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बिजली से बुनी विकास की इबारत: महावितरण के 21 साल, हर घर रोशनी हर खेत हरियाली

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  • सौर क्रांति से महिला सशक्तिकरण तक, 2030 में 45 हजार मेगावाट का लक्ष्य: सीएम देवेंद्र फडणवीस के विजन को जमीन पर उतार रहा महावितरण

नागपुर: 6 जून 2005 को महाराष्ट्र राज्य विद्युत मंडल के गर्भ से जन्मी महावितरण ने आज 21 साल का गौरवशाली सफर पूरा कर लिया। ये 21 साल सिर्फ तार-खंभे लगाने की कहानी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र को अंधेरे से उजाले, पिछड़ेपन से प्रगति और संकट से समाधान तक ले जाने की महागाथा है। 3.2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने वाली यह कंपनी आज राज्य की धड़कन बन चुकी है।

2005 का महाराष्ट्र vs 2026 का महाराष्ट्र: बदली सूरत

21 साल पहले लोडशेडिंग महाराष्ट्र की पहचान थी। गांवों में 8-10 घंटे बिजली गुल रहना आम बात थी। उद्योग पलायन कर रहे थे। किसान रात के अंधेरे में सांप-बिच्छू के डर से खेतों में पानी दे रहा था। महावितरण ने इस तस्वीर को 180 डिग्री पलट दिया।

तकनीक की ताकत से बना ‘स्मार्ट महावितरण’

महावितरण’महावितर का सबसे बड़ा बदलाव तकनीकी अपग्रेडेशन रहा

    • SCADA और GIS सिस्टम: अब फॉल्ट की लोकेशन कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे मिल जाती है। पहले जो काम 6 घंटे में होता था, अब 40 मिनट में हो जाता है।
    • 2.5 लाख स्मार्ट मीटर: मुंबई, पुणे, नागपुर में लगे स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता मोबाइल पर रियल-टाइम खपत देख सकता है। प्रीपेड मीटर से ‘जितनी बिजली, उतना पैसा’ का सपना साकार।
    • 3,900+ नए उपकेंद्र: 2005 में 1,200 उपकेंद्र थे, आज 5,100 से ज्यादा। ट्रांसफॉर्मर की क्षमता 45,000 MVA से बढ़कर 1.2 लाख MVA पहुंची।
    • ‘पावर अप’ ऐप: बिल भरने से लेकर शिकायत तक, 1 करोड़ डाउनलोड के साथ यह ऐप उपभोक्ता का सच्चा साथी बना।

    2. किसान बना केंद्रबिंदु: सौर ऊर्जा से दिन में रोशन हुए खेत

    ‘रात की खेती, सांप का डर’ अब इतिहास बन गया।

    • मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0:16,000 MW क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट से 30 लाख कृषि पंपों को दिन में बिजली। 9,000 से ज्यादा फीडर सोलराइज्ड।
    • नतीजा:डीजल पर सालाना 4,000 करोड़ की बचत। किसानों की आय 25% तक बढ़ी। कार्बन उत्सर्जन में 1.2 करोड़ टन सालाना की कमी।
    • कुसुम योजना: 5 लाख सोलर पंप देकर किसानों को ‘ऊर्जा दाता’ बनाया।

    3. सामाजिक क्रांति का अगुवा बना महावितरण

    • महिला शक्ति: 33% महिला आरक्षण लागू करने वाली देश की पहली डिस्कॉम। आज 11,000+ महिला कर्मचारी लाइनवुमन से लेकर अधीक्षण अभियंता तक। नागपुर की ‘तेजस्विनी पथक’ सिर्फ महिला इंजीनियरों की टीम है जो हाई-टेंशन लाइन मेंटेन करती है।
    • अनुकंपा नियुक्ति: 8,200 शहीद कर्मचारियों के परिवारों को नौकरी। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, 8,200 घरों की बची हुई उम्मीद है।
    • शून्य दुर्घटना मिशन:5 लाख सेफ्टी किट बांटी गईं। ‘एक गलती, पूरी जिंदगी पर भारी’ अभियान से लाइन लॉस के साथ मानव लॉस भी कम हुआ।

    4. उद्योगों का भरोसा, महाराष्ट्र की उड़ान

    • 24×7 क्वालिटी पावर:ऑटोमोबाइल हब पुणे-छत्रपति संभाजीनगर, IT हब पुणे-नवी मुंबई, टेक्सटाइल हब इचलकरंजी को निर्बाध बिजली।
    • इंडस्ट्रियल ग्रोथ: 21 साल में औद्योगिक उपभोक्ता 2.1 लाख से बढ़कर 4.8 लाख। महाराष्ट्र का FDI 35% अकेले बिजली की स्थिरता से आया।
    • ग्रीन टैरिफ: 1,200+ कंपनियां अब सिर्फ हरित ऊर्जा ले रही हैं। एप्पल, मर्सिडीज जैसी कंपनियों की पहली शर्त ‘ग्रीन पावर’ महावितरण पूरी कर रहा है।

    भविष्य का ब्लूप्रिंट: 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन डिस्कॉम

    CMD श्री लोकेश चंद्र के नेतृत्व में महावितरण का अगला टारगेट दुनिया को चौंकाने वाला है।

    • 45,000 MW नई क्षमता: इसमें 38,000 MW सिर्फ सोलर और विंड से। यह पूरे पाकिस्तान की कुल बिजली क्षमता से ज्यादा है।
    • बैटरी स्टोरेज:6,000 MWh का BESS सिस्टम लगेगा ताकि रात में भी सोलर बिजली मिले।
    • हाइड्रोजन मिशन: नासिक में पहला ग्रीन हाइड्रोजन पायलट शुरू।
    • EV चार्जिंग: 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन, हाईवे पर हर 25 किमी पर स्टेशन।

    नेतृत्व का विजन, टीम का जुनून

    मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस का स्पष्ट मंत्र है – ‘स्वस्त वीज, शाश्वत वीज’। ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीमती मेघना बोर्डीकर के ‘ग्राहक प्रथम’ विजन और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्रीमती आभा शुक्ला के प्रशासनिक कौशल ने महावितरण को रफ्तार दी है। 95,000 कर्मचारियों की फौज तूफान, बाढ़, गर्मी में भी 24×7 डटी रहती है।

    21वां स्थापना दिवस बता रहा है कि महावितरण अब ‘वितरण कंपनी’ नहीं, ‘महाराष्ट्र का विकास इंजन’ है। अगला पड़ाव है – 2027 तक लाइन लॉस 8% से कम, 100% स्मार्ट मीटर और हर गांव में अंडरग्राउंड केबल।

    क्योंकि जब इरादे लोहे के हों, तो तारों में भी करंट के साथ संकल्प दौड़ता है।

    • भूमिका तिरपुड़े , नागपुर

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    Crime

    नायलॉन मांझे के स्रोत का पता लगाकर 6 करोड़ का जाल तोड़ने पर हाईकोर्ट ने की नागपुर ग्रामीण पुलिस की प्रशंसा

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    • सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस

    नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :

    माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

    क्या है मामला –
    दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

    कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।

    इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।

    अन्य बड़ी कार्रवाईयां –

    1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय –
    साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।

    2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त –
    स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।

    3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई –
    वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।

    4. अवैध शराब पर 15 गुनाह –
    एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।

    5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह –
    अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।

    6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड –
    जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।

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    नागपुर स्नातक चुनाव में 64.82% फाइनल मतदान, चंद्रपुर में सबसे ज्यादा 73% वोटिंग, नागपुर सबसे पीछे

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    • कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा

    नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

    नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।

    कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।

    जिलावार फाइनल आंकड़ा –
    जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत
    नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम
    भंडारा 21,349 14,319 67.07%
    गोंदिया 22,176 15,810 71.29%
    वर्धा 21,742 14,861 68.35%
    चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा
    गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95%
    कुल 2,55,603 1,65,672 64.82%
    जेंडर वाइज विश्लेषण –

    • पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
    • महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
    • अन्य : 22 में से 1 – 4.55%

    पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।

    सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।

    अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।

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    Health

    न्यूएरा हॉस्पिटल्स का वर्धमान नगर में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल शुरू

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    • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध

    नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

    स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।

    2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।

    अत्याधुनिक सुविधाएं
    अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

    प्रबंधन का बयान
    प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है।
    निदेशक डॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे।
    निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।

    अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।

    न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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