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लेंढ्रा-काचिपुरा में 27 हेक्टेयर कृषि विवि की जमीन पर अवैध कब्जे को शासन की “NO”

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  • 10 साल पुरानी अपील खारिज, 19 धारकों को बड़ा झटका: ढाबे, गैराज, लॉन्स हटाने का रास्ता साफ, जमीन साउथ सेंट्रल झोन कल्चरल सेंटर के लिए आरक्षित

मुंबई/नागपुर ,23 जून 2026 : मुंबई नागपुर के रामदासपेठ स्थित मौजा लेंढ्रा और काचिपुरा क्षेत्र में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला की करीब 27 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर दशकों से चल रहे अवैध वाणिज्यिक निर्माणों पर महाराष्ट्र शासन ने अंतिम मुहर लगा दी है। नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीमकुमार गुप्ता ने 23 जून 2026 को ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए श्री सतीश सक्सेना, प्रशांत पवार व मंगेश सुरावार समेत 19 अपीलकर्ताओं की अपील खारिज कर दी।

विवाद की जड़: 27 हेक्टेयर पर कब्जा

यह पूरा मामला मौजा लेंढ्रा के खसरा क्रमांक 104 से 209 तक की जमीन का है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह 27 हेक्टेयर जमीन मूल रूप से महाराष्ट्र सरकार की है और डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला को पट्टे पर दी गई थी। मंजूर विकास योजना में यह क्षेत्र तीन प्रमुख सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आरक्षित है:

  • W-24: साउथ सेंट्रल झोन कल्चरल सेंटर – 17.31 हेक्टेयर
  • W-22: स्टेट ट्रांसपोर्ट – 1.76 हेक्टेयर
  • W-78: पार्किंग – 0.05 हेक्टेयर इसके अलावा 24 मीटर चौड़ी सेंट्रल बाजार रोड भी इसी जमीन से प्रस्तावित है।

इसके बावजूद पिछले कई वर्षों में यहाँ बड़े पैमाने पर दुकानें, रेस्टोरेंट, गैराज, लॉन्स, ऑटोमोबाइल सर्विसिंग सेंटर और रिपेयरिंग के उद्योग अनधिकृत रूप से खड़े हो गए।

10 साल पुरानी लड़ाई का घटनाक्रम

  • 12 अगस्त 2015: नागपुर मनपा ने MRTP एक्ट 1966 की कलम 53(1) के तहत 19 धारकों को नोटिस क्रमांक 273/Z-II जारी कर अनधिकृत निर्माण हटाने को कहा।
  • 11 सितंबर 2015: धारकों ने कलम 44 के तहत निर्माण नियमित करने के लिए आवेदन दिया।
  • 3 अक्टूबर 2015: मनपा के सहायक संचालक नगर रचना ने पत्र क्रमांक TPD/1554 से आवेदन नामंजूर कर दिया।
  • 12 अगस्त 2016: धारकों ने कलम 47 के तहत राज्यमंत्री, नगर विकास के पास अपील दाखिल की और कार्रवाई पर स्थगन मांगा।
  • 3 जनवरी 2025 व 20 अप्रैल 2016 : नगर विकास विभाग ने अपीलकर्ताओं को सूचित किया कि शासन या न्यायालय के आदेश तक यथास्थिति बनी रहेगी।
  • 22-23 जून 2026: मंत्रालय, मुंबई में अपर मुख्य सचिव के दालन में अंतिम सुनवाई हुई। *अपीलकर्ताओं के 8 बड़े तर्क* अपीलकर्ता सतीश सक्सेना व अन्य ने सुनवाई में कहा कि:
  • दीर्घ कब्जा: वे वर्षों से जमीन के कब्जेदार हैं, शासन ने ही उद्योगों के लिए आवंटित की थी।
  • आजीविका का संकट: यही व्यवसाय उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। निर्माण टूटा तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।
  • नियमित कर: वे मनपा को व्यवसाय, रोजगार और सुविधाओं का कर दे रहे हैं, मनपा स्वीकार भी कर रही है।
  • नोटिस में खामी: कलम 53 के तहत 1 माह का समय देना अनिवार्य है, पर नोटिस में कम समय दिया गया। नोटिस अस्पष्ट है, यह नहीं बताता कि तोड़ना है या उपयोग रोकना है।
  • प्राकृतिक न्याय: सुनवाई का मौका दिए बिना आदेश पारित किया गया।

शासन ने क्यों खारिज की अपील: 5 ठोस आधार

मुख्य सचिव ने आदेश में स्पष्ट किया कि मनपा की कार्रवाई सही थी क्योंकि:

  • मालिकाना हक: नगर भूमापन क्रमांक 168 व 169 के मालमत्ता पत्रक से सिद्ध होता है कि जमीन का मूलधारक महाराष्ट्र सरकार है और पट्टेधारक कृषि विद्यापीठ है।
  • आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं: जमीन मंजूर विकास योजना में कल्चरल सेंटर, एसटी स्टैंड और पार्किंग के लिए आरक्षित है। इस पर निजी वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती।
  • सड़क के लिए आरक्षित: 24 मीटर डीपी रोड का आरक्षण भी इसी जमीन पर है।
  • मनपा का निर्णय सही : मनपा ने 29 सितंबर 2015 व 31 अक्टूबर 2015 को नियमों के तहत ही नियमितीकरण नामंजूर किया था।
  • कर देने से अवैध वैध नहीं: मनपा द्वारा कर लेना मात्र इस बात का प्रमाण नहीं कि निर्माण अधिकृत है।अब

आगे क्या* आदेश में “अपील फेटाळण्यात येत आहे” यानी अपील खारिज की जाती है, लिखा गया है। इसका अर्थ है कि 2015 में मनपा द्वारा जारी 19 नोटिस अब प्रभावी हो गए हैं।

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Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

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  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

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सोलर डिफेंस ने भारतीय सेना को सौंपे ‘नागास्त्र-2’ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन के 21 यूनिट, 650 MM आर्मर भेदने में सक्षम

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  • 4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।

क्या है नागास्त्र-2 की ताकत –
यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।

  • रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
  • एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
  • तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
  • 80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट

सबसे बड़ी खूबी – ECCM –
नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।

कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।

2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

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3 साल में 2,242 आपसी सहमति तलाक मंजूर किए, 7,321 केस अभी भी पेंडिंग

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  • RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।

फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –

  • 2024 में 877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
  • 2025 में 849 मंजूर, 87 खारिज।
  • 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।

केसों का बोझ –
कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।

15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।

भरण-पोषण और कस्टडी –
भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।

स्टाफ की भारी कमी से दबाव –

RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।

  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
  • जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
  • डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
  • शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
  • डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
  • प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली

कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।

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Nagpur, IN
01:44 pm, 24 Oct 2026
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