नागपुर, 9 जून 2026 : महाराष्ट्र शासन के नगर विकास विभाग ने नागपुर महानगरपालिका के अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग के लिए ऐतिहासिक _”सेवा भरती व सेवांचे वर्गीकरण नियम, २०२६”_ को अंतिम मंजूरी दे दी है। सह सचिव विद्या रामप्पा हम्पय्या द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब नागपुर फायर ब्रिगेड में भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्तों का पूरा कायाकल्प हो जाएगा। आयुक्त नागपुर मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और संचालक, अग्निशमन सेवा संचालनालय मुंबई के आदर्श मसौदे के आधार पर यह नियम बने हैं।
1. नियम का आधार और उद्देश्य
राज्य में बृहन्मुंबई को छोड़कर सभी महानगरपालिकाओं में अग्निशमन संवर्ग के पदों के लिए एक समान सेवा प्रवेश नियम नहीं थे। इससे विसंगति पैदा हो रही थी। इसलिए संचालक, महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा संचालनालय, मुंबई ने एक “आदर्श सामाईक सेवा प्रवेश नियमांचा प्रारूप मसुदा” तैयार किया। नागपुर मनपा ने इसी के अनुरूप प्रस्ताव भेजा, जिसे कुछ बदलावों के साथ शासन ने मंजूर किया। यह नियम महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की कलम 454, 455 व 456 (1) (ल) के तहत लागू किए गए हैं।
2. परिभाषाएं: अब कोई भ्रम नहीं
नियम 2026 में 30 से अधिक शब्दों की कानूनी परिभाषा दी गई है, ताकि व्याख्या में गड़बड़ी न हो:
महानगरपालिका: केवल नागपुर महानगरपालिका।
आयुक्त: अधिनियम की कलम 36 के तहत शासन द्वारा नियुक्त अधिकारी। वही “सक्षम प्राधिकारी” भी होगा।
कर्मचारी: प्रकरण 4, कलम 51 पोटकलम (4) के तहत नेमणूक किए गए अधिकारी/कर्मचारी। रोजंदारी, हजेरीपटावर कामगार शामिल नहीं।
निवड समिती: गट-अ से गट-क पदों पर सीधी भर्ती के लिए गठित समिति।
लेखी परीक्षा: पद के लिए योग्यता जांचने हेतु मनपा द्वारा ली जाने वाली परीक्षा।
व्यावसायिक परीक्षा: तकनीकी कौशल जांचने के लिए विशेष परीक्षा।
मुलाखत: निवड प्राधिकारी द्वारा ली जाने वाली अंतिम साक्षात्कार प्रक्रिया।*
3. शैक्षणिक और व्यावसायिक अर्हता का नया मानदंड
नियम में “व्यावसायिक अर्हता” को बहुत सख्त किया गया है। अब ये डिग्रियां/डिप्लोमा अनिवार्य होंगे:
अग्निशमन अभियंत्रिकी पदवी (B.E. Fire): राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय (NFSC), नागपुर या AICTE मान्यता प्राप्त संस्थान से।
अग्निशमन अभियंत्रिकी उच्च शिक्षा पदविका: Advance Diploma in Fire Engineering।
उप अग्निशमन अधिकारी पाठ्यक्रम: NFSC नागपुर या महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा अकादमी (MFSA), मुंबई से एक वर्षीय कोर्स। उप स्थानक अधिकारी व अग्नि प्रतिबंधक अधिकारी का कोर्स भी मान्य।
श्रेणी-एक व एम.आय. प्रमाणपत्र: भारतीय अग्निशमन अभियंत्रिकी संस्था, नई दिल्ली या यूनाइटेड किंगडम की संस्था से निर्धारित तिथि से पूर्व उत्तीर्ण होना जरूरी।
इंडिया: 31.05.2013 से पहले।
UK: 03.11.2017 से पहले।
4. वर्तमान कर्मचारियों के लिए 2 साल की मोहलत
आयुक्त द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सबसे बड़ा प्रावधान यह है कि नागपुर अग्निशमन विभाग में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिन्होंने अभी तक “अग्निशामक पाठ्यक्रम” पूरा नहीं किया है, उन्हें नियम लागू होने की तारीख से 2 वर्ष की कालावधी दी जाएगी। यह कोर्स MFSA मुंबई, राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र मुंबई या संचालनालय से मान्यताप्राप्त खाजगी संस्था से 6 महीने का होना चाहिए। 2 साल में कोर्स नहीं किया तो पदोन्नति नहीं मिलेगी।
5. भर्ती प्रक्रिया का तीन-स्तरीय फिल्टर
लेखी परीक्षा: अभिरुचि, सामान्य ज्ञान और पद से संबंधित विषय।
व्यावसायिक परीक्षा: फायर फाइटिंग उपकरण, रेस्क्यू तकनीक, अग्नि निवारण की प्रायोगिक जांच।
मुलाखत: व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और क्षेत्रीय ज्ञान की परख। अंतिम गुणक्रम तीनों के अंकों को मिलाकर बनेगा।
6. वेतन और सेवा शर्तें
समय श्रेणी वेतन: पद के लिए निर्धारित वेतनश्रेणी में किमान से कमाल तक नियतकालिक वेतनवाढी दी जाएगी।
स्वचओवर सेवा (Foreign Service): यदि कर्मचारी मनपा की निधी के अलावा अन्य साधन से वेतन लेता है तो वह स्वीचओवर सेवा मानी जाएगी।
समतुल्य अर्हता: यदि किसी अर्हता को शासन ने समकक्ष घोषित किया है तो ही मान्य होगी। विवाद की स्थिति में शासन का निर्णय अंतिम।
7. आगे की राह
आयुक्त, नागपुर मनपा को यह नियम तत्काल राजपत्र में प्रसिद्ध करना होगा।
राजपत्र में प्रसिद्ध होने की तारीख से ही यह अमल में आएगा।
आदेश की डिजिटल कॉपी http://www.maharashtra.gov.in पर संकेतांक 20260609148842835 से उपलब्ध है।
आयुक्त का बयान: इस नए नियम से नागपुर अग्निशमन विभाग में व्यावसायिकता आएगी। एक समान मानदंड से पूरे राज्य में गुणवत्ता सुधरेगी। कर्मचारियों को अपनी स्किल अपग्रेड करने का मौका मिला है।
निष्कर्ष: नागपुर फायर ब्रिगेड अब सिर्फ पानी मारने वाली टीम नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष प्रोफेशनल फोर्स बनेगी। भर्ती में पारदर्शिता और पदोन्नति में योग्यता को ही आधार बनाया गया है। 2013 और 2017 की कट-ऑफ डेट से पुराने प्रमाणपत्रों पर भी लगाम कसी गई है
सिलवासा फैक्ट्री पर छापा, 6.26 लाख का माल जब्त, एसपी हर्ष पोद्दार की टीम को कोर्ट ने बताया कौतुकास्पद, जिले में 662 हिस्ट्रीशीटरों की परेड, साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर सुरक्षा उपाय, अवैध शराब पर 15 केस
नागपुर ग्रामीण, 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) :
माननीय मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ ने प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के उत्पादन और आपूर्ति के मूल स्रोत का पता लगाने पर नागपुर ग्रामीण पुलिस की खुलकर प्रशंसा की है। कोर्ट ने 23/10/2026 के आदेश में कहा कि पुलिस की जांच कौतुकास्पद है और अन्य जिलों को भी ऐसी कार्रवाई कर 29/10/2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
क्या है मामला – दिनांक 08/12/2025 को कलमेश्वर पुलिस स्टेशन अंतर्गत मौजा गोडखेरी में VR लॉजिस्टिक वेयरहाउस कंटेनर क्रमांक GJ-21-V-3238 से नायलॉन मांझा ले जाते आरोपी छविनाथ मोहन निषाद, उम्र 30, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया था। 9,200 नग नायलॉन मांझा प्लास्टिक चक्री कीमत 14,40,000 रुपये और कंटेनर कीमत 20,00,000 रुपये, कुल 34,40,000 रुपये का माल जब्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अपर अधीक्षक अनिल मस्के के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा के निरीक्षक अंकुश माने और निरीक्षक स्नेहल राऊत की टीम ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी पुरावे और बैंक लिंकेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कलमेश्वर में दर्ज गुनाह के संबंध में दमन के औद्योगिक परिसर, डेमनी रोड दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में मांझा निर्माता की फैक्ट्री पर छापा मारकर कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 840 रुपये का प्रतिबंधित नायलॉन मांझा, उसे बनाने का कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई।
इसी जांच के लिए मुंबई हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल हुई थी। कोर्ट में एसपी द्वारा दाखिल प्रतिज्ञापत्र पर यह प्रशंसा हुई।
अन्य बड़ी कार्रवाईयां –
1. साबनेर में सड़क के बीच खतरनाक पेड़ पर प्रतिबंधक उपाय – साबनेर शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच मौजूद पेड़ से हादसे का खतरा था। विशेषकर रात में अंधेरा होने से या सामने से तेज रोशनी से चालक का ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका थी। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर साबनेर पुलिस ने पेड़ के चारों ओर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी लगाई, ‘सावधान, काम शुरू है’ के सूचना फलक लगाए और वेग मर्यादित रखने की अपील की। PWD और वन विभाग से समन्वय कर पेड़ को स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू है।
2. घरफोड़ी के 2 गुनाह उजागर, 4.16 लाख का माल जब्त – स्थानीय गुन्हे शाखा ने दिनांक 23/10/2026 को आरोपी प्रवीण अशोक डेकाटे, उम्र 30, तिलक वार्ड मोहाड़ी, ता. मोहाड़ी, जि. भंडारा को गिरफ्तार किया। गोपनीय जानकारी मिली थी कि वह मीठा माधनी परिसर में चोरी के सोने के दागिने बेचने घूम रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने मीठा परिसर में 12 दिन पहले और उमरेड में 1 महीने पहले घरफोड़ी करने की कबूली दी। पंचनामे में उसके पैंट की जेब से सोने के दागिने मिले, कुल 4,16,000 रुपये का माल जब्त। उसके खिलाफ मौदा अप.क्र. 693/2026 कलम 305(अ),331(3) और उमरेड अप.क्र. 934/2026 में केस दर्ज है।
3. खाने के अयोग्य सुपारी की 40 टन खेप जब्त – वडोदा पुलिस की कार्रवाई – वडोदा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वडोदा हद के महालगाव-लिंगगाव के नवकार वेयरहाउस में बिना परवाना मानव सेवन के अयोग्य सुपारी चार वाहनों से लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों वाहनों की तलाशी में करीब 40 टन सुपारी जब्त की। चारों वाहन सीज कर अन्न व औषध प्रशासन विभाग को पत्र व्यवहार किया गया है। विभाग की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
4. अवैध शराब पर 15 गुनाह – एसपी के मार्गदर्शन में 23/10/2026 को जिले भर में अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर कार्रवाई कर कुल 15 गुनाह दर्ज किए। खापा में 4, कळंब में 1, साबनेर में 2, उमरेड, रामटेक, बोरी, नरखेड, जलालखेड़ा में 1-1 और भिवापुर में 2 गुनाह। कार्रवाई में 32,230 मिली देशी दारू, 360 मिली विदेशी दारू, 24 लीटर मोहफूल दारू कुल 8,060 रुपये का माल जब्त कर मौके पर पंचनामा कर नष्ट किया गया।
5. अस्तित्व छुपाकर घूमने वाले पर गुनाह – अरोली पुलिस ने 23/10/2026 को पेट्रोलिंग के दौरान आरोपी तुषार उर्फ नांदूजी तुलसीदास वानखेडे, 30 वर्ष, संताजी नगर कन्हान, ता. पारशिवनी को मौजा रोंगली बार में अपना अस्तित्व छुपाकर सूर्यास्त के बाद संदिग्ध रूप से घूमते पकड़ा। नाम-पता पूछने पर उड़वा-जवाब देने पर धारा 122 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत गुनाह दर्ज किया।
6. 662 रिकॉर्डेड अपराधियों की परेड – जिले के सभी 24 पुलिस थानों में शरीर और संपत्ति के विरुद्ध अपराध, महिला-बाल अत्याचार, अवैध शराब, जुआ आदि के 662 रेकॉर्डवरील आरोपियों की परेड ली गई। इसमें नागपुर उपविभाग में 68, उमरेड में 124, साबनेर में 136, कन्हान में 69, रामटेक में 119, काटोल में 127 आरोपियों को बुलाकर चेक किया गया और हिदायत दी गई।
कुल 2.55 लाख में से 1.65 लाख ने किया मतदान, पुरुष 69% – महिला 59%, पहले 65% का अनुमान था, सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुलकर्णी ने जारी किया आंकड़ा
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक हुए मतदान की अंतिम टक्केवारी जारी हो गई है। सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अपर आयुक्त (सा.प्र.) नागपुर विभाग, प्रदीप कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 64.82 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कुल 2,55,603 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,65,672 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा।
जिलावार फाइनल आंकड़ा – जिला कुल मतदाता मतदान प्रतिशत नागपुर 1,44,466 87,187 60.35% – सबसे कम भंडारा 21,349 14,319 67.07% गोंदिया 22,176 15,810 71.29% वर्धा 21,742 14,861 68.35% चंद्रपुर 32,262 23,568 73.05% – सबसे ज्यादा गड़चिरोली 13,608 9,927 72.95% कुल2,55,6031,65,67264.82% जेंडर वाइज विश्लेषण –
पुरुष मतदाता : 1,47,280 में से 1,01,672 ने किया मतदान – 69.03%
महिला मतदाता : 1,08,301 में से 63,999 ने किया मतदान – 59.09%
अन्य : 22 में से 1 – 4.55%
पहले अनौपचारिक तौर पर 65% मतदान का अनुमान लगाया जा रहा था, जो फाइनल आंकड़े में 64.82% पर आकर स्थिर हुआ। इसके बावजूद यह सामान्य 50-55% के औसत से काफी अधिक है।
सबसे कम मतदान नागपुर जिले में 60.35% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान चंद्रपुर में 73.05% दर्ज किया गया। गोंदिया 71.29% और गड़चिरोली 72.95% के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे।
अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इस बढ़े हुए मतदान का असर भाजपा-कांग्रेस दोनों के भाग्य पर तय होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, रोबोटिक सर्जरी, AI-आधारित MRI-CT और भारत का पहला सिंगल-पोर्ट रोबोट उपलब्ध
नागपुर, 24 अक्टूबर 2026 :
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने गुरुवार को नागपुर के वर्धमान नगर में 300 बेड वाले नए अस्पताल का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और सम्मानित अतिथि शामिल हुए।
2016 में 50 बेड के अस्पताल से शुरू हुआ न्यूएरा हॉस्पिटल्स का सफर अब मध्य भारत का एक प्रमुख हेल्थकेयर समूह बन चुका है। नए अस्पताल का उद्देश्य नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के मरीजों को आधुनिक, सुलभ और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अत्याधुनिक सुविधाएं अस्पताल में भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट और मल्टी-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ AI आधारित 3T डिजिटल MRI, 256-स्लाइस CT स्कैनर और होलॉजिक 3D मैमोग्राफी जैसी जांच सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ऑपरेशन थिएटर और ICU में AI आधारित मरीज निगरानी प्रणाली, रोबोटिक फिजियोथेरेपी और आधुनिक पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रबंधन का बयान प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद संचेती ने कहा कि यह अस्पताल नई तकनीक, डॉक्टरों के अनुभव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के तालमेल का प्रतीक है। निदेशकडॉ. निलेश अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज के विकल्प मिलेंगे। निदेशक डॉ. निधीश मिश्रा ने बताया कि हृदय रोग सहित सभी विभागों में एक ही छत के नीचे समग्र इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए घर जैसा आरामदायक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स का यह नया अस्पताल मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।