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इतवारी के 8 सराफा व्यापारियों को बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी, 10-10 लाख की रंगदारी की मांग

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  • धमकी भरे पत्र में लिखा – पैसे नहीं दिए तो हाथ काटकर सड़क पर फेंक देंगे, परिवार को खत्म कर देंगे, पुलिस के पास गए तो जिम्मेदार तुम होगे; दुकान के बाहर ‘जय श्री राम’ लिखने का फरमान; सराफा एसोसिएशन ने सीएम और पुलिस कमिश्नर को दी सूचना

नागपुर, 01 नवंबर 2026 – दीपावली से पहले नागपुर के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाके इतवारी सराफा बाजार में दहशत फैल गई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से कम से कम 8 बड़े सराफा व्यापारियों को धमकी भरे पत्र भेजकर 10-10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है।

पत्र भेजने वालों ने धमकी दी है कि अगर पैसे नहीं दिए या पुलिस को सूचना दी तो व्यापारियों और उनके परिवार को मार दिया जाएगा। इन पत्रों से सराफा बाजार में हड़कंप मच गया है, जबकि बाजार दीपावली सीजन की तैयारी में है जब व्यापार और नकदी लेन-देन आमतौर पर बढ़ जाता है।

डाक से आए पत्र, दुकान के बाहर ‘जय श्री राम’ लिखने को कहा –
पुलिस के अनुसार धमकियों का यह सिलसिला करीब 4 से 5 दिन पहले शुरू हुआ। शुरुआत में दो व्यापारियों को डाक के जरिए पत्र मिले। बाद में अन्य सराफा व्यापारियों को भी इसी तरह के पत्र अलग-अलग समय पर भेजे गए। सभी पत्र कथित तौर पर एक ही डाकघर से अलग-अलग समय पर पोस्ट किए गए थे। भेजने वालों ने अपनी पहचान नहीं बताई है।

धमकी भरे पत्र में हाथ से लिखा हुआ है –

“10 लाख रुपये भेजा अरेंज करो पैसे नहीं दिए तो कु तेरे दोनों हाथ काट और सड़क पर नगर के ले जाऊंगा तेरे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा जिस तरह कृष्णा ने चाकू से रावतसा को खत्म किया था इतनी एकता कलयुगी कोर्स हो ऐसे लोग पैसे का धमक करवाने वाले पुलिस के बीच में लाया तो उसके जिम्मेदार तुम होगे पैसा जमा होने पर गार पर जय श्री राम का पोस्टर लगा देना मैं समझ जाऊंगा”

व्यापारियों को निर्देश दिया गया था कि वे 10 लाख रुपये तैयार रखें और दुकान के बाहर ‘जय श्री राम’ का नारा लिखें, ताकि गैंग को पता चल सके कि व्यापारी पैसे देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद उन्हें बताया जाता कि पैसा कहां और कैसे देना है।

डीसीपी जोन-3 राहुल मदने ने कहा कि तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने व्यापारियों से बात की है, जो शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या स्थानीय अपराधी बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर व्यापारियों को डराकर वसूली करने की कोशिश कर रहे हैं। असली पहचान जांच के बाद ही साफ होगी।

सराफा एसोसिएशन ने व्यापारियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया –
घटना के बाद सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश रोकड़े और सचिव अंशुल हरडे ने व्यापारियों से घबराने की अपील नहीं करने और किसी भी धमकी भरे कॉल, पत्र या मैसेज की सूचना तुरंत एसोसिएशन को देने को कहा है। व्यापारी रोकड़े, सचिव हरडे या पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम से संपर्क कर सकते हैं।

एसोसिएशन ने बताया कि मामला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संज्ञान में लाया गया है और पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल से भी चर्चा हुई है। एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि वह पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।

व्यापारियों से यह भी कहा गया है कि वे दुकानों के बाहर हॉकरों को न लगने दें, ट्रैफिक आवाजाही साफ रखें और अपने गार्ड और कर्मचारियों को निर्देश दें। निर्देश न मानने वालों की फोटो खींचकर एसोसिएशन को सूचित करें।

बिश्नोई गैंग के नाम से दहशत क्यों –
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम के इस्तेमाल से व्यापारी और ज्यादा घबराए हुए हैं। यह गैंग देशभर में कई हाई-प्रोफाइल फायरिंग और हत्या के मामलों से जुड़ा रहा है। हाल ही में फिल्मी हस्तियों और अन्य प्रमुख लोगों को धमकियों और फायरिंग की घटनाओं में इसका नाम आया है।

इस गैंग का नाम पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या, अभिनेता सलमान खान को धमकी और फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की जांच में भी सामने आया है। कॉमेडियन कपिल शर्मा से जुड़े कनाडा के कैफे पर हमले को भी इस गैंग से जोड़ा गया है।

व्यापारियों ने पुलिस से मांग की है कि पत्र भेजने वालों की पहचान कर उनके और उनके परिवारों की बिना डर के काम करने की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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नागपुर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी का खतरनाक जाल; साइबर पुलिस को रोजाना 100-150 अलर्ट

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  • अमेरिकी एजेंसी की निगरानी में पकड़े जा रहे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम पर बाल यौन शोषण के वीडियो-फोटो; शहर में 2,100 केस रिपोर्ट, सितंबर-अक्टूबर में 14 FIR दर्ज; डीसीपी साइबर महक स्वामी ने कहा – प्रसार, भेजने और रखने पर 7 साल तक की सजा

नागपुर, 02 नवंबर – सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material – CSAM) के खतरनाक प्रसार ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। नागपुर साइबर पुलिस को अमेरिका स्थित एक एजेंसी से रोजाना 100 से 150 अलर्ट मिल रहे हैं। ये अलर्ट फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे संदिग्ध चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो और फोटो से संबंधित हैं।
डीसीपी (साइबर) महक स्वामी ने खुलासा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में एक एजेंसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी करती है और संदिग्ध बाल यौन शोषण सामग्री के बारे में जानकारी (टिपलाइन) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के साथ साझा करती है।

महक स्वामी ने बताया, “NCRB बाद में इन इनपुट्स को संबंधित राज्य और शहर पुलिस इकाइयों को सत्यापन और कार्रवाई के लिए भेजता है।”

शहर में 2,100 मामले रिपोर्ट –
समस्या की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अकेले नागपुर शहर के लिए करीब 2,100 ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए हैं। स्वामी ने बताया कि साइबर पुलिस अलर्ट की जांच करती है और भौगोलिक और तकनीकी डेटा, जिसमें देशांतर और अक्षांश निर्देशांक भी शामिल हैं, का विश्लेषण करके उस स्थान का पता लगाती है जहां से सामग्री अपलोड या प्रसारित की गई थी। शिकायतों को बाद में संबंधित पुलिस थानों में आगे की जांच के लिए भेज दिया जाता है।

डीसीपी ने कहा, “जबकि कुछ अलर्ट ठोस निष्कर्षों की ओर ले जाते हैं और तत्काल पुलिस हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, वहीं अन्य नागपुर के अधिकार क्षेत्र के बाहर के पाए जाते हैं और उन्हें संबंधित अधिकारियों को वापस या पुनर्निर्देशित कर दिया जाता है।”

उन्होंने बताया कि अकेले सितंबर और अक्टूबर महीने में नागपुर में ऐसे अपराधों से संबंधित 14 FIR दर्ज की गई हैं।

7 साल तक की सजा का प्रावधान –
डीसीपी साइबर महक स्वामी ने चेतावनी दी कि ऐसी सामग्री का प्रसार, संचारण और अपने पास रखना भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत कठोर कानूनी प्रावधानों को आकर्षित करता है। अपराध की प्रकृति और लागू प्रावधानों के आधार पर अपराधियों को 7 साल तक की कैद हो सकती है।

डीसीपी ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे संदिग्ध बाल यौन शोषण सामग्री को नजरअंदाज करने या दूसरों को फॉरवर्ड करने के बजाय तुरंत रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि समय पर रिपोर्टिंग अपराधियों की पहचान करने और बच्चों से जुड़ी शोषणकारी सामग्री के आगे प्रसार को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।

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ग्रामीण के 18 शहरों में 24×7 CCTV निगरानी, राज्य सरकार ने 136.29 करोड़ को दी प्रशासनिक मंजूरी

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  • काटोल, सावनेर और वडोदा तीन शहर सूची में नए जुड़े, 15 तालुकाओं को कवर करेगा प्रोजेक्ट – गृह विभाग ने 30 अक्टूबर को जारी किया GR, 136,29,92,433 रुपये का अनुमानित खर्च, SP डॉ. हर्ष ए पोद्दार नोडल अधिकारी नियुक्त, अपराध पर लगाम और कानून-व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य

नागपुर, 31 अक्टूबर – नागपुर ग्रामीण पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 18 शहरों में CCTV निगरानी प्रणाली लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 136.29 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का उद्देश्य सुरक्षा मजबूत करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जिले भर में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।

गृह विभाग ने 30 अक्टूबर को शासकीय प्रस्ताव (GR) जारी कर 136,29,92,433 रुपये के अनुमानित खर्च को मंजूरी दी है।

उमरेड से मोहपा तक 18 शहर कवर होंगे –
यह प्रोजेक्ट उमरेड, बुटीबोरी, कान्हान-पिपरी, रामटेक, नरखेड, कलमेश्वर, खापा, मोवाड, मौदा, भिवापुर, पारशिवनी, कुही, कांद्री, कोंढाली और मोहपा को कवर करेगा।

इसके अलावा काटोल, सावनेर और वडोदा को भी सूची में जोड़ा गया है।

प्रारंभ में यह प्रस्ताव 15 शहरों के लिए लगभग 110.79 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार किया गया था। 13 अक्टूबर को हाई-लेवल एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में चर्चा के बाद प्रोजेक्ट को संशोधित कर तीन और शहरों को शामिल किया गया।

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डॉ. हर्ष ए पोद्दार ने 19 अक्टूबर को संशोधित 136.29 करोड़ रुपये की लागत के साथ समेकित प्रस्ताव राज्य सरकार को सौंपा था। संबंधित विभागों द्वारा प्रस्ताव की जांच के बाद सरकार ने प्रशासनिक मंजूरी दी। वित्त विभाग ने भी अपनी सहमति दे दी है।

SP ग्रामीण होंगे कंट्रोलिंग ऑफिसर –
नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक को इस प्रोजेक्ट के लिए कंट्रोलिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनके कार्यालय के अधीन निधि निकालने और वितरित करने के लिए अधिकृत अधिकारी संबंधित खर्च संभालेंगे।

CCTV नेटवर्क से पुलिस को सार्वजनिक स्थानों पर कड़ी नजर रखने, घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने और 18 शहरों में अपराध की रोकथाम में सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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*फुटाला मार्ग पर मॉर्निंग वॉकर्स असुरक्षित, कार सवार बदमाशों ने रनर को मारी टक्कर

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  • सेमिनरी हिल्स से मदर डेयरी-फुटाला लेक तक छेड़छाड़ और हमलों से दहशत, व्यापारी अलोक अग्रवाल पर कार का दरवाजा मारकर गंभीर घायल करने का आरोप – सदर पुलिस ने दो आरोपी उदय घुमाडे और अरमान खान को किया गिरफ्तार, नागरिकों ने वॉकर्स स्ट्रीट से मदर डेयरी और एयरफोर्स स्टेशन तक सुबह 4 से 7 बजे तक नियमित पुलिस पेट्रोलिंग की मांग की

नागपुर, 31 अक्टूबर – नागपुर में सेमिनरी हिल्स के पास ग्रीन स्ट्रेच पर सुबह की सैर करने वाले मॉर्निंग वॉकर्स अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फुटाला मार्ग पर बदमाशों द्वारा रनर्स को निशाना बनाए जाने के बाद कई लोगों ने सुबह बाहर निकलना कम कर दिया है, जबकि महिलाएं छेड़छाड़ के डर से मॉर्निंग रन छोड़ने को मजबूर हो गई हैं।

हाल की घटना गुरुवार सुबह करीब 5.30 बजे वॉकर्स स्ट्रीट और मदर डेयरी के बीच हुई। व्यापारी अलोक अग्रवाल (44) अपने मित्र अनिल त्रिवेदी के साथ रनिंग कर रहे थे, तभी कार सवार दो युवकों ने उन पर तेज रफ्तार कार चढ़ाने की कोशिश की। दोनों ने किनारे हटकर खुद को बचाया और ड्राइवर की ड्राइविंग पर आपत्ति जताई तो आरोपी रुका, माफी मांगी और चला गया। कुछ दूरी जाने के बाद आरोपी ने तेज रफ्तार में कार रिवर्स की और पास से गुजरते समय कार का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा अग्रवाल को लगा और वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी मौके से फरार हो गए।

सदर पुलिस ने बाद में आरोपियों की पहचान भीलगांव निवासी उदय घुमाडे (22) और शांति नगर निवासी अरमान खान (22) के रूप में कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

यह कोई अकेली घटना नहीं –
नियमित वॉकर्स का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। सेमिनरी हिल्स की हरियाली के कारण वॉकर्स स्ट्रीट से मदर डेयरी और फुटाला लेक तक का मार्ग वरिष्ठ नागरिकों समेत कई लोगों में लोकप्रिय है और लोग सुबह 4 बजे से ही वहां सैर करने आते हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में माहौल बदल गया है।

वॉकर्स का आरोप है कि कई सालों से यहां आ रहे हैं, पहले बेफिक्र होकर टहलते थे, अब सड़क पर युवकों के समूह जमा होते हैं और महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी और इशारे किए जाते हैं। इस उत्पीड़न के कारण कुछ महिलाओं ने मॉर्निंग रन बंद कर दिए हैं, जबकि अन्य ने ऐसे लोगों से बचने के लिए अपने समय में बदलाव किया है। कुछ नियमित वॉकर्स ने तो आना ही बंद कर दिया है।

पुलिस बैरिकेड सिर्फ 800 मीटर तक –
एक रनर ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी सिर्फ पुलिस जिमखाना और रामगिरी तक बैरिकेडेड स्ट्रेच में ही सीमित है। बैरिकेड सिर्फ 800 मीटर तक हैं और सुबह-शाम कुछ घंटों के लिए ही लगाए जाते हैं। लंबी दूरी तक दौड़ने वालों को मदर डेयरी और फुटाला तक जाना पड़ता है, वहां इन स्ट्रेच पर शायद ही कोई पेट्रोलिंग होती है, जिसका बदमाश फायदा उठाते हैं।

नागरिकों ने मांग की है कि वॉकर्स स्ट्रीट से मदर डेयरी, फुटाला लेक और एयरफोर्स स्टेशन रोड तक, खासकर सुबह 4 से 7 बजे के बीच नियमित पुलिस पेट्रोलिंग की जाए और महिलाओं को परेशान करने वालों और पैदल यात्रियों को खतरे में डालने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई हो।

वॉकर्स का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरे मार्ग पर होनी चाहिए, सिर्फ मुख्यमंत्री के सरकारी आवास जैसे प्रमुख स्थानों या पुलिस तैनाती बिंदुओं के पास ही नहीं।

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Nagpur, IN
08:56 am, 02 Nov 2026
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