मलवाहिनी के लिए हेरिटेज वड समेत बाभूळ, निलगिरी, जांभूळ के पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी, सुनावणी से पहले ही पेड़ों पर चिपकाए नोटिस
नागपुर :मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहक्षेत्र दक्षिण-पश्चिम नागपुर, प्रभाग 36 में स्थित ऐतिहासिक आमराई जंगल को अब विकास की बलि चढ़ाया जा रहा है। कभी घनी आमराई से भरा यह भोसलेकालीन जंगल मॉर्निंग वॉकर्स का फेवरेट स्पॉट है। लेकिन अब नागपुर महानगरपालिका खुद ही इस हरियाली पर कुल्हाड़ी चलाने जा रही है।
मनपा के लक्ष्मीनगर जोन कार्यकारी अभियंता ने उद्यान विभाग के जरिए 61 से 65 पेड़ काटने का नोटिस जारी किया है। नोटिस पेड़ों पर चिपका भी दिए गए हैं। आरोप है कि आक्षेप और सुनावणी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही मनपा ने जल्दबाजी दिखाई।
क्यों काटे जा रहे पेड़?
मनपा नोटिस के अनुसार, सहकार नगर घाट से मुळीक कॉम्प्लेक्स तक भारतीय विमानतळ प्राधिकरण की जमीन में मलवाहिनी डालने के काम में ये 60-65 वृक्ष बाधा बन रहे हैं। यह पूरा इलाका आमराई जंगल का ही हिस्सा है।
कौन-कौन से पेड़ निशाने पर?
काटे जाने वाले पेड़ों की सूची में बाभूळ 20, बोर 12, हिवार 7, कडुलिंब 3, चिंच बिलाई 3, निलगिरी 3, महारुख 2, सुबाभूळ 2, आडजात 2, काट सावर 1, करंज 1, अशोका 1, बेल 1, पळस 1, जांभूळ 1 और 1 वड का पेड़ शामिल है। मनपा का दावा है कि इनमें सिर्फ 3 हेरिटेज और 58 नॉन-हेरिटेज पेड़ हैं।
300 साल पुराना इतिहास मिटने की कगार पर
स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि करीब 300 साल पहले यह पूरा इलाका बड़े-बड़े आम के पेड़ों से भरा था, इसलिए नाम पड़ा आमराई। आज भी मंदिर के पास 2-3 विशाल आम के पेड़ मोहर से लदे दिखते हैं। इस पूरे इतिहास का साक्षी एक विशाल वड का पेड़ और भोसलेकालीन विहीर आज भी यहां मौजूद है।
रमणीय मुरलीधर मंदिर भी इसी जंगल के बीच स्थित है। कभी यह मंदिर पेड़ों और बेलों में पूरी तरह छिपा रहता था। मंदिर के सामने दगडी ओटे पर बरसात में अक्सर सांप दिखते थे।
क्या था पुराना आमराई जंगल?
पुराने जानकार बताते हैं कि पहले यह जगह एयरफोर्स के पास थी। पुल उतरते ही उनका फाटक था। वहां घनी आमराई थी। गावठी रायवळ आम बहुतायत में थे। काले सिर वाले बड़े बंदरों के झुंड घूमते थे। रास्ते के किनारे गोखरू का रान था।
पोहरा नदी पर भोसलेकालीन दगडी पूल था। एक दगडी कमान पर बीच का हिस्सा उठा हुआ था। पत्थरों की सुंदर ड्रेसिंग की गई थी। पास के श्मशान के आसपास ऊंचे पेड़ों पर गहरे पंख और पीली चोंच वाले गिधाड़ों के झुंड बैठते थे, जो अब दिखने बंद हो गए हैं।
पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश, रखी ये मांगें
पर्यावरण कार्यकर्ता और पत्रकार सचिन द्रवेकर समेत कई संगठनों ने वृक्ष कटाई का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है:
मनपा अपनी SOP का पालन करे: 1 पेड़ के बदले 5 पेड़ इसी आमराई जंगल परिसर में लगाए, उन्हें बड़ा करे, बचाए।
विकल्प तलाशे: मलवाहिनी का मार्ग बदला जाए ताकि पेड़ बच सकें।
हेरिटेज बचाओ: 300 साल पुराने वड समेत हेरिटेज पेड़ों को किसी भी कीमत पर न काटा जाए।
आम नागरिकों का कहना है कि जो मनपा “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” का प्रचार करती है, वही अब 65 बड़े पेड़ों की कत्ल करने पर उतारू है।
मनपा का पक्ष
मनपा अधिकारियों के अनुसार यह विकास कार्य के लिए जरूरी है। भारतीय विमानतळ प्राधिकरण की जमीन पर मलवाहिनी डालना अनिवार्य है और इन पेड़ों के बिना खुदाई संभव नहीं। प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है।
फिलहाल आमराई प्रेमी नागरिक और पर्यावरण संगठन इस फैसले के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। देखना होगा कि 300 साल पुरानी विरासत बचती है या विकास की भेंट चढ़ जाती है।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।