मौज-मस्ती करने गए 15 वर्षीय दीप की डूबने से दर्दनाक मौत; एक महीने पहले ही विधायक को दी थी चेतावनी
पाटणसावंगी/सावनेर : नागपुर जिले के सावनेर तालुका में स्थित वाकी कन्हान नदी का डोह एक बार फिर मौत का कारण बना है। नहाने गए 15 वर्षीय किशोर दीप रवि छेवले की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा उपायों के अभाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि एक महीने पहले ही सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस डोह को लेकर विधायक को ज्ञापन सौंपा था।
कैसे हुआ हादसा*
मृतक दीप रवि छेवले, उम्र 15 वर्ष, निवासी लालगंज, नागपुर अपने तीन दोस्तों नयन, प्रणय और पीयूष के साथ पिपला डाक बंगला स्थित रिश्तेदार के घर आया था। मंगलवार दोपहर चारों दोस्त घूमने के लिए खापा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के वाकी स्थित कन्हान नदी के डोह पर पहुंचे।
गर्मी अधिक होने के कारण दीप, नयन और प्रणय नहाने के लिए पानी में उतर गए। डोह की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दीप गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, शोर भी मचाया, लेकिन पानी का बहाव और गहराई ज्यादा होने से वे उसे बचा नहीं सके। पीयूष किनारे पर ही था, इसलिए वह बच गया।
रातभर चला तलाशी अभियान*
घटना की जानकारी मिलते ही खापा पुलिस के पीएसआई जगदीश पालीवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर रात तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली।
बुधवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से दीप का शव बरामद कर लिया गया। हितज्योती आधार फाउंडेशन के संस्थापक हितेश बनसोड अपनी एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए सावनेर ग्रामीण अस्पताल भेजा गया।
पिता की मौत के बाद माँ का था इकलौता सहारा
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि दीप के पिता का निधन करीब एक साल पहले ही हो गया था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसकी माँ मजदूरी करके घर चलाती थी। दीप भी पढ़ाई के साथ-साथ छोटा-मोटा काम कर माँ की मदद करता था। अब इकलौते बेटे की मौत के बाद माँ पूरी तरह टूट गई है और उसके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
मौत का डोह’ बना वाकी, सैकड़ों जान ले चुका
स्थानीय लोगों के अनुसार वाकी का यह डोह ‘मौत का डोह’ बन चुका है। यहाँ अब तक सैकड़ों लोग डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा यहाँ कोई चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता हितेश बनसोड ने कहा, “यह डोह कितने और परिवार उजाड़ेगा? हम लगातार प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।”
एक महीने पहले ही दी थी चेतावनी, फिर भी नहीं चेता प्रशासन
इस मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लगभग एक महीने पहले हितज्योती आधार फाउंडेशन के संस्थापक हितेश बनसोड, समाजसेवी भूषण कुबडे और सावनेर तालुका मराठी पत्रकार संघ के अध्यक्ष किशोर ढुंढेले ने क्षेत्र के विधायक डॉ. आशीष देशमुख से मुलाकात कर इस खतरनाक डोह की विस्तृत जानकारी दी थी और तुरंत उपाय योजना करने की मांग की थी।
इस ज्ञापन के बाद जलसंपदा विभाग के कार्यकारी अभियंता और सावनेर के तहसीलदार अक्षय पोयाम ने घटनास्थल का दौरा भी किया था। अधिकारियों ने कहा था कि मानसून नजदीक होने के कारण फिलहाल डोह को पाटने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। इसलिए यहाँ कांटेदार तार का कुंपण, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात करने का प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यह प्रस्ताव समय पर मंजूर होकर काम शुरू हो जाता, तो आज दीप की जान बच सकती थी। अब लोगों की मांग है कि किसी और माँ की गोद सूनी होने से पहले प्रशासन तुरंत ठोस कदम उठाए।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।
4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।
क्या है नागास्त्र-2 की ताकत – यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।
रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट
सबसे बड़ी खूबी – ECCM – नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।
कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।
2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –
2024 में877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
2025 में849 मंजूर, 87 खारिज।
1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।
केसों का बोझ – कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।
15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।
भरण-पोषण और कस्टडी – भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।
स्टाफ की भारी कमी से दबाव –
RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।
स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली
कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।