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Nagpur

IIIT Nagpur Hostel Tender Faces Objection Over EC, OC Compliance Issues

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Nagpur, 12 July 2026 :
A home buyer and class-action complainant, Avinash Chaurasia, has raised objections to IIIT Nagpur’s proposed tender for a commercial hostel facility at HooLiv Resident in Empyrean Township. The arrangement, slated to begin around 1st August 2026, reportedly involves using a building sanctioned as Studio Apartments and the community-owned Club House as a hostel mess for nearly 400 students.

According to the complainant, the primary concerns relate to regulatory compliance:

Key Allegations Made by Complainant

  • Occupancy & Environmental Clearance: It is alleged that the Studio Apartment building and the Club House do not have a valid Occupancy Certificate. The Environment Clearance dated 12-07-2010, last revalidated on 19-12-2018, is stated to have expired on 10-07-2024. The complainant has further alleged that the original clearance is void ab initio due to foundational irregularities.
  • Consent to Establish: The Consent to Establish dated 06-11-2008 is alleged to have been obtained on the basis of incorrect information. It is claimed that despite an Enquiry Committee report recommending action, consents continue to be renewed.
  • Sewage Treatment Capacity: Serious deficiencies have been alleged in the Sewage Treatment Plant. As per the complaint, the installed capacity is approximately 90 KLD or less, while the EC mandates 500 KLD for Phase-1 and 750 KLD for Phase-2, and that this may be inadequate for additional hostel and commercial kitchen load.
  • Use of Community Assets: Objection has been raised to the commercial use of the community-owned Club House and swimming pool, which the complainant states are located in the designated 10% playground area and have been subject to ownership disputes since October 2017. Notices regarding encroachment have also been cited.
  • Alternative Proposal: The complainant has stated that 700–800 home owners in the township are willing to provide direct rental/PG accommodation as a legal alternative, which would avoid use of disputed community facilities.

Appeals to Authorities
The complainant has made written appeals to:

  1. Director VNIT & Additional Charge, IIIT Nagpur – to cancel the tender and ensure due diligence on EC and OC documents.
  2. Commissioner, NMRDA – to not grant any Occupancy Certificate without verification and to consider provisions of the Environment (Protection) Act, 1986.
  3. Member Secretary, MPCB – to review the validity of CTE dated 06-11-2008 and pause further Consent to Operate renewals pending inquiry.
  4. Additional Commissioner & AE (West), local civic body – to verify all documents before issuing any occupancy permissions.

The complainant has stated that all documentary evidence, including a 991-page Environment Department file, has been offered for review and has requested a joint hearing before MPCB within 7 days. He has also written to the National Green Tribunal requesting suo motu cognizance, citing the Supreme Court judgment in MCGM vs Ankita Sinha. He has described his action as being in the interest of student safety and rule of law under Article 51A of the Constitution.

Status
No official response has been received from IIIT Nagpur, NMRDA, or MPCB at the time of filing this report. Media has been urged to seek comments from the concerned officials.

_Disclaimer: The above points are allegations made by the complainant. These have not been independently verified. No authority has made a final determination on the matter. This report is issued in public interest and does not intend to pre-judge any ongoing administrative or judicial process. नागपुर टुडे

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बच्चों ने देखा गोबरगैस संयंत्र, विज्ञान को जिया और पर्यावरण का लिया संकल्प

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  • परिसर अभ्यास के तहत कोदामेंढी में शामलाल धांडे के घर क्षेत्रभेंट, शेण से गैस बनने की प्रक्रिया, खाना पकाने में उपयोग और अवशेष से खाद बनने की जानकारी, प्रत्यक्ष अनुभव से बढ़ी वैज्ञानिक सोच

कोदामेंढी, 26 अक्टूबर 2026 :

आनंददायी शनिवार के तहत परिसर अभ्यास विषय के अंतर्गत जिला परिषद शाला तोंडली के विद्यार्थियों ने गांव में शामलाल धांडे के घर लगे गोबरगैस संयंत्र की क्षेत्रभेंट की।

परिसर अभ्यास में गोबरगैस संयंत्र के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई थी, जिसके बाद बच्चों के मन में कई सवाल उठे – गोबरगैस क्या है? यह कैसे बनता है? संयंत्र कैसे बना होता है? इसका उपयोग क्या है? इन्हीं जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए बच्चों को प्रत्यक्ष संयंत्र दिखाया गया।

इस दौरान बच्चों को संयंत्र की कार्यप्रणाली, गोबर से जैव-गैस (बायोगैस) बनने की प्रक्रिया, खाना पकाने में इसके उपयोग और संयंत्र से निकलने वाले अवशेषों का खाद के रूप में इस्तेमाल होने की विस्तृत जानकारी दी गई। शामलाल धांडे ने बच्चों के सभी सवालों के संतोषजनक जवाब दिए।

इस क्षेत्रभेंट के माध्यम से बच्चों को समझाया गया कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में कैसे उपयोगी है। गोबरगैस जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करते हैं और जैविक पदार्थों का सही उपयोग, कचरा प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का महत्व भी बताया गया।

इस अवसर पर मुख्याध्यापिका अनुराधा धुर्डे ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए प्रत्यक्ष निरीक्षण, प्रश्नोत्तर और साक्षात्कार के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने का महत्व समझाया। इस उपक्रम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, निरीक्षण कौशल, सवाल पूछने की प्रवृत्ति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। इस उपक्रम में सह-शिक्षक निलेश जाधव का सहयोग रहा।

किताबी ज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ने वाली यह क्षेत्रभेंट विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, आनंददायी और प्रेरणादायी साबित हुई।

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Hindi

पेच-कन्हान में अवैध रेत खनन की जांच अब CDR तक पहुंचने की मांग

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  • गरंडा-बखारी में पाइप और वैकल्पिक रास्तों पर उठे सवाल – पारशिवनी-कन्हान पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई की मांग, संगठित रैकेट के सबूत मिले तो मकोका लगाने की आवाज, तहसीलदार ने माने नदी में गड्ढों के बगल से बनाए गए वैकल्पिक रास्ते

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

पेच-कन्हान नदी क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन की शिकायतों के बीच जांच का दायरा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। पारशिवनी के तहसीलदार सुरेश वाघचौरे ने खुद माना है कि नदी पात्र में गड्ढे खोदकर रास्ते रोके जाने के बावजूद उनके बगल से वैकल्पिक रास्ते बनाए जा रहे हैं। ऐसे में अब सवाल सिर्फ रेत निकालने वालों पर नहीं, बल्कि पूरी चेन की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है।

माउली, नायकुंड, पालोरा, कालाफाटा, पिपला, वागोला, मेहदी, इटगांव, गरंडा, डोरली और बखारी क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों को लेकर मांग है कि प्रशासन उत्खनन स्थलों, परिवहन मार्गों, रेत के भंडारों और संबंधित दस्तावेजों की संयुक्त पड़ताल करे।

CDR और मोबाइल लोकेशन की कानूनी जांच की मांग –

मामले में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशन की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की मांग की जा रही है।

हालांकि यह स्पष्ट है कि केवल फोन संपर्क या लोकेशन के आधार पर किसी की संलिप्तता साबित नहीं होती। ऐसी जांच सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और लागू कानूनों के अनुसार ही हो सकती है। जांच में देखा जाना चाहिए कि संबंधित अवधि में शिकायतें कब मिलीं, उन पर क्या कार्रवाई हुई, मौके का निरीक्षण हुआ या नहीं और सरकारी रिकॉर्ड में क्या दर्ज है।

कुछ कर्मचारियों द्वारा एक से अधिक मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने का संदेह भी व्यक्त किया जा रहा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। एक से अधिक नंबर होना अपने आप में अपराध का सबूत नहीं है।

राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच हो –

स्थानीय स्तर पर इस कथित कारोबार में राजनीतिक संपर्कों या हस्तक्षेप की आशंका भी जताई जा रही है। लेकिन बिना ठोस प्रमाण के किसी व्यक्ति या पदाधिकारी पर आरोप को तथ्य नहीं माना जा सकता। मांग है कि प्रशासन बिना दबाव के शिकायतों, परमिट, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच करे।

गरंडा-बखारी में पाइप और रास्तों का रहस्य –

पेच नदी किनारे नया रास्ता तैयार करने और बखारी शिवार की ओर नदी पात्र में बड़े पाइप डालने की चर्चा को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। क्या इसके लिए संबंधित विभागों से अनुमति ली गई है? क्या नदी पात्र में बदलाव किया गया है? क्या इसका कथित अवैध रेत परिवहन से संबंध है? इन सवालों का जवाब संयुक्त स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच से ही मिल सकता है।

पारशिवनी-कन्हान पुलिस के समन्वय की जरूरत –

यह क्षेत्र पारशिवनी और कन्हान पुलिस थानों की सीमा में आता है, इसलिए दोनों थानों, राजस्व विभाग, रामटेक के उपविभागीय अधिकारी, जिलाधिकारी और नागपुर ग्रामीण पुलिस के बीच समन्वय जरूरी बताया जा रहा है। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मस्के और स्थानीय अपराध शाखा से संयुक्त जांच की मांग उठ रही है।

इस मामले में पारशिवनी के सहायक पुलिस निरीक्षक किशोर शेळके से फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

राजस्व मंत्री से DGP तक हस्तक्षेप की मांग –

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री, गृहमंत्री, पुलिस महानिदेशक, विशेष पुलिस महानिरीक्षक से मामले का संज्ञान लेने की मांग हो रही है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समन्वय से विशेष जांच अभियान चलाकर अधिकृत रेत स्रोत, परिवहन अनुमति और बाजार में आपूर्ति की स्थिति की भी पड़ताल करने की जरूरत बताई गई है।

संगठित अपराध मिला तो मकोका पर विचार –

मामले में कठोर कार्रवाई और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने की मांग भी उठी है। हालांकि मकोका के लिए सिर्फ बड़े पैमाने पर रेत चोरी की शिकायत पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कानून में निर्धारित संगठित अपराध के आवश्यक तत्वों का पूरा होना जरूरी है। यदि निष्पक्ष जांच में ऐसे ठोस प्रमाण मिलते हैं, तो सक्षम अधिकारी कानून के अनुसार कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं, अन्यथा खनन, राजस्व, पर्यावरण और आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई होगी।

फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन संयुक्त निरीक्षण कब करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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नागपुर में एकल महिलाओं का ऑनलाइन सर्वेक्षण शुरू, मनपा ने की जल्द पंजीकरण की अपील

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  • महिला व बाल विकास विभाग के निर्देश पर महापौर निता ठाकरे और आयुक्त डॉ. विपीन का आह्वान, घर बैठे लिंक पर जानकारी भरकर पंजीयन कराएं, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सर्वे अहम

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र शासन, महिला व बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार राज्य की सभी महानगरपालिकाओं को अपने कार्यक्षेत्र में रहने वाली एकल महिलाओं का सर्वेक्षण व पंजीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में नागपुर महानगरपालिका ने भी शहर की एकल महिलाओं के लिए ऑनलाइन सर्वेक्षण व पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की है।

महापौर श्रीमती निता ठाकरे और आयुक्त डॉ. विपीन ने नागपुर शहर की सभी एकल महिलाओं से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन सर्वेक्षण में भाग लेकर अपनी संपूर्ण जानकारी सही-सही भरकर पंजीकरण कराएं।

नागपुर महानगरपालिका द्वारा घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। एकल महिला सर्वेक्षण पंजीकरण लिंक – http://admin-dept-portal.emergent.host इस वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है।

मनपा ने बताया कि एकल महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शासकीय योजनाओं से जुड़े सशक्तिकरण के लिए यह पंजीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी एकल महिलाएं इस लिंक पर जाकर अपनी जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें और इस उपक्रम में सहयोग करें।

महापौर और आयुक्त ने कहा कि शहर की सभी एकल महिलाएं इस अवसर का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कर लें।

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