गो-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे,मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा’ का समापन*
नागपुर, 5 जुलाई :पशुसंवर्धन विभाग को केंद्र में रखकर विकास वृद्धि की योजना (ग्रोथ स्ट्रैटेजी) तैयार की गई है। इसके माध्यम से 25 प्रतिशत विकास दर हासिल करने का प्रयास है। इससे कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था बनाकर राज्य में पशुपालन के जरिए समृद्धि लाई जा सकेगी और इस प्रयास में राज्य गोसेवा आयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा, ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां किया। गो-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा और इससे किसानों को संकट में मजबूती से खड़े रहने का बल मिलेगा, ऐसा विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया।
राज्य सरकार के पशुसंवर्धन विभाग और राज्य गोसेवा आयोग के संयुक्त तत्वावधान में यहां वसंतराव देशपांडे सभागृह में आयोजित ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा-2026’ के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोल रहे थे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री एड. आशीष जयसवाल, सांसद माया इवनाते, नागपुर की महापौर नीता ठाकरे, पशुसंवर्धन विभाग के आयुक्त किरण पाटील, महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंदड़ा आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत देश में समृद्ध कृषि संस्कृति थी और उसके केंद्र में गाय थी। गाय आधार देने वाली है। गीर, थारपारकर, राठी, साहिवाल, लालसिंधी, देवणी, गावलाव ऐसी भारतीय देशी गायों का बड़ा इतिहास है। देशी गायों के संवर्धन से कृषि की प्रगति को बढ़ावा मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राजील देश ने भारतीय देशी गायों पर प्रयोग कर उस देश में दूध उत्पादन की क्रांति की। दुनिया के 10 देशों ने भारतीय देशी गायें ले जाकर संकर गायें तैयार कीं। उन देशों की गायों में 80 प्रतिशत जीन भारतीय देशी गायों के हैं।
जिन किसानों के पास गायें हैं, उन्होंने विपरीत परिस्थिति में भी हिम्मत नहीं हारी और आत्महत्या नहीं की, इस संबंध में शोध और रिपोर्ट प्रकाशित है, ऐसा बताकर उन्होंने गायों का महत्व रेखांकित किया। बड़े पैमाने पर जागरूकता और विकसित पद्धतियों से देश में अधिक दूध देने वाली गायें तैयार की जा सकती हैं, ऐसा चित्र है। इसे शोध का साथ देकर मूल्य श्रृंखला बनाई जा सकती है, ऐसा भी उन्होंने कहा। गायों के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ शोध को जोड़कर हर गोशाला शक्ति केंद्र बने, ऐसी अपेक्षा उन्होंने व्यक्त की। गोपालन के साथ-साथ गो-आधारित अर्थव्यवस्था खड़ी की जा सकेगी और इससे बड़ा परिवर्तन लाया जा सकेगा, ऐसा विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया। गाय के गोबर से बनने वाले पेंट, विभिन्न दवाओं में गोमूत्र, गोबर और दूध का उपयोग जैसे गो-आधारित उत्पादों का उचित ब्रांडिंग करने में पहल करें। राज्य सरकार ऐसे उत्पादों के लिए विभिन्न स्थानों पर रियायती दर पर या नाममात्र दर पर स्टॉल उपलब्ध कराएगी, ऐसा भी उन्होंने कहा।
गोवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न निर्णय लिए हैं। भविष्य में गो-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए निर्णय लिए जाएंगे। इससे इस क्षेत्र को बल मिलेगा और इसके लिए गोसेवा आयोग और गौपालकों के साथ सरकार मजबूती से खड़ी रहेगी, ऐसा भी उन्होंने कहा।
गोवंश संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने कठोर निर्णय लिए – डॉ. भोयर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मजबूत नेतृत्व के कारण राज्य में गोवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए कठोर निर्णय लिए गए हैं, ऐसा स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा। गो-तस्करों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून – मकोका लगाने का निर्णय लेकर राज्य में गो-तस्करी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। साथ ही जिन वाहनों से बार-बार गो-तस्करी होती है, उन वाहनों का पंजीकरण स्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया गया है। आने वाले समय में भी गोवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे, ऐसा भी डॉ. भोयर ने कहा।
चारा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण शासन निर्णय जारी कर गोवंश संवर्धन – एड. जयसवाल
गोवंश संवर्धन के लिए राज्य सरकार ने सक्रिय पहल की है और गायों का उचित पोषण हो तथा उन्हें चारा उपलब्ध हो, इसके लिए 19 जून 2026 को शासन निर्णय जारी किया गया है, ऐसा वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री एड. आशीष जयसवाल ने बताया। इस निर्णय के द्वारा गायों के चारे के लिए सरकारी जमीन महिला बचत समूहों को 3 वर्ष के लिए पट्टे – लीज समझौते पर दी जाएगी और गायों के चराई के लिए क्षेत्र आरक्षित किए जाएंगे, ऐसा उन्होंने बताया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों राज्य गोसेवा आयोग की त्रैवार्षिक कार्य रिपोर्ट और गोसेवा आयोग योजना पुस्तिका का विमोचन किया गया। राज्य की गोशालाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के लिए ‘गोटेन’ ब्रांड के प्रतीक चिन्ह का अनावरण भी उनके द्वारा किया गया। महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंदड़ा ने प्रस्तावना में आयोग के कार्य और ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा’ की जानकारी दी।
राज्य में 22 जून से 5 जुलाई 2026 ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा’
राज्य में गोसंवर्धन, गोसेवा और भारतीय संस्कृति में गोमाता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा’ 22 जून से 5 जुलाई 2026 की अवधि में आयोजित की गई। इस यात्रा के दौरान राज्य के 25 जिलों में प्रत्यक्ष भेंटें देते हुए लगभग 6 हजार किलोमीटर की यात्रा की गई। 1 हजार से अधिक गोशालाओं ने इसमें भाग लिया। लगभग 15 हजार गोशाला संचालकों, गोसेवकों, गौपालकों और किसानों से सीधा संवाद किया गया। नेशनल टुडे
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा
भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”
महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन – सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :
डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।
इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।
गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।
गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।
मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी – प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।
दुकान और मकान का विवरण –
दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337 पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।
नुकसान का विवरण –
अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।
कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।
आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।
विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।
आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।
ज्ञापन में क्या कहा – ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।
उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।
इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।
विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।
गडकरी का आश्वासन – शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।