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Nagpur

Benefit of ₹2,235 Crore to 70 Lakh Power Consumers for Daytime Electricity Usage

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Nagpur – Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited (Mahavitaran) has informed that since the implementation of the Time of Day (ToD) concession for electricity consumption between 9:00 AM and 5:00 PM in July 2025, 70 lakh electricity consumers across the state have collectively received benefits totalling ₹2,235 crore. Among these beneficiaries, 15,907 High Tension (HT) industrial consumers hold the top spot, having received a combined benefit of ₹1,534 crore.

A concession on electricity tariffs, granted based on the specific time of day during which the electricity is consumed, is known as the ToD concession. In the state, effective July 2025, a concession was introduced for industrial and commercial electricity consumers with a connected load exceeding 10 kW, specifically for electricity consumed between 9:00 AM and 5:00 PM. These consumers are currently receiving a substantial concession: 15 percent for the months of April to September, and 25 percent for the months of October to March.

For the first time, all domestic consumers have also begun to receive the benefits of the ToD concession. During the current financial year, a ToD concession of 85 paise per unit is being provided for electricity consumed between 9:00 AM and 5:00 PM. Since smart meters are equipped with the capability to precisely measure the quantity of electricity consumed at any given time, domestic consumers who have installed smart meters are currently benefiting from this facility.

When considering industrial consumers collectively—including High Tension (HT) industrial consumers, HT seasonal industrial consumers, Low Tension (LT) industrial consumers, and power loom units—a total of 43,911 industrial consumers have received benefits amounting to ₹1,774 crore. Furthermore, 11,017 commercial consumers across the state—comprising both HT and LT categories—have collectively received benefits totalling ₹239 crore.

Since the commencement of ToD benefits for domestic consumers, they have realized a total benefit of ₹89 crore, corresponding to a consumption volume of 1,096 million units. The number of beneficiary domestic consumers during this period stood at 69,35,388.

The campaign to install smart meters in households across the state has gained momentum. Concurrently, the number of domestic electricity consumers availing of Time-of-Day (ToD) benefits is also on the rise.

The benefit of reduced electricity tariffs during the 9:00 AM to 5:00 PM window has also been extended to public water supply systems and other public services. Specifically for these sectors, 12,989 consumers have collectively received ToD benefits amounting to ₹202 crore.

The availability of renewable energy—such as solar power—has increased within the state. Since this electricity is available at a lower cost, Mahavitaran has implemented a concessional tariff for daytime electricity consumption, in accordance with the directives of the Maharashtra Electricity Regulatory Commission (MERC). Mahavitaran has appealed to electricity consumers to maximize their utilization of the ToD concession by prioritizing the use of high-energy-consuming appliances during the 9:00 AM to 5:00 PM timeframe.

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बच्चों ने देखा गोबरगैस संयंत्र, विज्ञान को जिया और पर्यावरण का लिया संकल्प

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  • परिसर अभ्यास के तहत कोदामेंढी में शामलाल धांडे के घर क्षेत्रभेंट, शेण से गैस बनने की प्रक्रिया, खाना पकाने में उपयोग और अवशेष से खाद बनने की जानकारी, प्रत्यक्ष अनुभव से बढ़ी वैज्ञानिक सोच

कोदामेंढी, 26 अक्टूबर 2026 :

आनंददायी शनिवार के तहत परिसर अभ्यास विषय के अंतर्गत जिला परिषद शाला तोंडली के विद्यार्थियों ने गांव में शामलाल धांडे के घर लगे गोबरगैस संयंत्र की क्षेत्रभेंट की।

परिसर अभ्यास में गोबरगैस संयंत्र के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई थी, जिसके बाद बच्चों के मन में कई सवाल उठे – गोबरगैस क्या है? यह कैसे बनता है? संयंत्र कैसे बना होता है? इसका उपयोग क्या है? इन्हीं जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए बच्चों को प्रत्यक्ष संयंत्र दिखाया गया।

इस दौरान बच्चों को संयंत्र की कार्यप्रणाली, गोबर से जैव-गैस (बायोगैस) बनने की प्रक्रिया, खाना पकाने में इसके उपयोग और संयंत्र से निकलने वाले अवशेषों का खाद के रूप में इस्तेमाल होने की विस्तृत जानकारी दी गई। शामलाल धांडे ने बच्चों के सभी सवालों के संतोषजनक जवाब दिए।

इस क्षेत्रभेंट के माध्यम से बच्चों को समझाया गया कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में कैसे उपयोगी है। गोबरगैस जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करते हैं और जैविक पदार्थों का सही उपयोग, कचरा प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का महत्व भी बताया गया।

इस अवसर पर मुख्याध्यापिका अनुराधा धुर्डे ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए प्रत्यक्ष निरीक्षण, प्रश्नोत्तर और साक्षात्कार के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने का महत्व समझाया। इस उपक्रम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, निरीक्षण कौशल, सवाल पूछने की प्रवृत्ति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। इस उपक्रम में सह-शिक्षक निलेश जाधव का सहयोग रहा।

किताबी ज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ने वाली यह क्षेत्रभेंट विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, आनंददायी और प्रेरणादायी साबित हुई।

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पेच-कन्हान में अवैध रेत खनन की जांच अब CDR तक पहुंचने की मांग

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  • गरंडा-बखारी में पाइप और वैकल्पिक रास्तों पर उठे सवाल – पारशिवनी-कन्हान पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई की मांग, संगठित रैकेट के सबूत मिले तो मकोका लगाने की आवाज, तहसीलदार ने माने नदी में गड्ढों के बगल से बनाए गए वैकल्पिक रास्ते

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

पेच-कन्हान नदी क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन की शिकायतों के बीच जांच का दायरा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। पारशिवनी के तहसीलदार सुरेश वाघचौरे ने खुद माना है कि नदी पात्र में गड्ढे खोदकर रास्ते रोके जाने के बावजूद उनके बगल से वैकल्पिक रास्ते बनाए जा रहे हैं। ऐसे में अब सवाल सिर्फ रेत निकालने वालों पर नहीं, बल्कि पूरी चेन की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है।

माउली, नायकुंड, पालोरा, कालाफाटा, पिपला, वागोला, मेहदी, इटगांव, गरंडा, डोरली और बखारी क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों को लेकर मांग है कि प्रशासन उत्खनन स्थलों, परिवहन मार्गों, रेत के भंडारों और संबंधित दस्तावेजों की संयुक्त पड़ताल करे।

CDR और मोबाइल लोकेशन की कानूनी जांच की मांग –

मामले में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशन की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की मांग की जा रही है।

हालांकि यह स्पष्ट है कि केवल फोन संपर्क या लोकेशन के आधार पर किसी की संलिप्तता साबित नहीं होती। ऐसी जांच सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और लागू कानूनों के अनुसार ही हो सकती है। जांच में देखा जाना चाहिए कि संबंधित अवधि में शिकायतें कब मिलीं, उन पर क्या कार्रवाई हुई, मौके का निरीक्षण हुआ या नहीं और सरकारी रिकॉर्ड में क्या दर्ज है।

कुछ कर्मचारियों द्वारा एक से अधिक मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने का संदेह भी व्यक्त किया जा रहा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। एक से अधिक नंबर होना अपने आप में अपराध का सबूत नहीं है।

राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच हो –

स्थानीय स्तर पर इस कथित कारोबार में राजनीतिक संपर्कों या हस्तक्षेप की आशंका भी जताई जा रही है। लेकिन बिना ठोस प्रमाण के किसी व्यक्ति या पदाधिकारी पर आरोप को तथ्य नहीं माना जा सकता। मांग है कि प्रशासन बिना दबाव के शिकायतों, परमिट, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच करे।

गरंडा-बखारी में पाइप और रास्तों का रहस्य –

पेच नदी किनारे नया रास्ता तैयार करने और बखारी शिवार की ओर नदी पात्र में बड़े पाइप डालने की चर्चा को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। क्या इसके लिए संबंधित विभागों से अनुमति ली गई है? क्या नदी पात्र में बदलाव किया गया है? क्या इसका कथित अवैध रेत परिवहन से संबंध है? इन सवालों का जवाब संयुक्त स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच से ही मिल सकता है।

पारशिवनी-कन्हान पुलिस के समन्वय की जरूरत –

यह क्षेत्र पारशिवनी और कन्हान पुलिस थानों की सीमा में आता है, इसलिए दोनों थानों, राजस्व विभाग, रामटेक के उपविभागीय अधिकारी, जिलाधिकारी और नागपुर ग्रामीण पुलिस के बीच समन्वय जरूरी बताया जा रहा है। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मस्के और स्थानीय अपराध शाखा से संयुक्त जांच की मांग उठ रही है।

इस मामले में पारशिवनी के सहायक पुलिस निरीक्षक किशोर शेळके से फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

राजस्व मंत्री से DGP तक हस्तक्षेप की मांग –

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री, गृहमंत्री, पुलिस महानिदेशक, विशेष पुलिस महानिरीक्षक से मामले का संज्ञान लेने की मांग हो रही है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समन्वय से विशेष जांच अभियान चलाकर अधिकृत रेत स्रोत, परिवहन अनुमति और बाजार में आपूर्ति की स्थिति की भी पड़ताल करने की जरूरत बताई गई है।

संगठित अपराध मिला तो मकोका पर विचार –

मामले में कठोर कार्रवाई और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने की मांग भी उठी है। हालांकि मकोका के लिए सिर्फ बड़े पैमाने पर रेत चोरी की शिकायत पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कानून में निर्धारित संगठित अपराध के आवश्यक तत्वों का पूरा होना जरूरी है। यदि निष्पक्ष जांच में ऐसे ठोस प्रमाण मिलते हैं, तो सक्षम अधिकारी कानून के अनुसार कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं, अन्यथा खनन, राजस्व, पर्यावरण और आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई होगी।

फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन संयुक्त निरीक्षण कब करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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नागपुर में एकल महिलाओं का ऑनलाइन सर्वेक्षण शुरू, मनपा ने की जल्द पंजीकरण की अपील

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  • महिला व बाल विकास विभाग के निर्देश पर महापौर निता ठाकरे और आयुक्त डॉ. विपीन का आह्वान, घर बैठे लिंक पर जानकारी भरकर पंजीयन कराएं, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सर्वे अहम

नागपुर, 26 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र शासन, महिला व बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार राज्य की सभी महानगरपालिकाओं को अपने कार्यक्षेत्र में रहने वाली एकल महिलाओं का सर्वेक्षण व पंजीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में नागपुर महानगरपालिका ने भी शहर की एकल महिलाओं के लिए ऑनलाइन सर्वेक्षण व पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की है।

महापौर श्रीमती निता ठाकरे और आयुक्त डॉ. विपीन ने नागपुर शहर की सभी एकल महिलाओं से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन सर्वेक्षण में भाग लेकर अपनी संपूर्ण जानकारी सही-सही भरकर पंजीकरण कराएं।

नागपुर महानगरपालिका द्वारा घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। एकल महिला सर्वेक्षण पंजीकरण लिंक – http://admin-dept-portal.emergent.host इस वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है।

मनपा ने बताया कि एकल महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शासकीय योजनाओं से जुड़े सशक्तिकरण के लिए यह पंजीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी एकल महिलाएं इस लिंक पर जाकर अपनी जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें और इस उपक्रम में सहयोग करें।

महापौर और आयुक्त ने कहा कि शहर की सभी एकल महिलाएं इस अवसर का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कर लें।

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