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Ekam Majithia Shines at Nereus Model United Nations 2.0

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Faridabad, November 1, 2026: Adding another remarkable achievement to his growing list of accomplishments, Ekam Singh Majithia, a student of Aravali International School, Sector 43, Faridabad, participated in the prestigious Nereus Model United Nations 2.0, held on October 31 and November 1, 2026.

Ekam represented the portfolio of Simon Stålenhag in the United Nations Population Fund (UNFPA) committee, earning a certificate of participation for his involvement in the event.

The two-day conference provided an engaging platform for students to explore global issues, international diplomacy and policymaking through debates, discussions and collaborative decision-making. It encouraged participants to develop confidence, leadership, public speaking and critical-thinking skills.

At just 12 years of age, Ekam’s enthusiastic participation reflects his curiosity, confidence and commitment to learning beyond the classroom. His achievements reflect not only personal growth but also a spirit of patriotism, responsibility and a desire to contribute positively to the future of India.

With deep respect for his motherland, Ekam believes that the strength of India lies in its enlightened, united and responsible youth. His journey inspires young people to rise above negativity, embrace positivity, nurture mutual respect and work together for a progressive and harmonious society.

His growing accomplishments in academics, literature and extracurricular activities continue to bring pride to his school, family and the Greenfield Colony community.

Ekam’s participation in MUN marks another meaningful step towards becoming an informed, confident and responsible citizen, inspiring his peers to use their knowledge, talents and energy for the betterment of society and the nation.

His journey is a reminder that the true achievement of today’s youth lies not only in personal success, but also in contributing towards a stronger, brighter and more united India.

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पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी का विदर्भ के 13 जिलों में विस्तार का प्लान, अठावले बोले मोदी पर निजी हमला गलत, 2029 में फिर लौटेंगे

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  • भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 1945 में की थी स्थापना, अब स्कूल, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव – केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और सोसाइटी अध्यक्ष रामदास अठावले ने नागपुर एयरपोर्ट के पास होटल अर्बन हर्मिटेज में 26 अक्टूबर को एग्जीक्यूटिव कमेटी बैठक में लिया फैसला, डॉ. सुनील खापर्डे को दी विदर्भ में विस्तार की जिम्मेदारी – सरकार से 500 करोड़ सालाना की मांग, पद्मश्री डॉ. सुखदेव थोराट, डॉ. वासुदेव गाडे मौजूद – कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना रैली में PM मोदी पर की थी टिप्पणी

नागपुर,30 अक्टूबर : भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा 1945 में स्थापित पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी अब विदर्भ के सभी 13 जिलों में अपना शैक्षिक नेटवर्क फैलाएगी। सोसाइटी ने क्षेत्र में स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और सोसाइटी के अध्यक्ष रामदास अठावले ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

विस्तार का जिम्मा किसे –
अठावले ने विदर्भ में संचालन विस्तार की जिम्मेदारी सोसाइटी के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील खापर्डे को सौंपी है। खापर्डे ने भरोसा दिया कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शैक्षिक संस्थान स्थापित करने के प्रयास होंगे।

यह फैसला 26 अक्टूबर को नागपुर एयरपोर्ट के पास होटल अर्बन हर्मिटेज में हुई सोसाइटी की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया गया।

अठावले ने महाराष्ट्र सरकार से प्रस्तावित विस्तार को समर्थन देने और सामाजिक न्याय विभाग के जरिए 500 करोड़ रुपये सालाना आवंटन की मांग की।

बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पद्मश्री डॉ. सुखदेव थोराट (उपाध्यक्ष, पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी), डॉ. वासुदेव गाडे (सचिव), अन्नासाहेब बनसोडे (कमेटी सदस्य और महाराष्ट्र विधानसभा उपाध्यक्ष), एडवोकेट बाबूराव बारवे, डॉ. विश्वास पाटील, डॉ. एम वेंकटस्वामी और डॉ. सुनील खापर्डे मौजूद थे।

खरगे के बयान पर अठावले ने क्या कहा –
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदास अठावले ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पटना रैली में दिए बयान की निंदा की।

अठावले ने कहा – “खरगे दलित समुदाय से आते हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी टिप्पणी का समर्थन नहीं किया जा सकता। किसी पर भी व्यक्तिगत हमला करना गलत है, राजनीतिक नेताओं पर निजी हमले अस्वीकार्य हैं।”

अठावले ने भरोसा जताया कि मोदी 2029 में फिर सत्ता में लौटेंगे।

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हरियाली में बसा नन्हा मेहमान – वेस्टर्न गोल्डन डार्टलेट, छोटे तालाब-बगिया बने आशियाना

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  • शहर के छोटे गार्डन, घास के मैदान और जलकुंड दे रहे दुर्लभ डेमसेल्फ्लाई को जीवन, शिवाजी साइंस कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. शार्यु घोणमोडे की रिसर्च में खुलासा, मानसून बाद दिखता है सेब जैसा हरा-पीला कीट, शहरी जैव-विविधता के लिए शुभ संकेत

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

कंक्रीट के जंगल के बीच नागपुर की छोटी-छोटी हरियाली में एक नन्हा, सेब जैसा हरा-पीला कीट अपना घर बसा रहा है। नाम है – वेस्टर्न गोल्डन डार्टलेट (Ischnura rubilio)। यह छोटी सी डेमसेल्फ्लाई बता रही है कि जंगल बचाने के लिए बड़े जंगल जरूरी नहीं, छोटा सा तालाब, बगिया का जलकुंड और घास का टुकड़ा भी काफी है।

कांग्रेस नगर स्थित शिवाजी साइंस कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. शार्यु व्ही. घोणमोडे के अवलोकन के अनुसार, शहर के छोटे गार्डन, घास के पैच और जल निकाय इस दुर्लभ प्रजाति को आवास दे रहे हैं।

डॉ. घोणमोडे ने बताया, “शहर में वेस्टर्न गोल्डन डार्टलेट की मौजूदगी दिखाती है कि छोटे-छोटे हरे-भरे टुकड़े भी ताजे पानी से जुड़ी जैव-विविधता को शहरीकरण के बीच बचा सकते हैं। गार्डन के तालाब से लेकर घास के मैदान तक, यह कीट याद दिलाता है कि शहरी वन्यजीवों को जिंदा रहने के लिए हमेशा बड़े जंगलों की जरूरत नहीं होती।”

कैसा दिखता है यह कीट ?
डॉ. घोणमोडे ने बताया कि नर कीट का शरीर सेब जैसा हरा, छाती पर काली धारियां और पेट का हिस्सा नीली टिप के साथ पीला होता है। बहुत ध्यान से देखने पर ही दिखता है। मादा आमतौर पर थोड़ी फीकी होती है और उसके शरीर के ऊपर काली पट्टी ज्यादा चौड़ी होती है।

कहां मिलता है ?
तालाब, गार्डन के जलकुंड, नाली के किनारे की हरियाली, मौसमी दलदल और बारिश के पानी से भरे गड्ढे – ये सब इन कीटों के लिए उपयुक्त घर बन सकते हैं। डेमसेल्फ्लाई के लिए पानी सिर्फ लैंडस्केप का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन चक्र के लिए जरूरी है।

डॉ. घोणमोडे के अनुसार, “मानसून के बाद का समय इन कीटों को देखने के लिए सबसे अच्छा है। नम मिट्टी, अस्थायी जलकुंड और ताजी वनस्पति उन्हें अनुकूल परिस्थितियां देती है, जबकि ठंडी सुबहों में उन्हें घास की पत्तियों पर शांत बैठे देखा जा सकता है।”

पर्यावरण के लिए संकेतक :
इनकी मौजूदगी ताजे पानी के आवास की उपलब्धता के बारे में सुराग देती है। डॉ. घोणमोडे ने कहा, “डेमसेल्फ्लाई अपने लार्वा चरण में जलीय पर्यावरण पर निर्भर रहती हैं। इनकी मौजूदगी यह बताती है कि क्षेत्र में उपयुक्त जलीय और अर्ध-जलीय आवास मौजूद है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नन्हे कीट का नागपुर में दिखना शहर की शहरी जैव-विविधता के लिए एक शुभ और उत्साहजनक संकेत है।

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यूथ टॉक में गूंजा ‘सशक्त युवा, शिक्षित भारत’ का मंत्र, एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस डिग्री कॉलेज के विद्यार्थी हुए शामिल

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  • यूथ भारती फाउंडेशन के कार्यक्रम में IIT मद्रास के निदेशक पद्मश्री प्रो. वी. कामकोटि का मार्गदर्शन, विद्यार्थियों ने सीखा ज्ञान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका

नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस डिग्री कॉलेज, नंदनवन, नागपुर के विद्यार्थियों ने 25 अक्टूबर 2026 को यूथ भारती फाउंडेशन द्वारा आयोजित यूथ टॉक कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का मूल मंत्र रहा – “सशक्त युवा, शिक्षित भारत और विकसित राष्ट्र!”

इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा भारत के भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण विचार सुनने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. वी. कामकोटि, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास एवं पद्मश्री सम्मानित थे। उनके मार्गदर्शन को सुनना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव रहा। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को शिक्षा के व्यापक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की जिम्मेदारी को समझने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम में ज्ञान, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुशासन और निरंतर सीखने के महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि आज के युवा अपनी शिक्षा, प्रतिभा और रचनात्मक सोच के माध्यम से देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कक्षा के बाहर आयोजित इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और भविष्य के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक होते हैं। किसी प्रतिष्ठित शिक्षाविद् के विचारों को सुनने से विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों के प्रति अधिक गंभीरता से सोचने की प्रेरणा मिलती है।

एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों की इस कार्यक्रम में सहभागिता ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा सशक्तीकरण के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई संभावनाओं से परिचित कराते हैं और उन्हें समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित करते हैं।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उन्हें जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बनाने के लिए शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता को निरंतर प्रोत्साहित करता है।

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Nagpur, IN
08:18 am, 02 Nov 2026
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