1967 से 2013 तक कांग्रेस का ‘ज्ञान कोष’, जिसे मोदी विरोधी भूल गए
नागपुर :देश जब भी आर्थिक या संसाधनों के संकट से गुज़रा, सरकारों ने जनता से ही “राष्ट्रीय अनुशासन”, “त्याग” और “समझदारी” की अपील की। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में किसी बात का आह्वान करते हैं तो कुछ लोग मजाक उड़ाते हैं। लेकिन इतिहास के पन्ने पलटें तो कांग्रेस की सरकारों के ऐसे बयान भरे पड़े हैं जो आज के ज्ञानियों को आईना दिखाते हैं
1. 5 जून 1967: इंदिरा गांधी का ‘सोना त्यागो’ अभियान*_The Hindu_ अखबार की फ्रंट पेज हेडलाइन थी: _”Don’t buy gold, Indira tells people; appeals for ‘national discipline’”_.
पृष्ठभूमि क्या थी:भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बेहद गंभीर स्थिति में था। सोने का आयात हमारे खजाने पर भारी बोझ था।
इंदिरा गांधी ने क्या कहा
PM इंदिरा गांधी ने जनता से “ईमानदार अपील” की कि वे किसी भी रूप में सोना न खरीदें। चाहे गहने हों या कोई और रूप। उन्होंने इसे _”time for national discipline and sacrifice“_ बताया। सरकार ने _Gold Control Orders_ को और सख्त करने का फैसला किया। अखबार में लिखा है कि लोगों से कहा गया कि वे सरकार के साथ _”whole-heartedly”_ सहयोग करें।
2. UPA सरकार 2004-2014: मंत्रियों के 9 रत्न
संसाधनों पर पहला हक:
6 दिसंबर 2006 को PM डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा: _”Minorities, especially Muslims, must have the first claim on resources“_। यह बयान नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल की मीटिंग में दिया गया।
बिजली, पेट्रोल पर ‘ज्ञान’:
सुशील कुमार शिंदे, ऊर्जा मंत्री:जनता को नसीहत दी कि _”भारतीयों को बिजली और ईंधन कम इस्तेमाल करना चाहिए”_।
फारूक अब्दुल्ला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री:पेट्रोल महँगा होने पर बोले, _”People should walk or cycle instead of complaining about petrol prices”_।
आनंद शर्मा, वाणिज्य मंत्री:इनका सुझाव था कि _”Indians should conserve fuel by sitting at home”_।
महंगाई और खाने पर बयान:
कपिल सिब्बल, HRD मंत्री: महंगाई का कारण बताया कि _”Rising rural incomes, MNREGA spending, and increased prosperity had increased food demand”_। मतलब जनता के पास पैसा आया इसलिए दाम बढ़े।
राशिद मसूद, कांग्रेस सांसद:संसद में दावा किया कि _”A meal can be had for ₹5 in Delhi”_।
राज बब्बर, कांग्रेस प्रवक्ता 2013:मुंबई का रेट बताया, _”₹12 is enough for a meal in Mumbai”_।
शरद पवार, कृषि मंत्री:चीनी महँगी होने पर कहा, _”No one dies due to not eating sugar. Sugar is not necessary for everyone”_।
गरीबी की नई परिभाषा:
योजना आयोग, मोंटेक सिंह अहलूवालिया: 2012 में कहा कि शहरी क्षेत्र में ₹28/दिन और ग्रामीण क्षेत्र में ₹22/दिन कमाने वाला व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर है। मतलब महीने का ₹860 कमाने वाला शहरी गरीब नहीं।
3. लाल बहादुर शास्त्री: विश्वसनीयता का वो दौर
1965 के युद्ध और सूखे के कारण देश में भयंकर खाद्यान्न संकट था। तब PM लाल बहादुर शास्त्री ने देशवासियों से अपील की कि वे हफ्ते में एक दिन, सोमवार शाम का भोजन त्याग दें।
जनता का रिस्पॉन्स:
देश ने इस अपील को सिर माथे लिया। मुंबई के दादर स्थित मशहूर _Dattatray_ और _Mama Kane_ होटल तक सोमवार शाम को बंद रहते थे। क्योंकि शास्त्री जी की कथनी और करनी में फर्क नहीं था। उनकी विश्वसनीयता थी। खुद उन्होंने अपने घर में भी ये नियम लागू किया।
निष्कर्ष: फर्क सिर्फ नीयत और विश्वसनीयता का है
1967 में इंदिरा गांधी ने सोना न खरीदने को कहा। UPA के दौर में ₹5 के खाने से लेकर पैदल चलने तक की नसीहतें दी गईं। 1965 में शास्त्री जी ने एक वक्त का खाना छोड़ने को कहा।
इतिहास बताता है कि संकट के समय सरकारें हमेशा जनता से ही उम्मीद करती हैं। सवाल ये नहीं कि अपील की गई। सवाल ये है कि अपील करने वाले की विश्वसनीयता क्या है। जनता उसी की सुनती है जिस पर उसे भरोसा हो। हमारा मानना है कि शास्त्री जी के बाद वो विश्वसनीयता अगर किसी PM में दिखी है तो वो नरेंद्र मोदी हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने लिया सम्मान, बोले- 2047 तक 80 करोड़ लोग शहरों में रहेंगे, भारत मेट्रो नेटवर्क में जल्द अमेरिका को पछाड़ेगा
भुवनेश्वर/नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 19वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन में महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो – नागपुर मेट्रो रेल परियोजना) ने बड़ा सम्मान हासिल किया है। महामेट्रो को अपने अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों के दम पर प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक’ (Best Exhibitor) पुरस्कार से नवाजा गया।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के कर-कमलों द्वारा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ विषय पर आधारित था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा – 2047 तक 80 करोड़ आबादी शहरों में पुरस्कार वितरण अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “वर्तमान में देश की कुल आबादी का 37 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहता है। वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा, जब देश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 160 करोड़ होगी। इसका अर्थ है करीब 80 करोड़ लोग शहरों में निवास करेंगे। इतनी विशाल आबादी के लिए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अभी से तैयार करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक परिवहन विकसित करते समय समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। वर्तमान में देश में लगभग 1,185 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि अमेरिका में यह 1,385 किमी है। भारत में विस्तार की वर्तमान गति से हम जल्द ही अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। भविष्य के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन अनिवार्य है।”
महामेट्रो स्टॉल पर डिजिटल तकनीक का प्रदर्शन – सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों ने महामेट्रो के स्टॉल का अवलोकन किया। प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों की जानकारी दी :
डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड : परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन।
संचालन एवं रखरखाव का डिजिटल रूपांतरण (O&M) : दैनिक संचालन और रख-रखाव में अत्याधुनिक तकनीक।
डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड : यात्री सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी व सुरक्षा तंत्र।
सीमलेस ‘वन ऐप’ यात्रा : टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर के लिए एकीकृत डिजिटल अनुभव।
स्मार्ट एवं कनेक्टेड मोबिलिटी : लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा।
सोशल मीडिया एंगेजमेंट : यात्रियों से त्वरित और सीधे संवाद का माध्यम।
इस उपलब्धि से नागपुर मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल और सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है।
गंजीपेठ फायर स्टेशन को सुबह 8:47 बजे कॉल, 4 मिनट में दमकल मौके पर, 5 फायर स्टेशनों की मदद से 7 घंटे बाद आग पर काबू, फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन और कंप्रेसर खाक
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
सीए रोड, लोधीपुरा स्थित गीतांजली टॉकीज के सामने एक दुकान में लगी भीषण आग में लाखों का नुकसान हो गया। घटना की रिपोर्ट गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र को प्राप्त हुई है।
गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र अंतर्गत प्राप्त घटना रिपोर्ट के अनुसार PBX से ऑपरेटर श्री चाटे द्वारा सुबह 08:47 बजे आग की सूचना दी गई। कॉल का स्वरूप ‘बड़ी आग’ बताया गया। सूचना मिलते ही गंजीपेठ केंद्र से MH 31 DS 4927 और MH 31 FC 2826 दो गाड़ियां रवाना हुईं और 08:51 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं, यानी महज 4 मिनट में रिस्पॉन्स।
मौके पर मौजूद अधिकारी/कर्मचारी – प्रमुख अग्नि विमोचक श्रीमान तिलगुले साहेब, श्री विजबे, चालक आत्माराम जाधव, चालक दिनेश खडसे, चालक कमल के., अग्नि विमोचक फिरोज चौधरी, सफाई कर्मचारी विनायक मेश्राम, प्रशिक्षणार्थी घेंडे, डंबारे सहित सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा और सुगतनगर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से मौजूद रहे।
दुकान और मकान का विवरण –
दुकान : अल कौसर रेफ्रिजरेटर, मालक मोहम्मद अश्पाक मो. 9371490718, मोहम्मद अतिक 9922883272 और अब्दुल लतीफ अंसारी 7020459914
बाजू का घर : रमेश मदनलाल भावठा मो. 9604838954
बाजू का घर : मनोज मन्नूलाल श्रीवास मो. 8329205337 पता – गीतांजली टॉकीज समोर, लोधीपुरा, सी.ए. रोड, नागपुर। थाना – गणेशपेठ।
नुकसान का विवरण –
अल कौसर रेफ्रिजरेटर में फ्रिज, एसी, वायरिंग, वाशिंग मशीन, कंप्रेसर व अन्य साहित्य जलकर खाक – अंदाजन 35 लाख रुपये का नुकसान।
रमेश भावठा के घर में फर्नीचर, कांच साहित्य, इलेक्ट्रिक फिटिंग, पीओपी – 50,000 रुपये।
मनोज श्रीवास के घर में बेड, चेयर, छत की टाडपत्री, एयर कंडीशन – 20,000 रुपये।
कुल अंदाजन नुकसान 35 लाख 70 हजार रुपये मालिकों के दावे के अनुसार बताया गया है। वहीं करीब 5 लाख रुपये की घरगुती सामग्री, लेथ मशीन, स्क्रैप सामान, वाशिंग मशीन, फ्रिज बचा लिया गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।
आग को सिव्हील, लकड़गंज, वाठोड़ा, सक्करदरा, सुगतनगर अग्निशमन केंद्रों के सहयोग से संयुक्त रूप से बुझाया गया। गाड़ियां दोपहर 15:50 बजे थाने पर वापस लौटीं। मामले की आगे जांच गणेशपेठ पुलिस कर रही है।
विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन, नागपुर और यवतमाल में भी एक-एक परियोजना को नाम देने की मांग
नागपुर, 25 अक्टूबर 2026 :
महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नागपुर को विदर्भवीर भाऊ जांबुवंतराव धोटे का नाम देने के लिए प्रयास करने का आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।
आज पूर्व विधायक तथा भाऊ की पत्नी विजया धोटे के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भाऊ की पुत्री ज्वाला जांबुवंतराव धोटे, अन्याय निवारण मंच के सदस्य अंजय्या अनपर्थी और भाजपा आध्यात्मिक सेल के महामंत्री चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विजया धोटे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री बैरिस्टर रामराव आदिक की पुत्री हैं।
ज्ञापन में क्या कहा – ज्ञापन में उल्लेख है कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार और लोकसभा के लिए दो बार चुने गए भाऊ जांबुवंतराव धोटे ने किसान, मजदूर, छात्र और वंचित वर्गों के सवालों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
अकोला में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा किया था, जो विदर्भ के शैक्षणिक और कृषि विकास की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पशु चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और नागपुर मुख्यालय वाले महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी भाऊ ने लगातार पैरवी की थी।
उनके कार्य से जुड़े विश्वविद्यालय को उनका नाम दिए जाने से भावी पीढ़ियों को उनकी जनसेवा और विदर्भ के विकास के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा मिलेगी, ऐसी भूमिका शिष्टमंडल ने रखी।
इसके साथ ही भाऊ के सार्वजनिक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखने वाले नागपुर और यवतमाल दोनों स्थानों पर एक-एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी सुविधा अथवा विकास परियोजना को उनका नाम देने की मांग भी की गई।
विजया धोटे ने निवेदन में कहा कि भाऊ के कार्य का सम्मान उनके परिवार के साथ ही उनके विचारों और कार्यों से प्रेम करने वाले विदर्भ के असंख्य नागरिकों की भावनाओं को न्याय देने वाला होगा।
गडकरी का आश्वासन – शिष्टमंडल की मांग सुनने के बाद गडकरी ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल में निर्णय हो, इसके लिए प्रयास करेंगे।