पश्चिम बंग में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु जनादेश पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित,शैक्षिक विसंगतियों और शहरी नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष हेतु अभाविप प्रतिबद्ध: डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी
27 मई, 2026 :अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक-दिवसीय कार्यसमिति बैठक महाप्रभु जगन्नाथ की पावन धरा ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित ‘शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान’ विश्वविद्यालय में संपन्न हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल में हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना करने हेतु जनमानस का अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक का शुभारंभ अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसमें देशभर के सभी प्रांतों से प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक विषयों, संगठनात्मक समीक्षा एवं विस्तार तथा समसामयिक चुनौतियों पर वृहद विचार-विमर्श हुआ। अभाविप द्वारा लिए गए ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम अभियान’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, ‘छात्रावास सर्वेक्षण अभियान’, ‘प्रा. यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष’, ‘आपातकाल निषेध के 50 वर्ष’, ‘श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष’, ‘संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव’ आदि विषयों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, अभियानात्मक, कार्यक्रमात्मक एवं संगठनात्मक विषयों की समीक्षा के साथ अनुवर्तन हेतु विशेष जोर दिया गया।
हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को परास्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनः स्थापना के लिए पश्चिम बंगाल के जनमानस का अभिनंदन” विषयक अभिनंदन प्रस्ताव को इस बैठक में पारित किया गया। देशभर से आए प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक परिस्थिति एवं युवाओं से जुड़े समसामयिक विषयों पर चिंतन-मंथन किया, जिस पर आगामी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद में चर्चा के पश्चात प्रस्ताव भी पारित किए जाएँगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि, “संगठन की आगामी दिशा तय करने के लिए गत वर्षों का सिंहावलोकन और वर्तमान परिस्थितियों का आकलन अत्यंत आवश्यक है; इसमें केंद्रीय कार्यसमिति की इस बैठक का महती स्थान है। द्वारका और श्रृंगेरी में आयोजित संगठनात्मक विचार बैठकें इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही हैं, जो आज की आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मील का पत्थर सिद्ध हुई हैं। इस वर्ष ‘प्राध्यापक यशवंतराव केलकर जी’ की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में देशभर में हुए प्रबोधन कार्यक्रमों ने कार्यकर्ताओं को उनके आदर्शों और कार्य पद्धति से जोड़कर नई प्रेरणा दी है, जो आज के समय में ज़रूरी है। शैक्षिक क्षेत्र में अभाविप का यह स्पष्ट मत है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था भारतीय दर्शन एवं मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, जो युवा पीढ़ी के सर्वांगीण एवं समग्र विकास को सुनिश्चित करने वाले एक एकीकृत शिक्षा तंत्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में आए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि, “वर्तमान में जब भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है, तब अभाविप, चाहें वह नक्सलवाद का खात्मा हो या शिक्षा में व्याप्त विसंगतियाँ, इनके समाधान के लिए रचनात्मक आंदोलन और संघर्ष के माध्यम से कार्य कर रही है। तेलंगाना में छात्रवृत्ति की लड़ाई हो, नीट पेपर लीक का विषय हो, मुंबई में पेपर लीक के विरुद्ध आंदोलन हो या दिल्ली एवं पंजाब विश्वविद्यालय में छात्रसंघों के माध्यम से किए जा रहे नवाचार, अभाविप ने सदैव ही विद्यार्थी हित में कार्य किया है। त्रिपुरा में जनजातीय छात्र सम्मेलन, ओडिशा में छात्रा संसद, तमिलनाडु में विधि छात्र सम्मेलन और देशभर में ‘मिशन साहसी’ के अंतर्गत दस लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना, अभाविप की बढ़ती स्वीकार्यता एवं विस्तार का प्रमाण है। इस बैठक में हमने पश्चिम बंगाल में हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए जनमानस के अभिनंदन का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया है। यह बैठक हमें उस आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टि से ओत-प्रोत करेगी, जिससे हम अपने-अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक गति के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प को पूर्ण कर सकें।”.
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।
4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।
क्या है नागास्त्र-2 की ताकत – यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।
रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट
सबसे बड़ी खूबी – ECCM – नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।
कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।
2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –
2024 में877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
2025 में849 मंजूर, 87 खारिज।
1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।
केसों का बोझ – कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।
15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।
भरण-पोषण और कस्टडी – भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।
स्टाफ की भारी कमी से दबाव –
RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।
स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली
कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।