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सचिन अंदुरे को दाभोलकर हत्याकांड में उच्च न्यायालय से जमानत मंजूर !

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  • यह तो सत्य की जीत है ! – सनातन संस्था

मुंबई – डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए हिंदुत्वनिष्ठ सचिन अंदुरे को, जांच में गंभीर खामियों को ध्यान में रखते हुए, आज बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है और उनकी सजा पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिंह भोसले की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। विशेष अदालत द्वारा दी गई सजा के विरुद्ध अंदुरे ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। अंदुरे की इस याचिका का विरोध करते हुए दाभोलकर परिवार ने ‘सचिन अंदुरे को जमानत नहीं दी जानी चाहिए’ ऐसी मांग करते हुए एक अलग याचिका दायर की थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने उनकी इस मांग को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए अंदुरे को जमानत दे दी। इस फैसले से सनातन संस्था और हिंदुत्वनिष्ठों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें फंसाने का दाभोलकर परिवार का षड्यंत्र अब उजागर हो गया है; साथ ही जांच एजेंसियों का खोखलापन भी सामने आ गया है और यह सत्य की एक बड़ी जीत है। यह भूमिका सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने प्रस्तुत की है।

उच्च न्यायालय में सचिन अंदुरे की जमानत के लिए बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नितिन प्रधान ने सबूतों की खामियों पर उंगली रखी। सीबीआई जैसी देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी ने इस मामले में कोई पहचान परेड नहीं कराई थी। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने सचिन अंदुरे को गोलियां चलाते हुए देखा, जबकि अन्य ने कहा कि सचिन अंदुरे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। इस प्रकार, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों में भारी विसंगति थी। अधिवक्ताओं ने अदालत के ध्यान में जांच की इन और ऐसी ही कई खामियों को लाया। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह जमानत मंजूर की और सजा पर रोक लगा दी है। इससे पहले इसी मामले में अप्रैल महीने में उच्च न्यायालय ने एक अन्य हिंदुत्वनिष्ठ युवक शरद कलस्कर को भी जमानत दी थी।

इस विषय पर श्री वर्तक ने आगे कहा कि दाभोलकर की हत्या के बाद बिना किसी ठोस सबूत के केवल वैचारिक द्वेष के कारण सनातन संस्था को निशाना बनाया गया। दाभोलकर परिवार ने ‘विशिष्ट विचारधारा की आवाज को दबाने की साजिश’ का झूठा रोना रोते हुए सनातन पर बेबुनियाद आरोप लगाए; लेकिन विशेष अदालत ने पहले ही तीन हिंदुत्वनिष्ठों- डॉ. वीरेंद्र तावड़े, अधिवक्ता संजीव पुनालेकर और श्री विक्रम भावे को बरी कर दिया था। इस कारण दाभोलकर परिवार की अदालत में करारी हार हुई है। असली हत्यारों को खोजने के बजाय केवल हिंदुत्ववादियों को फंसाने का ही उनका इरादा था, यह अब स्पष्ट हो गया है।

इसके अलावा, जब सचिन अंदुरे को गिरफ्तार किया गया था, तब उनकी बेटी केवल 6 महीने की थी। अब जब सचिन अंदुरे अपनी बेटी से मिलेंगे तो वह आठ साल की हो चुकी है। सचिन अंदुरे को अपनी बेटी का वह बचपन वापस नहीं मिलेगा। उनकी बेटी को पिता का वह सानिध्य, जिससे वह वंचित रही, फिर से नहीं मिलेगा। बड़े-बड़े राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों, और फिल्म कलाकारों से करीबी संबंध रखने वाले परिवार के लिए एक निर्दोष हिंदू लड़के की बलि कैसे दी जाती है, इसका उत्तम उदाहरण हैं सचिन अंदुरे! सनातन संस्था, अदालत में अंदुरे की ओर से लड़ने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नितिन प्रधान, अधिवक्ता शुभदा खोत, अधिवक्ता सिद्धविद्या, हिंदू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर और उनके सभी सहयोगी अधिवक्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करती है। हमें पूरा विश्वास है कि अंतिम सुनवाई में ये दोनों हिंदुत्वनिष्ठ युवक निर्दोष मुक्त होंगे, ऐसा श्री वर्तक ने कहा।

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सनातन संस्था ने जनसहयोग से धर्म और संस्कृति के प्रचार का संकल्प दोहराया

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  • प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने कहा, समाज के सहयोग से ही संगठन के सेवा कार्य हो सकेंगे प्रभावी

सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने एक आधिकारिक बयान जारी कर समाज से संस्था के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।

श्री वर्तक ने कहा कि सनातन संस्था पिछले कई वर्षों से धर्मजागरण, संस्कृति रक्षा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य समाज में सनातन मूल्यों को पुनर्जीवित करना, युवाओं को संस्कार देना और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा समय-समय पर प्रवचन, साधना शिविर, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और आपदा सहायता जैसे कार्य किए जाते हैं। इन सभी कार्यों को सफल बनाने के लिए जनसहयोग और जनसमर्थन अत्यंत आवश्यक है।

संपर्क की अपील
श्री वर्तक ने इच्छुक नागरिकों से अपील की कि वे संस्था के कार्यों से जुड़ने के लिए संपर्क कर सकते हैं।
संपर्क सूत्र: 99879 22222

उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए कार्य करना चाहता है, सनातन संस्था उसे उचित मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराएगी। संस्था का मानना है कि संगठित प्रयासों से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

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FADNAVIS_NMC SAFAI KARMACHARI MAHARSHI SUDARSHAN VALMIKI VASAHAT & PM AAWAS YOJNA

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