नागपूर : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र और भाजपा का बालेकिल्ला माने जाने वाले नागपूर महानगर पालिका के प्रभाग 37 में विकास के दावों की हवा निकलती दिख रही है। यहां राधेमंगलम हॉल चौक से टेलिकॉम नगर ग्राउंड तक महज 1 किलोमीटर की सड़क पिछले एक महीने से बदहाली का शिकार है। हालत यह है कि स्थानीय लोग इसे ‘सड़क’ कहने से भी कतरा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस नव-डामरीकृत सड़क के नीचे से पावसाळी पानी निकालने के लिए एक बड़ी जलवाहिनी डाली गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि काम के दौरान न तो कोई सूचना बोर्ड लगाया गया और न ही कार्य का विवरण सार्वजनिक किया गया। आरोप है कि खुद वार्ड के नगरसेवकों को भी इस काम की पूरी जानकारी नहीं है।
जलवाहिनी डालने के बाद ठेकेदार ने सड़क को अधूरा छोड़ दिया। नतीजा – पिछले एक महीने से सड़क की ‘माय-बहीण एक’ हो गई है। पूरी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उबड़-खाबड़ मिट्टी और मलबा पड़ा है।
किसे हो रही सबसे ज्यादा परेशानी?
वरिष्ठ नागरिक: पैदल चलना नामुमकिन हो गया है। फिसलकर गिरने की घटनाएं रोज हो रही हैं।
महिलाएं व स्कूली बच्चे: टू-व्हीलर से चलने वाली महिलाएं और साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा हादसों का शिकार हो रहे हैं।
वाहन चालक: 1 किमी का सफर तय करने में 15-20 मिनट लग रहे हैं। गाड़ियों का नुकसान अलग हो रहा है।
स्थानीय नागरिक रमेश देशपांडे कहते हैं, “घर से निकलना जंग लड़ने जैसा हो गया है। मेरी माताजी पिछले हफ्ते इसी सड़क पर गिर गईं। नगरसेवक को फोन करो तो उठाते नहीं।
वीडियो वायरल, फिर भी प्रशासन बेखबर
पिछले रविवार को इस सड़क की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लोगों को उम्मीद थी कि अब शायद काम शुरू होगा। लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी 8 मई तक सड़क पर एक भी मजदूर नहीं दिखा। यह स्थिति तब है जब प्रभाग 37 के चारों नगरसेवक भाजपा के हैं।
मैदान बना डंपिंग यार्ड, RSS शाखा पर भी असर
मामला सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं है। टेलिकॉम नगर सोसायटी के मैदान, जहां रोजाना RSS की शाखा लगती है और शिशु मंदिर स्कूल सामने है, उसे ठेकेदार ने डंपिंग यार्ड में तब्दील कर दिया है। मनपा की ‘कृपा’ से अब आसपास के अन्य ठेकेदार भी यहां मलबा डाल रहे हैं। बच्चों के खेलने की जगह पर कचरे के ढेर लगे हैं।
नागरिकों के सवाल जो अनुत्तरित हैं
1. आखिर यह जलवाहिनी का काम किस विभाग ने करवाया?
2. कितने मीटर पाइप लाइन डाली गई और इसका बजट क्या था?
3. यह पानी कहां से आएगा और कहां जाएगा?
4. काम पूरा होने की डेडलाइन क्या थी?
मनपा और नगरसेवकों की चुप्पी से नागरिक संब्रम में हैं।
अब ‘श्राद्ध आंदोलन’ की तैयारी
प्रतापनगर, टेलिकॉम नगर के नागरिकों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। नागरिक संघर्ष समिति के सदस्य सुनील जाधव ने बताया, “अगर अगले 3 दिन में सड़क का पुनर्निर्माण शुरू नहीं हुआ तो हम इसी गड्ढों वाली सड़क पर ‘तेरहवां और श्राद्धपूजा’ करेंगे। विधिवत पिंडदान करके इस सड़क की ‘आत्मा की शांति’ के लिए प्रार्थना की जाएगी।”
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
नागरिकों ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि वे खुद इस मामले में हस्तक्षेप करें। लोगों का कहना है कि जब CM के अपने गढ़ में ही ये हाल है तो बाकी शहर का क्या हाल होगा।
नागरिकों की 3 प्रमुख मांगें
तत्काल सड़क रिस्टोर हो: राधेमंगलम से टेलिकॉम नगर तक की सड़क 7 दिन में चलने लायक बनाई जाए।
मैदान खाली कराया जाए: RSS शाखा वाले मैदान से तुरंत मलबा हटाकर डंपिंग बंद की जाए।
जिम्मेदारी तय हो: लापरवाह ठेकेदार और संबंधित मनपा अधिकारी पर कार्रवाई हो।
फिलहाल प्रभाग 37 की जनता प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रही है। अगर सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में नागपूर में एक अनोखा ‘श्राद्ध आंदोलन’ देखने को मिल सकता है।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।