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मृत तेंदुए का एफडीसीएम ने नियमानुसार किया अंतिम संस्कार

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  • पवनी वन क्षेत्र में वाहन की टक्कर से मरा

नागपुर, 28 जुलाई: नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 पर एफडीसीएम के अंतर्गत आने वाले पवनी वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 420 के पास 27 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे एक नर तेंदुए को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पवनी वन क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मृत तेंदुए की उम्र लगभग 2 से 3 वर्ष आंकी गई है। तेज रफ्तार वाहन की टक्कर के कारण उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए।

28 जुलाई को पवनी बिक्री डिपो में शासन के निर्देशों के अनुसार मृत तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया।

इस अवसर पर मानद वन्यजीव रक्षक अजिंक्य भटकर, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि मंदार पिंगले, गोरेवाडा प्राणी संग्रहालय के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुजित कोलंघाथ, वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तम सावंत, संभागीय प्रबंधक ए. आर. घाटेकर, वन क्षेत्र अधिकारी गजानन केंद्रे, गौरव पाटील सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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शीर्षक: टेकाड़ी (कन्हादेवी) के खेत में मगरमच्छ दिखने से दहशत, वन विभाग ने किया रेस्क्यू कर पेंच डैम में छोड़ा

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Parsivni
पारशिवनी तहसील के टेकाड़ी (कन्हादेवी) क्षेत्र में एक अगस्त को खेत में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित पेंच प्रकल्प के नवेगांव खैरी जलाशय में छोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2:00 से 4:30 बजे के बीच टेकाड़ी-कन्हादेवी मार्ग पर स्थित किसान श्री महादेव तुमडाम के धान के खेत की मेंड़ में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना स्थानीय किसानों ने दी। सूचना मिलते ही खेत मालिक ने तुरंत वन विभाग को अवगत कराया।

सूचना पर क्षेत्र सहायक जे.पी. मेढे, वनरक्षक एस.एल. पिल्लेवान और सागर कोहळे मौके पर पहुंचे। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़कर पास के नवेगांव खैरी स्थित पेंच प्रकल्प जलाशय (डैम) में सुरक्षित छोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस पाटील प्रमिला भोयर ने बताया कि मगरमच्छ संभवतः पेंच डैम के बहाव के साथ गांव की दिशा में आकर खेत तक पहुंच गया था। घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है।

वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी मगरमच्छ दिखाई दे तो उसके पास न जाएं और न ही उसे भगाने का प्रयास करें। तुरंत वन विभाग, पुलिस पाटील या ग्राम पंचायत को सूचना दें। साथ ही नागरिकों को नवेगांव खैरी डैम, गांव के तालाब, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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वृक्षारोपण के महाअभियान का शुभारंभ

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  • राज्यपाल के कर-कमलों से लोकभवन परिसर में किया गया वृक्षारोपण

नागपुर,1 अगस्त : पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागपुर को हरे-भरे आवरण से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ शनिवार को राज्य के माननीय राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा के हाथों लोकभवन परिसर में किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा के साथ केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, महापौर श्रीमती नीता ठाकरे, राज्यसभा सांसद सुश्री माया इवनाते, विधायक श्री मोहन मते, विधायक श्री प्रवीण दटके, उपमहापौर श्रीमती लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति श्रीमती शिवानी दाणी-वखरे, सत्तापक्ष नेता श्री नरेंद्र “बाल्या” बोरकर, नासुप्र सभापति श्री संजय मीना, नगर आयुक्त डॉ. विपिन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एम. श्रीनिवास राव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विनायक महामुनी, पूर्व महापौर श्री दयाशंकर तिवारी, मॉइल के सीएमडी श्री विश्वनाथ सुरेश, वेकोलि के सीएमडी श्री हेमंत पांडे और ग्रीन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. सतीश वटे सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने वृक्षारोपण किया। अभियान के अंतर्गत लोकभवन परिसर में 10 हजार वृक्ष लगाए जाएंगे।

नागपुर महानगरपालिका, नागपुर सुधार न्यास, जिला प्रशासन, नागपुर जिला परिषद, वन विभाग और ग्रीन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 1 अगस्त से 30 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में नागपुर शहर में 5 लाख और जिले में 5 लाख, कुल मिलाकर 10 लाख वृक्ष लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर उपवन संरक्षक डॉ. विनीता व्यास, डॉ. भारतसिंह हाडे, नगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त श्री मुरुगनंथम एम, श्री मिलिंद मेश्राम, अतिरिक्त जिलाधिकारी श्री प्रवीण माहिरे, श्री सुरेश बगले, नगरसेविका श्रीमती दर्शनी धवड, मंगला खेकरे, लक्ष्मी यादव, दिव्या धुरडे, संतोषदेवी लढ्ढा, धनश्री देशपांडे, योगिता तेलंग, श्रीमती पूजा पाठक, नगरसेवकगण श्रीकांत आगलावे, रितेश गावंडे, विजय होले, अभिजीत झा, ग्रीन फाउंडेशन के सचिव निशांत गांधी, नगरपालिका के उपायुक्त गणेश राठोड, अमोल चोरपगार तथा अधिकारी प्रशांत सोनकुसले, संजय गुजर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

नागपुर को सुंदर और हरित बनाने के लिए प्रशासन को विभिन्न संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। वन विभाग द्वारा 5 लाख वृक्ष उपलब्ध कराए जाएंगे। रायसोनी समूह 1 लाख वृक्ष देगा, जबकि पर्यावरणविद् डॉ. चिंचमालतपुरे 50 हजार वृक्ष उपलब्ध कराएंगे। साथ ही मॉइल और वेकोलि से वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। प्रशासन ने नागरिकों से इस महाअभियान में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।

अभियान के अंतर्गत लगाए जाने वाले वृक्ष
लोकभवन परिसर में वट, गूलर, पीपल, बेल, इमली, नीम, कदंब, खिरनी, बकुल, कैथ, आंवला, महुआ, जामुन, आम, चीकू, अंजीर, अमलतास, बेर, काटेसावर, करंज, पलाश, जारुल, आपटा, महारुख, शिरीष, शीशम, अंजन, अर्जुन आदि प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे।

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सिलेपार वन में बाघ दिखाई दिया, वन विभाग ने बरती सावधानी की अपील

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भिवापुर :

गुरुवार प्रातः सिलेपार वन के नंद क्षेत्र के निकट एक पहाड़ी की चोटी पर एक राजसी बंगाल बाघ देखे जाने से स्थानीय निवासियों और वन्यजीव प्रेमियों में कौतूहल का वातावरण बन गया।

यह दुर्लभ दृश्य तब सामने आया जब वन क्षेत्र से गुजर रहे कुछ यात्रियों के समूह ने पहाड़ी पर शांत भाव से खड़े बाघ को कई मिनट तक देखा। सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए यात्रियों ने इस भव्य जीव के छायाचित्र और चलचित्र अपने मोबाइल से बनाए। कुछ समय तक पहाड़ी पर रहने के बाद बाघ चुपचाप घने जंगल में चला गया।

इस सूचना के फैलते ही क्षेत्र में प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव उत्साही लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यद्यपि सिलेपार वन में वन्य प्राणी कभी-कभी दिखाई देते हैं, परंतु खुले में पहाड़ी की चोटी पर बाघ को देखना अत्यंत दुर्लभ और स्मरणीय अनुभव है।

घटना के पश्चात वन विभाग ने नागरिकों और पर्यटकों से वन क्षेत्र में आवागमन के समय सतर्क रहने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि यदि बाघ अथवा अन्य वन्य प्राणी दिखाई दे तो उसके निकट न जाएँ, उसे न उकसाएँ और न ही विचलित करें। साथ ही शोर न करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी वन्य प्राणी के दिखने की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

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