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कॉर्पोरेट जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान का प्रारंभ!

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  • कॉर्पोरेट जिहाद का मुद्दा संसद में उठाकर कंपनियों के लिए नियम और शर्तें लागू करेंगे- डॉ. कुलकर्णी

पुणे – ‘‘आज हमारे सामने खड़ा संकट केवल ‘कॉर्पोरेट’ क्षेत्र तक सीमित नहीं है। जहाँ भी अवसर मिल रहा है, वहाँ भारत के अस्तित्व को खोखला करने और देश के लचके तोड़ने का सुनियोजित षड्यंत्र चल रहा है। कॉर्पोरेट जिहाद के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी की विचारधारा और धर्म पर जो व्यवस्थित आक्रमण हो रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। इसमें केवल प्रत्यक्ष अपराधियों को ही नहीं, बल्कि उन्हें गुप्त रूप से सहायता पहुँचाने वाली पूरी व्यवस्था को कानून के दायरे में लाकर कठोर दंड देना आवश्यक है। इसके लिए मैं आगामी सत्र में संसद में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’’ का मुद्दा उठाऊँगी। कॉर्पोरेट संस्थानों में बढ़ते जिहाद को रोकने के लिए, ये कंपनियाँ भारत में आने से पहले ही उन पर कुछ कड़े नियम और शर्तें लागू की जा सकती हैं क्या, इस पर भी विचार चल रहा है,’’ ऐसा प्रखर प्रतिपादन भाजपा की राज्यसभा सांसद प्रा. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने किया

हिंदू जनजागृति समिति द्वारा ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ पुणे में किया गया। शिवाजीनगर स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित ‘कॉर्पोरेट जिहाद: वास्तविक सत्य क्या है?’ विषय पर विशेष संवाद में वे बोल रही थीं। इस अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे और प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती शेफाली वैद्य ने भी उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया। ‘लेंसकार्ट’ और ‘टीसीएस’ जैसे कॉर्पोरेट जिहाद के विरुद्ध हिंदू संगठित होकर आवाज उठाएं! – शेफाली वैद्य

इस अवसर पर बोलते हुए प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती शेफाली वैद्य ने कहा कि, ‘‘न केवल नासिक की टीसीएस जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी, बल्कि ‘लेंसकार्ट’ जैसी पब्लिक लिमिटेड कंपनी में भी ‘हिजाब और पगड़ी मान्य है; लेकिन कुंकुम, तिलक और कलावा नहीं चलेगा’, जैसे हिंदू-विरोधी और असंवैधानिक नियम बनाए गए थे। भारी विरोध के बाद इन नियमों को केवल आठ दिनों के लिए शिथिल किया गया; यह भी कॉर्पोरेट जिहाद ही है। मुसलमान या अन्य धर्मों की परंपराएं स्वीकार्य हैं, लेकिन हिंदू धर्म की परंपराएं नहीं चलेंगी, यही मानसिकता बचपन से हिंदुओं पर थोपी जाती है। परिणामतः, कॉर्पोरेट संस्कृति में जाने के बाद हिंदू बहुसंख्यक होने के बावजूद चुपचाप अन्यायपूर्ण बंधनों को स्वीकार कर लेता है और भेदभाव सहन करता है। इसका अगला चरण यह होता है कि उसे नाशिक की टीसीएस कंपनी के उदाहरण की तरह अन्य धर्मीयों के अत्याचार भी सहन करने पड़ते हैं। जैसे अन्य धर्मों के लोग अपनी प्रथा-परंपराओं के पालन के लिए जागरूक रहते हैं, उसी प्रकार हिंदुओं को भी अपनी धार्मिक पहचान के संरक्षण के लिए जागरूक होकर ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के विरोध में संगठित रूप से आवाज उठानी चाहिए। ऐसा करने पर हिंदू समाज और संगठन उनके साथ खड़े होंगे। ’’

जिहाद का सामना करने के लिए हिंदुओं में ‘स्वबोध’ और ‘शत्रुबोध’ होना आवश्यक – श्री. रमेश शिंदे

हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने कहा कि, “वर्ष 711 में मोहम्मद बिन कासिम के आक्रमण से शुरू हुआ जिहाद का यह षड्यंत्र आज ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ जैसे विभिन्न रूपों में जारी है। ‘गजवा-ए-हिंद’ और ‘विजन 2047’ के माध्यम से भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिखित मंसूबे रचे जा रहे हैं। अजमेर सेक्स स्कैंडल और केरल के मुख्यमंत्री द्वारा उजागर किया गया ‘रोमियो जिहाद’ जैसी घटनाओं के पीछे हिंदुओं का अस्तित्व समाप्त करने की विकृत मानसिकता है। इस संकट का सामना करने के लिए हिंदुओं में ‘स्वबोध’ (अपने गौरवशाली इतिहास का ज्ञान) और ‘शत्रुबोध’ (शत्रु की पहचान) होना अनिवार्य है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाकर उन्हें हिंदू धर्म के महत्व को समझाएं तथा प्रत्येक बेटी की सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर जनजागरण अभियान चलाना अनिवार्य है ।

इस कार्यक्रम में लव जिहाद और राष्ट्र-धर्म पर आधारित ग्रंथ प्रदर्शनी को भी भारी प्रतिसाद मिला। रणरागिणी शाखा की कु. क्रांति पेटकर द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का समापन ‘वन्दे मातरम्’ के साथ हुआ। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समिति के YouTube.com/@hindujagruti यूट्यूब चैनल पर भी किया गया।

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नागपुर स्नातक चुनाव में 64.82% फाइनल मतदान, चंद्रपुर में सबसे ज्यादा 73% वोटिंग, नागपुर सबसे पीछे

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  • कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।

कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।

जिलावार फाइनल आंकड़ा –
जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत
नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम
भंडारा 21,349 14,319 67.07%
गोंदिया 22,176 15,810 71.29%
वर्धा 21,742 14,861 68.35%
चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा
गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95%
कुल 2,55,603 1,65,672 64.82%
जेंडर वाइज विश्लेषण –

  • पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
  • महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
  • अन्य : 22 में से 1 – 4.55%

पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।

सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।

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Health

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का वर्धमान नगर में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल शुरू

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  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।

2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।

अत्याधुनिक सुविधाएं
अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रबंधन का बयान
प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है।
निदेशक डॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे।
निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।

अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।

न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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Business

नागपुर रेलवे स्टेशन की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू, 4 साल से लगा जाम खत्म

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  • 487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।

यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।

दो हिस्सों में पार्किंग –

  1. अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
  • टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
  • फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
  1. एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) :
    यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।

नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।

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