उमरेड में जलाशय पाटकर जमीन हड़पने का सनसनीखेज आरोप, कलेक्टर से उच्च-स्तरीय जांच की मांग। 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में PIL की चेतावनी
नागपुर/उमरेड: नागपुर जिले की उमरेड तहसील में भू-माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि उमरेड के ऐतिहासिक गोपाल तालाब को ही नक्शे से मिटाकर जमीन हड़प ली गई। 14.27 हेक्टेयर में फैले इस विशाल अधिसूचित जलाशय को अवैध रूप से मिट्टी से पाट दिया गया।
इस गंभीर मामले का खुलासा सामाजिक संगठन ‘जमीन बचाओ फाउंडेशन’ ने एक प्रेस वार्ता में किया। फाउंडेशन ने सीधे तौर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत और ‘गाळमुक्त धरण, गाळयुक्त शिवार’ जैसी सरकारी योजना के घोर दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
7/12 पर ‘तालाब’ दर्ज, फिर भी चल गया बुलडोजर
फाउंडेशन के निदेशक प्रमोद महाजन ने दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि मौजा उमरेड के सर्वे क्रमांक 353 की यह भूमि सरकारी 7/12 उतारे में आज भी ‘तालाब’ के रूप में दर्ज है। यह तालाब दशकों से ग्रामीणों और पशुओं के लिए जीवनदायिनी रहा है। सवाल यह उठता है कि जब कागजों में तालाब जिंदा है, तो जमीन पर उसे कौन पाट रहा है और किसकी शह पर?
महाजन का आरोप है कि यह सीधे-सीधे भू-उपयोग परिवर्तन कानून, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और जल संसाधन नियमों का उल्लंघन है। एक सार्वजनिक संपत्ति को निजी लाभ के लिए खत्म किया जा रहा है।
RTI से खुली भ्रष्टाचार की कलई, एक से एक फर्जीवाड़े
जब फाउंडेशन ने सूचना के अधिकार के तहत उमरेड तहसील और नगर परिषद से दस्तावेज निकलवाए तो प्रशासनिक धांधली की परतें खुलती चली गईं:
गायब म्यूटेशन रिकॉर्ड: जमीन के नामांतरण के पूरे दस्तावेज ही गायब हैं।
फर्जी कागजों पर नाम चढ़े: झूठी जानकारी के आधार पर म्यूटेशन कर दिए गए।
मत लोगों को जिंदा दिखाया: राजस्व रिकॉर्ड में गलत मृत्यु तिथियां डालकर फर्जीवाड़ा किया गया।
अधिकारियों ने पार की हद: पहले खारिज हुए आवेदनों को दबाकर, अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नामांतरण के आदेश दिए गए।
नोटिस तक नहीं दिए: म्यूटेशन की प्रक्रिया में कानूनी नोटिस का पालन ही नहीं हुआ।
सरकारी योजना बनी हथियार: ‘गाद’ के नाम पर पाट दिया तालाब
सबसे चौंकाने वाला आरोप महाराष्ट्र सरकार की ‘गाळमुक्त धरण, गाळयुक्त शिवार’ योजना को लेकर है। इस योजना के तहत तालाबों से गाद निकालकर किसानों के खेतों में डालनी थी ताकि खेत उपजाऊ हों। लेकिन यहां उल्टा खेल हुआ।
आरोप है कि इस योजना की आड़ में:
ई-आवनी सिस्टम को ठेंगा: गाद परिवहन की डिजिटल निगरानी प्रणाली को दरकिनार किया गया।
बिना जांच के गाद का खेल: किसके खेत में गाद गई, इसका कोई सत्यापन नहीं। आशंका है कि इसी गाद से तालाब को ही पाट दिया गया।
लोक कल्याण का पैसा निजी जेब में: योजना का पैसा और संसाधन तालाब बचाने की बजाय उसे खत्म करने में लगा दिया गया।
क्या होगा असर? गांवों पर मंडरा रहा जल संकट का खतरा*
फाउंडेशन ने चेताया कि 14.27 हेक्टेयर का जलाशय खत्म होने से उमरेड क्षेत्र में भूजल स्तर तेजी से गिरेगा। गर्मियों में पीने के पानी और पशुओं के लिए संकट खड़ा हो जाएगा। स्थानीय जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा। यह ‘सार्वजनिक न्यास सिद्धांत’ का सीधा उल्लंघन है, जिसके तहत तालाब, नदी, जंगल जैसी प्राकृतिक संपदाएं सरकार के पास जनता की अमानत होती हैं।
कलेक्टर को 8 सूत्री अल्टीमेटम
जमीन बचाओ फाउंडेशन ने नागपुर के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 8 मांगें रखी हैं:
1. तालाब पर सभी भराव और निर्माण कार्य तुरंत रोके जाएं।
2. राजस्व, सिंचाई, नगरपालिका और पर्यावरण विभाग की संयुक्त जांच समिति बने।
3. सभी म्यूटेशन और जमीन रिकॉर्ड का स्पेशल ऑडिट हो।
4. ‘गाळमुक्त धरण’ योजना के तहत दी गई हर अनुमति की स्वतंत्र जांच हो।
5. ई-आवनी डेटा और जियो-टैगिंग का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
6. तालाब को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।
7. दोषी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों पर आपराधिक केस दर्ज हो।
8. योजना के दुरुपयोग से हुए सरकारी नुकसान की वसूली की जाए।
विधानसभा में गूंजा मामला, फिर भी प्रशासन मौन
संगठन का कहना है कि सावनेर के विधायक डॉ. आशीष देशमुख स्थानीय लोगों की शिकायत पर यह मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठा चुके हैं। कुछ तथ्यों की पुष्टि होने के बाद भी जिला प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
15 दिन का अल्टीमेटम
फाउंडेशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू नहीं की, तो वे बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर करेंगे।
फाउंडेशन ने राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि जलाशयों की रक्षा केवल पर्यावरण का सवाल नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा संवैधानिक दायित्व है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डूबते तालाब’ को बचाता है या भू-माफिया की जेब भरने देता है।
सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस
नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :
माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
क्या है मामला – दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।
इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।
अन्य बड़ी कार्रवाईयां –
1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय – साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।
2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त – स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।
3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई – वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
4. अवैध शराब पर 15 गुनाह – एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।
5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह – अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।
6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड – जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।