मेनस’ वो नहीं जो भौंकता है, ‘मेनस’ वो है जो सोचता नहीं
Nagpur : आधी रात को गली में 10 कुत्तों का झुंड देखकर कलेजा मुँह को आता है। माना। लेकिन सुबह वही कुत्ता कचरे के ढेर से सड़ी रोटी नोच रहा होता है, तो सवाल कुत्ते से नहीं, खुद से पूछो — ये कचरा यहाँ फेंका किसने ? गोली से नहीं, अक्ल से जीतोगे। क्योंकि क्रूरता का इतिहास एक लाइन का है — वो हमेशा हारी है। इंसानियत जीतती है, विज्ञान जीतता है, ज़िम्मेदारी जीतती है।
दुश्मन पहचानो: 4 पैर वाला नहीं, 2 पैर वाला कसूरवार है
Lingum Viyanwar फाड़ के रख देते हैं पूरा नैरेटिव: “समस्या कुत्ते नहीं, सालों का कुप्रबंधन है।”
सोचो:
कचरा खुला= 24×7 फ्री बुफे। कुत्ता नहीं आएगा तो क्या PM आएंगे?
नसबंदी 0% = 1 मादा 1 साल में 16 पिल्ले। गणित सीधा है, 5 साल में 67,000 कुत्ते।
भारत में 6.2 करोड़ स्ट्रीट डॉग हैं। वजह? हमने 75 साल में वो नहीं किया जो करना था — ABC + ARV। अब उठाकर फेंकोगे तो ‘Vacuum Effect’ होगा। एक गली खाली करो, दूसरी गली से 20 नए घुसेंगे। क्योंकि दावत तो वहीं बिछी है।
2. खून खराबे का हिसाब: क्रूरता ने दिया क्या?*
Nishank RK की कलम में आग है: “पीटना, ज़हर देना, गाड़ी से बांधकर घसीटना — ये बहादुरी नहीं, नामर्दानगी है।”
रिकॉर्ड उठाकर देख लो:
क्रूर तरीका नतीजा
मारना-हटाना 60 साल से फेल। कुत्ते घटे नहीं, बढ़े। केरल से दिल्ली तक सब ट्राई कर चुके
रिलोकेशन टेरिटरी फाइट, ज़्यादा हमले। नया कुत्ता, नया झुंड, नई दहशत
Tasneem RK का पंच: “डरते हो? जायज़ है। पर डर का इलाज डंडा नहीं, समझ है।” सोते कुत्ते पर पत्थर मारोगे तो वो देवता बनकर आशीर्वाद नहीं देगा। काटेगा।
3. जीत का फॉर्मूला: 5 स्टेप का ‘ऑपरेशन इंसानियत’
ये जुगाड़ नहीं, WHO और सुप्रीम कोर्ट का बताया साइंस है। जयपुर-चेन्नई कर चुके।
STEP 1: नसबंदी की सुनामी लाओ RITURAJ RANJAN याद दिलाते हैं: कोर्ट का आदेश है — पकड़ो, नसबंदी करो, टीका लगाओ, वापस उसी गली में छोड़ो। 70% कुत्ते कवर हुए तो 5 साल में आबादी 80% खत्म। 1 कुत्ता = ₹2000 खर्च। 1 कुत्ता = 500 पिल्ले कम। सौदा महंगा है क्या?*
STEP 2: कचरे की नाकेबंदी करो* मीट शॉप, होटल, सब्ज़ी मंडी — रात 10 बजे के बाद खुले में वेस्ट फेंका तो ₹10,000 जुर्माना। ढके हुए डस्टबिन हर 200 मीटर पर। खाना नहीं मिलेगा तो झुंड अपने आप तितर-बितर होगा।
STEP 3: ‘गली का शेरू’ प्रोग्राम RWA हर 2 गली पर 1 ‘डॉग कैप्टन’ बनाए। काम? तय जगह पर खाना, पानी। नसबंदी का रिकॉर्ड। नए कुत्ते की एंट्री पर नगर निगम को कॉल। फीडर विलेन नहीं, सिस्टम का हिस्सा है।
STEP 4: बच्चों को ‘डॉग-स्मार्ट’ बनाओ स्कूल में 1 पीरियड:
भागो मत — शिकार लगोगे।
घूरो मत — चैलेंज लगेगा।
सोते को छेड़ो मत — बदला लेगा।
पूंछ हिला रहा है = दोस्ती। गुर्रा रहा है = दूरी। 70% डॉग बाइट सिर्फ इसलिए होती है क्योंकि हमने बच्चों को डील करना सिखाया ही नहीं।
STEP 5: इंडी को घर लाओ
विदेशी ब्रीड के चक्कर में ₹50,000 फूंकते हो। इंडी फ्री, वफादार, 0 मेंटेनेंस, 0 बीमारी। एडॉप्शन = 1 जान बचाना + 1 गली साफ करना।
4. इकोसिस्टम का बाउंसर मत निकालो
Vansh singh का थप्पड़ जैसा सच: “कुत्ते मरे हुए चूहे, कॉकरोच, सांप खाते हैं। ये नगर निगम के बिना तनख्वाह वाले सफाई कर्मचारी हैं। इन्हें हटाया तो प्लेग रेडी रखो।”प्रकृति ने फालतू कुछ नहीं बनाया। चेन तोड़ोगे तो चेन रिएक्शन झेलोगे। आज कुत्ता जाएगा, कल चूहे-बिल्ली का राज आएगा।
5. सबसे बड़ा इम्तिहान: तुम कैसे इंसान हो?
ARVIND SINGH की लाइन फ्रेम करवा लो: “Stray dogs are a test of our humanity.
”जो लात मार सकता है बेज़ुबान को, वो कल बुजुर्ग को, गरीब को, कमज़ोर को भी मारेगा। क्योंकि क्रूरता की प्रैक्टिस कुत्ते से शुरू होती है, इंसान पर खत्म होती है।
और सुनो:‘Cruelty has never created safer societies’ — ये कोट नहीं, 5000 साल की ह्यूमन हिस्ट्री की रिपोर्ट कार्ड है।
तो करना क्या है? 3 काम अभी करो:
NMC को फोन घुमाओ: “मेरे वार्ड में ABC कैंप कब लगेगा?” पूछो। डेटा मांगो।
1 नसबंदी स्पॉन्सर करो: बर्थडे पर केक काटते हो, इस बार 1 कुत्ते की ज़िंदगी काटने से बचाओ।
नफरत फैलाना बंद करो: WhatsApp पर ‘कुत्ते मारो’ फॉरवर्ड नहीं, ये लेख फॉरवर्ड करो।
आखिरी वार
सड़क का कुत्ता ‘आवारा’ नहीं है। आवारा वो लीडर है जो समाधान नहीं देता। आवारा वो अफसर है जो फाइल दबाकर बैठा है। आवारा वो हम हैं जो तमाशा देख रहे हैं।
कुत्ते को मत कोसो। सिस्टम को कसो। क्योंकि गली का राजा डंडे से नहीं, दिमाग से काबू आता है।
और हाँ — जो समाज अपने सबसे कमज़ोर की रक्षा नहीं कर सकता, वो अपने बच्चों की रक्षा का हक भी खो देता है।
सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस
नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :
माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
क्या है मामला – दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।
इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।
अन्य बड़ी कार्रवाईयां –
1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय – साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।
2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त – स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।
3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई – वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
4. अवैध शराब पर 15 गुनाह – एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।
5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह – अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।
6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड – जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।