इस्राइल और ईरान के बीच अमेरिका प्रायोजित युद्ध फिलहाल अस्थायी रूप से रुका हुआ है, फिर भी धमकियों का दौर जारी है। इसलिए युद्ध फिर कब छिड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से मितव्ययिता का आह्वान किया है। उसमें उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से ईंधन बचाने को कहा है और साथ ही नया सोना न खरीदने की भी सलाह दी है। इसके अतिरिक्त विदेश यात्राएँ भी न करने का उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है। अन्य भी विविध सूचनाएँ उन्होंने नागरिकों को दी हैं।
उनकी ये सूचनाएँ जारी होते ही देश के विपक्षी दलों ने इसका जोरदार राजनीतिकरण भी शुरू कर दिया है। किन्तु हमारे देश के विपक्षी दल एक बात भूल जाते हैं कि जब हम एक उंगली सामने वाले की ओर उठाते हैं तब तीन उंगलियाँ अपनी ओर होती हैं।
हमारे देश में राष्ट्रप्रमुख या सरकार द्वारा इस प्रकार मितव्ययिता बरतने को कहने का यह कोई पहला अवसर नहीं है। इसके पूर्व भी अनेक बार ऐसी घटनाएँ घटित हुई हैं। परन्तु हमारे विपक्षी दल फिलहाल केंद्र सरकार में दूरदृष्टि का अभाव होने का आरोप लगा रहे हैं। फिर यदि ऐसा विचार किया जाए तो क्या पूर्व की सरकारों में भी दूरदृष्टि का अभाव था, यह प्रश्न उठता है।
मुझे स्मरण है कि 1962 में जब चीन ने भारत पर आक्रमण किया था, उस समय विदेशों से शस्त्र खरीदने के लिए हमारे कोष में स्वर्ण भंडार होना आवश्यक था। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वर्ण नियंत्रण कानून लागू किया था। एक व्यक्ति के पास निश्चित वजन के स्वर्ण आभूषण होने चाहिए। उससे अधिक होने पर उनके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई होगी, ऐसी सख्त चेतावनी देते हुए नेहरू ने पुलिस की सहायता से नागरिकों के घरों से बड़े पैमाने पर सोना जब्त किया था। नागपुर में ही एक धनिक के घर सरकारी नियम से अधिक सोना मिलने पर उसे कारावास भी हुआ था, ऐसी चर्चा थी। यह स्वर्ण नियंत्रण कानून दीर्घकाल तक लागू रहा था।
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय हमारे देश में खाद्यान्न की कमी उत्पन्न हो गई थी। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने देशवासियों से प्रत्येक सोमवार को एक ही समय भोजन करने और अन्न बचाने का आह्वान किया था। उस समय सोमवार की संध्या को देशभर में सभी होटल बंद रहते थे। भोजनालय भी बंद रखे जाते थे, और यदि सोमवार की संध्या को कहीं बड़ी पार्टियाँ चल रही होतीं तो उन पर नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी छापे मारते थे और अन्न जब्त करते थे। साथ ही मालिक पर अपराध भी दर्ज करते थे। विवाह समारोह में भी 25 से अधिक लोगों को भोजन न देने जैसे प्रतिबंध उस समय लगाए गए थे।
1973 में भी खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हुई थी। उस समय भी ईंधन की कमी उत्पन्न हुई थी। तब नागपुर में 1.90 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल मिलता था। एक ही रात में वह भाव 3.10 रुपये हो गया था। तब भी पेट्रोल और डीजल लेने के लिए इसी प्रकार पंक्तियाँ लगानी पड़ती थीं। इसलिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नागरिकों से ईंधन पर चलने वाले वाहनों का उपयोग कम करने का आह्वान किया था।
1990-91 में पुनः एक बार इस्राइल और इराक के बीच युद्ध भड़क उठा था। उस समय भी ईंधन की समस्या उत्पन्न हुई थी। परिणामस्वरूप देश की अर्थव्यवस्था पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा था। उस समय ईंधन की कमी के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम तो बढ़े ही थे, साथ ही पेट्रोल-डीजल पर चलने वाली अनेक रेलगाड़ियाँ भी रद्द कर दी गई थीं। वैश्विक बाजार में रुपये का मूल्य भी काफी गिर गया था। उस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लेने के लिए कई किलोग्राम सोना रिजर्व बैंक को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास गिरवी रखना पड़ा था। उसके बाद भी अर्थव्यवस्था पूर्णतः बिगड़ी हुई थी। फिर नरसिम्हा राव सरकार के सत्ता में आने पर उन्हें रुपये का अवमूल्यन भी करना पड़ा था।
ये मेरे स्मरण में रहे कुछ उदाहरण मैंने पाठकों के लिए दिए हैं। ऐसे और भी कुछ प्रसंग घटित हुए हो सकते हैं। किन्तु इस बार हल्ला अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है। इसके पीछे भी विपक्ष का ही राजनीति है, ऐसा कहने के लिए पर्याप्त अवकाश है।
प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचाएँ और बिजली से चलने वाले वाहनों का उपयोग करें, ऐसा आह्वान करने पर सरकार को पहले यह कार्य करना चाहिए, ऐसी आलोचना विपक्ष द्वारा की गई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री के पास 15 से 20 वाहन क्यों होते हैं, ऐसा प्रश्न भी उठाया। किन्तु प्रधानमंत्री देश के अति विशिष्ट व्यक्ति होते हैं। हमारे देश में आतंकवादी गतिविधियाँ बड़े पैमाने पर होती हैं। इसके पूर्व भी प्रधानमंत्रियों पर हमले होने के प्रसंग घटित हुए हैं। इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तब उनके ही सुरक्षाकर्मी ने उन पर गोलियाँ चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मानव बम द्वारा हत्या की गई है। ऐसे प्रसंगों को ध्यान में रखते हुए अति विशिष्ट व्यक्तियों को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाती है। उसी के लिए यह वाहनों का काफिला होता है। यदि ऐसा विचार किया जाए तो किसी भी पद पर न रहते हुए पाँच-छह गाड़ियों का काफिला लेकर राज ठाकरे गाँव-गाँव घूमते ही हैं न।
किन्तु प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले के बहुत से वाहन कम कर दिए हैं, ऐसी सूचना है। अब वे केवल दो वाहन साथ लेकर जा रहे हैं और वे भी बिजली से चलने वाले ही हैं। सभी मंत्री और अधिकारियों के विदेश दौरे रद्द कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र में भी सभी मंत्रियों को बिजली से चलने वाले वाहन उपयोग करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज अपने ‘वर्षा’ बंगले से मंत्रालय बिजली से चलने वाली बाइक से आए, यह टीवी पर दिखाया गया। नागपुर में स्थायी समिति की अध्यक्ष तो बस से यात्रा करने लगी हैं। दिल्ली में भी केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव मेट्रो से आना-जाना कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अब वाहनों का काफिला साथ ले जाने के स्थान पर एक ही बस से मंत्री, उनका निजी स्टाफ, सुरक्षाकर्मी और पत्रकार सभी एक साथ यात्रा कर रहे हैं।
फिर भी विपक्ष का राजनीति करना जारी ही है। कुल मिलाकर विरोध के लिए विरोध ही उनकी नीति दिखाई देती है। किन्तु मेरे विचार से ऐसे प्रकार स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक सिद्ध होंगे। देश पर कोई भी संकट आया हो तो उसका राजनीति करने के स्थान पर सभी दलों को एक साथ आकर मार्ग निकालना चाहिए। उसी में सभी का और परिणामतः देश का हित है, ऐसा मुझे लगता है।
निस्संदेह यह मेरा मत हुआ…..
आप भी अपने स्पष्ट और निर्भीक मत प्रस्तुत कर सकते हैं…
सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस
नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :
माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
क्या है मामला – दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।
इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।
अन्य बड़ी कार्रवाईयां –
1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय – साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।
2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त – स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।
3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई – वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
4. अवैध शराब पर 15 गुनाह – एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।
5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह – अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।
6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड – जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।