नागपुर महानगरपालिका परिवहन विभाग की आधिकारिक स्थिति
आधिकारिक खंडन नागपुर महानगरपालिका परिवहन विभाग और शहर की बस सेवाओं को लेकर कुछ समाचार पत्रों एवं मीडिया चैनलों में हाल ही में जो खबरें, आरोप और भ्रामक शीर्षक प्रकाशित किए गए हैं, वे तथ्यहीन, अधूरी जानकारी पर आधारित, तकनीकी रूप से गलत और विभाग की छवि खराब करने के उद्देश्य से प्रेरित हैं।
विशेषकर कुछ विरोधी जनप्रतिनिधियों द्वारा व्यक्तिगत द्वेष, राजनीतिक मंशा या अधूरी जानकारी के आधार पर लगाए गए आरोप, दस्तावेजों, अनुबंधों, सरकारी प्रक्रिया और तकनीकी रिकॉर्ड की वास्तविक जांच के बिना किए गए हैं।
इस तरह के निराधार आरोप न केवल विभाग की साख को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शहर की आवश्यक सार्वजनिक बस सेवा को लेकर नागरिकों में अनावश्यक भ्रम और अविश्वास पैदा करते हैं। यह पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना और जनहित के खिलाफ है।
नागपुर महानगरपालिका परिवहन विभाग की स्पष्ट और आधिकारिक स्थिति
1. सभी प्रक्रियाएं कानूनी दायरे और रिकॉर्ड के साथ पूरी की गई हैं बस संचालन, टिकट व्यवस्था, वाहन ट्रैकिंग, डिजिटल राजस्व नियंत्रण, यात्री सेवा और अनुबंध आधारित सेवाओं का क्रियान्वयन लागू कानूनों, अनुबंधों, प्रशासनिक मंजूरी, कार्यादेश और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम, लागू नियम, शहरी सार्वजनिक परिवहन के स्थापित मानक, अनुबंध की शर्तें, विभागीय SOP और प्रशासनिक अनुमतियों का पूर्ण पालन किया गया है।
2. टिकट व्यवस्था, डिजिटल राजस्व और सॉफ्टवेयर प्रणाली अनुबंध के अनुसार और ऑडिट योग्य हैं ई-टिकट प्रणाली, डिजिटल राजस्व रिकॉर्ड, मशीन आधारित टिकट वितरण, डेटा सिंक्रोनाइजेशन, कंट्रोल पैनल, मॉनिटरिंग लॉग्स और बैकएंड रिपोर्टिंग सिस्टम सभी महानगरपालिका और संबंधित सेवा प्रदाताओं के बीच हुए अनुबंध के अनुसार संचालित हैं। ये सभी प्रणालियां ऑडिट योग्य और सत्यापन योग्य हैं। राजस्व, टिकट रिकॉर्ड, बसवार/स्टॉपवार डेटा और लेनदेन की जांच संभव है।
3. सभी ऐप्स, सिस्टम और रियल-टाइम डेटा पूरी तरह कार्यरत हैं जिन डिजिटल प्रणालियों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, वे लाइव स्थिति में काम कर रही हैं। यात्रियों के लिए उपलब्ध ऐप्स, लोकेशन आधारित सेवाएं, वाहन ट्रैकिंग, टिकट डेटा और विभागीय इंटरफेस सभी सक्रिय हैं। संबंधित निर्माताओं से विभाग को आवश्यक एक्सेस और तकनीकी अधिकार प्राप्त हैं।
4. टिकटिंग की हर प्रक्रिया SOP और अनुबंध के अनुसार हर बस में टिकट प्रक्रिया, टिकट मशीन का उपयोग, राजस्व रिकॉर्ड, स्टॉपवार डेटा, डिजिटल लेनदेन और सत्यापन प्रक्रिया पूर्वनिर्धारित मानक कार्यपद्धति और अनुबंध की शर्तों के अनुसार चलती है। “अनियमितता” या “मनमानी” का जो आभास पैदा किया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है।
5. राजस्व वृद्धि, हरित पहल और बुनियादी सुविधा सुधार पर काम जारी परिवहन विभाग केवल बस चलाने तक सीमित नहीं है। राजस्व के नए स्रोत, हरित और टिकाऊ पहल, यात्री सुविधाएं और बुनियादी ढांचे में सुधार पर लगातार काम हो रहा है। आगामी परिवहन समिति की बैठक में मोर भवन बस टर्मिनस पर यात्री सुविधाओं और सार्वजनिक सेवा सुधार से जुड़े मुद्दे एजेंडे में हैं। विभाग की दिशा स्पष्ट है: सुधार, विस्तार और स्थिरता।
6. हर बस GPS ट्रैकिंग में, राजस्व डिजिटल रूप से दर्ज विभाग की हर बस GPS आधारित ट्रैकिंग में है। कंडक्टरों के पास इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों के माध्यम से राजस्व, टिकट लेनदेन और स्टॉपवार आंकड़े डिजिटल रूप से दर्ज होते हैं। इसलिए राजस्व में “मनमाना फेरबदल” संभव है, यह आरोप तथ्यों के विपरीत है। तकनीक से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
7. आधुनिक टिकट और मॉनिटरिंग प्रणाली आज की मानक पद्धति है रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे और अन्य महानगरों की बस सेवाओं में भी डिजिटल टिकटिंग, GPS ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक राजस्व नियंत्रण सामान्य है। ऐसी प्रणालियों को “संदिग्ध” बताना या तो तकनीकी अज्ञान है या जानबूझकर गलत प्रस्तुति।
8. सार्वजनिक बस सेवा लाभ केंद्रित नहीं, नागरिक केंद्रित आवश्यक सेवा है भारतीय संविधान की कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुसार सार्वजनिक बस सेवा एक आवश्यक नागरिक सेवा है। यह केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि शहर के हर वर्ग तक सस्ती, सुलभ और निरंतर परिवहन पहुंचाने के लिए चलाई जाती है। जैसे अग्निशमन, पानी, कचरा प्रबंधन और सड़कें “लाभ” के आधार पर नहीं मापी जातीं, वैसे ही शहरी बस सेवा भी लोकसेवा के सिद्धांत पर चलती है।
मीडिया में आए आरोपों का बिंदुवार जवाब
1. “भंगार बस / कैंटीन / राजस्व” जैसे शब्दों से नकारात्मक छवि बनाई गई लेकिन वास्तविकता यह है कि संबंधित मुद्दों की प्रशासनिक, आर्थिक और अनुबंध आधारित पृष्ठभूमि की जांच किए बिना निष्कर्ष निकालना भ्रामक है।
2. सलाहकार, तकनीकी प्रणाली, डिजिटल टिकटिंग और बस ट्रैकिंग को “अनियमितता” कहना गलत है आधुनिक सार्वजनिक परिवहन में ये सभी तकनीकी सहायक सेवाएं और डेटा मॉनिटरिंग आवश्यक प्रबंधन उपकरण हैं।
3. मोर भवन और अन्य बस बुनियादी सुविधाओं में सुधार, राजस्व वृद्धि और हरित परिवहन के प्रयासों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है जबकि विभाग के प्रयास पूरी तरह नागरिक केंद्रित और संरचनात्मक सुधार वाले हैं।
4. मानसून में बस सेवा आवश्यक सेवा है इस समय तथ्यहीन आरोपों से कर्मचारियों, चालकों, कंडक्टरों और तकनीकी टीमों का मनोबल प्रभावित होता है, जो जनहित के खिलाफ है।
निष्कर्ष नागपुर महानगरपालिका परिवहन विभाग स्पष्ट करता है कि विभाग की सभी प्रक्रियाएं रिकॉर्ड, अनुबंध और कानूनी प्रक्रिया पर आधारित हैं। टिकटिंग, GPS, डिजिटल राजस्व, ऐप्स और मॉनिटरिंग प्रणाली कार्यरत, सत्यापन योग्य और ऑडिट योग्य हैं। राजस्व वृद्धि, हरित पहल और यात्री सुविधा सुधार के लिए विभाग सक्रिय है। सार्वजनिक बस सेवा का मूल्यांकन केवल व्यावसायिक लाभ से नहीं किया जा सकता।
नागपुर के नागरिकों से अनुरोध है कि वे अधूरी जानकारी पर विश्वास न करें, बल्कि आधिकारिक रिकॉर्ड और विभाग के स्पष्टीकरण पर भरोसा रखें।
सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस
नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :
माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
क्या है मामला – दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।
इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।
अन्य बड़ी कार्रवाईयां –
1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय – साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।
2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त – स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।
3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई – वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
4. अवैध शराब पर 15 गुनाह – एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।
5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह – अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।
6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड – जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।