नागपुर – शहर में हॉकी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। जिलाधिकारी ने विदर्भ हॉकी संघ (वीएचए) का पट्टा समाप्त कर तहसीलदार को भूमि का कब्जा लेने का आदेश दिया है। 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि संघ पट्टे की शर्तों का पालन करने में विफल रहा है।
क्या है पूरा मामला विदर्भ हॉकी संघ सन 1962 से अमरावती मार्ग पर 3.8 एकड़ भूमि के कब्जे में है। वर्ष 2007 में इसका पट्टा 30 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया गया था, जो 2037 तक वैध था।
जिलाधिकारी ने कुछ समय पूर्व कारण बताओ नोटिस भेजकर संघ से पट्टे से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने और यह बताने को कहा था कि क्या पट्टे के नियमों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है। संघ ने नोटिसों का उत्तर दिया और सुनवाई में भी उपस्थित हुआ। संघ ने जिला क्रीड़ा कार्यालय का वह पत्र भी संलग्न किया जिसमें पिछले वर्ष 2025 में अंतर-विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता आयोजित कराने के लिए संघ की सराहना की गई थी।
पट्टा रद्द करने के कारण जिला क्रीड़ा कार्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रतिकूल प्रतिवेदन के आधार पर यह आदेश दिया गया। प्रतिवेदन में खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं के अभाव और मैदान पर प्रतियोगिताओं के आयोजन न होने की बात कही गई।
आदेश में पट्टा रद्द करने के अन्य कारण भी गिनाए गए हैं: मैदान का रखरखाव न होना, चारों ओर ऊँची झाड़ियाँ होना, एस्ट्रो-टर्फ का अभाव, खुला नाला जिससे खिलाड़ियों को चोट लग सकती है, गोलपोस्ट न होना, मैदान पर चिह्नांकन न होना, जलनिकासी व्यवस्था न होना, वस्त्र बदलने का कक्ष न होना, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होना और अन्य सुविधाओं का अभाव।
आदेश में यह भी कहा गया है कि वार्षिक पट्टा शुल्क का भुगतान कई वर्षों से नहीं किया गया है।
संघ ने सभी आरोपों को बताया निराधार वीएचए के समन्वयक कृष्ण जोशी ने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा, “मैदान में वस्त्र बदलने का कक्ष, शौचालय और स्वच्छ पेयजल के लिए एक्वागार्ड सहित सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह हॉकी का मौसम नहीं है और चिह्नांकन मैचों अथवा प्रतियोगिताओं के समय ही किया जाता है। बरसात के मौसम में भला चिह्नांकन कैसे हो सकता है? घास की कटाई बरसात समाप्त होते ही तुरंत शुरू कर दी जाती है।”
जोशी ने यह भी आश्चर्य व्यक्त किया कि केवल वीएचए को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है, किसी अन्य संघ को नहीं।
उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की माँग इस निर्णय के विरुद्ध संघ ने संभागीय आयुक्त से हस्तक्षेप की माँग की है और जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया है।
संघ ने महाराष्ट्र शासन के क्रीड़ा एवं युवा सेवा निदेशालय, पुणे आयुक्त को खिलाड़ियों को खेल कोटे में रियायती अंक देने के संबंध में हाल ही में आए उच्च न्यायालय के निर्णय का भी उल्लेख किया है। उच्च न्यायालय ने निदेशालय को तीन सप्ताह के भीतर इस पर निर्णय लेकर वीएचए को सूचित करने का निर्देश दिया था, परंतु अभी तक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
इसके साथ ही संघ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री फडणवीस वीएचए के संरक्षक भी हैं।
पत्र में कहा गया है, “मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूँ कि इस मामले में कृपया हस्तक्षेप करें, जिसका प्रभाव केवल विदर्भ हॉकी संघ पर ही नहीं, बल्कि विदर्भ क्षेत्र में हॉकी के भविष्य पर भी पड़ेगा। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि उचित स्तर पर इस मामले पर पुनर्विचार करने का निर्देश दें, विशेषकर जब निदेशालय के समक्ष कार्यवाही लंबित है और इस ऐतिहासिक क्रीड़ा संस्था को बचाए रखने में जनहित निहित है।”
वर्तमान में पूरे प्रकरण पर संभागीय आयुक्त के निर्णय और क्रीड़ा निदेशालय की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा
भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”
महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन – सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :
डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।
इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।
गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।
गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।
मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी – प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।
दुकान और मकान का विवरण –
दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337 पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।
नुकसान का विवरण –
अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।
कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।
आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।
विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।
आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।
ज्ञापन में क्या कहा – ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।
उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।
इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।
विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।
गडकरी का आश्वासन – शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।