Connect with us

Hindi

भीषण गर्मी से बिजली व्यवस्था बचाने उतरी MSEDCL ,ट्रांसफॉर्मर ठंडे रखने को अपनाई ‘कूलर स्ट्रैटेजी

Published

on

  • महाल डिवीजन के 14 सब-स्टेशन पर लगे 28 इंडस्ट्रियल कूलर, 85°C पर बजेगा अलार्म

पुणे : महाराष्ट्र में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने एक खास कदम उठाया है। महाल डिवीजन ने पावर ट्रांसफॉर्मरों को ओवरहीटिंग और विस्फोट से बचाने के लिए ‘कूलर स्ट्रैटेजी’ शुरू की है।

क्या है पूरी योजना

1 अप्रैल 2026 से महाल डिवीजन के 14 प्रमुख सब-स्टेशनों पर 28 किराए के इंडस्ट्रियल कूलर लगाए गए हैं। हर सब-स्टेशन पर दो-दो कूलर लगाकर ट्रांसफॉर्मर के रेडिएटर्स की मदद की जा रही है। गर्मी के कारण ट्रांसफॉर्मर के अंदर का तेल बहुत गर्म हो जाता है। ज्यादा लोड और 45°C से ऊपर के तापमान में यह जोखिम और बढ़ जाता है। कूलर की हवा से तेल का तापमान नियंत्रित रहता है।

85 डिग्री पर अलार्म, तुरंत एक्शन

MSEDCL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर काफी गर्मी झेलने के लिए बने होते हैं, लेकिन कंपनी ने 85 डिग्री सेल्सियस को खतरे का स्तर माना है। अगर किसी ट्रांसफॉर्मर का तापमान इस निशान के पास पहुंचता है, तो उसे अलार्म सिचुएशन माना जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत अतिरिक्त कूलर लगाए जाते हैं और उस ट्रांसफॉर्मर की पूरी तकनीकी जांच की जाती है।

24 घंटे निगरानी, WhatsApp पर अपडेट

इस पूरी प्रक्रिया के लिए कंपनी ने 24 घंटे की मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है। हर सब-स्टेशन पर तैनात ऑपरेटर हर घंटे ट्रांसफॉर्मर का तापमान नोट करते हैं। यह रीडिंग तुरंत एक डेडिकेटेड WhatsApp ग्रुप पर शेयर की जाती है, ताकि वरिष्ठ अधिकारी रियल-टाइम में हालात पर नजर रख सकें।

15 जून तक जारी रहेगी व्यवस्था

अधिकारी के मुताबिक, यह कूलर व्यवस्था फिलहाल 15 जून 2026 तक जारी रहेगी। अगर इसके बाद भी गर्मी का प्रकोप जारी रहता है, तो जरूरत के हिसाब से कूलरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस पहल का मकसद दोहरा है: एक तरफ भीषण गर्मी में लोगों को बिना कटौती के बिजली देना, और दूसरी तरफ करोड़ों रुपये के कीमती ट्रांसफॉर्मर को फेल होने से बचाना।

MSEDCL का मानना है कि इस तरह की सावधानी से हीटवेव के दौरान ग्रिड फेल होने की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

Published

on

  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

Continue Reading

Business

सोलर डिफेंस ने भारतीय सेना को सौंपे ‘नागास्त्र-2’ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन के 21 यूनिट, 650 MM आर्मर भेदने में सक्षम

Published

on

  • 4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।

क्या है नागास्त्र-2 की ताकत –
यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।

  • रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
  • एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
  • तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
  • 80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट

सबसे बड़ी खूबी – ECCM –
नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।

कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।

2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

Continue Reading

Hindi

3 साल में 2,242 आपसी सहमति तलाक मंजूर किए, 7,321 केस अभी भी पेंडिंग

Published

on

  • RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।

फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –

  • 2024 में 877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
  • 2025 में 849 मंजूर, 87 खारिज।
  • 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।

केसों का बोझ –
कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।

15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।

भरण-पोषण और कस्टडी –
भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।

स्टाफ की भारी कमी से दबाव –

RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।

  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
  • स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
  • जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
  • डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
  • शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
  • डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
  • प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली

कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।

Continue Reading
Advertisement

Nagpur, IN
11:29 am, 24 Oct 2026
weather icon 31.6 °C
Clear Sky
Wind Gust 6.3 Km/h

Trending