“राजनीति में राजयोग कभी भी बन सकता है” कहते हैं राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है, न दुश्मन और न ही कोई पद स्थायी होता है। यहाँ उत्थान-पतन, उठा-पटक और राजयोग की लकीरें पल-पल बदलती हैं। आज जो रक्षा मंत्री है, कल वही देश का प्रथम नागरिक बन सकता है। आज जो गृहमंत्री है, कल उसे पार्टी को नई दिशा देने की जिम्मेदारी मिल सकती है।
वर्तमान में BJP के अंदर चल रही सुगबुगाहट ठीक इसी तरफ इशारा कर रही है। और इसी क्रम में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है: राजनाथ सिंह।
1. चर्चा की शुरुआत कहां से हुई? वरिष्ठ पत्रकार और पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रदीप सिंह के विश्लेषण के बाद ये मामला हवा पकड़ गया। उनके अनुसार आगामी कैबिनेट फेरबदल में सबसे बड़ा बदलाव राजनाथ सिंह को लेकर हो सकता है।
कयास ये लगाया जा रहा है कि राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय से हटाकर उन्हें एक “बड़ी, नई और संवैधानिक भूमिका” सौंपी जा सकती है।
और वो भूमिका क्या हो सकती है? सूत्रों का दावा है कि 2027 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यकाल पूरा होने के बाद BJP राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है।
2. राजनाथ सिंह ही क्यों? 3 बड़े कारण BJP अगर ये दांव चलती है तो उसके पीछे ठोस राजनीतिक गणित है:
पहला: अनुभव और साफ-सुथरी छवि राजनाथ सिंह 4 बार सांसद, 2 बार मुख्यमंत्री, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और 10 साल से रक्षा मंत्री। संघ से निकले हुए नेता हैं, इसलिए संगठन और सरकार दोनों में स्वीकार्यता है। राष्ट्रपति पद के लिए ऐसी ही छवि चाहिए होती है।
दूसरा: सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण राजनाथ सिंह ठाकुर समाज से आते हैं और उत्तर भारत की राजनीति की रीढ़ हैं। 2027 और 2029 के चुनावों को देखते हुए ये समीकरण BJP के लिए काफी मुफीद बैठता है।
तीसरा: उम्र और मर्यादा 2027 में राजनाथ सिंह लगभग 75 साल के होंगे। सक्रिय राजनीति और चुनावी जिम्मेदारियों से थोड़ा हटकर उन्हें एक गरिमामय संवैधानिक पद देना, पार्टी और व्यक्ति दोनों के लिए सम्मानजनक होगा।
3. तो फिर अमित शाह का क्या होगा? इसी खबर के साथ अमित शाह के “रोल चेंज” की चर्चा भी तेज है। अगर राजनाथ ऊपर जाते हैं तो 2 बड़े असर होंगे:
रक्षा मंत्रालय खाली होगा: ये दुनिया का सबसे अहम मंत्रालयों में से एक है। यहां नए चेहरे को मौका मिल सकता है।
पार्टी संगठन में बदलाव: अमित शाह इस समय गृहमंत्री के साथ-साथ पार्टी के सबसे बड़े रणनीतिकार हैं। कयास है कि उन्हें संगठन को 2029 के लिए तैयार करने की और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। या उन्हें सरकार के अंदर एक और बड़ा दायित्व सौंपा जा सकता है।
सीधे शब्दों में कहें तो BJP एक साथ सरकार, संगठन और भविष्य की लाइन-अप, तीनों को साधने की तैयारी कर रही है।
4. क्या ये सिर्फ अटकल है? बिल्कुल। अभी ये सब “हवाबाजी” और “अंदर की बात” ही है।
राजनीति का सच यही है कि जब तक शपथ नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी फाइनल नहीं होता। 2027 अभी दूर है। बीच में कई चुनाव, कई समीकरण और कई घटनाएं होंगी जो इस फैसले को बदल भी सकती हैं।
Droupadi Murmu का कार्यकाल अभी बाकी है। पार्टी का संसदीय बोर्ड ही आखिरी फैसला लेगा। इसलिए अभी इसे “संभावना” के तौर पर ही देखना सही होगा।
5. बड़े तस्वीर क्या कहती है? दरअसल ये चर्चा बताती है कि BJP ने 2029 की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
दूसरी पंक्ति तैयार करना: पुराने वरिष्ठ नेताओं को सम्मानजनक विदाई देकर नई पीढ़ी को आगे लाना।
संतुलन साधना: जाति, क्षेत्र और अनुभव का संतुलन बनाकर 2029 के लिए मैदान तैयार करना।
सरप्राइज फैक्टर: BJP हमेशा चुनाव से पहले विरोधियों को चौंकाने वाले फैसले करती है। राष्ट्रपति पद के लिए राजनाथ जैसा नाम एक बड़ा सरप्राइज होगा।
निष्कर्ष: इंतजार कीजिए, राजनीति करवट ले रही है संक्षेप में कहें तो अभी दिल्ली में चाय की प्यालियों में तूफान चल रहा है। हर नेता, हर कार्यकर्ता इसी कयास में लगा है कि “अगला नंबर किसका है”।
राजनाथ सिंह राष्ट्रपति बनेंगे या नहीं, अमित शाह की भूमिका बदलेगी या नहीं, ये तो समय बताएगा। लेकिन एक बात तय है कि BJP के अंदर कुछ बड़ा पक रहा है।
और राजनीति में जब तक कोई पद पर आसीन नहीं हो जाता, तब तक सब कयास ही हैं। बाकी “राजयोग” की लकीरें कब किसके हाथ में बन जाएं, कोई नहीं जानता।
आपको क्या लगता है? क्या राजनाथ सिंह देश के अगले राष्ट्रपति होंगे? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।