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पश्चिम एशिया संकट का असर: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया ‘मितव्ययिता महामंत्र’

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  • घर से काम से लेकर मेट्रो तक बदलेगा सरकारी कामकाज

नागपुर : पश्चिम एशिया में उपजे भीषण संकट और उसके वैश्विक प्रभावों को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान पर महाराष्ट्र सरकार हरकत में आ गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 13 मई 2026 को एक सख्त शासन परिपत्रक क्र.ई-10224648 जारी कर सरकारी तंत्र में व्यापक बदलावों की घोषणा की है। इसका मूलमंत्र है: ईंधन बचाओ, खर्च घटाओ, स्वदेशी अपनाओ।

प्रधानमंत्री के आह्वान में क्या था?

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की थी कि पश्चिम एशिया संकट की पृष्ठभूमि में

  • जहाँ संभव हो वर्क फ्रॉम होम करें
  • अनावश्यक सोने की खरीदारी टालें
  • पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम कर सार्वजनिक वाहतूक अपनाएं
  • खाद्य तेल का उपयोग घटाएं
  • रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर नैसर्गिक खेती करें
  • स्वदेशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाएं और विदेश दौरे टालें

महाराष्ट्र सरकार की 19-सूत्रीय कार्ययोजना: क्या-क्या बदलेगा

  1. प्रशासनिक खर्चों पर कैंची
  • विदेश दौरे पूर्णतः रद्द: शासकीय अधिकारियों के सभी अभ्यास/शासकीय कामकाज हेतु मंजूर विदेश दौरे रद्द। नए दौरे मंजूर नहीं होंगे।
  • सलाहकारों की नियुक्ति पर रोक: सभी प्रशासकीय विभाग अगले 6 महीने तक कोई नया सलाहकार नियुक्त नहीं करेंगे।
  • प्रचार पर नियंत्रण: शासकीय जाहिराती मापक प्रमाण में होंगी। फ्लेक्स, बैनर का कम से कम उपयोग। डिजी सेट का प्रयोग नहीं होगा।

2. सरकारी वाहनों की लगाम कसी

  • इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता: दैनिक उपयोग के लिए खरीदे जाने वाले नए वाहनों में ई-वाहन को प्राथमिकता।
  • कारपूलिंग अनिवार्य: अधिकारियों को एकत्रित दौरे कारपूलिंग से करने होंगे। स्थल भेंट के लिए कम से कम वाहनों का उपयोग।
  • सार्वजनिक वाहतूक का संकल्प: अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन काम के लिए जरूरी दौरों पर सार्वजनिक वाहतूक का उपयोग करें।
  • अफसर चढ़ेंगे मेट्रो-लोकल: वरिष्ठ अधिकारी सप्ताह में एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या सार्वजनिक बस से प्रवास करेंगे।

3. डिजिटल युग की ओर कदम

  • 100% ऑनलाइन बैठकें: मंत्रालयीन, विभागीय और जिला स्तरीय सभी बैठकें, प्रशिक्षण, सेमिनार VC प्रणाली से होंगे।
  • शिक्षा भी ऑनलाइन: सभी विद्यापीठ और महाविद्यालय बैठकें, चर्चासत्र ऑनलाइन पद्धति से आयोजित करेंगे।
  • ई-वाहन चार्जिंग को बढ़ावा: चार्जिंग यंत्रणा सक्षम करने और बिजली दर कम करने पर विचार। नए चार्जिंग सेंटर के प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी।

4. ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण

  • बिजली बचत के कड़े नियम*: कार्यालयों में नैसर्गिक प्रकाश का उपयोग। एसी का तापमान 24-26 डिग्री पर स्थिर रखना अनिवार्य। कार्यालय समय के बाद लाइट, पंखे, कंप्यूटर बंद करने होंगे।
  • सूर्यघर योजना पर जोर: अधिकतम घरों पर सौर ऊर्जा यंत्रणा बसाने के लिए अभियान चलेगा।
  • PNG को बढ़ावा: मुंबई समेत बड़े शहरों के रेस्टोरेंट, होटलों में PNG अनिवार्य किया जाएगा। नए PNG कनेक्शन के प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी।*

5. रसोई और खेती में बदलाव

  • खाद्य तेल घटेगा: कैन्टीन, मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी, वसतिगृह, पुलिस भोजनालय में मेन्यू बदले जाएंगे। पाम/सोयाबीन तेल की जगह मूंगफली, शेंगदाणा तेल को प्रोत्साहन।
  • नैसर्गिक खेती का युग: रासायनिक खाद का उपयोग कम करने हेतु जैविक-जैविक खेती को बढ़ावा। मिट्टी परीक्षण कर फसल अनुसार सूचना दी जाएगी। यूरिया के गैर-कृषि उपयोग पर रोक।
  • उज्ज्वला योजना की सफाई: डबल कनेक्शन वाले, बोगस, स्थलांतरित ग्राहकों की नोंदणी रद्द कर वास्तविक लाभार्थियों तक योजना पहुंचाई जाएगी।*

6. कानून-व्यवस्था और अनुशासन

  • बाइक रैलियों पर रोक: पुलिस विभाग किसी भी प्रयोजन हेतु दुचाकी फेरी, वाहनों के ताफे के लिए परवानगी नहीं देगा।

कौन करेगा निगरानी?

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा जारी इस आदेश का पालन सभी विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त और शासकीय अधिकारियों को करना होगा। यह परिपत्रक http://www.maharashtra.gov.in पर उपलब्ध है।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि यह संकट की घड़ी है और प्रत्येक नागरिक, विशेषकर सरकारी तंत्र, को राष्ट्रहित में मितव्ययिता और अनुशासन अपनाना होगा। छोटा-छोटा त्याग ही देश को बड़े आर्थिक झटके से बचा सकता है।

– निशंक RK

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19वें अर्बन मोबिलिटी सम्मेलन में महामेट्रो को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ का राष्ट्रीय पुरस्कार

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  • केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा

भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में
पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”

महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन –
सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :

  1. डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
  2. संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
  3. डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
  4. सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
  5. स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
  6. सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।

इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।

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गीतांजली टॉकीज के सामने इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग, 35.70 लाख का नुकसान

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  • गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक

नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।

गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।

मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी –
प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।

दुकान और मकान का विवरण –

  1. दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
  2. बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
  3. बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337
    पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।

नुकसान का विवरण –

  1. अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
  2. रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
  3. मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।

कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।

आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।

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महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय को भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने का प्रयास करूंगा – गडकरी

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  • विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग

नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।

आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।

ज्ञापन में क्या कहा –
ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।

अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।

उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।

इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।

विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।

गडकरी का आश्वासन –
शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।

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