुबह-शाम पीक आवर्स में 2 किमी लंबा जाम लगता है।
  • नवीन नगर रेलवे क्रॉसिंग: लोकल शताब्दी एक्सप्रेस के टाइम पर बस ऑपरेटर पूरी एक लेन घेर लेते हैं। ट्रेन निकलने के बाद भी 20 मिनट तक जाम नहीं खुलता।
  • विजय चौक से वर्धा रोड: चलती सड़क के बीच में बस रोककर सवारी बैठाई जाती है। पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, पर बस वाला टस से मस नहीं होता।
  • लोहापुल और कॉटन मार्केट: कॉमर्शियल जोन होने से यहां लोडिंग-अनलोडिंग ठप है। परिसर चौक से मेन रोड तक बसों की डबल लाइन लगती है।

प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया

जब इस बारे में ट्रैफिक पुलिस से सवाल किया गया तो एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हमारा काम सिर्फ चालान काटना है। बसों को हटाना, रूट तय करना नगर निगम और RTO का काम है।”

वहीं RTO अधिकारी का कहना है कि “स्टाफ की कमी है, रोज कार्रवाई संभव नहीं।” महीने में एक-दो दिन अभियान चलाकर 10-12 चालान काट दिए जाते हैं और फिर सब पहले जैसा।

अर्थशास्त्र’ समझिए इस कब्जे का

स्थानीय लोगों के मुताबिक इसके पीछे 3 बड़ी वजह हैं:

  • पैसा बचाना: सरकारी बस स्टैंड पर अड्डा शुल्क ₹200-500 रोज लगता है। सड़क पर बस खड़ी करने का कोई चार्ज नहीं।
  • ज्यादा सवारी: चौराहे पर बस रोकने से तुरंत सवारी मिल जाती है। बस स्टैंड तक कौन जाए।
  • हफ्ता सिस्टम: कई बस मालिकों ने खुलकर आरोप लगाया कि बिना ‘मंथली’ दिए रोज सड़क पर बस खड़ी करना नामुमकिन है।

जनता का दर्द, जुबानी

मैथली सिंह : “रोज 9 बजे ऑफिस पहुंचना होता है, पर 7:30 बजे घर से निकलना पड़ता है। बसों ने आधी सड़क घेर रखी है। कई बार बॉस से डांट पड़ चुकी है।”

वंश सिंह : “पिछले हफ्ते एक हार्ट पेशेंट को अस्पताल ले जा रहे थे। लोहापुल पर 25 मिनट जाम में फंसे रहे। मरीज की हालत और बिगड़ गई। कौन जिम्मेदार है इसका?”तस्नीम आरके : “हमसे तो नो-पार्किंग में खड़े होने पर तुरंत 500 का चालान कट जाता है। पर बस वालों को कोई कुछ नहीं कहता। ये दोहरा मापदंड क्यों?”

क्या है समाधान? एक्सपर्ट की राय

ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रो. वी.के. सिंह_ के मुताबिक 30 दिन में हालात सुधर सकते हैं अगर 4 कदम उठाए जाएं:

  • जीरो टॉलरेंस जोन: MI रोड, टोंक रोड, अजमेर रोड जैसे 8 मुख्य मार्गों को ‘नो बस पार्किंग जोन’ घोषित किया जाए। उल्लंघन पर ₹10,000 जुर्माना + 7 दिन के लिए बस जब्त।
  • सिटी परमिट सिस्टम: 32-सीटर से बड़ी बसों की शहर में एंट्री बैन हो। सिर्फ मिनी सिटी बसें चलें जो डेडिकेटेड स्टॉप पर ही रुकें।
  • CCTV चालान: स्मार्ट सिटी के 1200+ कैमरों से ऑटोमैटिक ई-चालान कटें। ट्रैफिक पुलिस की जरूरत ही नहीं।
  • पब्लिक रिपोर्टिंग ऐप: एक वॉट्सऐप नंबर जारी हो जहां नागरिक फोटो भेजकर शिकायत करें। 1 घंटे में कार्रवाई की गारंटी हो।

_पूर्व RTO अधिकारी आर.एस. चौधरी_ कहते हैं, “इच्छाशक्ति हो तो सब मुमकिन है। इंदौर और सूरत ने करके दिखाया है। जयपुर क्यों नहीं?”

अब आगे क्या?

कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए सोमवार को तीनों विभागों की जॉइंट मीटिंग बुलाई है। देखना है कि बैठक में सिर्फ चाय-समोसा होता है या जनता को जाम से सच में राहत मिलती है।

अगर आपके क्षेत्र में भी बसों का अवैध कब्जा है तो हमें 9850503020 पर वॉट्सऐप करें। आपकी खबर, आपका हक।

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नागपुर स्नातक चुनाव में 64.82% फाइनल मतदान, चंद्रपुर में सबसे ज्यादा 73% वोटिंग, नागपुर सबसे पीछे

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  • कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।

कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।

जिलावार फाइनल आंकड़ा –
जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत
नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम
भंडारा 21,349 14,319 67.07%
गोंदिया 22,176 15,810 71.29%
वर्धा 21,742 14,861 68.35%
चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा
गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95%
कुल 2,55,603 1,65,672 64.82%
जेंडर वाइज विश्लेषण –

  • पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
  • महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
  • अन्य : 22 में से 1 – 4.55%

पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।

सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।

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Health

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का वर्धमान नगर में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल शुरू

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  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।

2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।

अत्याधुनिक सुविधाएं
अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रबंधन का बयान
प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है।
निदेशक डॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे।
निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।

अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

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  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

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