नागपुर कृषि क्षेत्र में जोखिम को कम करने और किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए एक वर्ष के आधार पर किया जा रहा है। नागपुर विभागीय कृषि सहसंचालक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
अनिवार्य पात्रता: योजना में भाग लेने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल के अंतर्गत किसान पहचान पत्र (Farmer ID) होना अनिवार्य है।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण: फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत अपनी फसल की अनिवार्य रूप से प्रविष्टि करानी होगी। बीमा में दर्ज फसल और डिजिटल सर्वेक्षण में दर्ज फसल में अंतर पाए जाने पर डिजिटल सर्वेक्षण की प्रविष्टि को अंतिम माना जाएगा। विसंगति होने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
न्यूनतम क्षेत्र: प्रति आवेदन न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर भूमि होना आवश्यक है।
ऐच्छिक भागीदारी: यह योजना ऋणी और गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसानों के लिए ऐच्छिक है।
किराए पर खेती करने वाले किसान: अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल की खेती करने वाले पट्टेदार किसान भी भाग ले सकते हैं, परंतु उनके पास पंजीकृत पट्टा अनुबंध होना अनिवार्य है।
प्रीमियम दर:
खरीफ फसलों के लिए: 2 प्रतिशत
रबी फसलों के लिए: 1.5 प्रतिशत
खरीफ और रबी दोनों में नकदी फसलों के लिए: 5 प्रतिशत
जोखिम स्तर: खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए सभी फसलों हेतु जोखिम स्तर 70 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
कड़ी कार्रवाई: फर्जी या धोखाधड़ी के उद्देश्य से बीमा कराने पर संबंधित किसान को 5 वर्ष तक योजना से वंचित किया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी डीबीटी योजनाओं का लाभ भी रोका जाएगा। मृतक किसान के नाम या अवैध तरीके से बीमा कराने पर प्रस्ताव रद्द कर दिया जाएगा।
बीमा संरक्षण का दायरा इस योजना के अंतर्गत फसल बुवाई से लेकर कटाई तक की अवधि में प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम और अन्य कारणों से होने वाले उत्पादन नुकसान को कवर किया जाएगा। नुकसान का आकलन फसल कटाई प्रयोग और तकनीकी उत्पादन आधार पर किया जाएगा।
आवेदन की अंतिम तिथि और संपर्क किसानों से अनुरोध है कि वे 31 जुलाई 2026 तक अपने नजदीकी बैंक शाखा या सेवा केंद्र में जाकर निर्धारित प्रीमियम जमा कर योजना में भागीदारी सुनिश्चित करें।
बीमा कंपनियां और संपर्क:
वर्धा, नागपुर, गोंदिया जिलों के लिए: यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ईमेल: pmfby2026@uiic.co.in
भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली जिलों के लिए: इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ईमेल: Supportagri@iffcotokio.co.in
प्रमुख फसलों के लिए बीमा राशि और प्रीमियम जिलाफसलबीमा राशि (प्रति हेक्टेयर)किसान द्वारा देय प्रीमियम (प्रति हेक्टेयर) वर्धा कपास 65,000 रुपये 650 रुपये सोयाबीन 58,000 रुपये 580 रुपये तूर 47,000 रुपये 470 रुपये नागपुर धान 65,000 रुपये 650 रुपये सोयाबीन 62,500 रुपये 1,250 रुपये कपास 65,000 रुपये 650 रुपये चंद्रपुर धान 65,000 रुपये 1,300 रुपये सोयाबीन 62,500 रुपये 1,250 रुपये कपास 65,000 रुपये 1,300 रुपये गढ़चिरौली धान 59,150 रुपये 591.50 रुपये कपास 50,000 रुपये 500 रुपये नोट: अन्य फसलों और जिलों की विस्तृत जानकारी के लिए कृषि विभाग से संपर्क किया जा सकता है।
किसानों से अपील विभागीय कृषि सहसंचालक, नागपुर श्री उमेश घाटगे ने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के मंडल कृषि अधिकारी, तालुका कृषि अधिकारी, उपविभागीय कृषि अधिकारी या जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर कृषि को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय रहते आवेदन कर अपने भविष्य को सुरक्षित करें।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा
भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”
महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन – सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :
डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।
इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।
गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।
गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।
मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी – प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।
दुकान और मकान का विवरण –
दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337 पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।
नुकसान का विवरण –
अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।
कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।
आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।
विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।
आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।
ज्ञापन में क्या कहा – ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।
उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।
इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।
विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।
गडकरी का आश्वासन – शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।