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Vidharbha

Ashram Schools Death Toll Crosses 1,200, Activist Seeks Nationalization

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  • TISS report flags poor facilities after Gadchiroli tragedy, Kishore Tiwari lists four demands to CM Fadnavis

GADCHIROLI,August 13, 2026 :

The death toll in Maharashtra’s aided Ashram Schools has risen sharply, with activists citing 793 deaths in 2017 and more than 1,200 deaths till 2026. A recent TISS report has highlighted what it calls systemic neglect in residential tribal schools, bringing the issue back into focus after the Gadchiroli tragedy in which three girls died at the Dhanora Ashram School.

Farmers’ rights activist Kishore Tiwari on Tuesday accused the state government of ignoring repeated warnings and said the Gadchiroli incident had “brought the truth before society.” He directly targeted Chief Minister Devendra Fadnavis, alleging that the CM was aware of the conditions but had “kept a blind eye.” Tiwari also claimed that Fadnavis has never opened an aided school during his political career and said this record now stands exposed as power rests with him.

Four Demands Submitted to CM

In a statement, Tiwari listed four immediate demands for the Chief Minister:

1. Immediate Nationalization: Take over all 2,350 aided Ashram Schools in the state. Impose a permanent ban on political trusts and leaders of all parties from running these institutions.

2. Culpable Homicide Case: Register a case of culpable homicide not amounting to murder against the trustees of Dhanora Ashram School in connection with the deaths of the three girls.

3. Basic Human Facilities: Ensure every child receives a cot, mattress, clean toilet, hot water, CCTV coverage, a female warden, and a full-time doctor on campus.

4. Direct Benefit Transfer: Until nationalization is completed, release grants directly to the School Management Committee. Tiwari proposed that 75 percent of SMC members should be parents, and funds should not be routed through politicians.

Context from TISS Report

The TISS report, referenced by Tiwari, documents overcrowding, poor sanitation, lack of medical staff, and inadequate safety measures in several aided Ashram Schools across tribal districts. It links these gaps to repeated student deaths over the last decade.

The state government has not yet responded to the four demands. The Gadchiroli administration confirmed an inquiry is underway into the Dhanora school incident, but has not commented on the proposed nationalization or on the culpable homicide demand.

Tribal rights groups in Gadchiroli, Chandrapur and Gondia said they will back the campaign for direct funding to parent-led committees, arguing that current grant channels allow political interference in school management.

The issue is expected to be raised in the upcoming state assembly session, with opposition members seeking a discussion on Ashram School safety standards and accountability.

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वडेट्टीवार का बड़ा बयान – कांग्रेस की गुटबाजी से नागपुर शहर में नुकसान, फिर भी ग्रामीण समर्थन से वंजारी की जीत पक्की

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  • स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में 38 उम्मीदवार, 64.82% मतदान के बाद कल मतगणना, वडेट्टीवार ने कहा – शहर के नेताओं ने ‘तुझा की माझा’ खेला, चंद्रपुर-गडचिरोली में वंजारी को अभूतपूर्व समर्थन

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर विभाग पदवीधर (स्नातक) मतदारसंघ चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले कांग्रेस में अंतर्कलह खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर शहर के कई स्थानीय नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने चुनाव के दौरान घोला घातला (धोखा दिया) और ‘तुझा की माझा’ का खेल खेलकर समय बर्बाद किया।

वडेट्टीवार ने हालांकि दावा किया है कि इसके बावजूद महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार अभिजित वंजारी की जीत 100% निश्चित है, क्योंकि नागपुर ग्रामीण और शेष विदर्भ में उन्हें स्नातक मतदाताओं का अभूतपूर्व समर्थन मिला है।

वडेट्टीवार ने क्या कहा ?
चुनाव पर बात करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्य के राजस्व मंत्री ने इस स्नातक चुनाव को अत्यंत प्रतिष्ठा का विषय बना दिया था। सत्ता पक्ष के नेताओं ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में झोंक दी थी, तब कांग्रेस के स्थानीय स्तर के कुछ नेताओं की भूमिका संदेहास्पद और सुस्त रही।

उन्होंने कहा, “कुछ नेताओं के नाम लेना उचित नहीं होगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि ये नेता चुनाव के काम में देर से लगे। अभिजित वंजारी हमेशा सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को साथ लेकर चलने वाले जननेता हैं, परंतु नागपुर शहर में वैसी एकजुटता या तालमेल दिखाई नहीं दिया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक लोगों ने एक-दूसरे की टांग खिंचाई में ही समय गंवा दिया।

ग्रामीण भाग पर भरोसा –
वडेट्टीवार ने कहा कि चंद्रपुर, गडचिरोली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मतदाता बड़ी संख्या में वंजारी के पीछे खड़े रहे हैं। वहां उन्हें प्रचंड प्रतिसाद मिला है।

“नागपुर से 50% मत मिले तो भी, नागपुर के अलावा शेष चार से पांच जिलों से अभिजित वंजारी को स्नातक मतदाताओं का उत्तम और अभूतपूर्व समर्थन मिला है। इसी ग्रामीण समर्थन के मजबूत भरोसे पर महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार अभिजित वंजारी 100% चुनावी मैदान में बाजी मारेंगे और विजयी होकर विधान परिषद में जाएंगे, ऐसा ठोस विश्वास है।”

पृष्ठभूमि –
गौरतलब है कि नागपुर विभाग स्नातक मतदारसंघ के लिए 23 अक्टूबर को 6 जिलों – नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गडचिरोली के 445 केंद्रों पर मतदान हुआ था, जिसमें 64.82% मतदान दर्ज हुआ। कुल 38 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना कल 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मानकापुर इनडोर स्टेडियम में 84 टेबल पर होगी।

वडेट्टीवार के इस बयान के बाद नागपुर स्नातक चुनाव का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है और पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो गई है।

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NGO सशक्तिकरण पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न, 6 जिलों की 22 संस्थाओं ने लिया हिस्सा

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  • ग्रामायण प्रतिष्ठान और दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान का संयुक्त आयोजन, CSR फंड, 12A-80G, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और ब्रांडिंग पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन

यवतमाल, 25 अक्टूबर 2026 :

ग्रामायण प्रतिष्ठान, नागपुर और दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान (दीनदयाल प्रबोधिनी), यवतमाल के संयुक्त तत्वावधान में “NGO का सशक्तिकरण – Strengthening of NGO” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यशाला का आयोजन सुबह 10.00 से शाम 5.00 बजे तक दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान, मातोश्री वृद्धाश्रम के पास, निलोना तालाब के किनारे, गोधनी, यवतमाल में किया गया था।

40 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी –
इस कार्यशाला में यवतमाल जिले के अलावा वर्धा और वाशिम जिले से भी सेवाभावी संस्थाओं के पदाधिकारी विशेष निमंत्रण पर उपस्थित रहे। कुल 6 जिलों की 22 संस्थाओं के 40 से अधिक प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में सहभाग लिया।

इन विषयों पर हुआ गहन मार्गदर्शन –
कार्यशाला में NGO से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सखोल मार्गदर्शन दिया गया :

  1. NGO पंजीकरण प्रक्रिया, 12A, 80G, CSR-1
  2. CSR फंड प्राप्त करने की प्रक्रिया और कंपनियों से संपर्क कैसे करें
  3. प्रभावी प्रोजेक्ट रिपोर्ट और वार्षिक रिपोर्ट कैसे तैयार करें
  4. हिसाब, ऑडिट और दस्तावेजों की पूर्तता

ग्रामायण प्रतिष्ठान की ओर से श्री विजय खटी ने इन विषयों पर मार्गदर्शन किया। श्री खटी को CSR संबंधी विषयों का कई वर्षों का अनुभव है। इसके बाद ब्रांडिंग और सोशल मीडिया विषय पर ग्रामायण के अध्यक्ष श्री अनिल सांबरे ने उपस्थितों को मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ –
कार्यक्रम के प्रारंभ में दीनदयाल जी और भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन किया गया। दीनदयाल संस्था के कार्य को दर्शाने वाली एक वीडियो फिल्म दिखाई गई। दीनदयाल प्रबोधिनी के CEO श्री गजानन परसोडकर ने सभी NGO पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। मंजुषा रागीट ने ग्रामायण प्रतिष्ठान की भूमिका स्पष्ट की।

इस अवसर पर दीनदयाल प्रतिष्ठान के सचिव श्री विजयराव कद्रे, श्री अनिल सांबरे, डॉ. चंद्रकांत रागीट, श्री संजय सराफ विशेष रूप से उपस्थित थे। उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने अपना और अपनी संस्था का परिचय दिया।

आयोजकों ने बताया कि कई संस्थाएं वर्षों से उत्कृष्ट सामाजिक कार्य कर रही हैं, लेकिन दस्तावेज, CSR फंड और सरकारी योजनाओं के अभाव में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन कठिनाइयों को दूर कर संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था।

उपस्थित संस्थाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस उपक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने की मांग की।

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नागपुर स्नातक चुनाव में 64.82% फाइनल मतदान, चंद्रपुर में सबसे ज्यादा 73% वोटिंग, नागपुर सबसे पीछे

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  • कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा

नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :

नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।

कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।

जिलावार फाइनल आंकड़ा –
जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत
नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम
भंडारा 21,349 14,319 67.07%
गोंदिया 22,176 15,810 71.29%
वर्धा 21,742 14,861 68.35%
चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा
गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95%
कुल 2,55,603 1,65,672 64.82%
जेंडर वाइज विश्लेषण –

  • पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
  • महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
  • अन्य : 22 में से 1 – 4.55%

पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।

सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।

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