पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून की दो शिकायतों पर पुलिस जांच शुरू, टाउन प्लानिंग ने कहा- नक्शा मंजूर ही नहीं, अग्निशमन विभाग ने कहा- NOC का रिकॉर्ड नहीं, 22 अक्टूबर को टीन पत्रे लगाकर शुरू हुआ निर्माण ?
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस स्थित शासकीय स्वाति बंगला क्र. 64/1 और उससे संलग्न सरकारी जमीन को फर्जीवाड़ा कर हड़पने और वहां प्रेस क्लब ऑफ नागपुर के नाम पर करोड़ों के अवैध बांधकाम का सनसनीखेज मामला सामने आया है। माजी नगरसेवक और नागरी हक्क संरक्षण मंच के केंद्रीय अध्यक्ष जनार्दन मून ने इस घोटाले की पोल खोलते हुए पत्रपरिषद 24.10.2026 को 5 बड़े अफसरों को लिखित शिकायत देकर तात्कालिक स्थल पंचनामा और कार्रवाई की मांग की है।
किस-किस को गई शिकायत – 1) विभागीय आयुक्त, नागपुर विभाग 2) जिल्हाधिकारी, नागपुर 3) पुलिस आयुक्त, नागपुर शहर 4) वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सीताबर्डी पुलिस ठाणे (By Speed Post) 5) उपसंचालक, नगर रचना विभाग, नागपुर महानगरपालिका
पुलिस आयुक्त कार्यालय में 23/10/2026 को और NMC टाउन प्लानिंग में भी 23/10/2026 को शिकायत रिसीव हुई है।
क्या है पूरा घोटाला – मून का आरोप : मून के अनुसार शासकीय स्वाति बंगला क्र. 64/1 व संलग्न शासकीय जमीन के बारे में गंभीर बाबें निदर्शन में आई हैं। आरोप है कि शासन को गुमराह कर फसवणूक कर जमीन हथियाई गई है। संबंधित जमीन पर मालिकी हक्क न होते हुए भी खुद को ‘Owner’ बताकर विकासक के साथ Development Agreement किया गया है, जिसकी सखोल जांच की मांग मून ने 29/08/2025 और 25/09/2026 को सीताबर्डी पुलिस थाने में की थी।
दूसरी शिकायत 25/09/2026 को इसलिए की गई कि पहली शिकायत वापस लेने के लिए वकील के जरिए दबाव डाला जा रहा है, मानसिक त्रास दिया जा रहा है और सुरक्षा को खतरा पैदा किया जा रहा है।
1. पुलिस चौकसी अधूरी – सहायक पुलिस आयुक्त, सीताबर्डी विभाग ने पत्र (दि. 15/10/2026) में कहा है कि चौकसी शुरू है, पर मुख्य आरोपी की सत्यता, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और जायदाद के कागजात की जांच का निष्कर्ष अभी तक नहीं आया।
2. फायर विभाग की ना हरकत प्रमाणपत्र ही नहीं – NMC अग्निशमन व आपात्कालीन सेवा विभाग, सिविल अग्निशमन केंद्र के प्र. अधिकारी सुनील एम. डोकरे ने पत्र क्र. NMC/IWL/FIRE/2026-27/10166, दि. 21/09/2026 और 20/09/2026 में लिखित में दिया है कि “उक्त इमारती बाबत सिविल अग्निशमन केंद्राच्या अभिलेखात शोध घेतला असता माहिती उपलब्ध नाही।” मतलब इस हाईराइज/क्लब इमारत के लिए फायर का प्राथमिक NOC तक नहीं लिया गया।
3. टाउन प्लानिंग ने कहा – नक्शा ही मंजूर नहीं! – नगर रचना विभाग के सहायक नगर रचनाकार श्री कापसे ने ऑनलाईन प्रमाणपत्र तपासणी में बताया कि संबंधित प्रकल्प का बांधकाम नक्शा मंजूर झालेले नसल्याचे। याबतची अधिकृत लेखी स्थिति नगर रचना से प्राप्त करना बाकी है।
4. 22 अक्टूबर को टीन पत्रे लगाकर शुरू हुआ काम? – मून ने 22/10/2026 को स्वाति बंगला के कंपाउंड की भीत पर ऊंचे टीन पत्रे लगाए जाने के फोटो सबूत जोड़े हैं। आरोप है कि परिसर में बांधकामपूर्व तैयारी या प्रत्यक्ष बांधकाम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। सिर्फ टीन पत्रे से बांधकाम वैध नहीं होता।
मून की 7 सूत्री मांग – तात्कालिक कार्रवाई करो – 1) मौके पर जाकर स्थल पंचनामा कर बांधकाम/खोदकाम शुरू है या नहीं, इसकी वस्तुस्थिति देखें। 2) मंजूर नक्शा, बांधकाम परवानगी, विकास परवानगी, फायर NOC और अन्य वैध मंजूरियों की अधिकृत पड़ताल करें। 3) जमीन की मालिकी, शासकीय मालमत्तेचे स्वरूप, वापर का अधिकार और विकास करार की वैधता की सक्क्षम महसूल व प्रशासनिक यंत्रणा से जांच करें। 4) बिना परवानगी या मंजूर नक्शे के विरुद्ध काम शुरू मिला तो काम थांबवण्याची नोटीस, स्थगिती और कायदेशीर कार्रवाई करें। 5) शासकीय जमीन वापराबाबत अनियमितता मिली तो संबंधित व्यक्ति और अधिकारियों की भूमिका तय कर दोषी पर कार्रवाई करें। 6) सीताबर्डी थाने में 29/08/2026 और 25/09/2026 की शिकायतों की सहस्थिती तपास कर तक्रारदार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। 7) की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी दें।
मून ने कहा है कि यह प्रकरण शासकीय जागेच्या हक्कांशी, सार्वजनिक प्रशासनातील पारदर्शकतेशी आणि बांधकामविषयक वैधानिक नियमांच्या पालनाशी संबंधित है। पुलिस चौकसी शुरू होते हुए और मंजूरियों पर सवाल होते हुए भी प्रत्यक्ष बांधकाम शुरू होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि वक्त रहते स्थलपहाणी व कागदपत्र पड़ताल कर संभाव्य अनियमितता रोकी जाए। उन्होंने इसे “पूर्वसूचना व तातडीच्या प्रशासकीय हस्तक्षेपाची विनंती“ मानकर निष्पक्ष जांच और उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
487.77 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा, वेस्ट साइड में दो-तरह की पार्किंग, टू-व्हीलर का 2 घंटे तक 10 रुपये और कार का पिक-अप-ड्रॉप 1 घंटे 50 रुपये, 120 मिनट से ज्यादा पार्किंग पर 1000 रुपये जुर्माना और टोइंग
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट के तहत पहली सुविधा वेस्ट साइड में शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर से अंडरग्राउंड पार्किंग ऑपरेशनल हो गई है, जिससे स्टेशन के सामने पिछले चार साल से लग रहा ट्रैफिक जाम खत्म हो गया है।
यह सुविधा 487.77 करोड़ रुपये के नागपुर स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को किया था। इसे रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने 44 महीनों में बनाकर मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन को सौंप दिया है।
दो हिस्सों में पार्किंग –
अंडरग्राउंड टू-व्हीलर और कार पार्किंग :
टू-व्हीलर चार्ज : 2 घंटे तक 10 रुपये, 2-6 घंटे 15 रुपये, 6-12 घंटे 20 रुपये, 12-24 घंटे 35 रुपये। 24 घंटे के बाद 35 रुपये प्रतिदिन। हेलमेट चार्ज 24 घंटे के लिए 5 रुपये। QR कोड से ऑनलाइन पेमेंट भी।
फीचर्स : सफेद पिलर, LED लाइटिंग, फायर सेफ्टी पाइपलाइन, वेंटिलेशन फैन, मराठी-हिंदी-अंग्रेजी में नीले बोर्ड पर सफेद अक्षरों में “Car and Two Wheeler”, “Lift”, “Exit / No Entry” के साइन। अप्रोच रोड पर तीन तीर – पिक-अप-ड्रॉप, सिर्फ टू-व्हीलर और कार पार्किंग के लिए।
एक्सेस कंट्रोल पिक-अप एंड ड्रॉप पार्किंग (सीमेंट रोड के पास) : यहां करीब 120 फोर-व्हीलर पार्क हो सकती हैं। चार्ज – 0-1 घंटा 50 रुपये, 1-2 घंटा 100 रुपये।
नियम सख्त : इस जोन में ऑटो, टैक्सी, बस, मिनीबस जैसे कमर्शियल पैसेंजर वाहनों और टू-व्हीलर को अनुमति नहीं। 120 मिनट (2 घंटे) से ज्यादा पार्किंग की अनुमति नहीं, उल्लंघन पर वाहन टो कर लिया जाएगा और 1,000 रुपये फ्लैट पेनाल्टी लगेगी।