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सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का भव्य समापन, गर्भगृह निर्माण महायज्ञ में सैकड़ों भक्त बने यजमान  

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  • एच एच भक्तिपद्म सौरभ प्रचारक स्वामी महाराज ने कहा: नागपुर का नवमंदिर बनेगा भगवान श्री कृष्ण की अवतार स्थली, 240 से अधिक परिवारों ने कथा में लिया भाग  

नागपुर, 25 मई 2026: अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन नागपुर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन इस्कॉन के संस्थापकाचार्य ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के प्रिय शिष्य श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज के आदेश तथा इस्कॉन नागपुर के अध्यक्ष सच्चिदानंद प्रभु के सानिध्य में किया गया।  

मुख्य यजमान एवं भव्य कलश यात्रा  
इस पावन कथा सप्ताह के मुख्य यजमान स्वर्गीय दत्तात्रय मधुसूदन खानझोडे की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र अश्विन खानझोडे एवं अक्षय खानझोडे परिवार रहे। कथा सप्ताह में लगभग 240 से अधिक परिवारों ने यजमान के रूप में सहभाग लेकर आध्यात्मिक पुण्य अर्जित किया।  

कथा का शुभारंभ मंदिर परिसर से नक्षत्र बैंक्वेट हॉल तक निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सभी यजमान अपने परिवार सहित इस मंगलमय यात्रा एवं कथा संकल्प में सम्मिलित हुए।  

कथा व्यास ने जोड़ा नवमंदिर से प्रसंग  
इस्कॉन नागपुर के प्रवक्ता डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने बताया कि कथा व्यास परम पूज्य भक्तिपद्म सौरभ प्रचारक स्वामी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं हृदयस्पर्शी प्रवचनों से समस्त श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने पुरुषोत्तम मास की महिमा के साथ भगवान श्री कृष्ण के जन्म की रोचक कथा सुनाई और नागपुर में नवनिर्माणाधीन गर्भ गृह को इस कथा से जोड़ा।  

महाराज ने कहा कि सबसे पहले श्री कृष्ण वसुदेव जी के मन में प्रकट हुए। वसुदेव जी ने देवकी के हृदय में भगवान को स्थानांतरित किया। जैसे सूर्य एवं चंद्र के प्रकट होने से सारा अंधकार दूर हो जाता है वैसे ही भगवान श्री कृष्ण के प्रकट होने पर पूरा कारागार प्रकाशित हो गया। उन्होंने बताया कि देवकी का हृदय गर्भ नागपुर में भी प्रकट हो रहा है। हम भगवान की स्थापना जहां करते हैं उस क्षेत्र को गर्भ गृह कहते हैं। देवकी का हृदय गर्भ गृह है। जहां मंदिर में भगवान प्रकट होते हैं वह भी गर्भ गृह है। इन दोनों में कोई अंतर नहीं है।  

महाराज ने कहा कि वो गर्भ गृह केवल देवकी का ही नहीं हमारा हृदय भी गर्भ गृह हो सकता है। हमारा सौभाग्य है कि भगवान श्री कृष्ण नागपुर के नव मंदिर में प्रकट होने वाले हैं। नागपुर का जो मंदिर बन रहा है वो भगवान श्री कृष्ण की अवतार स्थली है। देवकी को जो सौभाग्य प्राप्त हुआ वो ही सौभाग्य आपको प्राप्त हो सकता है।  

108 कुण्डीय गर्भगृह निर्माण महायज्ञ की घोषणा  
कथा के दौरान इस्कॉन नागपुर के उपाध्यक्ष हरिकीर्तन प्रभु ने IVCC के दिव्य गर्भगृह निर्माण महायज्ञ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह 108 कुण्डीय यज्ञ मोक्षदा एकादशी यानी गीता जयंती के दिन IVCC के नव निर्मित मंदिर प्रांगण, इंपीरियन टाउनशिप, मौजा कोतेवाड़ा खसरा नंबर 132/2, प्लॉट नंबर 3A-1, तहसील हिंगणा, जिला नागपुर में सम्पन्न होगा। घोषणा के बाद सैकड़ों भक्त स्वयंस्फूर्त इस महायज्ञ के यजमान बन गए।  

कथा समापन के बाद पूर्णाहुति यज्ञ संपन्न हुआ जिसमें सभी यजमानों द्वारा स्पर्श किये हुए साकल्य से आहुति दी गई।  

इन भक्तों का रहा विशेष सहयोग  
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मंदिर व्यवस्थापन समिति के सदस्य हरि कीर्तन दास, प्राणनाथ दास, विशाल दास, डॉ. श्यामसुंदर शर्मा, साधना भक्ति देवी दासी, वेणुगोपाल दास, ब्रजेन्द्रतनय दास, परमकरुणा दास, पंढरीनाथ दास एवं आराध्य भगवान दास का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।  

भागवत सेवा सहयोगी समिति के सदस्य आशीष खंडेलवाल, जयप्रकाश यादव, सचिनतय गौर दास, धर्मपुत्र युधिष्ठिर दास, किशन दवे, नटवर गोविंद दास, वृंदावन दास, अजय परलकर, विश्वरूप दास, वामन हारोडे, सूर्यवंशी राम दास, माधवी देविदासी, सखी स्मृति देविदासी, लक्ष्मी प्रिया देविदासी सहित अनेक माताजी ने विशेष सेवाएं दीं।  

इसके अतिरिक्त पूनमचंद मालू, सीमा अग्रवाल, महेश गुप्ता, अशोक हिरणवार, विजय उमेश शर्मा, कमला धांडे, भरत खुशलानी, मनीष त्रिवेदी, राजन कोठारी, रमेश गांधी, यशवंत राहंगडाले, डॉ. गिरीश चरडे, रामस्वरुप सारड़ा, डॉ. मधुसूदन सारड़ा, अजीत सारड़ा, दिनेश गोलानी, पावन नरसिम्हा दास सहित सैकड़ों भक्तों ने कथा सप्ताह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।    

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19वें अर्बन मोबिलिटी सम्मेलन में महामेट्रो को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ का राष्ट्रीय पुरस्कार

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  • केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा

भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में
पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”

महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन –
सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :

  1. डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
  2. संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
  3. डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
  4. सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
  5. स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
  6. सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।

इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।

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गीतांजली टॉकीज के सामने इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग, 35.70 लाख का नुकसान

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  • गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक

नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।

गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।

मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी –
प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।

दुकान और मकान का विवरण –

  1. दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
  2. बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
  3. बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337
    पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।

नुकसान का विवरण –

  1. अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
  2. रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
  3. मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।

कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।

आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।

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महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय को भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने का प्रयास करूंगा – गडकरी

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  • विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग

नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।

आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।

ज्ञापन में क्या कहा –
ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।

अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।

उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।

इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।

विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।

गडकरी का आश्वासन –
शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।

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