43 दिन बाद भी FIR नहीं; भीम सेना का अल्टीमेटम – ईमानदार अफसरों को वापस लाओ वरना होगा जनांदोलन
नागपुर– शहर में एक अनुसूचित जाति परिवार पर हुए अमानवीय अत्याचार के मामले में नागपुर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भीम सेना ने मंगलवार को पत्रकार परिषद कर आरोप लगाया कि पुलिस सिपाही ने ही 30-40 गुंडों के साथ मिलकर दलित परिवार का घर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया, मारपीट की और चोरी भी की। घटना के 43 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता श्रीमती स्मिता उर्फ शकुंतला रविंद्र वासनिक, निवासी प्लॉट क्र. 106, नागसेन नगर, जरीपटका ने बताया कि 06 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 2:00 बजे पुलिस आयुक्त कार्यालय में तैनात सिपाही अजिंक्य दादाराव धुले लगभग 30-40 महिला-पुरुष गुंडों को साथ लेकर उनके घर पहुंचा। आरोप है कि बिना किसी वैधानिक आदेश, नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के बुलडोजर चलाकर पूरा घर ध्वस्त कर दिया गया।
घटना के समय घर में पीड़िता की पुत्री और 90 वर्षीय वृद्ध सास मौजूद थीं। आरोप है कि दोनों को जबरदस्ती घर से बाहर निकालकर मारपीट की गई। घर में स्थापित भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमाओं को बाहर फेंककर अपमानित किया गया। इससे बौद्ध समाज और अनुसूचित जाति समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना के दौरान उनकी पुत्री के गले से सोने की चेन छीन ली गई। घर में रखे सोने के आभूषण, बर्तन और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया गया। पूरा सामान तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया गया, जिससे लगभग ₹40 लाख का आर्थिक नुकसान हुआ।
43 दिन बाद भी FIR नहीं
पीड़िता ने घटना के दिन ही जरीपटका पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी। 07 अप्रैल 2026 को नागपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय में भी शिकायत दी गई, लेकिन आज तक FIR दर्ज नहीं की गई। भीम सेना का आरोप है कि इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को संरक्षण दे रहा है और एक पीड़ित अनुसूचित जाति परिवार को न्याय से वंचित रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री से ईमानदार अफसरों की मांग
इसी मुद्दे को लेकर भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीधर साळवे ने 19 मई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया कि नागपुर शहर दिन-प्रतिदिन हत्या, गोलीबारी, गैंगवार, महिलाओं पर अत्याचार, भूमाफियाओं के आतंक का केंद्र बनता जा रहा है। खुलेआम नशे का व्यापार हो रहा है।
भीम सेना ने मांग की कि शहर की कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूर्व पुलिस उपायुक्त अविनाश कुमार, गजानन राजमाने एवं रंजन कुमार शर्मा जैसे कड़क और ईमानदार अधिकारियों को पुनः नागपुर में तैनात किया जाए। पत्रकार परिषद में कहा गया कि इन अधिकारियों के कार्यकाल में भूमाफियाओं, नशा तस्करों और गुंडों पर प्रभावी नियंत्रण था। अपराधियों में पुलिस का भय था और जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती थी।
पत्रकार परिषद में कौन था मौजूद
पत्रकार परिषद में भदंत हर्षबोधी महास्थवीर बोधगया, भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीधर साळवे और श्रीमती स्मिता उर्फ शकुंतला रविंद्र वासनिक उपस्थित थीं। निवेदन रविंद्र वासनिक, नागपुर की ओर से दिया गया।
भीम सेना का अल्टीमेटम
भीम सेना ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकरण में तत्काल FIR दर्ज कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो नागपुर शहर में भव्य जनांदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वक्ताओं ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ही अपराधियों के साथ मिलकर काम करेगा तो आम जनता का कानून और संविधान पर विश्वास समाप्त हो जाएगा। यह केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और अस्तित्व पर हमला है।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।