“कानून की किताब और जनता का भरोसा ही मेरा ट्रांसफर ऑर्डर है” कहने वाले अफसर का फिर तबादला, 10 महीने का औसत, हर कुर्सी पर सिस्टम से टक्कर
मुंबई ,20 मई 2026 :महाराष्ट्र के सबसे चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे को मई 2026 में अन्न और औषध प्रशासन (FDA) का आयुक्त बना दिया गया। ये उनकी 21 साल की नौकरी में 25वीं पोस्टिंग है। यानी हर 10.2 महीने में एक ट्रांसफर। नवी मुंबई की अवैध इमारतें हों या PMPML का घोटाला, दिल्ली का NHRC हो या मंत्रालय के सचिवालय, मुंडे जहां गए फाइलों की धूल झाड़ी और सियासी गलियारों में खलबली मचाई।
25 तबादलों की टाइमलाइन: एक अफसर vs पूरा सिस्टम
शुरुआत 2005: सोलापुर से ‘सिस्टम’ को पहली चेतावनी अगस्त 2005 में प्रशिक्षणार्थी उपजिलाधिकारी, सोलापुर। फिर सितंबर 2009 में SDO देगलूर। 2006 से 2010 तक नागपुर और वाशिम जिला परिषद के CEO रहे। तभी से तेवर साफ थे: ऑफिस 10 बजे खुलता है तो 10:05 पर लेट आने वालों का वेतन कटता है।
2011-2016: जिलाधिकारी से मनपा आयुक्त तक, टकराव का ट्रेडमार्क
जून 2011, जालना: जिलाधिकारी बनते ही रेत माफिया पर छापे। 7 महीने में ट्रांसफर।
सितंबर 2012, मुंबई: सह-आयुक्त, अतिक्रमण विभाग। बड़े नेताओं के बैनर-पोस्टर हटाए।
नवंबर 2014, सोलापुर: फिर जिलाधिकारी। चुनावी ड्यूटी में नेताओं की गाड़ियां जब्त कीं।
मई 2016, नवी मुंबई मनपा: सबसे धमाकेदार कार्यकाल। 88 अवैध इमारतों पर नोटिस, 2 को तोड़ा। बिल्डर-नेता गठजोड़ ने हंगामा किया। 8 महीने बाद ट्रांसफर। जनता सड़कों पर उतरी, ‘मुंडे साहेब को वापस लाओ’ के नारे लगे।
2017-2020: पुणे से नाशिक, ‘ईमानदारी’ का सबसे भारी पड़ाव
मार्च 2017, PMPML पुणे: CEO बनते ही 2,000 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सस्पेंड किए। टिकट घोटाला पकड़ा। यूनियन और नेताओं के दबाव में 11 महीने में हटाए गए। पुणेवासियों ने कैंडल मार्च निकाला।
फरवरी 2018, नाशिक मनपा: आयुक्त बनते ही कुंभ मेले के टेंडर घोटाले की फाइल खोली। 10 महीने में ट्रांसफर।
जनवरी 2020, नागपुर मनपा: कोविड की पहली लहर में सख्ती। बिना मास्क वाले विधायक का चालान काटा। 7 महीने में ट्रांसफर।
2021-2026: दिल्ली से मंत्रालय, मंत्रालय से FDA
जनवरी 2021, NHRC नई दिल्ली*: केंद्र में प्रतिनियुक्ति।
सितंबर 2022, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त: कोविड के बाद की दवा खरीद में जांच बैठाई।
2023: 12 महीनों में 3 विभाग, पशुसंवर्धन, मराठी भाषा, कृषि। हर जगह फाइलें दौड़ीं, पर कुर्सी नहीं टिकी।
अगस्त 2025,दिव्यांग कल्याण: 7 महीने।
मार्च 2026, आपत्ति व्यवस्थापन: 2 महीने।
मई 2026, FDA आयुक्त: अब नकली दवा और मिलावटी खाने के माफिया से सीधी टक्कर तय।
25 ट्रांसफर’ का गणित क्या कहता है?
सबसे छोटा कार्यकाल: 2 महीने, आपत्ति व्यवस्थापन विभाग, 2026
सबसे लंबा कार्यकाल: करीब 18 महीने, CEO जिला परिषद कल्याण 2010
सबसे ज्यादा चर्चा: नवी मुंबई मनपा और PMPML पुणे
औसत: हर 10.2 महीने में ट्रांसफर
सिस्टम क्यों बेचैन होता है मुंडे से?
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं: “मुंडे साहब की फाइल पर ‘नियम के अनुसार’ का ठप्पा होता है। न ऊपर से फोन चलता है, न नीचे से सिफारिश। ये आज की तारीख में सबसे बड़ा ‘मिसफिट’ है।”
उनकी कार्यशैली के 3 नियम मशहूर हैं:
बायोमेट्रिक हाजिरी: खुद 9:50 पर ऑफिस, स्टाफ 10:00 बजे। 10:01 पर गेट बंद।
जीरो टॉलरेंस: रिश्वत की शिकायत मिली तो FIR सीधी।
जनता दरबार: हर सोमवार आम लोगों से सीधी मुलाकात। दलालों की एंट्री बैन।
जनता क्या बोलती है?
नवी मुंबई की गृहिणी सुनीता पाटिल कहती हैं: “मुंडे साहब के टाइम डोंबिवली से बेलापुर 45 मिनट में आ जाते थे। अवैध फेरीवालों से रोड खाली था। उनके जाते ही सब वापस आ गया।”
X पर यूजर लिखते हैं: “21 साल में 25 ट्रांसफर = 1 ट्रांसफर हर आईपीएल सीजन में। मुंडे साहब सरकारी नौकरी का T20 खेल रहे हैं।”
अब FDA में क्या होगा?
महाराष्ट्र FDA हर साल 2000 से ज्यादा सैंपल फेल करता है। नकली दवा का कारोबार 5000 करोड़ के पार है। मुंडे की एंट्री से केमिस्ट से लेकर बड़ी फार्मा कंपनियों तक टेंशन है।
बड़ा सवाल जो बाकी है
ट्रांसफर मुंडे की कमजोरी है या ताकत? क्या सरकारें कड़क अफसर को ‘घुमाती’ हैं ताकि वो कहीं जम न सके? या मुंडे की शैली ही ऐसी है कि वे खुद कहीं टिकना नहीं चाहते?
फिलहाल FDA दफ्तर के बाहर नई नेमप्लेट लग गई है: ‘तुकाराम मुंडे, IAS, आयुक्त’। नीचे उनके चाहने वाले पहले ही लिख आए हैं: “न तड़जोड़, न भीती…”
अगला ट्रांसफर कब? महाराष्ट्र का सट्टा बाजार भी इसका अंदाजा नहीं लगा पा रहा।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।