न्यायमूर्ति के लिए आरक्षित बंगला 2016 में पत्रकारों को दिया, हेरिटेज इमारत को ‘जर्जर’ बताकर गगनचुंबी इमारत का प्रस्ताव; हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार
नागपुर, 2026 : नागपुर के सिविल लाइन्स स्थित मौजा गाडगा की 3744.40 वर्ग मीटर सरकारी भूमि व ‘स्वाति बंगला’ मात्र 1 रुपये वार्षिक के नाममात्र भाड़े पर 30 वर्षों के लिए तिलक पत्रकार भवन व्यवस्थापक मंडल को लीज पर देने का मामला गरमा गया है। सूचना के अधिकार कार्यकर्ता जनार्दन मून द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों से कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
पंजीकरण से पहले करार, नियमों की अनदेखी
14 दिसंबर 2016 को तिलक पत्रकार भवन मंडल ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को आवेदन दिया। मात्र दो दिन बाद 16 दिसंबर को उपसचिव सचिन चिवटे के हस्ताक्षर से शासन ने बंगला क्रमांक 64/1 ‘प्रेस क्लब ऑफ नागपुर’ को ‘लीव एंड लाइसेंस’ पर देने की मान्यता दे दी। 17 दिसंबर 2016 को प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रदीप मैत्र व सार्वजनिक निर्माण विभाग के बीच करार हुआ, जबकि ‘प्रेस क्लब ऑफ नागपुर’ कंपनी के रूप में 18 दिसंबर 2016 को पंजीकृत हुई। मून का आरोप है कि करार कंपनी बनने से एक दिन पहले ही कर दिया गया।
यह बंगला मूलतः न्यायमूर्ति के लिए आरक्षित था और इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के सामने स्थित है। मून व संतोष तायडे ने 2018 में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकारी भूमि केवल धर्मादाय संस्था को दी जा सकती है, जबकि प्रेस क्लब एक निजी संस्था है।
1 रुपये भाड़ा, शराब बिक्री का परवाना
करार के अनुसार वार्षिक भाड़ा मात्र 1 रुपया है। जमीन का हस्तांतरण, उप-भाड़े या उप-विभाजन जिलाधिकारी की अनुमति बिना नहीं किया जा सकता। 30 नवंबर 2023 को राजस्व विभाग ने पुनः 30 वर्ष की लीज 1 रुपये वार्षिक पर दी। इसके बाद 15 फरवरी व 29 दिसंबर 2023 को प्रेस क्लब ने शर्तों में संशोधन मांगा।
आरटीआई में खुलासा हुआ कि प्रेस क्लब को ‘फॉरेन लिकर फॉर’ अनुज्ञप्ति क्र. 8/2018-2019 मिली है। सितंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच 750 मिली विदेशी शराब 807 नग खरीदी गई, 588 बिकी। 650 मिली स्ट्रॉन्ग बियर 252 नग खरीदी, 178 बिकी। 650 मिली माइल्ड बियर 420 नग खरीदी, 393 बिकी। शेष बेहिसाब शराब कहां गई, यह सवाल उठ रहा है।
नियमों के अनुसार स्कूल-कॉलेज से 100 मीटर के दायरे में शराब बिक्री प्रतिबंधित है, फिर भी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस से कुछ फुट दूर प्रेस क्लब में शराब बेची जाती है। पास में ही लड़कियों का छात्रावास है। लॉन में शराब के जाम छलकाए जाते हैं।
हेरिटेज’ को बताया ‘जर्जर’, गगनचुंबी इमारत का प्रस्ताव
‘स्वाति बंगला’ हेरिटेज सूची में है, फिर भी सार्वजनिक निर्माण विभाग ने शासकीय पत्र में इसे ‘जर्जर अवस्था में आया बंगला’ बताया। फडणवीस सरकार ने पत्रकार संघ का पत्र मिलते ही दो दिन में मंत्रिमंडल से मंजूरी दे दी। इसके बाद बंगले को तोड़कर गगनचुंबी इमारत बनाने का प्रस्ताव 8 अक्टूबर 2024 को प्रस्ताव क्रमांक 1464268 के तहत मनपा के नगर रचना विभाग को भेजा गया।
जानकारी देने में आनाकानी
मून ने 9 अप्रैल 2026 को आरटीआई में 48 घंटे में निर्माण प्रस्ताव की जानकारी मांगी। मनपा ने BPMS व Auto DCR वेबसाइट का हवाला दिया। 17 अप्रैल को मून ने फिर पत्र लिखा कि वेबसाइट से केवल आवेदक ही जानकारी ले सकता है, हार्ड कॉपी दी जाए। एक सप्ताह बाद भी जानकारी नहीं मिली। मून ने कहा कि वे जल्द कानूनी कार्रवाई करेंगे।
हाईकोर्ट की फटकार
भाड़ेपट्टी के एक अन्य मामले में नागपुर खंडपीठ ने सरकार को फटकार लगाई। कोई शासन निर्णय जारी किए बिना केवल मंत्री के पत्र पर जमीन लीज पर देने की बात पर न्या. अनिल किलोर व न्या. राज वाकोडे ने कहा, ‘कल न्यायालय की जमीन भी लीज पर दे दोगे’।
रिसोड के दत्तराव धांडे की जनहित याचिका के अनुसार, 2 सितंबर 2025 को परिवहन मंत्री ने एसटी महामंडल की जमीन व्यावसायिक उपयोग के लिए देने का निर्णय लिया। राज्यभर के बस स्थानकों, डिपो पर बड़े व्यावसायिक संकुल बनाने की योजना है। याचिका में कहा गया कि यह ‘विकास’ के नाम पर बिल्डरों को लाभ पहुंचाने वाला निर्णय है। इस पर नागपुर खंडपीठ में सुनवाई जारी है।
आरटीआई कार्यकर्ता का सवाल है: समाज पत्रकारों को ‘सभ्य, नीतिमूल्य अपनाने वाले व जनता की आवाज’ मानता है। उसी पत्रकारिता के ‘क्लब’ में शराब का परवाना, व्यावसायिक उपयोग, क्या यह विश्वसनीयता पर आघात नहीं? साथ ही, प्रेस क्लब ऑफ नागपुर कंपनी में कितने पत्रकार व उनके परिजन भागीदार हैं, यह भी जांच का विषय है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा
भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”
महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन – सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :
डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।
इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।
गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।
गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।
मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी – प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।
दुकान और मकान का विवरण –
दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337 पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।
नुकसान का विवरण –
अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।
कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।
आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।
विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।
आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।
ज्ञापन में क्या कहा – ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।
उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।
इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।
विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।
गडकरी का आश्वासन – शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।