Red Cross and universities to be involved in the campaign: Governor
MUMBAI : In the second week of May, the ‘TB-Free India’ campaign will be carried out in the slums of Mumbai, with the State Health Department, Mumbai Municipal Corporation, the Red Cross Society, and universities being involved in the effort, Governor Jishnu Dev Varma said here today.
A meeting of the Maharashtra branch of the Red Cross Society was held on Tuesday (May 5) under the chairmanship of the Governor. In addition, separate meetings were held with the Vice Chancellors of three universities in the state, during which the Governor issued these directions.
As per the Prime Minister’s directive, the ‘TB-Free India’ campaign is being implemented across the country. However, tuberculosis spreads rapidly in densely populated slum areas. Therefore, the campaign will be undertaken in the second week of May in slums located in Kurla and other parts of Mumbai, the Governor announced.
The Governor said that tuberculosis can be controlled if detected early. Under the campaign, TB screening will be conducted by the Health Department and the Municipal Corporation, while awareness, education, and outreach activities related to TB will be carried out by the Maharashtra branch of the Red Cross Society.
He further stated that NCC, Scouts and Guides, Rotary Clubs, and Youth Red Cross volunteers will also be involved in the campaign. Arrangements will also be made to provide nutritious food to TB patients.
The Governor suggested that the Red Cross Society should work in collaboration with universities and involve them actively in the campaign.
He also directed that the Red Cross Society should intensify its work across all districts of the state and restart activities in districts where they have ceased. Districts performing exceptionally well will be appropriately rewarded by Lok Bhavan.
The Governor also advised universities to assist in identifying TB-prone slum areas using Artificial Intelligence (AI) technology.
The meeting of the Red Cross Society was attended by Maharashtra branch Vice President Suresh Deora and other office-bearers, while the Vice Chancellors of the University of Mumbai, Dr. Babasaheb Ambedkar Technological University (BATU), and COEP Technological University were present at the university meeting
Maharashtra Governor Jishnu Dev Varma flagged off the National Motorcycle Rally comprising police teams from 10 States and Union Territories from Nariman Point, Mumbai. The Rally will culminate on National Unity Day, to be celebrated at the Statue of Unity, Gujarat on 31st October, the birth anniversary of Sardar Patel. The rally carries the twin messages of national unity and a Nasha Mukt Bharat (Drug-Free India).
Speaker of the Maharashtra Legislative Assembly Rahul Narwekar, Guardian Minister of Mumbai Suburban District Mangal Prabhat Lodha, Mayor of Mumbai Ritu Tawde, DGP Maharashtra Sadanand Date, Commissioner of Police Deven Bharti, Additional DGP SRPF Rajkumar Vhatkar, senior police officers and personnel from Maharashtra Police, and teams members from 10 States and UTs, and College students were present.
The Governor complimented the organizers for selecting the theme of ‘Nasha Mukt Bharat’ for the National Motorcycle Rally. He also complimented Maharashtra Police for setting up the Anti Narcotics Task Force.
Police personnel from Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Telangana, Puducherry, Andaman & Nicobar Islands, Goa, Karnataka, Kerala and Lakshadweep, joined by Maharashtra left for onward journey to the Statue of Unity.
पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून की दो शिकायतों पर पुलिस जांच शुरू, टाउन प्लानिंग ने कहा- नक्शा मंजूर ही नहीं, अग्निशमन विभाग ने कहा- NOC का रिकॉर्ड नहीं, 22 अक्टूबर को टीन पत्रे लगाकर शुरू हुआ निर्माण ?
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस स्थित शासकीय स्वाति बंगला क्र. 64/1 और उससे संलग्न सरकारी जमीन को फर्जीवाड़ा कर हड़पने और वहां प्रेस क्लब ऑफ नागपुर के नाम पर करोड़ों के अवैध बांधकाम का सनसनीखेज मामला सामने आया है। माजी नगरसेवक और नागरी हक्क संरक्षण मंच के केंद्रीय अध्यक्ष जनार्दन मून ने इस घोटाले की पोल खोलते हुए पत्रपरिषद 24.10.2026 को 5 बड़े अफसरों को लिखित शिकायत देकर तात्कालिक स्थल पंचनामा और कार्रवाई की मांग की है।
किस-किस को गई शिकायत – 1) विभागीय आयुक्त, नागपुर विभाग 2) जिल्हाधिकारी, नागपुर 3) पुलिस आयुक्त, नागपुर शहर 4) वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सीताबर्डी पुलिस ठाणे (By Speed Post) 5) उपसंचालक, नगर रचना विभाग, नागपुर महानगरपालिका
पुलिस आयुक्त कार्यालय में 23/10/2026 को और NMC टाउन प्लानिंग में भी 23/10/2026 को शिकायत रिसीव हुई है।
क्या है पूरा घोटाला – मून का आरोप : मून के अनुसार शासकीय स्वाति बंगला क्र. 64/1 व संलग्न शासकीय जमीन के बारे में गंभीर बाबें निदर्शन में आई हैं। आरोप है कि शासन को गुमराह कर फसवणूक कर जमीन हथियाई गई है। संबंधित जमीन पर मालिकी हक्क न होते हुए भी खुद को ‘Owner’ बताकर विकासक के साथ Development Agreement किया गया है, जिसकी सखोल जांच की मांग मून ने 29/08/2025 और 25/09/2026 को सीताबर्डी पुलिस थाने में की थी।
दूसरी शिकायत 25/09/2026 को इसलिए की गई कि पहली शिकायत वापस लेने के लिए वकील के जरिए दबाव डाला जा रहा है, मानसिक त्रास दिया जा रहा है और सुरक्षा को खतरा पैदा किया जा रहा है।
1. पुलिस चौकसी अधूरी – सहायक पुलिस आयुक्त, सीताबर्डी विभाग ने पत्र (दि. 15/10/2026) में कहा है कि चौकसी शुरू है, पर मुख्य आरोपी की सत्यता, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और जायदाद के कागजात की जांच का निष्कर्ष अभी तक नहीं आया।
2. फायर विभाग की ना हरकत प्रमाणपत्र ही नहीं – NMC अग्निशमन व आपात्कालीन सेवा विभाग, सिविल अग्निशमन केंद्र के प्र. अधिकारी सुनील एम. डोकरे ने पत्र क्र. NMC/IWL/FIRE/2026-27/10166, दि. 21/09/2026 और 20/09/2026 में लिखित में दिया है कि “उक्त इमारती बाबत सिविल अग्निशमन केंद्राच्या अभिलेखात शोध घेतला असता माहिती उपलब्ध नाही।” मतलब इस हाईराइज/क्लब इमारत के लिए फायर का प्राथमिक NOC तक नहीं लिया गया।
3. टाउन प्लानिंग ने कहा – नक्शा ही मंजूर नहीं! – नगर रचना विभाग के सहायक नगर रचनाकार श्री कापसे ने ऑनलाईन प्रमाणपत्र तपासणी में बताया कि संबंधित प्रकल्प का बांधकाम नक्शा मंजूर झालेले नसल्याचे। याबतची अधिकृत लेखी स्थिति नगर रचना से प्राप्त करना बाकी है।
4. 22 अक्टूबर को टीन पत्रे लगाकर शुरू हुआ काम? – मून ने 22/10/2026 को स्वाति बंगला के कंपाउंड की भीत पर ऊंचे टीन पत्रे लगाए जाने के फोटो सबूत जोड़े हैं। आरोप है कि परिसर में बांधकामपूर्व तैयारी या प्रत्यक्ष बांधकाम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। सिर्फ टीन पत्रे से बांधकाम वैध नहीं होता।
मून की 7 सूत्री मांग – तात्कालिक कार्रवाई करो – 1) मौके पर जाकर स्थल पंचनामा कर बांधकाम/खोदकाम शुरू है या नहीं, इसकी वस्तुस्थिति देखें। 2) मंजूर नक्शा, बांधकाम परवानगी, विकास परवानगी, फायर NOC और अन्य वैध मंजूरियों की अधिकृत पड़ताल करें। 3) जमीन की मालिकी, शासकीय मालमत्तेचे स्वरूप, वापर का अधिकार और विकास करार की वैधता की सक्क्षम महसूल व प्रशासनिक यंत्रणा से जांच करें। 4) बिना परवानगी या मंजूर नक्शे के विरुद्ध काम शुरू मिला तो काम थांबवण्याची नोटीस, स्थगिती और कायदेशीर कार्रवाई करें। 5) शासकीय जमीन वापराबाबत अनियमितता मिली तो संबंधित व्यक्ति और अधिकारियों की भूमिका तय कर दोषी पर कार्रवाई करें। 6) सीताबर्डी थाने में 29/08/2026 और 25/09/2026 की शिकायतों की सहस्थिती तपास कर तक्रारदार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। 7) की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी दें।
मून ने कहा है कि यह प्रकरण शासकीय जागेच्या हक्कांशी, सार्वजनिक प्रशासनातील पारदर्शकतेशी आणि बांधकामविषयक वैधानिक नियमांच्या पालनाशी संबंधित है। पुलिस चौकसी शुरू होते हुए और मंजूरियों पर सवाल होते हुए भी प्रत्यक्ष बांधकाम शुरू होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि वक्त रहते स्थलपहाणी व कागदपत्र पड़ताल कर संभाव्य अनियमितता रोकी जाए। उन्होंने इसे “पूर्वसूचना व तातडीच्या प्रशासकीय हस्तक्षेपाची विनंती“ मानकर निष्पक्ष जांच और उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उच्च व तंत्र शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील बोले – एक भी रुपया नहीं देना होगा, पहले शुल्क भर चुके छात्रों को होगी वापसी, सभी विश्वविद्यालयों ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
मुंबई, 23 अक्टूबर :
राज्य के दुष्काळग्रस्त तालुकों के विद्यार्थियों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। उच्च व तंत्र शिक्षा विभाग ने परीक्षा शुल्क माफी का निर्णय लिया है और इसके लिए परीक्षा फॉर्म में ‘जीरो चलन’ की सुविधा शुरू की गई है।
मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने बताया कि अब तक 2 लाख 40 हजार 365 विद्यार्थियों ने बिना एक रुपया भरे जीरो चलन के जरिए परीक्षा अर्ज दाखल किए हैं। उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी से पढ़ाई में रुकावट न आए।
उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों, संचालनालय और परीक्षा विभाग स्तर पर यंत्रणा कार्यरत है और परिपत्रक जारी किए गए हैं। जो विद्यार्थी पहले ही शुल्क भर चुके हैं, उन्हें राशि वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रहे और सवलत लेते समय कोई दिक्कत न आए।
शिकायत या जानकारी के लिए संपर्क –
विभाग ने प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए संपर्क अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं –
मुंबई विद्यापीठ : डॉ. पूजा रौंदले – 9322020589, लीलाधर बनसोड – 9833969977
सावित्रीबाई फुले पुणे :डॉ. राजेंद्र तलवारे – 9890642431, डॉ. सविता कुलकर्णी – 7720036774
शिवाजी कोल्हापुर : डॉ. अजितसिंग जाधव – 9545595999
नागपुर (राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज) : डॉ. अनुप पळसोकर – 8378974240, डॉ. विजय तांगडे – 9545112555
गोंडवाना गडचिरोली : डॉ. नवीन मंगुळे – 9511910575, डॉ. प्रिया गेडाम – 9049474119
अमरावती, जळगाव, नांदेड, संभाजीनगर, सोलापुर, SNDT, YCMOU नाशिकके लिए भी अलग अधिकारियों के नंबर जारी किए गए हैं।
छात्र अपने विश्वविद्यालय के परीक्षा व मूल्यमापन मंडल या विद्यार्थी विकास विभाग से संपर्क कर सकते हैं।