Connect with us

Hindi

नागपुर MLC चुनाव में भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’, 100 वोट तोड़ डॉ. पोतदार 552 मतों से जीते

Published

on

नागपुर, 22 जून 2026: नागपुर विधान परिषद चुनाव में भाजपा-महायुति ने महाविकास आघाड़ी को करारा झटका दिया। महायुति के उम्मीदवार डॉ. राजीव पोतदार ने 552 वोटों से रिकॉर्डतोड़ जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस-MVA के अतुल लोंढे मात्र 130 वोटों पर सिमट गए।

क्या है पूरा मामला

भाजपा ने इस चुनाव को ‘ऑपरेशन’ की तरह लड़ा और MVA के 100 से ज्यादा वोट अपनी तरफ खींच लिए। गणित साफ था- भाजपा के पास खुद के 504 और महायुति के कुल 582 वोट थे, जबकि MVA के पास 243 वोट। मुस्लिम लीग, AIMIM और बसपा के 11 वोटों ने बहिष्कार किया था।

कांग्रेस का सियासी गणित फेल

कांग्रेस को उम्मीद थी कि लोंढे को MVA के कम से कम 200 वोट मिलेंगे, लेकिन नतीजा उल्टा निकला। नागपुर महापालिका में कांग्रेस के 33 नगरसेवक होने के बावजूद लोंढे को वोट नहीं मिले। चर्चा है कि ग्रामीण नगरपालिका-नगरपंचायतों में बड़ी फाटाफूट हुई। भाजपा पहले ही बुटीबोरी के 20 नगरसेवकों को अपने पाले में कर चुकी थी।

पहले ही दी थी चेतावनी

पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस को चुनाव न लड़ने की सलाह दी थी और कहा था पैसा-वक्त बर्बाद न करें। पर कांग्रेस ने मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे को मैदान में उतार दिया।

हार के बाद क्या बोले लोंढे

अतुल लोंढे ने हार स्वीकारते हुए आरोप लगाया कि हमें नतीजा पहले से पता था, पर लोकतंत्र जिंदा रखने के लिए लड़े। भाजपा ने सत्ता और पैसे के दम पर मतदाताओं की खरीद की।

यह जीत दिखाती है कि नागपुर जिले में महायुति का दबदबा कायम है और MVA अपने हक के वोट भी नहीं बचा पाई

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Hindi

9 करोड़ खर्च के बाद भी पुलिस लाइन टाकली तालाब बदहाल, कचरे में तब्दील विसर्जन कुंड

Published

on

  • जीर्णोद्धार और इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर NMC ने बहाए करोड़ों, द हितवादा के स्पॉट इंस्पेक्शन में खुली पोल, तालाब में जलकुंभी और झाड़ियों का कब्जा, दुर्गा मूर्तियों के अवशेष सड़ रहे, दुर्गंध से लोग परेशान

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

उत्तर-पश्चिम नागपुर स्थित पुलिस लाइन टाकली तालाब के जीर्णोद्धार और पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे के निर्माण पर 9 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने के बावजूद नागपुर महानगर पालिका (NMC) इसकी देखभाल में पूरी तरह विफल साबित हुई है। तालाब और उससे लगा कृत्रिम विसर्जन टैंक फिर से बदहाल स्थिति में पहुंच गया है, जिससे सार्वजनिक परियोजनाओं के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ज्ञात हो कि तालाब के बड़े हिस्से पर घनी जलकुंभी, बढ़ी हुई झाड़ियां और जंगली घास ने कब्जा कर लिया है। कई जगहों पर कंक्रीट की रिटेनिंग वॉल मुश्किल से दिखाई दे रही हैं। पानी के नीचे उगी खरपतवार पूरे तालाब के तल में फैल गई है, जबकि कमल के पत्तों ने लगभग आधी जल सतह को ढक लिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार वनस्पति की अनियंत्रित वृद्धि से जल परिसंचरण और ऑक्सीजन स्तर पर असर पड़ता है, जिससे जलीय जीवन खतरे में पड़ सकता है। यह तालाब के पारिस्थितिक स्वास्थ्य की दयनीय स्थिति को दर्शाता है।

विसर्जन टैंक बना कचरा कुंड –
तालाब के बगल में बना कृत्रिम विसर्जन टैंक नवरात्रि समाप्त होने के तुरंत बाद ही गंदा हो गया है। टैंक में मां दुर्गा की विसर्जित मूर्तियों के सड़ते अवशेष, लकड़ी के ढांचे, भूसा, फेंके गए कपड़े और सड़ी हुई निर्माल्य सामग्री काले, ठहरे हुए पानी में तैरती देखी गई। कचरे से तेज दुर्गंध उठ रही है, जिससे आसपास की बस्तियां परेशान हैं।

जफर नगर के एक निवासी ने चिंता जताई कि ठहरा हुआ पानी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकता है। अक्टूबर की गर्मी और वेक्टर-जनित बीमारियों के मौसमी बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गंदा पानी डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल प्रजनन स्थल बन गया है।

कैसे खर्च हुए 9 करोड़ –
बताया जाता है कि तालाब पहले भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गया था। पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी ने जीर्णोद्धार अभियान शुरू किया था, जिसके लिए क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत हेतु 50 लाख रुपये मंजूर किए गए थे। बाद में मनपा प्रशासन ने तालाब के बगल में मूर्तियों के सीधे विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए लगभग 8.50 करोड़ रुपये खर्च कर कृत्रिम विसर्जन टैंक का निर्माण किया। इस प्रकार कुल खर्च 9 करोड़ से अधिक हो गया।

लेकिन तालाब और विसर्जन टैंक की वर्तमान स्थिति बताती है कि बुनियादी ढांचे को पर्याप्त नियमित रखरखाव नहीं मिला। गाद निकालना, खरपतवार हटाना और नियमित सफाई जल निकाय की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, जो नहीं हो रहा।

स्थानीय नागरिकों ने NMC से तत्काल हस्तक्षेप कर खरपतवार हटाने, जमा कचरा निकालने, विसर्जन टैंक को साफ करने और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है।

Continue Reading

AI

AI मानव मूल्यों पर हावी न हो, भारतीय प्रज्ञा से हो प्रगति – कुलपति वराखेड़ी

Published

on

  • नागपुर में 5वीं सप्तर्षि पुरस्कार श्रृंखला 2026 में 7 विभूतियों का सम्मान, पद्मश्री भालचंद्र नेमाड़े, थलाप्पिल प्रदीप और IIT मद्रास के वी. कामकोटि समेत वैज्ञानिक, साहित्यकार और उद्यमी पुरस्कृत, हिंदू रिसर्च फाउंडेशन का आयोजन

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वराखेड़ी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानव प्रगति का साधन बना रहना चाहिए, वह मानवीय मूल्यों पर हावी नहीं होना चाहिए। AI का उपयोग भारत की सभ्यतागत बुद्धिमत्ता और मानवीय मूल्यों द्वारा निर्देशित होना चाहिए। तकनीक के उपयोग में आत्म-संयम जरूरी है और ‘भारतीय प्रज्ञा’ ही राष्ट्र की प्रगति को मजबूत कर सकती है।

प्रो. वराखेड़ी रविवार को पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, IT पार्क स्थित कवि कुलगुरु कालिदास ऑडिटोरियम में आयोजित 5वीं सप्तर्षि पुरस्कार श्रृंखला 2026 के पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन हिंदू रिसर्च फाउंडेशन द्वारा किया गया था।

संस्था के संस्थापक एवं प्रबंध ट्रस्टी डॉ. टी.एस. भाल ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी और कहा कि प्राचीन ज्ञान आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और अतीत को केवल महिमामंडित नहीं, बल्कि प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। मंच पर IIM-नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराय मेत्री, इम्मवर्सAI के सह-संस्थापक आर. रामकृष्णन, प्रतिभा नेमाड़े और सुरेश कोटे भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. गीता कृष्णन जी. पिल्लई, यूनिट हेड, डेटा एंड इनोवेशन डिवीजन, WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन रिसर्च सेंटर, जामनगर ने की। जीवदया फाउंडेशन, सूरत के किशोरभाई शाह अतिथि सम्माननीय थे।

7 पुरस्कार विजेता सम्मानित –

1. महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार : पद्मश्री भालचंद्र वनाजी नेमाड़े को साहित्य के लिए। प्रसिद्ध मराठी उपन्यासकार ‘कोसला’ और ‘हिंदू: जगण्याची समृद्ध अडगळ’ के लेखक ने कहा कि अतीत को भविष्य को सूचित करना चाहिए और हिंदू धर्म की विविधता को पहचानना चाहिए। उन्होंने भारतीय साहित्य में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया।

2. नागार्जुन पुरस्कार : पद्मश्री प्रो. थलाप्पिल प्रदीप, IIT मद्रास में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर को। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी परिस्थितियां फिर से बनानी होंगी जो मौलिक वैज्ञानिक सोच को पोषित करें और बच्चों की जिज्ञासा को देश का सबसे बड़ा वैज्ञानिक खजाना बताया।

3. आर्यभट्ट पुरस्कार : पद्मश्री प्रो. वी. कामकोटि वीज्हीनाथन, निदेशक IIT मद्रास और शक्ति माइक्रोप्रोसेसर के निर्माता को। उन्होंने पीतल से ‘राम यंत्र’ बनाने की प्राचीन शिल्प कौशल की सटीकता का उदाहरण दिया और गांवों में कम से कम दो परिवारों को बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करने का आह्वान किया।

4. आचार्य कणाद पुरस्कार : प्रो. संजय जनराव धोबले, भौतिकी विभाग, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय को। सड़क सुरक्षा और किसानों को वन्यजीवों से बचाने की तकनीक सहित सामाजिक लाभ वाले अनुसंधान के लिए।

5. विश्वकर्मा पुरस्कार : डॉ. अनिल रामजी सुतार, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और नागपुर के स्वामी विवेकानंद पुतले से जुड़े मूर्तिकार को।

6. आचार्य भारद्वाज पुरस्कार : सुयश सिंह, सह-संस्थापक और CEO, गैलेक्सआई स्पेस सॉल्यूशंस को। उन्होंने युवाओं से उद्यमिता अपनाने, अंतरिक्ष तकनीक के अवसरों और भारत के विजन 2047 को हासिल करने के लिए रणनीति के महत्व पर जोर दिया।

7. आचार्य सुश्रुत पुरस्कार : डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा, प्रो-चांसलर, दत्ता मेघे उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए। डॉ. पिल्लई ने कहा कि जानकारी प्रचुर है लेकिन उसे सार्थक ज्ञान में बदलना चुनौती है। AI प्राचीन ज्ञान को आधुनिक साधनों से जोड़ सकता है, लेकिन विवेक लोगों से ही आएगा।

आर. रामकृष्णन ने भारतीय ज्ञान परंपराओं पर आधारित दुनिया के पहले स्क्रिप्ट लैंग्वेज मॉडल को विकसित करने पर बात की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिता तिलवे और डॉ. रिचा सुगंध ने किया, आभार हर्षा देशमुख ने माना।

Continue Reading

Hindi

19वें अर्बन मोबिलिटी सम्मेलन में महामेट्रो को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ का राष्ट्रीय पुरस्कार

Published

on

  • केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा

भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में
पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”

महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन –
सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :

  1. डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
  2. संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
  3. डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
  4. सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
  5. स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
  6. सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।

इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।

Continue Reading
Advertisement

Nagpur, IN
10:35 am, 26 Oct 2026
weather icon 30.1 °C
Clear Sky
Wind Gust 10 Km/h

Trending