कन्हान थाने में हिंसक संघर्ष के बाद आरोपियों की जेल रवानगी चर्चा में, संसाधनों की कमी पर उठे सवाल
कन्हान :
कन्हान पुलिस थाने के परिसर में दो गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था में उपलब्ध संसाधनों का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। मामले में नौ आरोपियों को कामठी स्थित जेएमएफसी न्यायालय में पेश किए जाने के बाद नागपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। लेकिन नौ आरोपियों को एक ही वाहन से जेल तक ले जाने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध वाहनों और पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों को यदि संवेदनशील मामलों में आरोपियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़े, तो यह केवल मैदानी स्तर की चुनौती नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की व्यवस्थागत तैयारियों पर भी ध्यान देने का विषय है।
थाने के परिसर में हिंसा, अब आरोपियों की सुरक्षित रवानगी पर सवाल!
कन्हान पुलिस थाने के परिसर में दो गुटों के बीच हुए हिंसक विवाद के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। इसके बाद न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने पर नौ आरोपियों को नागपुर सेंट्रल जेल रवाना किया गया। इस दौरान एक ही वाहन से सभी आरोपियों को ले जाए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस की परिवहन व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
संवेदनशील मामलों में आरोपियों को न्यायालय से कारागृह तक सुरक्षित पहुंचाना पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसी स्थिति में वाहन की निर्धारित क्षमता, पुलिसकर्मियों की संख्या, सुरक्षा प्रबंध और संभावित जोखिमों का आकलन अत्यंत आवश्यक है। यदि उपलब्ध संसाधन आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं हैं, तो मैदानी पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस की मुस्तैदी या व्यवस्था की मजबूरी?
पुलिस से नागरिकों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। लेकिन इन जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पर्याप्त वाहन, प्रशिक्षित कर्मचारी और आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध होना भी उतना ही जरूरी है।
सवाल यह है कि जब पुलिस को संवेदनशील परिस्थितियों में आरोपियों की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है, तो क्या उपलब्ध संसाधन इन जिम्मेदारियों के अनुरूप हैं?
नौ आरोपियों की एक ही वाहन से जेल रवानगी को लेकर केवल पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करना पर्याप्त नहीं होगा। यह देखना भी जरूरी है कि संबंधित वाहन की क्षमता कितनी थी, आरोपियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात थे और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
इन तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस प्रशासन से होना आवश्यक है। बिना आधिकारिक जानकारी के इसे संसाधनों की कमी का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा, लेकिन घटना से जुड़े सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की आवश्यकता जरूर सामने आती है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का ध्यान कब जाएगा?
कन्हान पुलिस थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील घटनाओं से निपटने, आरोपियों को न्यायालय में पेश करने और कारागृह तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक जानकारी लेकर वस्तुस्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
यदि जांच या प्रशासनिक समीक्षा में वाहनों अथवा पुलिस बल की कमी सामने आती है, तो उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पुलिस थाने को आवश्यकता के अनुरूप वाहन, पर्याप्त कर्मचारी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासनिक प्राथमिकता होनी चाहिए।
पुलिस की सुरक्षा भी शासन की जिम्मेदारी!
कानून का पालन कराने वाले पुलिसकर्मियों से हर परिस्थिति में सतर्कता और तत्परता की अपेक्षा की जाती है। लेकिन उनकी कार्यक्षमता केवल व्यक्तिगत साहस पर निर्भर नहीं रह सकती। उसके लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था, पर्याप्त साधन-सामग्री और स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल भी आवश्यक हैं।
पुलिस से सुरक्षित व्यवस्था की अपेक्षा करने वाले शासन-प्रशासन को पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी उतनी ही गंभीरता से निभानी होगी।
कन्हान की इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सवाल सामने रखा है – क्या पुलिस को सौंपे गए दायित्वों के अनुरूप आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं? अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की वस्तुनिष्ठ समीक्षा करते हैं या नहीं और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा व कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस
नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :
माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
क्या है मामला – दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।
इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।
अन्य बड़ी कार्रवाईयां –
1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय – साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।
2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त – स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।
3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई – वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
4. अवैध शराब पर 15 गुनाह – एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।
5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह – अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।
6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड – जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।
PITNDPS में पहली स्थानबद्धता, नरखेड़ में नाबालिग से दुष्कर्म पर 20 साल की सजा, 16 साल से फरार हत्यारे को मौदा से दबोचा, कलमेश्वर में संदिग्ध घूमता आरोपी गिरफ्तार, साइबर जनजागृति अभियान भी तेज
नागपुर, 23 अक्टूबर 2026 :
पुलिस महानिदेशक महाराष्ट्र के निर्देश पर नागपुर ग्रामीण पुलिस ने एक ही दिन में अपराध और जनजागृति के मोर्चे पर 7 बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में जिले की पूरी रिपोर्ट 23.10.2026 को जारी की गई।
1. अंमली पदार्थ विरोधी अभियान में राज्य में प्रथम – महाराष्ट्र में अंमली पदार्थ और नशे के अवैध व्यापार पर रोक के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा 01/07/2026 से 30/09/2026 तक Performance Measurable Matrix of Narcotics Work का मूल्यांकन हुआ। इसमें नागपुर ग्रामीण ने 80 में से 60 गुण प्राप्त कर राज्य में चौथे स्थान पर और जिल्हा घटकों में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 3 बड़े पुलिस आयुक्तालयों को पीछे छोड़ दिया।
कार्रवाई : 146 NDPS गुन्हे दर्ज, कमर्शियल क्वांटिटी तक कार्रवाई। महाराष्ट्र में पहली बार PITNDPS (PREVENTION OF ILLICIT TRAFFIC IN NARCOTIC DRUGS AND PSYCHOTROPIC SUBSTANCES ACT, 1988) के तहत स्थानबद्धता का आदेश 09/09/2026 को विशेष पुलिस महानिरीक्षक के अधिकार से जारी किया। 486 जनजागृति कार्यक्रम, 6922.169 किलो अंमली पदार्थ का सुरक्षित विल्हेवाट, 3 NCORD बैठकें।
2026 में 481 गुन्हे, 540 आरोपी, 10 कमर्शियल मामले, 1 PIT-NDPS, MCOCA के तहत 3 टोळ्यों पर कार्रवाई। 2025 की तुलना में गांजा जप्ती में 125%, अफीम में 633% और MD में 1,894% की वृद्धि। 2026 में 5,34,22,677/- रुपये (5 कोटी 34 लाख) का मुद्देमाल जब्त, जो 2025 में 33,21,918/- था, यानी 1507% वृद्धि।
2. पाहिजे आरोपियों की खोज मोहिम में टॉप-5 में – पुलिस महासंचालक के आदेश पर 01/10/2026 से 31/10/2026 तक फरार/पाहिजे आरोपी खोज मोहिम। नागपुर ग्रामीण ने 63 पाहिजे आरोपियों को पकड़ा। 423 में से 52 आरोपी पकड़कर 12.29% सफलता के साथ राज्य के पहले पांच घटकों में स्थान।
नोडल अधिकारी मयंक माधव, सहायक पुलिस अधीक्षक, 25 खोज पथक, 23 अधिकारी और 55 अमलदार तैनात। टॉप-5 में – नंदुरबार 14.14%, यवतमाल 13.45%, परभणी 13.19%, नागपुर ग्रामीण 12.29%, सिंधुदुर्ग 10.67%।
3. अल्पवयीन बालिका पर लैंगिक अत्याचार – आरोपी को 20 साल की सजा – पुलिस स्टेशन नरखेड़ : अपराध क्र. 188/2022, कलम 376(एबी), 342,459,506 भादवि व 4,6 पोक्सो सह 3(1)(डब्ल्यू),3(2)(व्ही) अजाजअ। दिनांक 25/04/2022 को फिर्यादी काम पर गई थी, 7 वर्षीय बेटी घर पर थी। आरोपी पोतन शामलालल चुरे, उम्र 52, मोवाड, नरखेड़ ने 7 वर्षीय को घर ले जाकर दुष्कर्म किया।
प्राथमिक जांच पोउपनि सारिका गुरुकर और तपासी अधिकारी नगेश जाधव, उपविभागीय पुलिस अधिकारी काटोल ने दोषारोपण दाखिल किया। दिनांक 23/10/2026 को जिला व सत्र न्यायाधीश क्र.12 जहीर अब्बास शेख ने कलम 6 पोक्सो में 20 वर्ष सश्रम कारावास व 10,000/- दंड, 459 भादवि में 2 वर्ष व 5000/-, 342 में 6 महीने व 1000/- की सजा सुनाई। APP प्रशांत साखरे ने सरकार की तरफ से पैरवी की।
4. हॉटेल में से सोने के दागिनों की बैग चोरी – उमरेड पुलिस ने 3 घंटे में सुलझाया – पुलिस स्टेशन उमरेड : फिर्यादी वैशाली पच्चीशालवार, लक्ष्मीनगर, गडचिरोली 22/10/2026 को पति के साथ गडचिरोली से नागपुर जाते समय दोपहर 11:30 से 12:00 के बीच वाय-पॉइंट परिसर के हरीओम वेजिटेरियन हॉटेल में खाना खाने रुकीं। सोने के दागिने वाली हैंडबैग होटल में भूल गईं। लौटने पर बैग नहीं मिला। बैग में मंगलसूत्र, 2 बांगड़या, लक्ष्मीहार कुल 9,20,000/- के दागिने थे।
गंभीरता देखते हुए पुलिस निरीक्षक धनाजी जलक, प्रभारी अधिकारी उमरेड ने CCTV चेक किया – एक व्यक्ति बैग चुराकर ले गया। गोपनीय जानकारी से आरोपी उडासा निवासी निकला। आरोपी सखाराम पांडुरंग खिल्लारे, उम्र 47, वार्ड क्र.02, उडासा को चोरी की बैग और गुन्हे में प्रयुक्त दुपहिया सहित ताब्यात लिया। कुल 9,65,200/- का मुद्देमाल जब्त।
5. खून के गुन्हे में जन्मठेप की सजा पाकर 16 साल से फरार कैदी को स्थानीय गुन्हे शाखा ने पकड़ा – पुलिस महासंचालक मुंबई के फरार आरोपी खोज मोहिम में स्थानीय गुन्हे शाखा प्रभारी अंकुश माने के पथक ने मौदा पुलिस स्टेशन के खून के गुन्हे में सजा पाया आरोपी इर्शाद वहाब शेख, उम्र 52, राजू नगर, हिंगना रोड को 22/10/2026 को बुटीबोरी हिंगणा परिसर से पकड़ा। न्यायालय ने जन्मठेप की सजा दी थी। 2010 में कारागृह से संचित रजे पर बाहर आया, वापस नहीं गया। कलम 224 भादवि का गुन्हा दर्ज था, 16 साल से फरार था। मौदा पुलिस के हवाले किया।
6. साइबर सुरक्षा जनजागृति महीना – अक्टूबर 2026 – उमरेड, देवलापार, पारशिवनी में अभियान – उमरेड : निरीक्षक धनाजी जलक और किरण महागावे ने ज्योतिबा फुले कॉलेज और शासकीय वसतीगृह में मार्गदर्शन किया। देवलापार : सहा. निरीक्षक नारायण तुरकुडे ने गुरुकुल आश्रम शाला में कार्यक्रम लिया। पारशिवनी : सहा. निरीक्षक धनश्री कुटेमाटे ने जिला परिषद उच्च माध्यमिक शाला नयाकुंड और धर्मवीर संभाजी क्रीड़ा मंडल में कार्यक्रम लिया। साइबर वीडियो दिखाए, बनावट सोशल मीडिया प्रोफाइल, आर्थिक फसवणूक, फर्जी कॉल, अनोळखी लिंक, OTP, नोकरी की जाहिरात से सावध रहने, मॉर्फिंग, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, ट्रेडिंग फसवणूक से बचाव बताया। हेल्पलाइन 1930 और http://cybercrime.gov.in पर शिकायत की अपील।
7. अस्तित्व छुपाकर गुन्हा करने के इरादे से घूमने वाले पर गुन्हा – पुलिस स्टेशन कलमेश्वर : 22/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी घनश्याम दीनदयाल आमो, उम्र 33, झरीया मोहल्ला, वार्ड क्र.03, चारगांव तररी, नैनपुर मंडला, मध्यप्रदेश को रात में कळमेश्वर में छुपते हुए मिला। सूर्यास्त के बाद बिना कारण घूमना और नाम-पता पूछने पर उडवा-उडवी के जवाब देने पर कलम 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुन्हा दर्ज।
धरमपेठ में अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई, गांधीबाग और लकड़गंज में 2.4 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, महानगरपालिका ने जारी किया वर्षवार लेखा-जोखा
नागपुर, 23 अक्टूबर :
नागपुर महानगरपालिका के उपद्रव शोध पथक (NDS) द्वारा अतिक्रमण, अवैध होर्डिंग और प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई है। 11 अक्टूबर 2022 से 23 अक्टूबर 2026 तक NDS ने कुल 1,01,402 मामलों में 6 करोड़ 10 लाख 96 हजार 300 रुपये का जुर्माना वसूला है।
मनपा द्वारा जारी SUMMARY रिपोर्ट के अनुसार –
वर्ष 2022 (11 अक्टू. से 31 दिस.) :13,029 मामले – 63,93,200 रुपये जुर्माना
वर्ष 2023 : 28,874 मामले – 1,71,89,800 रुपये जुर्माना
वर्ष 2024 : 23,418 मामले – 1,50,91,800 रुपये जुर्माना
वर्ष 2025 :21,890 मामले – 1,40,15,000 रुपये जुर्माना
वर्ष 2026 (1 जनवरी से 30 सितंबर) : 13,002 मामले – 77,15,600 रुपये जुर्माना
अक्टूबर 2026 (1 से 23 अक्टूबर) :रोजाना 39 से 86 मामले, आज 23 अक्टूबर को 40 मामले दर्ज।
आज की कार्रवाई – दिनांक 23 अक्टूबर 2026 :
मनपा के सभी 10 जोन में चले अभियान में आज कुल 3 मामलों में 15,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
1. धरमपेठ जोन : M/s Sayli Rajadhyaksha (Mr. Sayyad Sadik) द्वारा बतुक भाई ज्वेलर्स के पास बिजली के खंभे पर बिना अनुमति बैनर/होर्डिंग लगाकर मनपा आदेश की अवहेलना करने पर आउटडोर एडवर्टाइजिंग पॉलिसी 2001 (Act-09) के तहत 5,000 रुपये का जुर्माना।
2. गांधीबाग जोन : प्रभाग क्र. 22, जूनी मंगळवारी स्थित M/s Shanti Kirana Store (Sh. Rahul Verma) पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल नियम 2006 के तहत प्लास्टिक बैन कार्रवाई। 1.000 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त, प्रथम जुर्माना 5,000 रुपये।
3. लकड़गंज जोन :प्रभाग क्र. 24, कलमना स्थित M/s Verma Kirana Store (Sh. Kamlesh Verma) पर प्लास्टिक बैन कार्रवाई। 1.400 किलोप्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, 5,000 रुपये का जुर्माना।
इस प्रकार आज कुल 2.400 किलो प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त कर कुल 15,000 रुपये की वसूली की गई। लवमीनगर, हनुमान नगर, धंतोली, नेहरू नगर, सतरंजीपुरा, आसीनगर और मंगळवारी जोन में आज कोई मामला नहीं मिला।