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Nagpur

60 Bottles of Foreign Liquor Recovered from Unclaimed Bags in Train

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Nagpur : As part of the ongoing drive to prevent the smuggling of narcotic substances and illegal materials in trains, a joint team of the Dog Squad, Nagpur and Crime Intelligence Branch (CIB), Nagpur, recovered 60 bottles of foreign liquor from three unclaimed bags in Train No. 16032 Andaman Express.

Head Constable Neeraj and Constable Vipin Satpute of the Dog Squad, Nagpur, along with Constable Sachin of CIB, Nagpur, conducted a checking operation with sniffer dog ‘Prince’ on the Nagpur–Betul route. During the inspection of Train No. 16032 Andaman Express, at around 08:00 hrs near Katol, three cloth bags were found underneath Seats Nos. 17–19 of Coach S-4.

Sniffer dog ‘Prince’ repeatedly indicated the bags. On enquiry, none of the passengers seated nearby claimed ownership of the three bags. The unclaimed bags were subsequently brought to RPF Police Station, Nagpur, after the train arrived at Nagpur station.

The bags were opened and checked by Assistant Sub-Inspector Vithoba Marskolhe under CCTV surveillance. The search resulted in the recovery of 60 bottles of foreign liquor, having a total value of approximately ₹37,920/-.

After completing the necessary documentation, the seized liquor was handed over to Devanand Taroke of the Excise Department, Nagpur, for further legal action. A case has been registered under the relevant provisions of the Prohibition Act.

Central Railway, Nagpur Division, continues to conduct intensive checking and surveillance operations to ensure passenger safety and prevent illegal activities and smuggling in trains.

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नागपुर पदवीधर चुनाव : गठ्ठा लगाने की प्राथमिक मतगणना पूरी, अब वरीयता मतों की गिनती शुरू

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  • पहले राउंड में 84 हजार मतपत्रों की गिनती, हर टेबल पर 25 के 40 बंडल यानी 1000 वोट गिने जाएंगे

नागपुर, 27 अक्टूबर :

नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ चुनाव की प्राथमिक मतगणना का पहला चरण पूरा हो गया है। प्रशासन के अनुसार मतपत्रिकाओं के गठ्ठे लगाने (बंडल बनाने) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

सभी मतपत्रिकाओं की सरमिसळ (आपस में मिलाने) का काम पूरा होने के बाद अब प्रत्यक्ष पसंतीक्रम यानी वरीयता के आधार पर मतों की गिनती शुरू हो रही है।

जानकारी के अनुसार पहले राउंड में प्रत्येक टेबल पर 25 मतपत्रिकाओं के 40 गठ्ठे बनाए गए हैं। इस हिसाब से एक टेबल पर 1000 मतपत्रिकाओं की गिनती होगी। कुल 84 टेबलों पर पहले राउंड में 84 हजार मतपत्रिकाओं की गिनती की जाएगी। मानकापुर इनडोर स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना जारी है।

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शेतकरी हिंसा का रास्ता न अपनाएं, संविधान के रास्ते लड़ें – किशोर तिवारी

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  • प्रकाश आंबेडकर का हिंसा का सुझाव गलत, शेतकरी नालायक नहीं सरकार की नीतियां नालायक हैं – विदर्भ के वरिष्ठ शेतकरी नेता की दो टूक प्रतिक्रिया

नागपुर / यवतमाल, 27 अक्टूबर :

महाराष्ट्र में दुष्काळ के भीषण संकट के बीच वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष एड. प्रकाश उर्फ बाळासाहेब आंबेडकर के विवादित बयान पर विदर्भ के ज्येष्ठ शेतकरी नेता किशोर तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तिवारी ने कहा है कि शेतकरियों को कानून हाथ में लेने और हिंसा का रास्ता अपनाने की सलाह पूरी तरह गलत है।

किशोर तिवारी ने कहा – “शेतकरियों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को शेतकरी चुनकर नहीं देते, यह खंत कुछ हद तक सही है। लेकिन शेतकरियों को नालायक कहना, कानून हाथ में लेने की सलाह देना और आत्महत्या से पहले राजनीतिक नेताओं को मारने की भाषा बोलना किसी भी हालत में समर्थनीय नहीं है।”

प्रकाश आंबेडकर ने क्या कहा था ?
प्रकाश आंबेडकर ने हाल ही में कहा था कि शेतकरी अपने लिए लड़ने वालों को वोट नहीं देते और हताशा में आत्महत्या करने से पहले नेताओं को मारना चाहिए। इसी बयान पर विवाद खड़ा हो गया है।

किशोर तिवारी का जवाब – शेतकरी नालायक नहीं, व्यवस्था नाकर्ता है

तीन दशकों से विदर्भ में शेतकरी आत्महत्याओं के खिलाफ लड़ रहे किशोर तिवारी ने कहा –

“मैं दावे के साथ कहता हूं, शेतकरी नालायक नहीं है। शेतकरी कष्टकरी है, ईमानदार है, स्वाभिमानी है। नालायक है तो शेतकरी को न्याय देने में फेल हुई सरकारें और नाकर्ता है तो शेतकरी के श्रम का मोल न देने वाली आर्थिक व्यवस्था। शेतकरी साल भर धूप में जलता है, लेकिन उत्पादन खर्च बढ़ता है, भाव नहीं मिलता, बीमा नहीं मिलता, कर्जमाफी के वादे पूरे नहीं होते।”

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद शेतकरियों ने कांग्रेस को आजमाया, फिर भाजपा को मौका दिया, लेकिन सत्ता बदली, शेतकरी की समस्या वहीं रही। इसलिए मतदान पर शेतकरी को दोष देने से बेहतर है कि राजनीतिक दल आत्मपरीक्षण करें कि उन्होंने शेतकरी का विश्वास क्यों खोया।

उन्होंने रविकांत तुपकर जैसे आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क पर उतरने, लाठियां खाने वालों को चुनाव में हराया जाना महाराष्ट्र की दुखद हकीकत है, लेकिन इसके पीछे जातीय समीकरण, धर्म का ध्रुवीकरण और पैसे का खेल भी जिम्मेदार है।

बाबासाहेब के नातू से हिंसा की उम्मीद नहीं –

किशोर तिवारी ने कहा, “संविधान के निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने इस देश को संविधान, कानून का राज और लोकतंत्र का रास्ता दिखाया। अन्याय के खिलाफ लड़ाई लोकतांत्रिक दायरे में होनी चाहिए। ऐसे महामानव के नातू बाळासाहेब आंबेडकर का शेतकरियों को हिंसा की ओर ले जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नेताओं की हत्या से शेतकरी के सवाल हल नहीं होंगे, बल्कि गरीब शेतकरी परिवार उजड़ जाएंगे।”

उन्होंने अपील की – “शेतकरी के हाथ में हथियार नहीं, संविधान होना चाहिए। हिंसा की मशाल नहीं, लोकतांत्रिक जनआंदोलन का झंडा होना चाहिए।”

शेतकरी भाइयों से भावुक अपील – आत्महत्या मत करो, जियो –

तिवारी ने विदर्भ के हजारों परिवारों की पीड़ा का हवाला देते हुए कहा – “मैंने कर्ता पुरुष को खोने के बाद उसकी पत्नी, बच्चों और बूढ़े मां-बाप की बेबसी देखी है। इसलिए हाथ जोड़कर कहता हूं, कितना भी कर्ज हो, कितना भी भीषण दुष्काळ हो, फसल बर्बाद हो गई हो, आत्महत्या का विचार मत करो। तुम्हारी जान किसी भी कर्ज से अनमोल है। तुम जिओगे तो लड़ पाओगे, संगठित होओगे तो सरकार को नीति बदलने पर मजबूर कर पाओगे।”

दुष्काळ में 7 प्रमुख मांगें –

किशोर तिवारी ने इस संकट में सरकार के सामने 7 मांगें रखी हैं –

  1. दुष्काळग्रस्त शेतकरी को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये मदद दो, दो हेक्टेयर की सीमा मत लगाओ।
  2. संपूर्ण कर्जमाफी कर नया फसल कर्ज दो।
  3. बैंक, निजी साहूकार और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की जबरन वसूली तुरंत रोको।
  4. कपास, सोयाबीन, तुअर सहित सभी फसलों को उत्पादन खर्च पर आधारित हमीभाव और सरकारी खरीदी की गारंटी दो।
  5. फसल बीमा का बकाया मुआवजा तुरंत दो।
  6. हर दुष्काळग्रस्त गांव में पीने का पानी, जानवरों के लिए चारा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधा दो।
  7. आत्महत्याग्रस्त परिवारों का पुनर्वसन, विधवाओं की आर्थिक सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार ले।

प्रकाश आंबेडकर को खुला आह्वान –

अंत में किशोर तिवारी ने प्रकाश आंबेडकर से कहा – “बाळासाहेब, आपकी संतप्त भावना हम समझते हैं, लेकिन शेतकरी को दोष देने और हिंसा की भाषा का समय नहीं है। आप बाबासाहेब के संविधान के वारिस हो, उसी संविधान का झंडा लेकर विदर्भ, मराठवाड़ा और पूरे महाराष्ट्र के शेतकरी, मजदूर, आदिवासी, दलित, महिला बचत गट के साथ अहिंसक, लोकतांत्रिक राज्यव्यापी आंदोलन खड़ा करो। सभी संगठनों को एक मंच पर लाने की पहल करो।”

उन्होंने नारा दिया – “शेतकरी को मरने की सलाह नहीं, जीने का अधिकार चाहिए! हिंसा का रास्ता नहीं, न्याय दिलाने वाला जन आंदोलन चाहिए!”

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विधान परिषद पदवीधर चुनाव की कल मतगणना,समर्थकों का उत्साह चरम पर

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  • मौदा तहसील में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न, अरोली में 70.54%, खात में 76.70% वोटिंग

कोदामंडी – 26 October

विधान परिषद के पदवीधर मतदारसंघ के लिए हुए चुनाव की मतगणना कल मंगलवार 27 अक्टूबर को होंगी।

इससे पहले 23 अक्टूबर को हुए मतदान में मौदा तहसील में शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से वोटिंग हुई। अरोली स्थित बूथ क्रमांक 43 पर 370 में से 261 मतदाताओं ने मतदान किया। अरोली में 70.54%, खात में 76.70%, मौदा के दो मतदान केंद्रों पर क्रमशः 78.98% और 72.37% मतदान दर्ज किया गया। मौदा तहसील में कुल 1910 पदवीधर मतदाता हैं।

तहसील में पदवीधर मतदाताओं के बढ़-चढ़कर मतदान करने से उम्मीदवारों के समर्थकों में उत्साह चरम पर है।

अरोली में महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहळे के समर्थन में लगाए गए बूथ पर महायुति के कई नेताओं ने भेंट दी। इनमें राज्यमंत्री आशीष जयसवाल, पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर, भाजपा तहसील मौदा मंडल अध्यक्ष भगवान बावनकुळे, चाचेर मंडल अध्यक्ष रवी चव्हाण, शिवसेना तालुकाध्यक्ष प्रशांत भुरे, मौदा नगरपंचायत नगराध्यक्ष प्रसन्ना (राजा) तिडके,भाजयुमो जिल्हा उपाध्यक्ष संजू वाघमारे, पंचायत समिति के पूर्व उपसभापति खेमराज चाफले,पंढरी कडू, अरोली सर्कल के भाजपा नेता सदानंद निमकर, विष्णू देशमुख, रोशन उमप, कैलास समरीत, कोदामेंढी उपसरपंच गोपाल गिरमेकर सहित महायुति के अनेक पदाधिकारियों का समावेश था।

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