Connect with us

Maharashtra

पत्रकारिता क्षेत्रात एआय मुळे महत्त्वाचे बदल

Published

on

बदलांकडे संधी म्हणून पाहत महिला पत्रकारांनी अधिक तंत्रस्नेही व्हावे- ब्रिजेश सिंह

मुंबई : वेगाने बदलणाऱ्या माहिती आणि तंत्रज्ञानाच्या युगात पत्रकारिता क्षेत्रात कृत्रिम बुद्धिमत्ता तंत्रज्ञान महत्त्वाचे बदल घडवत आहे. या बदलांकडे संधी म्हणून पाहत महिला पत्रकारांनी अधिक तंत्रस्नेही व्हावे. या तंत्रज्ञानाच्या उपयोगाने महिला पत्रकार पत्रकारितेच्या माध्यमातून सकारात्मक परिवर्तन घडवून आणू शकतात, असा विश्वास माहिती व जनसंपर्क विभागाचे प्रधान सचिव तथा महासंचालक ब्रिजेश सिंह यांनी व्यक्त केला. राष्ट्रीय महिला आयोग आणि माहिती व जनसंपर्क महासंचालनालय यांच्या संयुक्त विद्यमाने यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठानच्या रंगस्वर सभागृह येथे आयोजित महिला, माध्यमे आणि तंत्रज्ञान या विषयावरील एक दिवसीय कार्यशाळेत ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता आणि पत्रकारितेवरील त्याचा परिणाम’ या विषयावर प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह बोलत होते. राष्ट्रीय महिला आयोगाच्या अध्यक्ष विजया रहाटकर, राज्य महिला आयोगाच्या सदस्य सचिव नंदिनी आवडे, प्रख्यात लेखिका डॉ. रिचा सूद, नवी दिल्ली येथील वरिष्ठ पत्रकार डॉ. स्वाती गुप्ता उपस्थित होते. यावेळी मार्गदर्शन करताना प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह म्हणाले, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तंत्रज्ञान हे मानवीय संदर्भावर काम करते. त्यामुळे त्यामध्ये चूक असण्याची शक्यता असते. पत्रकारितेत कृत्रिम बुद्धिमत्तेचा उपयोग करताना संदर्भ बिनचूक असतील याची खात्री करावी. महिला पत्रकार राजकीय, मनोरंजन क्षेत्रासह गुन्हेविषयक क्षेत्राचेही वार्तांकन करीत असतात. वार्तांकन करताना महिला पत्रकारांसाठी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तंत्रज्ञान अत्यंत उपयोगाचे ठरू शकते. विश्लेषणात्मक आणि संशोधनात्मक कामांसाठी अधिक वेळ ‘ए आय’ हे केवळ माहितीचे साधन नसून ते पत्रकारितेचा वेग वाढवणारे एक शक्तिशाली माध्यम आहे. माहितीचे संकलन, भाषांतर आणि विविध व्यासपीठांवर मांडणी करण्यासाठी एआयचा प्रभावी वापर करून कामाची गुणवत्ता सुधारता येते. एआयमुळे मानवी श्रमाची बचत होऊन पत्रकारितेतील विश्लेषणात्मक आणि संशोधनात्मक कामांसाठी अधिक वेळ मिळत असल्याचेही प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह म्हणाले. बदलत्या काळात समृद्ध पत्रकारिता आणि आघाडीवर राहण्यासाठी महिलांनी एआय टूल्सचा वापर करणे काळाची गरज आहे. एआयमुळे उपलब्ध होणाऱ्या नव्या संधींचा फायदा घेण्यासाठी महिला पत्रकारांनी तांत्रिक कौशल्यांत प्रगती करणे आवश्यक आहे. येणाऱ्या काळात तंत्रज्ञानाशी मैत्री करून स्वतःची वेगळी ओळख निर्माण करण्याची संधी महिलांकडे असल्याचे सांगत ब्रिजेश सिंह यांनी राष्ट्रीय महिला आयोगाने महिला पत्रकारांसाठी एआय मधील कौशल्य प्रशिक्षण सुरू करण्याचे आवाहनही केले. इंग्रजी भाषेचा अडसर दूर करून प्रादेशिक भाषांमध्ये एआयचा वापर करणे आवश्यक आहे. सर्वम सारख्या ‘इंडिक’ एआय टूल्समुळे ग्रामीण भागातील बातम्या किंवा माहिती थेट संबंधित लोकांपर्यंत स्थानिक भाषेत पोहोचवणे आता सोपे होणार आहे. यामुळे भाषेची मर्यादा संपुष्टात येऊन माहिती सार्वत्रिक होईल आणि त्याचा लाभ स्थानिक स्तरावरील महिला पत्रकारांना होईल, अशी आशाही त्यांनी व्यक्त केली.कार्यशाळेदरम्यान माहिती व जनसंपर्क विभागात सुरू असलेल्या डिजिटल उपक्रमांची माहिती देत प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह म्हणाले, विभागात कृत्रिम बुद्धिमत्तेच्या उपयोगातून अचूक वृत्तांकन वेगाने वितरण करण्यात येत आहे. ‘एआय’च्या क्षेत्रात काम करताना नैतिक नियमावली महत्वाची आहे. अशी नियमावली युरोपात तयार करण्यात आली आहे. भारतातही अशा पद्धतीची नियमावली आवश्यक असल्याचे मतही त्यांनी व्यक्त केले.

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Hindi

महाराष्ट्र राज्य लॉटरी के सितंबर माह के ड्रॉ के परिणाम घोषित, 58 हजार से ज्यादा टिकटों पर इनाम

Published

on

  • मासिक और भव्यतम ड्रॉ में 12,731 और साप्ताहिक ड्रॉ में 45,774 टिकट विजेता, गणपति भव्यतम ड्रॉ में 2-2 लाख के चार द्वितीय पुरस्कार, कुल 2.28 करोड़ से अधिक की राशि वितरित

मुंबई, 26 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र राज्य लॉटरी द्वारा सितंबर 2026 माह में निकाली गई मासिक, भव्यतम और साप्ताहिक लॉटरी ड्रॉ के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।

महाराष्ट्र राज्य लॉटरी की ओर से सालभर में छह भव्यतम ड्रॉ, हर महीने पांच मासिक ड्रॉ और रोजाना विभिन्न साप्ताहिक ड्रॉ आयोजित किए जाते हैं। सितंबर 2026 में महाराष्ट्र सह्याद्री, महाराष्ट्र गणेशलक्ष्मी गणपति विशेष, महाराष्ट्र गौरव, महाराष्ट्र तेजस्विनी, महाराष्ट्र गणपति (भव्यतम) और महाराष्ट्र गजराज ये मासिक ड्रॉ निकाले गए। ये ड्रॉ क्रमशः 11, 15, 16, 19, 24 और 29 सितंबर को हुए।

भव्यतम ड्रॉ में बड़े इनाम –
24 सितंबर को हुए महाराष्ट्र गणपति (भव्यतम) ड्रॉ में प्रत्येकी दो लाख रुपये के चार द्वितीय पुरस्कार और प्रत्येकी एक लाख रुपये के चार प्रोत्साहन पुरस्कार घोषित हुए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र सागरलक्ष्मी से लेकर महाराष्ट्रलक्ष्मी तक की साप्ताहिक ड्रॉ में प्रत्येकी सात लाख रुपये के प्रथम क्रमांक के कुल छह पुरस्कार घोषित किए गए हैं।

कुल विजेता और राशि –
सितंबर माह के मासिक व भव्यतम ड्रॉ से 12 हजार 731 टिकटों पर कुल 59 लाख 4 हजार 350 रुपये के इनाम और साप्ताहिक ड्रॉ से 45 हजार 774 टिकटों पर कुल 1 करोड़ 69 लाख 20 हजार 700 रुपये के इनाम घोषित हुए हैं। यानी कुल 58,505 टिकटों पर 2 करोड़ 28 लाख से अधिक की पुरस्कार राशि।

महाराष्ट्र राज्य लॉटरी के सभी विजेताओं से अपील की गई है कि पुरस्कार राशि प्राप्त करने के लिए राज्य लॉटरी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई प्रक्रिया पूरी करें। दस हजार रुपये से अधिक राशि के पुरस्कार के लिए आवश्यक दस्तावेजों सहित मांग संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। दस हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि के लिए लॉटरी विक्रेता से संपर्क करें, ऐसा आह्वान उपसंचालक, महाराष्ट्र राज्य लॉटरी, वाशी ने किया है।

Continue Reading

Hindi

महाराष्ट्र में दो रिजर्व वन क्षेत्रों को अभयारण्य का दर्जा – 14 नए कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने को मंजूरी – मुख्यमंत्री फडणवीस

Published

on

मुंबई, 26 अक्टूबर 2026 :

महाराष्ट्र में वन्यजीव संरक्षण को बड़ी मजबूती देते हुए राज्य वन्यजीव मंडल की 26वीं बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में गडचिरोली जिले के “कोलामार्का कंजर्वेशन रिजर्व” को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने और “नया विस्तारित तानसा वन्यजीव अभयारण्य” बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पुणे, रायगढ़, नाशिक, नंदुरबार, ठाणे, पालघर और चंद्रपुर जिलों के 14 कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्रों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में वन मंत्री गणेश नाइक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस अवसर पर वन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय खंदारे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) एम. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्रीनिवास रेड्डी, मंडल के सदस्य तथा ‘मित्रा’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी सहित मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

कोलामार्का बनेगा जंगली भैंसों का अभयारण्य :
गडचिरोली जिले का कोलामार्का क्षेत्र जंगली भैंसों (रान म्हशी) के लिए प्रसिद्ध और उपयुक्त क्षेत्र है, इसलिए इसे कंजर्वेशन रिजर्व से अपग्रेड कर वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने का निर्णय लिया गया है।

14 नए कंजर्वेशन रिजर्व को मंजूरी :
बैठक में जिन 14 कंजर्वेशन रिजर्व को मंजूरी दी गई, उनमें शामिल हैं :
पुणे/रायगढ़ का वेल्हे-मुळशी, पुणे का भोरगिरीगड़, नाशिक के दिंडोरी, सुरगना और ताहाराबाद, नंदुरबार का चिंचपाड़ा, रायगढ़ के अलीबाग और घेरा मानिकगढ़, पुणे/रायगढ़ का लोणावला, ठाणे का गुमतारा, पालघर के जव्हार, आशेरीगढ़ और धामणी तथा चंद्रपुर का एकारा।

तानसा अभयारण्य का विस्तार :
तानसा वन्यजीव अभयारण्य को मानव-रहित करने के लिए नए विस्तारित तानसा अभयारण्य में मौजे ओगदा, खोडदे, तिरमाल, पाचघर, फणसाड और आमले इन छह गांवों के 588.767 हेक्टेयर राजस्व व निजी क्षेत्र को शामिल करने के प्रस्ताव को मंडल ने मंजूरी दी।

कोका और जायकवाडी को मिला विशेष दर्जा :
कोका वन्यजीव अभयारण्य के 100.139 वर्ग किमी और जायकवाडी पक्षी अभयारण्य के 255.79 वर्ग किमी क्षेत्र को संकटग्रस्त वन्यजीव अधिवास (Critical Wildlife Habitat) घोषित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री के अहम निर्देश –
मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिए कि अभयारण्यों में बांधों की मरम्मत, पुनर्वास और गाद निकालने जैसे नियमित कार्यों को संबंधित अभयारण्यों के प्रबंधन प्लान में शामिल किया जाए। नियमों के अनुरूप मानक कार्यप्रणाली (SOP) तैयार कर तीन महीने में प्रबंधन प्लान में आवश्यक सुधार किए जाएं। हर बार अलग से मंजूरी लेने के बजाय संबंधित वन्यजीव अधिकारियों को पूर्व सूचना देने की व्यवस्था की जाए।

इसके साथ ही संरक्षित क्षेत्रों, पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों और बाघ कॉरिडोर में सिंचाई, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, पुल, सड़क, भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर, बिजली लाइन आदि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में राज्य के छह टाइगर रिजर्व के कोर, बफर और अधिसूचित पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों को शांतता क्षेत्र (Silence Zone) के रूप में अधिसूचित करने, मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्राकृतिक आपदा घोषित करने और टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में इच्छुक गांवों के पुनर्वास के लिए नीति तैयार करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून के तहत जिलाधिकारी की जिम्मेदारी, मौजूदा मुआवजा व्यवस्था और वन विभाग के अधिकारों में तालमेल बैठाकर आगे की कार्रवाई की जाए।

साथ ही, अभयारण्य घोषित होने के बावजूद अभी भी प्रादेशिक वन विभाग या वन विकास निगम के प्रबंधन में मौजूद क्षेत्रों को वन्यजीव विंग को सौंपने के संबंध में कर्मचारियों के समायोजन, प्रतिनियुक्ति और रिक्त पदों का अध्ययन कर एक महीने में निर्णय हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।

Continue Reading

Maharashtra

Governor Jishnu Dev Varma flags off Police Motorcycle Rally

Published

on

Maharashtra Governor Jishnu Dev Varma flagged off the National Motorcycle Rally comprising police teams from 10 States and Union Territories from Nariman Point, Mumbai. The Rally will culminate on National Unity Day, to be celebrated at the Statue of Unity, Gujarat on 31st October, the birth anniversary of Sardar Patel. The rally carries the twin messages of national unity and a Nasha Mukt Bharat (Drug-Free India).

Speaker of the Maharashtra Legislative Assembly Rahul Narwekar, Guardian Minister of Mumbai Suburban District Mangal Prabhat Lodha, Mayor of Mumbai Ritu Tawde, DGP Maharashtra Sadanand Date, Commissioner of Police Deven Bharti, Additional DGP SRPF Rajkumar Vhatkar, senior police officers and personnel from Maharashtra Police, and teams members from 10 States and UTs, and College students were present.

The Governor complimented the organizers for selecting the theme of ‘Nasha Mukt Bharat’ for the National Motorcycle Rally. He also complimented Maharashtra Police for setting up the Anti Narcotics Task Force.

Police personnel from Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Telangana, Puducherry, Andaman & Nicobar Islands, Goa, Karnataka, Kerala and Lakshadweep, joined by Maharashtra left for onward journey to the Statue of Unity.

Continue Reading
Advertisement

Weather data unavailable.

Trending