नागपुर में विद्यापीठ शिक्षण मंच के प्राध्यापक सहसंवाद मेले में हुई चर्चा, 5,012 पदों की भर्ती को मंजूरी का ऐलान
नागपुर :
नागपुर स्नातक निर्वाचन के संदर्भ में विद्यापीठ शिक्षण मंच की ओर से आयोजित प्राध्यापक सहसंवाद मेला होटल सेंटर पॉइंट में उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस मेले में प्राध्यापकों की पदभरती, कार्यभार निश्चिती, पदोन्नति, तासिका तत्व पर प्राध्यापकों के मानधन, छात्रवृत्ति वितरण और बिना अनुदानित महाविद्यालयों के अनुदान जैसे विविध प्रश्नों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान प्राध्यापकों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विभिन्न विषयों पर सकारात्मक भूमिका रखते हुए उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कारण किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी। इस अवसर पर स्नातक निर्वाचन के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले भी उपस्थित थे।
पदभरती और कार्यभार का मुद्दा
कार्यक्रम का प्रस्ताविक करते हुए विद्यापीठ शिक्षण मंच के महामंत्री डॉ. सतीश चाफले ने प्राध्यापकों की विभिन्न समस्याओं की वस्तुस्थिति रखी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में पदभरती करते समय 2017 का कार्यभार और 2025 की विद्यार्थी संख्या को ध्यान में लेने के कारण प्राध्यापक पदों की संख्या घट गई है। इससे कुछ प्राध्यापक अतिरिक्त और कुछ संरक्षित दिखाए गए हैं, और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कारण नौकरियों पर खतरा आने का भय पैदा हुआ है।
इस प्रश्न का उत्तर देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी। महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में प्राध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण और शैक्षणिक संगठनों व संस्थाओं की मांगों पर विचार करके 5,012 पदों की भर्ती को तत्काल मंजूरी दी गई है। विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान टालना इस निर्णय का प्रमुख उद्देश्य है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कारण कार्यभार में वृद्धि हुई है, और कार्यभार निश्चिती तथा पदसंख्या के बारे में सभी प्रवर्गों के लिए स्पष्ट नीति जल्द ही घोषित कर शासनादेश जारी किए जाएंगे।
प्लेसमेंट और मानधन पर आश्वासन
सहयोगी प्राध्यापक और प्राध्यापक पदों के प्लेसमेंट का लाभ देय तिथि से मिले और यूजीसी के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार लाभ मिले, ऐसी मांग भी की गई। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारी और शैक्षणिक संगठनों की बैठक लेकर उचित निर्णय लेने की कार्यवाही का आश्वासन फडणवीस ने दिया।
तासिका तत्व पर अंशकालिक प्राध्यापकों का मानधन 900 रुपये प्रति घंटा से बढ़ाकर 1,200 रुपये किया जाए, उनका वेतन नियमित रूप से मासिक स्वरूप में मिले और विश्वविद्यालय से मान्यता देने की प्रक्रिया में विलंब न हो, ऐसी मांगें रखी गईं। राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए मानधन वृद्धि तुरंत करना संभव नहीं है, लेकिन इस नीतिगत विषय पर सकारात्मक विचार किया जाएगा, ऐसा फडणवीस ने कहा। शासन स्तर से मिलने वाला वेतन नियमित और मासिक रूप से मिले, इसके लिए तत्काल आदेश दिए जाएंगे।
छात्रवृत्ति और बिना अनुदानित महाविद्यालय
व्यावसायिक और अन्य महाविद्यालयों की छात्रवृत्ति अभी तक संस्थाओं के खातों में जमा न होने के कारण संस्था स्तर पर नियुक्त कर्मचारियों का वेतन बकाया है, यह प्रश्न भी उठाया गया। छात्रवृत्ति के लिए नया पोर्टल शुरू करने की प्रक्रिया के कारण विलंब हुआ है, अब नया पोर्टल शुरू होने से जल्द ही छात्रवृत्ति की राशि खातों में जमा होगी, ऐसा फडणवीस ने बताया।
महाराष्ट्र के 78 बिना अनुदानित महाविद्यालयों में से 11 महाविद्यालय नागपुर विभाग में हैं। ये महाविद्यालय 24 नवंबर 2001 से पहले के होने के बावजूद उनका समावेश स्थायी बिना अनुदानित समूह में किए जाने के कारण उन्हें अनुदान नहीं मिला है, यह प्रश्न भी रखा गया। यह नीतिगत विषय होने के कारण आगामी अधिवेशन में इस पर चर्चा की जाएगी, ऐसा आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर मंच पर शिक्षण मंच की अध्यक्षा डॉ. कल्पना पांडे, अनिल सोले, गिरीश देशमुख, संदीप जोशी, डॉ. संजय दुधे, डॉ. दत्तात्रय वाटमोडे, डॉ. सुभाष कोंडावार, डॉ. योगेश भुते, डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. पांडुरंग डांगे, डॉ. हेमंत देशमुख और डॉ. राजेंद्र गंजीवाले उपस्थित थे। कार्यक्रम का प्रस्ताविक डॉ. सतीश चाफले ने किया, जबकि संचालन अमृता इंदूरकर ने किया।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।
4 किलो टेंडम वारहेड, 50 KM तक फायर-एंड-फॉरगेट, 60 मिनट तक हवा में, दिन-रात निगरानी कैमरा और ECCM तकनीक से जैमिंग में भी कामयाब, महाजन फील्ड में ट्रायल पास
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर की सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने गुरुवार को भारतीय सेना को ‘नागास्त्र-2′ एंटी-टैंक लॉइटर म्युनिशन सिस्टम के 21 यूनिट की खेप सौंपी। कंपनी के प्लांट से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में खेप रवाना की गई।
क्या है नागास्त्र-2 की ताकत – यह सिस्टम दिन और रात निगरानी कैमरों और 4 किलोग्राम के टेंडम शेप्ड-चार्ज वारहेड से लैस है, जो 650 MM तक के रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (RHA) से सुरक्षित टारगेट को भी भेद सकता है।
रेंज : रिकवर और रीयूज मोड में 25 KM, फायर-एंड-फॉरगेट मोड में 50 KM
एंड्योरेंस : 60 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
तकनीक : 360 डिग्री जिम्बल कैमरा, नाइट ऑपरेशन के लिए थर्मल कैमरा का ऑप्शन, वीडियो और टेलीमेट्री के लिए प्रोपराइटरी एन्क्रिप्शन, 2 मीटर CEP के साथ हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग
80% से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट
सबसे बड़ी खूबी – ECCM – नागास्त्र-2 की सबसे अहम तकनीकी विशेषता इसकी इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) क्षमता है। यह इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्टेस्टेड बैटलफील्ड में कम्युनिकेशन जैमिंग, GPS जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर खतरों के बीच भी ऑपरेट कर सकती है।
कंपनी के अनुसार नागास्त्र-2 ने अगस्त 2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए, जहां यूजर्स ने सभी ऑपरेशनल और ECCM पैरामीटर देखे। सिस्टम का परीक्षण लद्दाख और उत्तर प्रदेश के झांसी के पास बबीना सहित कई जगहों पर किया गया है।
2025 में भारतीय सेना ने SDAL को लगभग 450 नागास्त्र-1R लॉइटरिंग म्युनिशन का ऑर्डर दिया था। नागास्त्र-1R किफायती और लांचर सिस्टम के पूर्ण रीयूज वाला सिस्टम है। नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने और सेना को एडवांस, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लॉइटर म्युनिशन से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
RTI में खुलासा – 2024 में 877, 2025 में 849 और 2026 में 15 अक्टूबर तक 516 तलाक, स्टाफ की 83 में से 22 पोस्ट खाली, स्टेनो और क्लर्क की कमी से दबाव बढ़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2024 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,242 आपसी सहमति (म्यूचुअल कंसेंट) तलाक याचिकाओं को मंजूरी दी है, जबकि कोर्ट में अभी भी 7,321 मामले लंबित हैं, जिनमें 408 मामले ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से अनसुलझे हैं। यह आंकड़ा अभय कोलारकर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार –
2024 में877 म्यूचुअल तलाक मंजूर, 95 खारिज।
2025 में849 मंजूर, 87 खारिज।
1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 516 मंजूर, 65 खारिज।
केसों का बोझ – कोर्ट ने 2024 में 5,532 केस दर्ज किए और 3,838 निपटाए। 2025 में 3,433 दर्ज और 3,554 निपटाए। 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक 3,512 केस दर्ज और 4,068 निपटाए। 2026 के साढ़े नौ महीनों में दर्ज से ज्यादा केस निपटाने के बावजूद बैकलॉग काफी है।
15 अक्टूबर 2026 तक लंबित 7,321 केसों में से 3,303 केस 1 से 3 साल से पेंडिंग हैं।
भरण-पोषण और कस्टडी – भरण-पोषण मामलों में 2024 में 590, 2025 में 826 और 2026 में 747 आवेदन मंजूर हुए। चाइल्ड कस्टडी में 2024 में 52, 2025 में 61 और 15 अक्टूबर 2026 तक 60 आवेदन मंजूर हुए। आंकड़ों में पहले दाखिल मामलों का निपटारा भी शामिल है, इसलिए सीधे नए आवेदनों से तुलना नहीं की जा सकती।
स्टाफ की भारी कमी से दबाव –
RTI जवाब के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक फैमिली कोर्ट में क्लास II से क्लास IV तक के 83 स्वीकृत पदों में से 22 पद खाली हैं।
स्टेनोग्राफर ग्रेड-I के 7 में से 4 पद खाली
स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 5 में से 2 पद खाली
जूनियर क्लर्क के 17 में से 5 पद खाली
डिप्टी रजिस्ट्रार का 1 पद खाली
शिरस्तेदार के 7 में से 2 पद खाली
डिपोजिशन राइटर के 5 में से 2 पद खाली
प्यून के 15 में से 4 और स्वीपर के 4 में से 2 पद खाली
कोर्ट ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच स्टाफ कैडर की एक भी खाली पोस्ट नहीं भरी गई।